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    Part 10  का अगला पन्ना खोलते ही मेरा दिल फिर से तेज़ धड़कने लगा।पता नहीं क्यों.....

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  • The Last Page of the Diary - 1

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  • हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 9

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  • बड़ी बेटी

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  • तुम मेरी आखिरी सांस हो - 21

    एपिसोड 21 अंधेरे का जालशहर की बेचैनीसुरंग से लौटने के बाद रोहन को लगा कि सब खत्म...

  • महाराणा कुंभा

    महाराणा कुंभकर्ण (कुंभा) (1433-1468 ईसवी)महाराणा लाखा के पश्चात् उनके पुत्र मोकल...

  • अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 20

    अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 20: अधूरी किताब का रहस्यकमरे की हवा अचानक भ...

  • हैरानी - Ateet ki Yaadein - 22

    Episode - 22 (खामोश अग्नि परीक्षा) गौरव दबे पांव रसोई में दाखिल हुआ । वह उसे परख...

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई By Dr. Suryapal Singh

गुरु जी डॉ0 सूर्यपाल सिंह से मैं दो वर्ष से सम्पर्क में हूँ। प्रारम्भ में गुरु जी के बोले शब्दों को लिखने के लिए ही आया था। धीरे-धीरे उनके साहित्य को भी पढ़ने में रुचि जगी। उनके बहु...

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म By Rishav raj

आज की कहानी कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि ये कोई रोमांटिक,फैंटिसी,या सस्पेंस कहानी नहीं है बल्कि ये कहानी है इतिहास के पन्नों में जिनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा है उन सम्राट अशोक...

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मैं दादा-दादी की लाड़ली By sapna

मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...

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गोमती, तुम बहती रहना By Prafulla Kumar Tripathi

अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...

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प्रेमानंद जी : राधा-कृष्ण लीला के रसिक साधक By mood Writer

प्रारम्भिक जीवन और आध्यात्मिक झुकाव

वृंदावन की पावन गंध, राधे-राधे की गूँज और कृष्ण नाम की रसधारा… इन्हीं भावों के बीच प्रेमानंद जी महाराज का जीवन आरंभ हुआ। उनका जन्म सामान्य पर...

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Narendra Modi Biography By mood Writer

किसी भी महान व्यक्ति के जीवन को समझने के लिए उसके बचपन और परिवेश को जानना बेहद आवश्यक है। क्योंकि वही उसकी सोच, आदतें और संघर्ष की नींव रखते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोद...

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समता के पथिक: भीमराव By mood Writer

गाँव के बाहर, महू छावनी के शांत किनारे पर एक छोटा सा घर था। 14 अप्रैल 1891 की भोर, जब सूरज की पहली किरणें पहाड़ियों के पार से झांक रही थीं, उस घर में रोने की मधुर आवाज़ गूँज उठी। य...

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मीरा बाई : कृष्ण भक्ति की अमर साधिका By mood Writer

भारत की भक्ति परम्परा में मीरा बाई का नाम अमर है। वे केवल एक कवयित्री नहीं थीं, बल्कि वे भक्ति, प्रेम और समर्पण का जीवित स्वरूप थीं। 16वीं शताब्दी का राजस्थानी समाज जहाँ वीरता और स...

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टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? By Ayesha

ऐतिहासिक उपन्यास आमतौर पर ऐतिहासिक तथ्यों और कल्पना का मिश्रण होते हैं। इसलिए उनसे सभी ऐतिहासिक घटनाओं का यथार्थ चित्रण करने की अपेक्षा नहीं की जाती। हालाँकि, ऐतिहासिक उपन्यासों के...

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श्री बप्पा रावल श्रृंखला - खण्ड-दो By The Bappa Rawal

कहानी शुरू होती है मेवाड़ के एक नगर नागदा से जहाँ भीलों के एक कबीले को घेरकर गुहिलवंशी शिवादित्य भीलों के सरदार भीलराज बलेऊ को द्वन्द की चुनौती देता है। वो बलेऊ को हराकर उसे मारने व...

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