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जिंदगी के पहलू - 4 - खुश रहना भी कला है
द्वारा Kamal Bhansali
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शीर्षक: खुश रहना भी कला है। हम अपनी चर्चा हमारे देश के एक विद्वान सी. राजगोपालाचारी के इस कथन के साथ शुरु करते है " Without wisdom in the ...

जिंदगी के पहलू - 3 - सत्य, मजबूत क्षमता का निर्माता
द्वारा Kamal Bhansali
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जीवन की खासियत, हमारी आंतरिक क्षमता होती है।एक मजबूत व्यक्तित्व के इंसान में ये क्षमता सिर्फ एक तत्व से आती है, और वो है सत्य के प्रति पूर्ण आस्था। ...

जिंदगी के पहलू - 2 - प्रकृति, प्यार और इंसान
द्वारा Kamal Bhansali
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It seems to me that the natural world is the greatest source of excitement; the greatest source of visual beauty; the greatest source of intellectual interest. It is the ...

प्रेम और वासना - भाग 4
द्वारा Kamal Bhansali
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दोस्तों, हमने प्रेम के रिश्तों के सन्दर्भ में कुछ पारिवारिक-रिश्तों की चर्चा की, परन्तु कुछ रिश्तें जो आज के जीवन में काफी उभर कर, पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों पर ...

आखिर क्यों ?
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
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ज़िंदगी में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद करके दिल उदास ओर उद्वेलित हो जाता है । आज यानी 14 जून को टीवी और फिल्मों के मशहूर अभिनेता ...

जिंदगी के पहलू - 1
द्वारा Kamal Bhansali
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इंसानी जिंदगी धरती पर जब अपना पहला कदम, माँ की बाहों से उतर कर रखती है, तो उसकी पहली लड़खड़ाहट उसे ये एहसास करा देती कि आसान नहीं है, ...

देह अगन की लपट
द्वारा राजनारायण बोहरे
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देह की अगनलेखक शिव शम्भू बाबू ने अपनी चालीस साल पुरानी डायरी में से जो कथा मुझे पढ़ाई है वह मैं सीधा ही पाठकों को पढ़ाता हूँ।होली पर सब ...

कपूत बेटा
द्वारा राज बोहरे
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दफ्तर में सबसे बड़ी चिकचिक हुई थी इसलिए सर बिना रहा था । वह दफ्तर से बाहर निकल कर सड़क पर यूं ही खड़ा हो गया था। रिस्ट वॉच ...

छींक
द्वारा Lalit Rathod
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छींक का आना दिन की सुखद घटना लगती है। हमेशा से छींक आने के बाद भीतर राहत महसूस करता हूं। तब इच्छा हाेती है कि छींक फिर आए। जादूगर ...

सपना
द्वारा praveen singh
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सपना,हर इंसान एक छोटी उम्र से ही कोई ना कोई सपना देखकर ही बड़ा होता है, किसी को क्रिकेटर, किसी को एक्टर, सिंगर, डांसर, और भी कई चीजें होती ...

वो लड़का
द्वारा Yogesh Kanava
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    वो लड़का आज फिर से दीपेश बाॅस की डाँट खाकर आया। वो बिल्कुल उखड़ा हुआ था। रोज-रोज की डाँट खाने से तो अच्छा है मैं ही कुछ ...

छात्र-छात्राओं द्वारा आत्मघाती कदम
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
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  आलेख   छात्र-छात्राओं द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के कारण तथा रोकने (समाधान) के उपाय।                                                                    वेदराम प्रजापति ‘मनमस्त’       यह विषय, वर्तमान परिवेश का ...

हार-जीत को प्रतिष्ठा का तमगा ना पहनाएं
द्वारा मंजरी शर्मा
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आज महक के स्कूल में फैंसी ड्रेस कम्पटीशन था, बच्चे से लेकर हर अभिभावक ने खूब मेहनत की थी. कोई सब्ज़ी बना था तो कोई जानवर. नर्सरी में पड़ने ...

डायरी का एक पन्ना
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
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हाथ मे पेंटिंग ब्रश लिए   15 साल पुरानी पेंटिंग के  बदरंग हो चुके फ्रेम को गोल्डन करते हुए उसने सोचा ...काश कोई उसको भी इसी तरह सुनहरा रंग से ...

अनकहे लफ्ज़
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
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लफ्ज़ कभी बोलते नही उनमें छिपे ज़ज़्बात बोलते है ते रे भी में रे भी   यह अहसास कैसे कैसे होते है न ,कोई सुबह कितनी शीतल सी लगती है ,मेट्रो की तरफ ...

पत्थर दिल आदमी
द्वारा राज बोहरे
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उजासवह अंततः आज ऑपरेशन-टेबल पर आ पहुँचा था, दिल संबंधी बीमारियों के वार्ड में वह हजारों-हजार, शंका-कुशंकाओं से भरा चुपचाप लेटा था। सर्जन की प्रतीक्षा हो रही थी। अलबत्ता ...

पेरेंटिंग
द्वारा Dr Sonika Sharma
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ज़िन्दगी में हर इंसान को अपने अनुभव को हमेशा दूसरे से बाँटना चाहिए क्योंकि आप अपने जीवन में होने वाले अच्छे-बुरे अनुभवों से ही सीखते है और जब हम ...

राजभाषा बनाम राष्ट्रभाषा
द्वारा डॉ अनामिका
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 आज मैं आपके सामने राजभाषा बनाम राष्ट्रभाषा पर कुछ कहना चाहती हूं भाषा एक ऐसी श्रृंखला है जिसके द्वारा  हम एक राज्य से दूसरे राज्य तक अपनी सीमा और ...

हकीकत की हकीकत - 3
द्वारा Akshay jain
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                    कहा जाता है! कि इंसान गलतियों का पुतला होता है। और यदि कोई गलती नहीं करेगा तो सभी भगवान ...

हकीकत वास्तविकता - 2
द्वारा Akshay jain
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                 जीवन में “हकीकत" शब्द बहुत मायने रखता है। क्योंकि यदि आप अपने जीवन में हकीकत अथवा वास्तविकता को स्थान देते हैं ...

हकीकत वास्तविकता - 1
द्वारा Akshay jain
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हकीकत इस शब्द से महज सभी लोग पीछा छुड़ाते हैं। कोई नहीं जानना चाहता हकीकत को। सभी लोग आंखों को बंद करके जीना चाहते हैं और जीते भी हैं। ...

डॉक्टरों की हड़ताल
द्वारा राजनारायण बोहरे
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हड़ताल   टीकू के सीने दर्द लगातार बढ़ता ही जा रहा था। दर्द से आँखे मींचे  हुए वह दुहरा जा रहा था और बीच-बीच में उठकर मम्मी को देख ...

फांस
द्वारा Poonam Singh
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" फाँस " ----------"पिछले साल फसल अच्छी हुई थी तो फुस के घर की जगह पक्का घर बनवाय दिहे रहे और तुम्हरे लिए एक ठो टीवी भी खरीद दिहे रहे।" ...

एक ख़ून माफ़
द्वारा Dr Ranjana Jaiswal
  • 2k

मैं समझ नहीं पा रही थी कि संचय को हो क्या गया है,वह मेरे सामने दूसरे युवा,सुंदर पुरूषों की प्रशंसा क्यों करता रहता है?क्या उसको अपनी कमियों का अहसास ...

आत्महत्या
द्वारा Priya Saini
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जब तुम अँधेरे से घिरे हुए हो और कहीं से एक रोशनी नज़र आये। तुम उस रोशनी का पीछा करते हुए आगे बढ़ो और पास जाकर पता चले ये ...

एकमेडिटेशन - 3
द्वारा VANDANA VANI SINGH
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इन दिनों जब से प्रयोग लिखना शुरू किया है मुझे भी बड़ी ख़ुशी मिल रही है। एसा लगता है कुछ है जो मुझे आप से जोड़ रहा कहानी लिखी ...

बंसी
द्वारा Poonam Singh
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      "बंसी" "कृष्णा,,,!! कृष्णा......!!ओ....कृष्णा, कहाँ गया।" माँ के बारम्बार पुकारने पर भी कृष्णा कहीं नज़र नहीं आया। "पता नहीं ये लड़का कहाँ चला जाता है बिना बताए...?" ...

एकमेडिटेशन - 2
द्वारा VANDANA VANI SINGH
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तीसरा प्रयोगअब बारी तीसरे प्रयोग की है , हम पहले दोनो प्रयोग में अगर सफल हुए ये तीसरे प्रयोग बड़ी आसानी से कर सकते है। इस प्रयोग में सिर्फ ...

एकमेडिटेशन - 1
द्वारा VANDANA VANI SINGH
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आज हम बात मेडिटेशन पे करेंगे ,  मेडिटेशन आज के समाज के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण है।  अगर मेडिटेशन का का अर्थ समझे  तो ध्यान  पड़ने में ये ...

सुसाइड क्यूं
द्वारा shilpi krishna
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#सुसाइड  क्यूं ???* क्यूं हमें जिंदगी से प्यारी मौत लगने लगती है ?*क्यूं हमें सुसाइड करने से पहले किसी का मोह नहीं रहता ?*क्या सुसाइड करने से सारी समस्या ...