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**कहानी का शीर्षक:** **“तक़दीर के तूफ़ान और प्यार की जीत”**### अध्याय १: मुंबई...
भाग 1शापित हवेलीरात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हु...
भाग 1: कबाड़खाना, कौतूहल और कालचक्र रामपुर गाँव की दोपहरें हमेशा से बेहद सुस्त औ...
"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया र...
Episode 1 – पहली मुलाकातशाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-ह...
दीक्षा — भाग १ अंधकार से प्रथम परिचयधनबाद जिले की कोयला नगरी के समीप बंगालियों क...
लोग कहते हैं कि प्यार दोनों तरफ से हो तभी मुकम्मल होता है, लेकिन मेरे लिए तो मेर...
नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ...
"ऊँआ... ऊँआ...!!"अभी अभी जन्में एक बच्चे की तीखी आवाज आसपास फैले खौफनाक सन्नाटे...
एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्र...
"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया राज़ छिपा है। तीन दोस्त—अमन, कबीर और ज़ोया, जिनकी ज़िंदगी एक आलीशान कॉटेज में हमेशा के लिए बदल जाती ह...
===========================वो बचपन बहुत याद आता है वो मस्ती भरे दिनवो पी...
तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...
एपिसोड 68: "अनुभव का निर्वात" — जब होना ही पर्याप्त हैउस प्रश्न के गूंजते ही—ब्रह्मांड में एक सूक्ष्म परिवर्तन हुआ।लेखक… मौन हो गया।संपादक… स्थिर हो गया।पाठक… जैसे विलीन हो गया।और...
39 वा धारावाहिक ईश्वर की प्राप्ति के लिए कितना संघर्च करना पड़ता है तुम जानते भी हो ---- बहुत लोग ईश्वर को प्रश्न चिन से देखते है --- हे भी कि फिर....ये उपन्यास यही से शुरू हो रहा ह...
वर्कशॉप का दिन धीरे-धीरे करीब आ रहा था और उसके साथ ही रवीना और तुषार दोनों के भीतर हलचल भी बढ़ती जा रही थीसुबह का समय था रवीना आज थोड़ा जल्दी उठ गई थी उसके सामने आज सिर्फ रसोई का क...
( माया- मनोज दोस्ती की अनोखी मिशाल) : : प्रकरण -87 : : और उस ने संभव के नाम को लेकर बहुत बड़ी बात की...
बारिश उस शहर की आदत थी।हर शाम आसमान ऐसे बरसता था जैसे उसे भी किसी का इंतज़ार हो।रिया अपनी खिड़की के पास बैठी थी।टेबल पर रखी कॉफी कब की ठंडी हो चुकी थी, लेकिन उसके हाथ अब भी कप को प...
अकादमी में रहते रुद्र को कुछ दिन हो चुका था और इसी बीच कुछ स्टूडेंट रुद्र को चैलेंज कर दिया। लेकिन रुद्र शर्त सुनकर सभी हैरान हो गए। रुद्र का शर्त था जितने भी स्टूडेंट्स से लड़ेगा र...
चलो दूर कहीं.. 19सुमी की चुप्पी प्रतीक्षा को खाए जा रहा था, प्रतीक्षा की सिसकियां रात के उस निरव वातावरण में प्रतिध्वनित होकर ऐसे गूंज रही थी मानो पुरी कायनात सिसक रही हो..। प्रती...
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