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अध्याय 1 — घाट पर आगवाराणसी — वो शहर जहाँ गंगा मैया बहती हैं, जहाँ हर गली में एक...
2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।मीरा के हाथ काँपते थे...
यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और केवल मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है। इसका वा...
एक माँ आज रो रही है।उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।क्या कोई उसकी पीड...
मेरी शादी इतनी जल्दी तय हो जाएगी, ये मैंने कभी सोचा भी नहीं था।सब कुछ जैसे अचानक...
वेदांश राठौर एक ऐसी शख्सियत जो मुंबई ही नहीं बल्कि पूरी एशिया में अपना सिक्का जम...
एक छोटे से गाँव में एक बूढ़ा पेंटर रहता था। वह अपनी कला के लिए मशहूर था, लेकिन उ...
दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है। नदी के किनारे-किनारे। रेत पैरों में चुभ रही ह...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~*[लेखक का POV]*एक ट्रिप से वापस आने के बाद, कोहिन...
पार्ट 1 ( सल्तनत की राख )चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो ध...
आर्यन ने अपने सूप से सने हुए कपड़ों को देखा, और फिर नफरत भरी नज़रों से ज़मीन पर पड़े अयान को। उसने मैनेजर का गला पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचा और दहाड़ते हुए बोला—"ओए मैनेजर! इस भिखारी को बो...
अरबपति का प्रेमप्रस्तावनामुंबई की चमकती रातों में, जहाँ शहर कभी नहीं सोता, वहाँ एक नाम था जो हर किसी की जुबान पर था - अर्जुन मल्होत्रा। तीस साल का यह युवा अरबपति, मल्होत्रा इंडस्ट्...
वो नंबर सात घंटे से मीरा के हाथ पर था। स्याही थोड़ी सी फैल गई थी — जैसे वो भी सीधी रहना नहीं चाहती थी।मीरा विरासत क्षेत्र 4 की एक चाय की दुकान के बाहर बैठी थी। प्लास्टिक की कुर्सी।...
अब ज़ेथ- के आसमान में एक नया तारा चमकता है, जिसे लोग 'मीरा का तारा' कहते हैं।मानवता अब पूरी तरह बदल चुकी है। वे जानते हैं कि वे मरेंगे, लेकिन उन्हें डर नहीं है। वे जानते है...
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ऐपीसोड़ -14}अरुण के वहा से जाने के बाद रुपाली उसका इंतेजार करते करते वहा तहलने लगती है वह वही पहाड़ के छोर पर खड़ी हो कर वहा से वहा की खुबसुरत वादिया देखत...
16: महा एपिसोड - रूह की पुकार अस्पताल की छत पर आसमान अब साफ होने लगा था। बारिश थम चुकी थी, लेकिन हवा में अभी भी नमी और ठंडक थी। ज़ारा और अज़ीम अस्पताल के वेटिंग एरिया के एक कोने म...
वेदांत 2.0 लाइफ part 3चेतना का सार्वभौमिक दर्शनअज्ञात अज्ञानी “स्वामी विवेकानंद ने जिस भविष्य की कल्पना की थी,जहाँ वेदांत और विज्ञान एक ही सत्य की ओर मिलेंगे,वेदांत 2.0 उसी द...
अध्याय 1ऊर्जा लहरों की आहट"ब्रह्मांड के प्रत्येक रहस्य के पीछेएक और रहस्य की आहट होती है।"— प्रो. रामनाथननई दिल्ली — राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र — रात के 2:17दिल्ली की रात आ...
: : प्रकरण : : 58 सुहानी का क़ोई ठिकाना नहीं था. वह तितली की तरह एक जगह से दूसरी जगह उड़ती फिरती थी. . भौतिक सुख की कामना उसे संजय की ओर ले...
लेखक -एसटीडी मौर्य ️बस पंक्चर हो जाने के बाद हम तीनों जल्दी-जल्दी पैदल ही रेलवे स्टेशन की ओर चलने लगे। समय बहुत कम बचा था और हमारे मन में बस एक ही चिंता थी—कहीं ट्रेन छूट न जाए।प्र...
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