The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
---*डॉक्टर और सीईओ - भाग 2: बोर्डरूम का तूफान*अनन्या के केबिन में नया नेमप्लेट ल...
अगस्त माह का अंतिम दिन था। तापमान भले ही कम था, पर उमस बहुत थी। चौरे से लगे आंगन...
बहन की शादी को अब करीब दो महीने ही बचे थे। शादी की शॉपिंग के लिए मैंने अपनी बहन...
भारतीय समाज में सदियों से पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर कुछ अघोषित नियम...
अध्याय - १५भार्गवी को पलटकर जवाब देकर अपूर्व तो चला गया, लेकिन भार्गवी मन ही मन...
4 मई 2026, विधानसभा चुनाव परिणाम का दिन। तृणमूल कांग्रेस के लिए यह दिन ऐसा सदमा...
लंदन डायरीविवेक रंजन श्रीवास्तव फुटपाथ के नीचे भी लंदन का इतिहासलंदन में घूमते ह...
दूसरा भैरवपुरआरव कुछ सेकंड तक बिल्कुल स्थिर खड़ा रहा।उसके सामने जो चेहरा था…वह उ...
गाँव के छोर पर खड़ी वो पुरानी ईंटों की हवेली सिर्फ एक मकान नहीं थी बल्कि तीन पीढ़...
पुराने वेयरहाउस में फैली सीलन और धूल की गंध के बीच सन्नाटा किसी गहरे तूफ़ान का अ...
जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में एक गाँव था—भैरवपुर।नक्शे में उसका नाम था।सरकारी कागजों में उसका नाम था।वहाँ रहने वाले लोगों के राशन कार्ड, ज...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
सड़क के दोनों ओर फैले घने, हरे-भरे पेड़ और हल्की छनकर आती धूप... ऐसा लग रहा था मानो किसी टीवी सीरियल का कोई खूबसूरत दृश्य चल रहा हो। रास्ता एकदम सुनसान और शांत था। इसी खूबसूरत राह...
गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं बची थी गर्मी बढ़ जाने की वजह से तेज धूप हो जाती थी और दोपहर के वक्त गायों को छांव में इकठ्ठा...
ये उपन्यास सत्य पर एक ऐसी प्रेरित कहानी है, जो लिखने मे मुझे काफ़ी तकलीफ झेलनी पड़ी। कारण था, बस एक ही स्थान वही रहे और पात्र बदले जाये फिर सोचा नहीं सब कुछ ही सच हो।...
खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser