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Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.
यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे दुनिया बदसूरत कहकर पुकारती थी। लोग क्या उसकी अ...
ये कहानी है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ( इलाहाबाद ) की जहां रात के सन्नाटे में सु...
रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था...
बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इ...
"मैं उस चाँद को प्यार करता हूँ और वो चाँद मुझसे प्यार नहीं करता। क्या किसी किताब...
हर कहानी की एक शुरुआत होती है।लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं, जिन्हें इंसान नही...
अध्याय 1जंगल का श्रापघना जंगल—इतना घना कि सूरज की सुनहरी किरणें भी ज़मीन तक पहुँ...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे क...
उस दौर के बच्चे थे कुछ पीढ़ियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें इतिहास किताबों में पढ़ता ह...
शाम का धुंधलका अब एक गहरी, रहस्यमयी रात में तब्दील हो रहा था। गुजरात के एक शांत...
एपिसोड 25– आख़िरी राउंडऑडिटोरियम की सारी लाइटें हल्की हो गईं।सभी टीमों की नज़र अब स्टेज पर थी।डॉ. राजीव मल्होत्रा ने माइक अपने हाथ में लिया और मुस्कुराते हुए बोले,"अब शुरू होने जा...
सूखे पत्तों का माली एक पिता, एक बगीचा और अधूरे रिश्तों की कहानी️ लेखक — कांतिभाई राठौड़ बदामिया« “जिसने पूरी उम्र फूल खिलाए…वही बुढ़ापे में अपनों के लिए तरस गया…” »कभी-कभी इंसान अप...
बैंक रॉबरी आज इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा में एक अजीब किस्म का सन्नाटा छाया हुआ था, हालाँकि सुबह के ग्यारह बजे थे और क्योंकि साखा बाज़ार के बीच में स्थित थी तो इस समय...
** हीरो...!** **भाग 4 : हीरो और सनशाइन**सुबह की पहली किरणों के साथ आर्या की आँखें खुल गईं। खिड़की से हल्की हवा आ रही थी। रात की बारिश की नमी अभी भी हवा में बाकी थी। उसने बिस्तर पर...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 57रक्तचंद्र महल का आख़िरी वचनचंद्रपुर गाँव की पहली किरणों के साथ सब कुछ सामान्य दिखाई देने लगा था।गाँव के लोग वर्षों बाद चैन की साँस ले रहे थे...
---------------चारू के लाख जतन करने पर भी अमर उसे लेकर कार मे आ जाता है। वो उसे आराम से कार मे बिठाया है। और झुक कर उसके पैरो के पास उसकी सैंडल रख देता है। अमर के कंधे चारू के घूटन...
(आसमान में बादल छाए हुए हैं। गुफा के बाहर रात का अँधेरा गहराता जा रहा है।करण अभी भी थोड़ा कमज़ोर है, उसकी आँखों में थकान है, पर सिमरन के चेहरे को देखकर वो मुस्कुरा देता है।)करण (धी...
संयोगिता अपने cabin में अकेली बैठी थी। सामने laptop खुला था…लेकिन उसकी नजरें screen पर नहीं थीं। वो कहीं और खोई हुई थी। उसके दिमाग में बार-बार वही रात घूम रही थी संपूर्णा…उसकी बाँह...
यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे दुनिया बदसूरत कहकर पुकारती थी। लोग क्या उसकी अपनी मां-बाप भाई बहन को उसे साथ लेकर चलने में शर्म आती थी, वह तो उसे अपनी फैमिली का हिस्सा भी नहीं म...
[57]शैल के शब्दों ने दोनों को चौंकाया। क्षणभर दोनों अवाक होकर परस्पर देखते रहे। “ऐसा नहीं है, शैल।” निहारिका ने नम्र होकर कहा। “तो क्या चाहते हो? इस प्रकार हमारे मार्ग में बार बार...
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