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मिट्टी का दीपकवर्धमानपुर नाम का एक छोटा-सा नगर था। नगर के बाहर एक पुराना जिनालय...
विदेश जाने के बाद अनिका की ज़िंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी। पेरिस की सर्द सुबहें, ब...
युवराज मार्ग खोजते हुए गलियारों से होते हुए आराम कक्ष की ओर आगे बढ़ रहे थे। वहीं...
मक्खी बैठे शहद पर, पंख रहे लपटाए। रज्जब विकल होय धुने सिर, हाथ मले पछताए॥संत रज्...
बड़ा सा फ्लैट…जहाँ पहले हँसी गूंजती थी, वहाँ अब एक अजीब-सी खामोशी थी। 7 साल का श...
"बस… एक और मदद कर दो…ऋतिक"काम्या की आवाज़ नरम थी—"आज का दिन… पूर्वी के पास रुक...
अयान ने जैसे ही कहा कि वो राज हरदम उसके साथ है, वीर सिंघानिया के चेहरे पर...
आगे के भाग में आपने पढ़ा कि दृष्टि के पति ने अपने माता-पिता को मनाने का दृष्टि क...
BLACK MONKEY — THE UNYIELDINGCHAPTER 2THE MAN WHO COULDN'T BREAKजब रुद्र को...
ट्रेन की सीटी ने रात की खामोशी को चीर दिया।गाड़ी एक हल्के झटके के साथ सरकी...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य प्लॉट, घटनाएँ और भूतिया तत्व लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। हाल...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी से नाच रहा था। मौका था करोड़पति कपड़ा व्यापारी बिशम्बर मल्होत्रा की 23 वर्षीय...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रातउस रात मोनू सिर्फ अपनी माँ की आवाज़ सुनना चाहता था।उसे नहीं पता था कि उस एक आवाज़ की तलाश उसे ऐसी चीज़ के सामने खड़ा कर देगी, जो शाय...
आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...
रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...
एक कहानी----एक ऐसी लड़की के बारे में---जिसे प्यार में सिर्फ धोखा ही मिला----पर कुदरत ने उसके लिए क्या सोचा था-----ये तो सिर्फ कुदरत ही जाने-----हर बार से अलग है ये कहानी----पारिवारि...
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