The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
पहाड़ों की ढलानों पर घने चीड़ के जंगलों के बीच बनी वह पुरानी औपनिवेशिक हवेली पिछ...
Mr. & Ms. FakeEpisode 30 – The Identity She Never Knewरात के करीब बारह बजे...सिं...
एक कहानी — ज्ञान, संवाद और अपने सनातन परिवार को समझने कीलेखकशिवम कुमार पाण्डेयअध...
अफरातफरी मचते ही लोग सिर पर पाँव रख कर भागे। लोगों के कदमों की तेज ध्वनी गुं...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 53 : वह बच्चा जिसे किसी कहानी ने नहीं लिखाकमरे में अं...
अन्त्तव्यथामोना ने अपनी बचपन की सहेली सोनाली को फोन पर पूछा---तेरे घर ऊपर वाले क...
बांसुरी की धुनभाग : ०६रावण हेंब्रम ने धीरे-धीरे सभा की ओर देखा। उनके चेहरे पर सं...
एपिसोड 2 वो राजा जिसके पैर में चप्पल नहीं थी सन् 1920 उस दिन एक अंग्रेज ने उस पर...
हम विद्यार्थी भूल रहे संस्कृति और संस्कारों को हम विद्यार्थी भूल रहे,जीवन के संस...
समुद्र की ठंडी हवाएँ लगातार विला की ऊँची काँच की दीवारों से टकरा रही थीं।जैसे-जै...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
हज़ार साल पहले क्या हुआ था? क्या रुद्र उस नन्ही बच्ची को मार पाएगा? काल गढ़ का राज़ खुलेगा तो रूह काँप जाएगी! Pocket FM पर LIVE - Level 41 episode -1 समय: रात के 11:45 बजे...
जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में एक गाँव था—भैरवपुर।नक्शे में उसका नाम था।सरकारी कागजों में उसका नाम था।वहाँ रहने वाले लोगों के राशन कार्ड, ज...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य प्लॉट, घटनाएँ और भूतिया तत्व लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। हाल...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी...
घमंड का नाम अभ्यंकर था। पुणे में उसका नाम सुनते ही लोग फोन काट देते थे। 28 साल का। 6 फुट हाइट। सफेद शर्ट, काली पैंट, आंखों पर महंगा चश्मा। 80 लाख की मर्सिडीज। जेब में 3 फोन।...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम दिलखुश गुर्जर है और यह मेरी पहली कहानी है तो अगर कोई त्रुटी हो जाए तो क्षमा कर देना। { परिचय } भानपुर नाम का एक गांव था, यह गांव एक घाटी के पास बसा हुआ...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser