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शाम होते ही मुझे घर में अकेलापन खाने को दौड़ता है इसलिए कॉलोनी के पार्क की ओर चल देता हूँ। आज भी शाम से ही पार्क में आ गया दो तीन चक्कर लगाये थक गया तो एक बेंच पर ...और पढ़े

अरे कितना अँधेरा हो गया है बातों में कुछ पता ही नहीं चला, राहुल अकेला होगा ट्यूशन से आ गया होगा। तू कैसे जायेगी? नेहा ने अपनी सहेली से पूछा। . मैं ऑटो ले लूँगी। तभी दोनों का ...और पढ़े

शॉपिंग घूमना फिरना मिलना जुलना सब से फुर्सत होकर सनी और सोना की पढ़ाई लिखाई के बारे में बात की तो दोनों के मुँह ऐसे बने मानों कुनेन की गोली दे दी हो। पता चला अर्ध वार्षिक परीक्षा में ...और पढ़े

साब बंद करने का टाइम हो गया है पार्क के चौकीदार की आवाज़ ने तन्द्रा भंग की। रात के सन्नाटे में खुद को पार्क में अकेला पाकर अकेलेपन और रिक्तता का एहसास और गहरा गया थके कदमों से ...और पढ़े

मेरी वापसी का दिन आ गया, मैं सनी को खींच कर अपने सीने से लगाना चाहता था पर हमारे बीच की दूरी ने मेरे हाथ उसके कंधे तक पहुँचने ही नहीं दिए। वापस आकर मैं रोज़ गीता से बात ...और पढ़े

नमस्ते, देर तो नहीं हुई मुझे? नहीं नहीं बैठिये, मैंने बेंच पर एक ओर खिसकते हुए कहा। हम काफी देर तक एक दूसरे को योजना की रूपरेखा बताते समझाते रहे। करीब एक घंटे तक हर पहलू पर विचार करने के ...और पढ़े

दूसरे दिन शाम को घूमने गया तो नेहा को बेंच पर बैठे पाया। अरे आप नमस्ते, कैसी हैं? कैसी रही बर्थ डे पार्टी? नमस्ते जी ठीक हूँ, पार्टी बहुत अच्छी रही, बहुत सालों बाद मैंने राहुल को ...और पढ़े

उस दिन सुबह आठ बजे नेहा का फोन आया वह बड़ी घबराई हुई थी। राहुल को बहुत तेज़ बुखार है वह अधबेहोशी की हालत में बार बार पापा पापा कह रहा है, मैं उसे हॉस्पिटल ले कर आई हूँ क्या ...और पढ़े

राहुल को एक और दिन हॉस्पिटल में रहना था। नेहा ने फोन पर बताया वह लगातार पापा को याद कर रहा है, बार बार पूछ रहा है पापा का फोन क्यों नहीं आ रहा, बड़ी मुश्किल से उसे बहला रही ...और पढ़े

मैंने नेहा से पूछा आपने कभी विजय से बात नहीं की? राहुल के बीमार होने के बाद मैंने दो तीन बार फोन लगाने की कोशिश की थी, रिंग गयी लेकिन फोन काट दिया गया कहते हुए नेहा का ...और पढ़े

अरे बहुत देर हो गयी मुझे चलना चाहिये नेहा ने बाहर देखते हुए कहा, लेकिन हमारी समस्या तो वहीँ की वहीँ है क्या किया जाये? वह वाकई बहुत चिंतित थी। देखिये उसे बताना तो पड़ेगा ही। अब देखना ये ...और पढ़े

तीन दिन हो गये थे नेहा की कोई खबर नही थी ना ही कोई फोन। मैं जानना चाहता था क्या हुआ? उसने राहुल को क्या और कैसे बताया? राहुल की क्या प्रतिक्रिया हुई? मैं खुद राहुल से बात करना चाहता था पर ...और पढ़े

हैलो पापा कैसे हैं आप ? कितने दिनों बाद फोन किया आपने, आपको हमारी याद नहीं आती? ऐसा नहीं है बेटा बस समय नहीं मिल पाता। 'हमारी याद' अब मैं उसके एक एक शब्द पर ध्यान देने लगा ...और पढ़े

मैं राहुल को लेकर परेशान था, बाल मनोविज्ञान की कई साइट्स मैंने छान ली लेकिन कहीं से कोई दिशा नहीं मिल रही थी। अब खुद की समझ और विश्लेषण के आधार पर ही कुछ करना था। हाँ एक विचार आया ...और पढ़े

नेहा जी मुझे पता नहीं है आपको क्या परेशानी है और पता नहीं मैं इसमें कोई मदद भी कर सकता हूँ या नहीं लेकिन एक बार कह कर तो देखिये आपका मन कुछ हल्का हो जायेगा मैंने फिर ...और पढ़े

आज सनी का आखरी पेपर था मैं घर में अकेला था मैंने राहुल से बात की। उसके पेपर्स कैसे हुए वह छुट्टियों में क्या करेगा ? वह क्या बनना चाहता है इसके अलावा भी फिल्म क्रिकेट वगैरह पर भी बातें हुईं। ...और पढ़े

असफल होने का अवसाद मुझे डुबोने लगा मैंने अंतिम बार सतह पर आकर फिर कोशिश की। अपना हाथ राहुल की ओर बढ़ाया उसका हाथ अपने हाथ में लेकर गर्मजोशी से हिलाया और कहा आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा ...और पढ़े

नेहा कितना मुश्किल भरा था आज का दिन। आज का दिन ही क्या पिछले कुछ दिन अजीब सी उहापोह में गुजर रहे हैं। हर दिन क्या करें, कैसे करें, क्या होगा की बैचेनी। परिस्थितियाँ तो अभी भी जस की तस ...और पढ़े

राहुल हतप्रभ था उसने खुद को मुझसे छुड़ाया, मुझे सोफे पर बैठाया और कुछ देर तक मेरे कंधे पर हाथ रखे बस खड़ा ही रह गया। ये संभवतः पहली बार था जब वह अपनी मम्मी को रोते हुए देख रहा ...और पढ़े

क्या सही और क्या गलत फैसला आसान नहीं था। जिसे मैं सही कह रही थी शायद बिलकुल गलत था। विजय हमें यूँ अकेले छोड़ कर अपनी अलग दुनिया बसा ले और मैं कुछ ना कहूँ शायद ये गलत था। ...और पढ़े

सनी अभी भी रोये जा रहा था मैं उसे रोते हुए देखता रहा उसे इस दुःख में डूबते हुए देखता रहा जो उसे मेरे कारण मिला था फिर किसी तरह खुद को खींच कर उसके करीब लाया और उसे ...और पढ़े

इसी बीच एक अच्छी खबर आई सनी को बैंगलोर की एक प्रतिष्ठित कोचिंग में सी एस की तैयारी के लिए एडमिशन मिल गया। पंद्रह दिनों बाद उसकी क्लासेज शुरू होने वाली थीं। बहुत दिनों पहले आया वह लिफाफा मैंने ...और पढ़े