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एपिसोड 59: पिता लौट आयावशिष्ठ हवेली के बाहर खड़ी काली कार के पास वह आदमी बिल्कुल...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 91 — मेरे चेहरे वाला अजनबीकाले दरवाजे के भी...
अगली सुबह सोनिया की आंख खुलते ही उसके दिमाग में सबसे पहला ख्याल सतीश का आया।वह क...
अध्याय 9 : खिड़की से कूदी बहन"आराध्या मैडम खिड़की से कूद गई!"नौकर की चीख सुनते ह...
दृश्य वहीं से शुरू होता है...मालिक जैसे ही उस विशाल भवन के अंदर गया, उसने चारों...
अब तकवो आदमी बहुत स्ट्रांग था। उस आदमी ने गुस्से से फ़ना के जबड़े को पकड़ लिया।...
सुबह से ही Aashi का मन बेचैन था।कॉलेज की creative writing competition का परिणाम...
चलो, अब दोस्ती की ओर बढ़ते हैं। ये लिखते हुए मुझे और भी अफ़सोस है, लेकिन इस दोस्...
एपिसोड 51: बेटा... मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा थास्क्रीन काली हो चुकी थी।लेकिन उ...
अध्याय:06अधूरा कैनवास और सुनहरी सीख शहर की सबसे बड़ी आर्ट गैलरी 'नक्श' म...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी से नाच रहा था। मौका था करोड़पति कपड़ा व्यापारी बिशम्बर मल्होत्रा की 23 वर्षीय...
पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रातउस रात मोनू सिर्फ अपनी माँ की आवाज़ सुनना चाहता था।उसे नहीं पता था कि उस एक आवाज़ की तलाश उसे ऐसी चीज़ के सामने खड़ा कर देगी, जो शाय...
आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य प्लॉट, घटनाएँ और भूतिया तत्व लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। हाल...
रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...
एक कहानी----एक ऐसी लड़की के बारे में---जिसे प्यार में सिर्फ धोखा ही मिला----पर कुदरत ने उसके लिए क्या सोचा था-----ये तो सिर्फ कुदरत ही जाने-----हर बार से अलग है ये कहानी----पारिवारि...
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