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Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.
घर की दहलीज ,सुबह की पहली किरणें बरामदे में बिछी सफेद चादर पर पड़ रही थीं, लेकिन...
इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे...
"चिठ्ठी का इंतजार"एक ज़माना था…जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों...
REBIRTH OF MEHBUBA यह कहानी है धोखे प्यार और बदले की जिसमें मोहब्बत एक दफा...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन &#...
इस घर में प्यार मना है…क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।या शायद...
दोस्ती, जुनून और वो दिल्ली का शास्त्री नगर। यहाँ की सुबह चिड़ियों की चहचहाहट से...
अनामिका और अविनाश दोनों उस पहाड़ी के किनारे टूटी हुई रेलिंग के पास खड़े डूबते हु...
रामेसर अब गाँव का भोला-सा लड़का नहीं रहा। समय ने उसे माँजा, अनुभवों ने उसे गढ़ा,...
बाबा भाग 1 लेखक राज फुलवरेविट्ठल पाटिल अब उम्र के उस पड़ाव पर आ चुके थे, जहाँ शर...
राजमहल की अंतरकथामेवाड़ के राजमहल का एक शांत कक्ष — ऊँची छतों पर टंगे दीपकों की हल्की लौ में झिलमिलाती परछाइयाँ जैसे इतिहास की परतें खोल रही थीं।रानी जयवंता बाई धीरे-धीरे एक बड़ा स...
“जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन” — वेदांत 2.0 मनुष्य सदियों से खोज में है। उसने धर्म बनाए, शास्त्र लिखे, गुरुओं का अनुसरण किया, साधनाएँ रचीं, और अनगिनत मार्गों पर चला — क्यों...
आज नित्या को जन्म लिए पूरे दस दिन हो गए थे। इन दिनों उसने यह महसूस किया था कि वह सबके लिए कितनी स्पेशल हैं। हालांकि वह दिन भर सोती और समय समय पर रोती रहती। उसके लिए यह कहना मुश्किल...
निशा अब अधिकतर बीमार रहने लगी थी उसे हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती कभी कभी तो उसे ऐसा लगता है जैसे वह चक्कर खाकर गिर न वाली हो,,,,उसने डॉक्टर को दिखाया तो पूरी जांच कराने के बाद...
> भाया वो...वोह...। दुसरा आदमी कहता है--> अरे भाया पहले थौड़ी सांस ले लो फिर कहना। वो आदमी कुछ दैर सांस लेता है और फिर कहता है --> भाया वो रक्षा कवच अब नही रहा किसीने उसे वहां से ह...
ऋगुवेद सूक्ति-(१२) की व्याख्या- “त्वमस्माकं तव स्मसि”ऋगुवेद --८/९२/३२भावार्थ --प्रभु ! तू हमारा है हम तेरे हैं।यह आत्मसमर्पण, आश्रय और दिव्य–संबंध का उद्घोष है।अब इसी भाव को अन्...
कोर्टरूम में सन्नाटा छा गया था। मीरा के शब्द हवा में तैर रहे थे, हर किसी को चौंका रहे थे। "आर्डर! आर्डर!" जज ने हथौड़ी बजाई। "मिस सिन्हा, क्या आप जानती हैं कि आप क्या कह रही हैं?"...
2---- आज विवेक का जन्मदिवस था और अकेली बैठी वह गुज़रे रास्तों की धूल फाँक रही थी, आँसुओं की लड़ियाँ मोतियों सी उसके गालों पर फिसल रही थीं | एक समय ऐ...
किडनी का तोह्फ़ा 4 भाग 4 - पिछले भाग में आपने पढ़ा कि जूली रोमित से शादी के पहले ही प्रेग्नेंट हो जाती है और शादी...
नयी शताब्दी का पहला साल ---प्रस्तावनासाल 2100। धरती अब एक विशाल प्रयोगशाला जैसी है। हर सांस, हर कदम, हर विचार किसी न किसी तकनीकी निगरानी में दर्ज होता है। इंसान ने सितारों तक पहुँच...
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