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मेरा साया.. एक आसमान..
by Tarun Kumar Saini
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मेरा साया.. एक आसमान.. जो महसूस होता है, हर पल, हर जगह, क,मेरा अपना है, एक हमदद क तरह, सदा मेरे साथ है, यक, यही एक मेरा, अपना है... ...

प्रकृति मैम - ठिकाने, ज़ायके, पोशाक
by Prabodh Kumar Govil
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ठिकाने ज़ायके पोशाकजब हम घर से कहीं बाहर जाने के लिए निकलते हैं तो एक उलझन मन ही मन हमें बेचैन करती रहती है। हम सोचते हैं कि दुनिया ...

प्रकृति मैम - दिल्ली
by Prabodh Kumar Govil
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.दिल्ली दिल हिंदुस्तान कालोधी रोड वाला मकान काफ़ी छोटा था। लेकिन जल्दी ही हमें साकेत में बड़ा मकान मिल गया।पत्नी का ऑफिस आर के पुरम में था और मेरा ...

प्रकृति मैम - राजपथ
by Prabodh Kumar Govil
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12. राजपथकुछ दिन बाद डाक के लिफाफे में बंद मेरी उस परीक्षा का परिणाम आया जो मैंने पिछले दिनों दी थी। मुझे साक्षात्कार के लिए चुन लिया गया था।ये ...

प्रकृति मैम - मिलके बिछड़ गए दिन
by Prabodh Kumar Govil
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 मिलके बिछड़ गए दिन !दादर में एक दिन एक कार्यक्रम था। किशन कुमार केन मुझसे बोले- आपको साथ में लेकर चलूंगा।किशन कुमार केन उन दिनों मुंबई में एक प्रिंटिंग ...

थैंक्स मम्मी-डैडी
by राकेश सोहम्
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छेड़छाड़ के बाद खुदकशी – दैनिक अखबार के मुख्य पृष्ठ पर प्राथमिकता से छपे शीर्षक को पढ़कर मिनी बेचैन हो उठी. जब भी वह ऐसे समाचार सुनती या पढ़ती ...

बेहतर कल
by Rajesh Kumar
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"कल" वो शब्द है जिसका अस्तित्व है या नही कहा नही जा सकता। "कल" हर व्यक्ति के दिलों दिमाग में रहता है और हर दिन सोचता है कि उसका ...

किस्मत - 2
by Akshay jain
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             किस्मत भी बड़ी अजीब चीज होती है। जिसकी चमक जाए उसे खजूर के पेड़ पर चढ़ा देती है। और जिसकी ना चमके उस कीचड़ ...

किस्मत - 1
by Akshay jain
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किस्मत नाम कि वस्तु से आप सभी परिचित ही होंगे। आज के समय में अनेक लोग अपनी किस्मत पर ही टिके हुए हैं।अनेक लोग अपनी किस्मत को आजमाते रहते ...

शॉपिंग की बीमारी
by r k lal Verified icon
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शॉपिंग की बीमारीआर 0 के 0 लाल"चलो तैयार हो जाओ।  तुम्हारा सामान लेकर आते हैं। ध्यान रहे हार बार की तरह फालतू सामान लेने की जरूरत नहीं है। लिस्ट ...

सामाजिक मीडिया का नैतिक संस्कारों पर प्रभाव
by Akshay jain
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"Social media अर्थात् सामाजिक मीडिया।"    आज सभी जानते है और सभी मानते भी है कि सोशल मीडिया पारस्परिक जुड़ाव का अच्छा साधन है। आपस में जुड़ने का अच्छा उपाय ...

नींद
by Akshay jain
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आज का विषय है नींद । आज नींद के बारे में मै कुछ अपने अनुभव प्रस्तुत करूंगा।                          ...

गॉड ऑन व्हाट्सएप
by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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विज्ञान क्या है ? भगवान क्या है और ईश्वर का प्रमाण क्या है ? जहाँ तक विज्ञान की बात है तो ये पूर्णतया साक्ष्य पर आधारित अर्जित किया हुआ ...

स्वप्न
by Akshay jain
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आज हम स्वप्न के विषय पर अपने विचार रखेंगे । मेरा निवेदन है कि इसे पढ़ने के पहले आप सभी "नींद" वाला लेख जरूर पढ़ें। इससे आप मेरी बात ...

एकांत का उजाला
by Pritpal Kaur Verified icon
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एकांत का उजाला-प्रितपाल कौर. जनसत्ता 2 अक्टूबर २०१६. पीछे मुड कर क्यूँ देखती हो? क्या है वहां? सिर्फ दर्द, परेशानियाँ...... जानती हूँ... चेहरे पर छाई रहने वाली हंसी ...

प्रकृति मैम - गाकर देखो
by Prabodh Kumar Govil
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1.गाकर देेेे...मेरी नई - नई नौकरी वाला ये शहर भी सुन्दर था और वक़्त भी।ज्वाइन करने के लिए थोड़े से सामान के साथ यहां आया तो मैं पहले दो ...

प्रकृति मैम - बदन राग
by Prabodh Kumar Govil
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बदन रागमैं जो परीक्षा जयपुर में देकर आया था, उसका परिणाम आ गया। लिखित परीक्षा में मेरा चयन हो गया था। अब दिल्ली में साक्षात्कार देना था।छोटे से गांव ...

प्रकृति मैम - आलाप
by Prabodh Kumar Govil
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आलापइसी गांव में एक वैद्य जी थे। छोटी जगह होने से उनसे जल्दी ही परिचय मित्रता में बदल गया। कई बार शाम के समय पोस्टमास्टर साहब के आवास के ...

मीत न मिला रे मन का
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
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          "सुन जल्दी से आजा, कोई खास मेहमान आए हैं.." तृषा का फोन आया और मैं दस मिनट में गाड़ी में थी. मुझे तैयार होने ...

नजरिया
by Udit Ankoliya
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       नजरिया ,  ये नजरिया क्या होता हैं ?

अली , बजरंगबली और महँगी बिजली
by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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अभी अभी चुनाव ख़तम हुए है. नई सरकार आ चुकी है. मुझे कुछ दिनों पहले रिलीज़ हुई अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की फिल्म बंटी और बबली याद  आ ...

सोंचना एक अच्छी आदत - 1
by Alok Sharma
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हम हमेशा क्यों सोंचते हैं क्योंकि सोंचना एक अच्छी आदत है ।  जरूरी नही की आप क्या सोंचते रहते है हर समय बल्कि जरूरी ये है कि आप जो ...

कठिन पथ पर कैसे बढ़ें
by Rajesh Kumar
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उड़ने लगे धूल कण जब, पैर पथ पर बढ़ चले।हो बिछे कंट पथ पर, कठिनाइयां चाहे मिले।ध्येय ज्वाला जला हृदय में, नित्य आगे बढ़ चले।सफल परिश्रम हो हमारा,नित्य पथ अवलोकन करें।साथियों,    ...

मन का पंछी
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
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   सर्दियों की गुनगुनी धूप मुझे हमेशा ही आकर्षित करती रही है। आज भी इस महानगर की बालकनी में बैठी मैं मटर छील रही हूँ, मैथी पहले ही तोड़ ...

उज्जड्
by Alok Sharma
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वह व्यक्ति जो बिना सोंचे समझे बगैर जाने बूझे किसी कार्य को करने के लिए तैयार हो जाता है ,और मना करने पर क्रोधित हो जाता है उजड्डता की ...

अकेलापन
by shekhar kharadi Idariya
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आप सभी ने अवश्य कही न कही इस सायकाॅलोजी डिसआॅडॅर के विषय में आर्टिकल्स पढ़ें होगे । कुछ इसी तरह डिसोएक्टिव आइडेंटिटी डिसआॅडॅर के बारे , जिसे आमतौर पर ...

काटो नहीं, फुफकारो
by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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काटो नहीं,फुफकारो गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ एक गांव के पास से गुजरे। गांव के बच्चों को एक खेल के मैदान में सहम कर खड़े हुए देखा। गौतम ...

प्रकृति मैम - 2
by Prabodh Kumar Govil
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                    प्रकृति मैम [ कहानी ]                              ...

वो लडकी
by Amit Katara
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यह मेरे जीवन की वो घटना है जीस कभी भी नहीं भुले सकते तब मेरी उम्र 17 साल हो गई आप सोच रहे हो कि मैं बुढा हो गया ...

पशुओं में मृगराज सिंह हूँ और मछलियों में घड़ियाल
by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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पशुओं मैं कृष्ण का मृगराज सिंह और मछलियों में घड़ियाल को चुनना कई सारे सवाल पैदा करता है , कृष्ण मृगराज सिंह को हीं चुनते है, अपनी विभूति को ...