सर्वश्रेष्ठ मानवीय विज्ञान कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

बिटिया के नाम पाती... - 3
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • 114

प्रिय पापा,स्नेह वंदनकहते हैं कि एक लड़की को खुद माँ बनने के बाद ही माँ की भावनाएं समझ में आती हैं और एक लड़का पिता बनने के बाद ही ...

बालश्रम
द्वारा Rajesh Kumar
  • 124

पूरे विश्व में बाल श्रम को रोकने के कड़े से कड़े कानून बनाये गए, बहुत से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाल श्रम के खिलाफ जनजागरण किया बहुत अच्छे परिणाम भी ...

द चोजन वन
द्वारा Dipti Methe
  • 170

                               द चोज़न वन...!               क़रीब सालभर बाद मैं अपने ...

प्रतिबिंब
द्वारा Dipti Methe
  • 164

                                          अर्थ 2.0             2099 ...

मानवता की जीवित लाश
द्वारा Apurva Raghuvansh
  • 108

हाय रे मानव! जातिक्या हो गया है तुझकोतू तो ऐसा नहीं था,फिर तुझको क्या हो गया है।आओ देखें मिलकर हम इस बार कब तक जीवित रहती है यह लाश,सुनने में ...

अरेंज मैरिज
द्वारा Kumar Gourav
  • 238

" बधाई हो आप बाप बनने वाले हैं । " सुनकर उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। उसने उत्साह से पूछा "कब? " डॉक्टर मुस्कुराई " बस चार महीने और इंतजार ...

और वो चला गया
द्वारा Pallavi Saxena
  • 476

एक और सितारा खो गया। अभी उम्र ही क्या थी उसकी अभी जीवन चलना शुरू ही हुआ था। अभी इतनी जल्दी कैसे हार मान सकता था वो...?  इतना भी ...

घर वापसी
द्वारा Narendra
  • 142

                                             घर-वापसी माँ कितनी देर बाद हम खाना खाएंगे, ...

इतना डर अच्छा नहीं।
द्वारा Rahul shrivastava
  • 202

? नमस्कार मैं राहुल श्रीवास्तव‌। आज मैं आपको एक कहानी सुनाने जा रहा हूं और उस कहानी के जरिए हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि आज कोरोनावायरस का ...

भारतीय गोरैया पक्षी
द्वारा Sadanand Paul
  • 546

 भारतीय गोरैया पक्षी (Indian Sparrow Birds) : डॉ. सदानंद पॉल हे फुतकी गोरैया ! गोरैया पक्षी (Sparrow Birds) की एक युगल जोड़ी सप्ताह में एक दिन कहीं से उड़ ...

हरामी
द्वारा Kumar Gourav
  • 456

हरामीसर्दी के मौसम में बस यात्रा में बदन सिकोड़े चुपचाप लघुशंका दबाए बैठा था । ड्राइवर ने ठेके पर दारू के लिए बस रोकी और मैं जल्दी से शंका ...

प्रवाह - छुआइन
द्वारा Yasho Vardhan Ojha
  • 353

                                 -:छुआइन:-"एगो रहे बुढ़िया, एगो ओकर बेटा अउर बेटा के मेहरारू। गांव के बहिरे ...

सोशल मीडिया प्रदूषण (सोशल साइटों से प्रभावित मानव जीवन)
द्वारा RAM NIVAS VERMA
  • 382

S.M. POLLUTION राइटर - राम निवास वर्मा विषय - सोशल मीडिया विचार, हिंदी आर्टिकल वातावरण में अचानक परिवर्तन होने से मनुष्य और जीव – जंतुओं का जीवन बहुत प्रभावित ...

लाश
द्वारा Devendra Prasad
  • 434

इस संसार में अगर को सत्य बात है तो वह है मृत्यु / एक न एक दिन सभी की मृत्यु आनी ही है चाहे कोई पशु हो पक्षी हो ...

अश्लीलता
द्वारा Rajesh Kumar
  • 937

 सामाजिक तौर पर अश्लील शब्द नकारात्मकता का सूचक है  अश्लील शब्द उस व्यक्ति के लिए प्रयोग होता है जिस का चरित्र काम वृत्ति प्रधान हो वह भी सामाजिक माहौल ...

हाँ... नपुंसक हूँ मैं
द्वारा राजीव तनेजा
  • 581

“हाँ...नपुंसक हूँ मैं”बचाओ...बचाओ...की आवाज़ सुन अचानक मैं नींद से हड़बड़ा कर उठ बैठा। देखा तो आस-पास कहीं कोई नहीं था। माथे पर उभर आई पसीने की बूँदें चुहचुहा कर ...

मानो न मानो
द्वारा Shobhana Shyam
  • 656

हम पढ़े लिखे लोग हर चीज को विज्ञान और तर्क के तराजू  पर तोले बिना किसी बात पर  विश्वास नहीं करते | यही हाल सुगंधा का था , वह ...

मरना भी एक कला है
द्वारा Satish Sardana Kumar
  • 794

 मरना भी एक कला है।भग्गू मरा तो पता चला।जैसे वह खामख्वाह जी रहा था वैसे ही एक दिन खामख्वाह मर गया।वरना मैंने इस तरह से आदमी मरते देखें हैं ...

क्यूं मुश्किल में जान फसाये है
द्वारा Ajay Kumar Awasthi
  • 486

     चमगादड़ एक ऐसा जीव है,जो रात के अंधेरे में उड़ता है,और जब सब जानवर सो रहे होते हैं, वो चुपके से उनके किसी नाजुक जगह को अपनी ...

नाकामयाब शादियों के बढ़ते मामले चिंतनीय
द्वारा Dr Monika Sharma
  • 471

नाकामयाब शादियों के बढ़ते मामले चिंतनीय कुछ समय पहले आई संयुक्त राष्ट्र की "प्रोग्रेस ऑफ द वर्ल्ड्स विमेन 2019-2020 ­ फेमिलीज इन ए चेंजिंग वर्ल्ड" रिपोर्ट के मुताबिक हमारे ...

चरित्र का चरित्रचित्रण
द्वारा S Sinha
  • 647

                                   आलेख - चरित्र का चरित्रचित्रण    किसी भी शब्दकोष में चरित्र के अनेकों अर्थ मिलेंगे -   विशेषता , स्वरूप , अक्षर , पात्र , कीर्ति , ख्याति ,लक्षण, ...

एक पाती दामाद के नाम
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • 789

                                   प्रिय क्षितिज,          असीम स्नेहाशीष         तुम अवश्य ...

बिटिया के नाम पाती... - 2
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • 571

प्यारी बिटियाढेर सारा प्यार      तुमने कहा था कि मेरा पहला पत्र तुम्हें बहुत अच्छा लगा और यह भी कि फोन पर चाहे कितनी भी देर बातें कर ...

सुंदरता क्या है
द्वारा S Sinha
  • 565

                                                          ...

बिटिया के नाम पाती... - 1
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • 745

प्यारी बिटियाढेर सारा प्यार        मेरा पत्र पाकर तुम आश्चर्यचकित होंगी कि अभी तो मिलकर गयीं हैं मम्मा और रोज तो मोबाइल पर बात होती है, फिर ...

दुष्कर्म के लिए बदला या इंसाफ
द्वारा Ajay Kumar Awasthi
  • 821

     मारियो फुजो का सुप्रसिद्ध उपन्यास गाडफादर पर हालीवुड में सन 72 में गाडफादर के नाम से फिल्म बनी, जो सुपर डुपर हिट हुई . इस फिल्म के बाद ...

सास भी कभी बहू थी
द्वारा Dr. Vandana Gupta
  • (14)
  • 6.5k

       आज सरू जितनी खुश है उतनी ही उदास भी... जितनी उत्साहित है उतनी ही हताश भी... जितनी अतीत में गोते लगा रही है उतनी ही भविष्य ...

लो फिर से चांडाल आ गया
द्वारा Ajay Amitabh Suman
  • 777

(१)  ये एक नकारात्मक व्यक्ति के बारे में एक नकारात्मक कविता है। चाहे ऑफिस हो या घर , हर जगह नकारात्मक प्रवृति के लोग मिल जाते है जो अपनी ...

वैज्ञानिक साहित्य
द्वारा Shailendra Chauhan
  • 786

शैलेन्द्र चौहान यथार्थ का चित्रण, वैज्ञानिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण पक्ष है और उसका वैचारिक प्रतिफलन हमें रिपोर्ताज, डायरी, लेख, राजनीतिक आलेख इत्यादि में देखने को मिलता है। हिन्दी ...

क्या है मतलब का मतलब?
द्वारा Ajay Amitabh Suman
  • 968

अजीब विरोधाभास है शब्दों में। अजीब द्वंद्व है शब्द भरोसे में, विश्वास में, आस्था में, घृणा में, प्रेम में। दरअसल शब्दों का कार्य है एक खास तरह के विचार को ...