नई जारी की गई हिंदी कहानियाँ

Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.


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Featured Books

Mafia's Obsessed Love - 13 By Priyanka Saini

कोई प्रोग्राम था शायद उन लड़कियों को डांस टीचर की जरूरत थी श्री को क्लासिकल डांस आता था इसलिए जबतक प्रोग्राम नहीं होता तब तक उनकी डांस प्रैक्टिस श्री ही करा रही थी इससे उसे कुछ अर्...

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दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड - 10 By devil

कमरे में फैली बारूद की गंध अब भी हवा में तैर रही थी।टूटी हुई रेलिंग से नीचे सड़क की लाल-नीली पुलिस लाइट्स दिखाई दे रही थीं।दीवारों पर ताजा खून था।और उन सबके बीच—ACP कबीर राठौड़ अपन...

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साझा कल्याण By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋग्वेद सूक्ति-(२) की व्याख्या *केवलाघो भवति केवलादी"ऋग्वेद --1/117/4भावार्थ --जो अकेले भोग करता है वह‌ पाप का‌ भागी होता है। पूरा श्लोक अर्थ सहितजो मंत्र उद्धृत किया है — "केवलाघो...

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Ishq ka Ittefaq - 15 By Alok

फार्महाउस के बाहर बिजली अभी भी कडक रही थी, लेकिन कबीर मेहरा के भीतर जो तूफान उठ रहा था, वह उस आसमानी बिजली से कहीं ज्यादा घातक और विनाशकारी था. सिया के जाने के बाद हॉल में पसरा सन्...

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नकारात्मक विचारों से मुक्ति - भाग 2 By Nitya Oswal

अध्याय 4नकारात्मकता को पहचानना सीखें“नकारात्मकता को पहचानना” मानसिक और भावनात्मक विकास की दिशा में एक बेहद ज़रूरी पहला कदम है। जब तक हमें यह समझ नहीं आता कि कब और कैसे नकारात्मकता...

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वोह राज By Vijay Erry

वोह राज(एक भावनात्मक हिंदी कहानी)लेखक: विजय शर्मा ऐरीमोहित और रीना की शादी को लगभग आठ साल हो चुके थे। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। शहर के एक छोटे से घर में उनका संसार बसा...

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झूठा रुतबा By sukhvinder Singh Rai

शहर के उस सबसे महंगे कैफे के बाहर एस्प्रेसो कॉफी और बेक हो रही ब्रेड की महक हवा में घुली थी। कांच की विशाल दीवारों के पार अमीरज़ादे अपनी दौलत का प्रदर्शन कर रहे थे। उसी कांच की दीवा...

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Bayaan - Part 7 By Radha rani Jha

Part 7  के अगले पन्ने पर राधा ने लिखा था—"उस रात जानकी पूजा से लौटने के बाद मेरे मन में सिर्फ़ एक ही सवाल था।""आख़िर अभिन्नव ने कुंदन से ऐसा क्या कहा था?"मैंने अगले दिन कुंदन से फि...

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वर्तमान नकलूसी गुरु और प्राचीन बोध By Vedanta Life Agyat Agyani

बोध पहले अनुभव है, बाद में शास्त्र। पहले भीतर एक घटनाक्रम घटता है — आनंद, मौन, संतोष, प्रस्फुटन, सहजता। बाद में बुद्धि उसे भाषा देती है, और वही भाषा शास्त्र, पद, दोहा, भजन, सूत्र,...

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Honted Jobplace - 10 By Sonam Brijwasi

8th फ्लोर — अंदर श्राव्या डरी हुई कोने में सिमटी है। बाहर से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ें आ रही हैं।कृषांत (बाहर से, गुस्से में) बोला - श्राव्या!! पीछे हटो!!अचानक — एक ज़ोरदार किक…धड़ाम!!!...

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