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मैंने कुल आठ उपन्यास लिखे जिनके नाम हैं - देहाश्रम का मनजोगी, बेस्वाद मांस का टुकड़ा, वंश,रेत होते रिश्ते, आखेट महल, सेज गगन में चांद की, जल तू जलाल तू, AQAAB. " जल तू जलाल तू" कुल नौ भाषाओं में प्रकाशित है जिनमें हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, पंजाबी, सिंधी, तेलुगु,ओड़िया, राजस्थानी,और असमिया का समावेश है. इसके अलावा कहानी,कविता,लघुकथा,नाटक,संस्मरण,बाल साहित्य व निबंध भी लिखे हैं.यदि कोई अनुवादक मेरी रचना का गुजराती या किसी अन्य भाषा में अनुवाद करना चाहें तो संपर्क करें.

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