सर्वश्रेष्ठ मानवीय विज्ञान कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

मानो न मानो
द्वारा Shobhana Shyam
  • 134

हम पढ़े लिखे लोग हर चीज को विज्ञान और तर्क के तराजू  पर तोले बिना किसी बात पर  विश्वास नहीं करते | यही हाल सुगंधा का था , वह ...

मरना भी एक कला है
द्वारा Satish Sardana Kumar
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 मरना भी एक कला है।भग्गू मरा तो पता चला।जैसे वह खामख्वाह जी रहा था वैसे ही एक दिन खामख्वाह मर गया।वरना मैंने इस तरह से आदमी मरते देखें हैं ...

क्यूं मुश्किल में जान फसाये है
द्वारा Ajay Kumar Awasthi Verified icon
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     चमगादड़ एक ऐसा जीव है,जो रात के अंधेरे में उड़ता है,और जब सब जानवर सो रहे होते हैं, वो चुपके से उनके किसी नाजुक जगह को अपनी ...

नाकामयाब शादियों के बढ़ते मामले चिंतनीय
द्वारा Dr Monika Sharma
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नाकामयाब शादियों के बढ़ते मामले चिंतनीय कुछ समय पहले आई संयुक्त राष्ट्र की "प्रोग्रेस ऑफ द वर्ल्ड्स विमेन 2019-2020 ­ फेमिलीज इन ए चेंजिंग वर्ल्ड" रिपोर्ट के मुताबिक हमारे ...

चरित्र का चरित्रचित्रण
द्वारा Shakuntala Sinha
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                                   आलेख - चरित्र का चरित्रचित्रण    किसी भी शब्दकोष में चरित्र के अनेकों अर्थ मिलेंगे -   विशेषता , स्वरूप , अक्षर , पात्र , कीर्ति , ख्याति ,लक्षण, ...

एक पाती दामाद के नाम
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • 462

                                   प्रिय क्षितिज,          असीम स्नेहाशीष         तुम अवश्य ...

बिटिया के नाम पाती... - 2
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
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प्यारी बिटियाढेर सारा प्यार      तुमने कहा था कि मेरा पहला पत्र तुम्हें बहुत अच्छा लगा और यह भी कि फोन पर चाहे कितनी भी देर बातें कर ...

सुंदरता क्या है
द्वारा Shakuntala Sinha
  • 242

                                                          ...

बिटिया के नाम पाती... - 1
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
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प्यारी बिटियाढेर सारा प्यार        मेरा पत्र पाकर तुम आश्चर्यचकित होंगी कि अभी तो मिलकर गयीं हैं मम्मा और रोज तो मोबाइल पर बात होती है, फिर ...

दुष्कर्म के लिए बदला या इंसाफ
द्वारा Ajay Kumar Awasthi Verified icon
  • 524

     मारियो फुजो का सुप्रसिद्ध उपन्यास गाडफादर पर हालीवुड में सन 72 में गाडफादर के नाम से फिल्म बनी, जो सुपर डुपर हिट हुई . इस फिल्म के बाद ...

सास भी कभी बहू थी
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
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  • 5.9k

       आज सरू जितनी खुश है उतनी ही उदास भी... जितनी उत्साहित है उतनी ही हताश भी... जितनी अतीत में गोते लगा रही है उतनी ही भविष्य ...

लो फिर से चांडाल आ गया
द्वारा Ajay Amitabh Suman Verified icon
  • 491

(१)  ये एक नकारात्मक व्यक्ति के बारे में एक नकारात्मक कविता है। चाहे ऑफिस हो या घर , हर जगह नकारात्मक प्रवृति के लोग मिल जाते है जो अपनी ...

वैज्ञानिक साहित्य
द्वारा Shailendra Chauhan
  • 428

शैलेन्द्र चौहान यथार्थ का चित्रण, वैज्ञानिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण पक्ष है और उसका वैचारिक प्रतिफलन हमें रिपोर्ताज, डायरी, लेख, राजनीतिक आलेख इत्यादि में देखने को मिलता है। हिन्दी ...

क्या है मतलब का मतलब?
द्वारा Ajay Amitabh Suman Verified icon
  • 588

अजीब विरोधाभास है शब्दों में। अजीब द्वंद्व है शब्द भरोसे में, विश्वास में, आस्था में, घृणा में, प्रेम में। दरअसल शब्दों का कार्य है एक खास तरह के विचार को ...

गलतफहमी
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • 504

        सर्दी की दोपहर सिया को हमेशा ही अनोखे अहसास कराती है, पहले सिर्फ गुदगुदाती थी, अब कभी कभी उदास कर देती है। आज सुबह से ...

गूंगा, बहरा, अंधा
द्वारा Manjeet Singh Gauhar
  • 632

ये कहानी हमारे राष्ट्रीय पिता श्री महात्मा गॉंधी जी की और उनके तीन बन्दरों से मिली शिक्षा की है। वे बन्दर जिनका जैसचर(बॉडी स्टाइल) हमें बहुत अच्छा ज्ञान सिखा-कर ...

अफवाह, भय और आक्रामकता
द्वारा Ajay Kumar Awasthi Verified icon
  • 368

*अफ़वाह,भय और आक्रामकता*   इन दिनों मॉब लिचिंग की चर्चा है भीड़ द्वारा हिंसा । यह बहुत भयावह है कि किसी अजनबी पर सन्देह हो जाय और उसे भीड़ के ...

इतने बूढ़े भी नहीं कि न समझे
द्वारा r k lal Verified icon
  • (25)
  • 590

इतने बूढ़े भी नहीं कि न समझे                                    आर 0 के 0 लाल   एक बेटे ने अपने पिता को निर्देश दिया कि उसके कुछ दोस्त आज उससे मिलने ...

प्रकृति के प्रति मानवी संघर्ष
द्वारा Alok Sharma
  • 478

पृथ्वी पर समस्त जीवों मे मानव प्राणी सबसे ज्ञानी और उत्तम प्रकृति का है तथा मनुष्य मानव सभ्यता के शुरूआत से ही अपने जीवन जीने से संबंधित साधनो को ...

सपने और ख़्वाब
द्वारा Manjeet Singh Gauhar
  • 293

' सपने 'इस संसार में ना जाने कितने एेसे काम हैं, जो आज तक शायद किसी भी व्यक्ति नही किए होगें।जैसे एक काम ये भी है कि कोई भी ...

टूटते सामाजिक रिश्ते
द्वारा Rajesh Kumar
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अगर इस सृष्टि की सबसे सुंदर रचना है तो वो है मनुष्य!मनुष्य का विवेकी होना, तथा आत्मज्ञान की ओर बढ़ना  ये कुछ गुण मनुष्य को बाकी जीवों से अलग ...

वो बेकसूर..
द्वारा Satyendra prajapati
  • (13)
  • 537

ये खुदा तेरे बनाए इंसान से, अब इंसानियत बहुत दूर है।अब इन्हें इंसानियत पर नहीं, हैवानियत पर गुरूर है।बचे हैं जो कुछ इंसा यहां, क्या उनका इंसान होना कुसूर ...

सिक्षा - Update education system
द्वारा Sachin Ahir
  • (16)
  • 762

बात ये ऐसी है थोड़ी गहराई से समझना,पहले परिस्थतिया जुदी थी अब जुदी है।थोड़ा नजरिया तो बदलो की,आज  जो रट रहे हो वो कल की रदी है ।।पुराने फूलों ...

कुचक्
द्वारा Vk Sinha
  • (17)
  • 1.2k

          ? कुचक्र ?  अजय श्रीवास्तव अपनी ही धुन के पक्के पर सरल स्वभाव के एक स्वाभिमानी इंसान थे। परिवार में दो बेटियां इंदू और ...

मां बाप की सेवा - अपने कर्मों का फल
द्वारा Surya Pratap Ball Ji
  • (29)
  • 4.5k

देहरादून नामक एक शहर की बस्ती में एक चंदा नामक व्यक्ति रहते थे  फुल्के दो लड़के थे एक का नाम उज्ज्वल था और दूसरे का नाम छविराम था कुछ ...

नशा करना एक गलत आदत है - नो स्मोकिंग
द्वारा Surya Pratap Ball Ji
  • (17)
  • 659

एक बड़े से शहर के पास एक गांव था उस गांव के चार परिवार एक गली मे रहते थे चारों परिवार के मुखिया जागेश्वर भोलानाथ शंभू नाथ और कन्हैया ...

एक कदम स्वच्छता की ओर
द्वारा Surya Pratap Ball Ji
  • (13)
  • 862

एक बड़े से शहर के पास थोड़ी दूर पर एक गांव बसता था उस गांव का नाम सुंदरनगर था उस गांव में लगभग दो हजार से ज्यादा आबादी वाले ...

क्या ये सच है
द्वारा RAKESH RATHOD
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  • 1.6k

अलौकिक शक्ति जिसे माननेसे लगभग सभी लोग इनकार करते है। लेकिन फिरभी ये सच है। हमारे ना माननेसे उसे जुटलाया नही जा सकता। क्योकि सच तो हमेशा सच ही ...

भारत : अतुल्य देश, अतुल्य इतिहास
द्वारा Abhishek Sharma
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  • 2.1k

भारत की शिक्षा प्रणाली हमे वो नही पढ़ाती जो पढ़ाना चाहिए। कुछ खास और अविश्वसनीय बातें। एक युद्ध जहाँ सिर्फ 40 सिक्खो ने 10 लाख मुगलो को नाकोचने चबाने पर ...

भाषायी विविधत का उत्सव
द्वारा kaushlendra prapanna
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हर अकादमिक सत्र के लिए आर्थिक सहायकता राशि का प्रावधान होता ही है। इसी के तहत विभिन्न गोष्ठियों और सम्मेलनों का आयोजन विभाग करते हैं। उन्हीं मदों में भाषोत्सव ...