श्रेष्ठ हिंदी कहानियां पढ़ें और डाउनलोड करें

दी एडवेंचर्स ऑफ़ शेरलोक होम्स
द्वारा Sir Arthur Conan Doyle
  • (98)
  • 43.1k

शेरलॉक होम्स के लिए वह हमेशा 'वो औरत' ही थी मैंने होम्स को किसी और नाम से उसका ज़िक्र करते शायद ही सुना हो उसकी आँखों ...

दो कॉलगर्ल की कहानी
द्वारा Ranjeev Kumar Jha
  • (47)
  • 31k

---------------------------------- शहर की दो टॉप - क्लास कॉलगर्ल में , टॉप - क्लास की दोस्ती थी ।  एक दिन जब दोनो साथ बैठकर पी रही थी और उनपर सुरूर छाने लगा ...

Chandragupt
द्वारा Jayshankar Prasad
  • (55)
  • 37.8k

चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की ...

भाभी
द्वारा Roopanjali singh parmar
  • (35)
  • 28.1k

आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना, ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ.. चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया) क्या बक रहा ...

Steve Jobs
द्वारा Kamini Gupta
  • (155)
  • 33.2k

Inspiration we get from Steve Jobs life

लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत
द्वारा r k lal
  • (28)
  • 16.3k

“ लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत “ आर 0 के0 लाल   संजय ने अपने दोस्त पवन से कैंटीन में समोसा खाते हुए कहा-  "यार तुम बुरा न मानो ...

निर्मला - सम्पूर्ण उपन्यास
द्वारा Munshi Premchand
  • 22.1k

निर्मला, मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास है। इसका प्रकाशन सन १९२७ में हुआ था। सन १९२६ में दहेज प्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर इस ...

सिद्धार्थ - सम्पूर्ण उपन्यास
द्वारा Hermann Hesse
  • (75)
  • 21.6k

सिद्धार्थ हरमन हेस द्वारा रचित उपन्यास है, जिसमें बुद्ध काल के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के सिद्धार्थ नाम के एक लड़के की आध्यात्मिक यात्रा का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक ...

बॉडी लैंगुएज
द्वारा S Sinha
  • (18)
  • 20.9k

सभी बातें शब्दों में बोली जाएँ यह आवश्यक नहीं है. बहुत बार हम अपनी बात दूसरों तक शरीर के हव भाव या हरकत से पहुँचा सकते हैं. इस लेख ...

इनबॉक्स में रानी सारंगा : धइले मरदवा के भेस हो’
द्वारा Sanjeev Chandan
  • 21.6k

यह कहानी एक प्रेम के लिए समर्पित एक ऐसे स्त्री की कहानी है , जो विवाह के बाद और उम्र के चौथे दशक के अंत में प्रेम करते ...

Musafir Cafe Book Review - मुसाफिर काफे पुस्तक परिचय
द्वारा Mahendra Sharma
  • (20)
  • 20.7k

मुसाफिर कैफे, दिव्य प्रकाश दुबे के काफे में मज़ेदार चाय के साथ पराठे वाली फीलिंग कराने वाली कहानी है। क्या हम कभी मिले हैं? हाँ शायद कहाँ? किसी किताब ...

पार्थ आपका बेटा है
द्वारा Roopanjali singh parmar
  • (17)
  • 13k

नैना अपनी माँ अरुणा जी की लाड़ली बेटी थी। उसकी माँ ने अकेले ही उसको पाला था। नैना के पिता की मृत्यु नैना के बचपन में ही हो गई ...

Andher Nagri Chaupat Raja
द्वारा Bhartendu Harishchandra
  • 19.6k

( शहरका एक इलाका) (महन्त जी दो चेलों के साथ गाते हुए आते हैं) सब : राम भजो राम भजो राम भजो भाई।। राम के भजे से गनिका तर गई, राम के ...

काला जादू - सच्ची घटना
द्वारा Atal Painuly
  • (58)
  • 13.1k

यह घटना वास्तविक है जो 2014 की  है, जब मेरे विद्यालय के एक अध्यापक हो  निरीकक्षण  कार्य के लिए जौनसार बाबर में जाना पड़ा । जैसा कि अधिकतर विद्यालयों ...

चरित्रहीन
द्वारा Hanif Madaar
  • (170)
  • 39.6k

औरत के इंसान होने के हक़ की बात करना भी उसके चरित्रहीन होने का प्रमाण घोषित हो जाता हो उस समाज में औरत की अस्मिता से जुड़े सवाल शायद ...

शादी की सालगिरह
द्वारा Junaid Chaudhary
  • 2.9k

शादी की पहली सालगिरह मुबारक हो,रात के बारह बजे में ने उसे जगा कर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद दी,उसने पहले नींद में मुझे देखा फिर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद ...

मेरी सहेली
द्वारा Sanjay Nayka
  • (46)
  • 14k

हमारे दिल में कुछ राज होते है जो हम किसी एक शख्स को जरुर कहते है क्युकि हम उस शख्स पर भरोषा करते है मेरी कहानी ...

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं)
द्वारा MB (Official)
  • (42)
  • 21.7k

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं) 1. एक अपवित्र रात 2. प्रेमिका को सलाह 3. स्वागत-रोमन शैली 4. आत्मस्वीकृति 5. तीन दिलचस्प किस्से 6. नंगा लड़का 7. मुकाबला

पापा मर चुके हैं
द्वारा Jaishree Roy
  • 9.4k

आज एकबार फिर अरनव को बिस्तर पर उसकी इच्छाओं के चरम क्षण में अचानक छोडकर मै उठ आयी थी। अब बाथरूम के एकांत में पीली रोशनी के वृत के ...

भूतिया रेस्टोरेंट
द्वारा सोनू समाधिया रसिक
  • (70)
  • 10.6k

रोहित और सौरभ दोनों दोस्त जॉब की तलाश में भटक रहे थे। इसी के चलते दोनों कई एक्जाम दे चुके थे।दिसंबर के महीने में दोनों एक एक्जाम देकर बापस ...

विश्व बंधुत्व आज की आवश्यक्ता
द्वारा Ashish Kumar Trivedi
  • 12.1k

आज दुनिया भर में चारों तरफ अशांति का माहौल है। कहीं युद्ध तो कहीं आतंकी हमला, हत्या, बलात्कार, एक दूसरे के अधिकारों का हनन। इन सब के कारण वातावरण ...

संयोग से हुआ रिश्ता
द्वारा एमके कागदाना
  • (15)
  • 9.3k

् मैं वो दिन कैसे भूल सकती थी । जिस दिन ने मेरी रातों की नींद उड़ा दी थी। वह दिन फिर से मेरी आंखों के सामने तैर गया। जब ...

प्रेमचंद की बेनमून लघु कहानियाँ
द्वारा Munshi Premchand
  • (48)
  • 15.1k

प्रेमचंद की बेनमून लघु कहानियाँ 1. ईदगाह 2. नमक का दरोगा 3. पूस की रात 4. शतरंज के खिलाड़ी

कहो नहि करो
द्वारा Snehal malaviya
  • (19)
  • 8.8k

“रवि, देखो तुम्हारे लाडले ने क्या किया है” वो छोटा सा बच्चा अपनी माँ के पीछे छुप रहा था और एक आँख से अपने पापा को देख रहा था।“मेरे ...

सीमित प्रेम
द्वारा Ramanuj Dariya
  • 8.8k

एक लड़का है जिसे लोग आशु के नाम से जानते हैं ,नाम से कम उसके काम से लोग ज्यादा जानते है।एक नाम आशी जिसकी अदाओं से लोग जानते है ...

टिफिन
द्वारा Satender_tiwari_brokenwordS
  • (16)
  • 8k

इस कहानी एक काल्पनिक रचना है। इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है।। **********************************************रोहन की टिफ़िन में दाल चावल होता था जिसे वो बिरयानी बोलता था। और अमन के ...

मां का अंतिम समय 
द्वारा Ashish Dalal
  • (12)
  • 7.3k

‘बस। अब और नहीं होता मुझसे। परेशान हो गई हूं मैं।’ उसके अंतिम कौर मुंह में डालते ही जूठी थाली उसके सामने से उठाते हुए बड़बड़ाती वह बोली। बादल ...

वह रात किधर निकल गई
द्वारा Geeta Shri
  • 8.4k

वह रात नसीबोवाली नहीं थी. देर रात फोन पर झगड़ने के बाद बिंदू किसी काम के लायक नहीं बची थी। आयशा और वैभव दोनों दूर से सब देख समझ रहे थे, ...

तुम कब आओगे
द्वारा sangeeta sethi
  • (18)
  • 12.6k

यह कहानी एक लेखक और पाठक के सम्बन्धो की कहानी है लेखक भले ही लिखता है पाठक के लिए परन्तु उसके दिल के मर्म को नहीं समझ ...

मायका और ससुराल
द्वारा Roopanjali singh parmar
  • (25)
  • 4.9k

रीना की शादी को चार साल हो गए थे, उसका एक बेटा भी था अभय, जो एक साल का था। पति हर्ष और सास करुणा उसे बहुत प्यार करते ...

तानाजी मालुसरे - मराठा शेर
द्वारा MB (Official)
  • (26)
  • 10.4k

मराठा सेना का शेर जिसने मराठा साम्राज्य के लिए कई युद्ध लड़े और मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह कहानी वीर तानाजी मालुसरे की है जिनकी ...

जो रोम रोम में है, उसे कैसे भूल जाऊं
द्वारा Roopanjali singh parmar
  • (19)
  • 2.3k

समय और नैना एक दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे। समय उसका सीनियर था और उससे 2 साल बड़ा भी था..नैना और समय में जैसे-जैसे पहचान हुई ...

बाँझ
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 7.5k

बांझ1.शाम. . .खिड़की से बाहर देखते हुए, अपनी आत्मा के दर्द को महसूस करना जैसे उसके जीवन का ढर्रा बन गया था। शाम, रात में बदलने लगी थी। उसने ...

साली पर नजर
द्वारा r k lal
  • (55)
  • 4.5k

“साली पर नजर” आर0 के0 लाल           घर में शादी का माहौल था सौम्या की दीदी की शादी थी इसलिए उसकी कई सहेलियां आई थी। रात में गाना बजाना ...

अनजान मुहाफ़िज
द्वारा Pushp Saini
  • (11)
  • 2.4k

कहानी (अनजान मुहाफ़िज)-----------------------------------सम्पदा जैसे हीआॅफिस  बाहर निकली धीमी हवा ने प्रचण्ड आँधी-तूफान का रुप ले लिया ।वह सड़क किनारे खड़ी होकर टैक्सी की राह देखने लगी ।तेज हवा से ...

सूर्य-पुत्र कर्ण
द्वारा paresh barai
  • (52)
  • 9.8k

महाभारत कथा के प्रसिद्ध पात्र सूर्य पुत्र कर्ण के जन्म से मृत्यु तक की सम्पूर्ण कहानी संक्षिप्त में।

व्योमवार्ता - डॉ० राजीव मिश्रा की किताब विषैला वामपंथ
द्वारा व्योमेश
  • (11)
  • 8.6k

व्योमवार्ता /विषैला वामपंथ, जिसे बहुत पहले प्रकाशित हो कर पढ़ना चाहिये था : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 27जनवरी 2020                    मुखपुस्तिका(फेसबुक) ...

मंटो की कहानियां
द्वारा Saadat Hasan Manto
  • (38)
  • 9.8k

सआदत हसन मंटो का जन्म- 11 मई, 1912 को समराला, पंजाब में हुआ था। आप कहानीकार और लेखक थे। मंटो ने फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखन व पत्रकारिता भी ...

गोदान - सम्पूर्ण उपन्यास
द्वारा Munshi Premchand
  • (38)
  • 10.8k

गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं। इसका प्रकाशन १९३६ ई० में हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, ...

सास भी कभी बहू थी
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • (14)
  • 7.5k

       आज सरू जितनी खुश है उतनी ही उदास भी... जितनी उत्साहित है उतनी ही हताश भी... जितनी अतीत में गोते लगा रही है उतनी ही भविष्य ...

वो डरावनी रात
द्वारा Uma Vaishnav
  • (37)
  • 6.9k

दीपावली की छुट्टियां होते ही माला हर साल की तरह इस साल भी मायके जाने की तैयारी कर रही थी। करीब सारी तैयारी हो गई थी। वो आखिरी बैग ...

अजीब औरत
द्वारा Jayanti Ranganathan
  • (26)
  • 6.7k

बिल्डिंग के सामने उर्षिला ने अपनी लंबी गाड़ी पार्क की ही थी कि सीढिय़ों के पीछे खंभे से सटकर खड़ी वह दिख गई। उर्षिला उसकी निगाहों से नहीं बच ...

मेरीड दोस्त 
द्वारा Niyati Kapadia
  • (40)
  • 6.6k

एक फ्लेट के कमरे में सोफा पर पड़ा एक लड़का सो रहा है। उसके पाँव जमीन पर लटके हुए है वहाँ नीचे एक और लड़का सो रहा है। कमरे ...