हिंदीमनोविज्ञान मुफ्त में पढ़े और PDF डाउनलोड करें

एकांत का उजाला
by Pritpal Kaur
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एकांत का उजाला-प्रितपाल कौर. जनसत्ता 2 अक्टूबर २०१६. पीछे मुड कर क्यूँ देखती हो? क्या है वहां? सिर्फ दर्द, परेशानियाँ...... जानती हूँ... चेहरे पर छाई रहने वाली हंसी ...

प्रकृति मैम - गाकर देखो
by Prabodh Kumar Govil
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1.गाकर देेेे...मेरी नई - नई नौकरी वाला ये शहर भी सुन्दर था और वक़्त भी।ज्वाइन करने के लिए थोड़े से सामान के साथ यहां आया तो मैं पहले दो ...

प्रकृति मैम - बदन राग
by Prabodh Kumar Govil
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बदन रागमैं जो परीक्षा जयपुर में देकर आया था, उसका परिणाम आ गया। लिखित परीक्षा में मेरा चयन हो गया था। अब दिल्ली में साक्षात्कार देना था।छोटे से गांव ...

प्रकृति मैम - आलाप
by Prabodh Kumar Govil
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आलापइसी गांव में एक वैद्य जी थे। छोटी जगह होने से उनसे जल्दी ही परिचय मित्रता में बदल गया। कई बार शाम के समय पोस्टमास्टर साहब के आवास के ...

मीत न मिला रे मन का
by Dr. Vandana Gupta
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          "सुन जल्दी से आजा, कोई खास मेहमान आए हैं.." तृषा का फोन आया और मैं दस मिनट में गाड़ी में थी. मुझे तैयार होने ...

नजरिया
by Udit Ankoliya
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       नजरिया ,  ये नजरिया क्या होता हैं ?

अली , बजरंगबली और महँगी बिजली
by Ajay Amitabh Suman
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अभी अभी चुनाव ख़तम हुए है. नई सरकार आ चुकी है. मुझे कुछ दिनों पहले रिलीज़ हुई अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की फिल्म बंटी और बबली याद  आ ...

सोंचना एक अच्छी आदत - 1
by Alok Sharma
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हम हमेशा क्यों सोंचते हैं क्योंकि सोंचना एक अच्छी आदत है ।  जरूरी नही की आप क्या सोंचते रहते है हर समय बल्कि जरूरी ये है कि आप जो ...

कठिन पथ पर कैसे बढ़ें
by Rajesh Kumar
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उड़ने लगे धूल कण जब, पैर पथ पर बढ़ चले।हो बिछे कंट पथ पर, कठिनाइयां चाहे मिले।ध्येय ज्वाला जला हृदय में, नित्य आगे बढ़ चले।सफल परिश्रम हो हमारा,नित्य पथ अवलोकन करें।साथियों,    ...

मन का पंछी
by Dr. Vandana Gupta
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   सर्दियों की गुनगुनी धूप मुझे हमेशा ही आकर्षित करती रही है। आज भी इस महानगर की बालकनी में बैठी मैं मटर छील रही हूँ, मैथी पहले ही तोड़ ...

उज्जड्
by Alok Sharma
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वह व्यक्ति जो बिना सोंचे समझे बगैर जाने बूझे किसी कार्य को करने के लिए तैयार हो जाता है ,और मना करने पर क्रोधित हो जाता है उजड्डता की ...

अकेलापन
by shekhar kharadi Idariya
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आप सभी ने अवश्य कही न कही इस सायकाॅलोजी डिसआॅडॅर के विषय में आर्टिकल्स पढ़ें होगे । कुछ इसी तरह डिसोएक्टिव आइडेंटिटी डिसआॅडॅर के बारे , जिसे आमतौर पर ...

काटो नहीं, फुफकारो
by Ajay Amitabh Suman
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काटो नहीं,फुफकारो गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ एक गांव के पास से गुजरे। गांव के बच्चों को एक खेल के मैदान में सहम कर खड़े हुए देखा। गौतम ...

प्रकृति मैम - 2
by Prabodh Kumar Govil
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                    प्रकृति मैम [ कहानी ]                              ...

वो लडकी
by Amit Katara
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यह मेरे जीवन की वो घटना है जीस कभी भी नहीं भुले सकते तब मेरी उम्र 17 साल हो गई आप सोच रहे हो कि मैं बुढा हो गया ...

पशुओं में मृगराज सिंह हूँ और मछलियों में घड़ियाल
by Ajay Amitabh Suman
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पशुओं मैं कृष्ण का मृगराज सिंह और मछलियों में घड़ियाल को चुनना कई सारे सवाल पैदा करता है , कृष्ण मृगराज सिंह को हीं चुनते है, अपनी विभूति को ...

कृष्ण योगी भी , भोगी भी
by Ajay Amitabh Suman
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आजकल सोसल मीडिया ज्ञान के प्रसारण का बहुत सशक्त माध्यम बन गई है। परंतु इससे अति भ्रामक सूचनाएं भी प्रसारित की जा रही हैं।ईधर मैंने एक गीत भी सुना: ...

एक साथी ओर भी था....
by Mewada Hasmukh
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हैलो.. हैलो......आपकी आवाज़ नहीं सुनाई देती..फोन कट हो जाता है..मे  अनजान नंबर पे कॉल करता हू..हैलो.. आप.. आपका कॉल था..?नमस्ते.. मे वरुण गाव से..!!हा.. बोलो...एक  बुरी खबर  ?क्या बताएगा ...

तुनक मिजाजी
by Lakshmi Narayan Panna
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तुनक मिजाजी एक मानसिक व्याधि है जो कुछ लोगों में hypertension(अति-तनाव) तथा कुछ लोगों में praudiness(घमण्ड) का कारण बन जाती है । सामान्यतः यह स्थिति स्वयं के जीवन के ...

कुछ अनुभव
by Shreyas Apoorv Narain
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कुछ अनुभव हैं मेरे।मैं यानी मैकश के।सोचा आप सभी से साझा करूँ।बाकी आप सभी की इच्छा!