The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.
कलयुगी महा-उत्पाद और अधर्म की भयानक ज्वालाएँ भड़कने से ठीक १०० वर्ष पूर्व, जब का...
(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा...
श्रीराम की पूरी जीवन-कथा भाग 1 — अयोध्या और राजा दशरथ की कथाजय श्रीराम बहुत समय...
दिल्ली की तेज, बर्फीली बारिश किसी को भी भिगो सकती थी, लेकिन आकाश के लिए यह सिर्...
अधूरी मोहब्बतEpisode 1 — पहली मुलाकातPage 1शहर में शाम धीरे-धीरे उतर रही थी।सड़क...
Bank robbery - chapter 2 “मुझे अभी बेटे के अकाउंट में मनी ट्रांसफर करवानी है, ले...
प्रस्तावना: तमस का साम्राज्य और अदृश्य आशाकलयुग का वातावरण: सन 4,28,126 ईस्वीसन...
शौर्यगढ शहर के नेशनल कालेज में साल के आखिरी दिन फंक्शन मनाया जा रहा था, सभी कॉले...
भाग 1: असफलता की रात और वो आखिरी खतकमरे में सन्नाटा इतना गहरा था कि घड़ी की हर ट...
"अगर आपकी ट्रेन रात के 11:45 पर किसी ऐसे स्टेशन पर रुक जाए, जो भारत के रेलव...
18 जॉय का खोना थोड़ी देर बाद , आकाश मे काले बादल देखकर वह अपने ख्याल से बाहर आता है और सोचता है तेज बारिश आने वाली है , अब मुझे जॉय को लेकर घर चलना चाहिए l यह सोचकर वह जॉय को इधर-उ...
मुंबई की बारिश और शाम की लोकल ट्रेन—दोनों का मिज़ाज एक जैसा था, कभी भी किसी की ज़िंदगी की रफ़्तार रोक सकती थीं।दादर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर अयान अपनी भीगी जैकेट झाड़ते हु...
चार दिन की शान।एक बेटे की ज़िद… और एक परिवार की कीमत️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाआज के समय में मोबाइल केवल जरूरत नहीं रहा।कई युवाओं के लिए वह पहचान बन गया है।क...
(नूरगढ़ के मुख्य चौराहे पर पसरा सन्नाटा अब तनाव में बदल चुका था। हवा में अभी भी उस पर्पल बवंडर और 4x4 ट्रैक्टर के बीच हुई ज़बरदस्त भिड़ंत का रोमांच घुला हुआ था। समर अपनी ड्राइविंग...
भाग १० — डूबते सूरज को अर्घ्यसुबह की पहली किरण अभी गाँव की गलियों तक पहुँची भी नहीं थी।सावित्री पूरी रात सो नहीं पाई थी।उसके हाथ में वही पुराना लिफाफा था, जो सुमित्रा ने उसे दिया थ...
छत से लटकता साया और माधव का राजकबीर के हाथ में पकड़े मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी जैसे ही बर्थ नंबर 41 के ऊपर सीलिंग पर पड़ी, पूरे डिब्बे में सांसें अटक गईं।वहाँ, छत से उल्टे लटके...
आज मैं जहाँ हूँ… और आगे की उम्मीद हर सफर की एक शुरुआत होती है।कुछ रास्ते आसान होते हैं और कुछ रास्ते ऐसे होते हैं, जिन पर चलते हुए इंसान कई बार खुद से ही पूछता है—“मैं आखिर ज...
Part 1 — पहली मुलाकातशहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी।आसमान बादलों से ढका था और कॉलेज की सड़क पर जगह-जगह पानी जमा था।आरव हमेशा की तरह कॉलेज के बस स्टॉप पर अकेला खड़ा था।हा...
पंद्रह साल पहले बिछड़े राघव और अवनी की कहानी, जिसे वक्त और परिस्थितियां कभी खत्म नहीं कर पाईं। एक पुरानी नीली चूड़ी अचानक दोनों को फिर आमने-सामने ला खड़ा करती है और उन्हें एहसास हो...
अध्याय-२८रमेशभाईने जैसे ही बात की, सभी बड़ों ने कहा, "वाह! यह तो आपने बहुत सुंदर प्रस्ताव दिया है।" सबने विस्तार से सभी के बायोडाटा मैसेज करने को कहा और फिर सभी प्रसाद लेने बैठ गए।...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser