सर्वश्रेष्ठ जासूसी कहानी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

आग और गीत - 9
द्वारा Ibne Safi
  • 114

(9) “तो क्या वह नर्तकी निकल गई होगी ? ” – जोली ने पूछा । “पता नहीं – चलो देखते है ।” – राजेश ने कहा । दोनों होटल ...

मौत का खेल - भाग-2
द्वारा Kumar Rahman
  • 618

अकेलापनथर्टी फर्स्ट नाइट का इंतजार तो सार्जेंट सलीम को भी था। 31 दिसंबर को दोपहर का खाना खाकर वह कमरा बंद करके सो गया। सोने से पहले उसने फोन ...

आग और गीत - 8
द्वारा Ibne Safi
  • 342

(8) “मेरा विचार यह है कि तुम यही बैठ जाओ, मैं माथुर को तुम्हारी सीट पर भेज देता हूं ।” मदन ने कहा । “प्रश्न यह है कि हम ...

आग और गीत - 7
द्वारा Ibne Safi
  • 381

(7) सबेरे जब उसकी मुलाकात मलखान से हुई तो वह समझ गया कि मलखान रात भर भय और परेशानी के कारण सो नहीं सका है क्योंकि उसकी आंखें लाल ...

आग और गीत - 6
द्वारा Ibne Safi
  • 504

(6) “बेन्टो को वह कमरा तुम लोगों ने दिया था ? ” – राजेश ने पूछा । “ख़ुद उसी ने इच्छा प्रकट की थी कि उसे मार्था वाला ही ...

मौत का खेल - भाग-1
द्वारा Kumar Rahman
  • 1.7k

जासूसी उपन्यास मौत का खेल कुमार रहमान कॉपी राइट एक्ट के तहत जासूसी उपन्यास ‘मौत का खेल’ के सभी सार्वाधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं। किसी भी तरह के ...

आग और गीत - 5
द्वारा Ibne Safi
  • 750

(5) टू सीटर पर बैठ कर इंजिन स्टार्ट किया और होटल कासीनो की ओर चल दिया । रात हो चली थी और होटल कासीनो में भरपूर चहलपहल थी । ...

आग और गीत - 4
द्वारा Ibne Safi
  • 849

(4) राजेश ने मुस्कुरा कर टेली फोन को आंख मरी फिर से खुजाते हुये माउथ पीस में कहा । “यार मलखान ! उस औरत के बाल बड़े सुंदर थे ...

आग और गीत - 3
द्वारा Ibne Safi
  • 891

(3) नायक के कुछ कहने के बजाय उसी चट्टान पर नजर डाली जिस पर आग का स्नान किया था । वह चट्टान पहले ही के समान स्वच्छ  नजर आ ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 25 - अंतिम भाग
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 852

अध्याय 25 कार आधी रात को चेन्नई के सुनसान सड़कों पर दौड़ रही थी। "कहां जा रहे हैं बॉस?" "डॉ अमरदीप को, मनुष्य संस्था के दूसरे चार लोगों को ...

Future Imagination Stories - 2 - Mudder cases
द्वारा Artist Vishal Saxena
  • 846

Twitter Future Imagination Stories मुझे यकीन नहीं है कि दो बेस्टसेलर के बाद सुप्रतिम अपनी तीसरी किताब लिखते समय कितने दबाव में थे, लेकिन मैं अचानक इस किताब की प्रस्तावना के ...

आग और गीत - 2
द्वारा Ibne Safi
  • 939

(2) लगभग पंद्रह मिनिट बाद नायक उस मैदान में आ गया जिसको ऊपर से देखा था और फिर जब उसने सर उठा कर ऊपर की ओर देखा तो कांप ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 24
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 807

अध्याय 24 मेटरनिटी वार्ड के पास विवेक और विष्णु के जाते समय.... ट्रॉली को दखेलते हुए एक नर्स दिखाई दी। "स्टाफ नर्स पुष्पम कहां है?" "रेस्ट रूम में सो ...

आग और गीत - 1
द्वारा Ibne Safi
  • 1.5k

लेखक : इब्ने सफ़ी अनुवादक : प्रेम प्रकाश 1 तर्रवान की पहाड़ियां कई देशों की सीमाओं का निर्धारण करती थी । यह मख्लाकार पहाड़ियां अपने अंचल में एक ऐसी ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 23
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 759

अध्याय 23 मदुरई। विवेक सेलफोन पर चिल्लाया। "विष्णु! तुम क्या बोल रहे हो?" "हमने जो सोचा था..... वह हो गया बॉस! डॉक्टर अमरदीप को किडनैप कर लिया गया। कल ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 22
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 966

अध्याय 22 टेलीफोन पर किसी से बात कर रही स्टाफ नर्स पुष्पम "एक्सक्यूज मी!" एक पुरुष के आवाज अपने पीछे आते हुए सुनकर घूमी। "यस..." "आई एम विष्णु.... पुलिस ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 21
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 987

अध्याय 21 मदुरई पुलिस कमिश्नर का ऑफिस। रात के 9:15 बजे। विवेक और असिस्टेंट कमिश्नर अरगरपेरूमाल दोनों, कमिश्नर शिवमणि के सामने बैठे हुए थे। कमिश्नर पूछ रहे थे। "मदुरई ...

जासूस विवान और खंडहर का रहस्य - 1
द्वारा Vijender Godara
  • 2k

  आधी रात का समय है । शहर की भीड़ भाड़ वाले हाइवे पर सरपट दौड़ती गाड़ियां और दूर दूर तक दिखाई देती बड़ी बड़ी इमारतें । शहर की ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 20
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 696

अध्याय 20 डॉ. अमरदीप के सामने बैठी.... अधेड़ उम्र की महिला एक तेज़ आवाज में बोल रही थी। रात 9:00 बज रहे थे। "वेरी सॉरी टू से दिस... आपके ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 18
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 900

अध्याय 18 टीवी में समाचार आ रहे थे। 'डॉक्टर का ऑपरेशन असफल होने से.... पूरे परिवार ने सायनाइड खाकर आत्महत्या कर लिया। स्क्रॉल साइप्रो नामक बीमारी के जहरीले वायरस ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 17
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 945

अध्याय 17 विवेक जयहिंदपुरम एरिया में मदुरई वेंदन के बंगले में उनके कमरे में थे। उनके के पास में सेंथिल, कुमारन थे। सेंथिल बोल रहे थे। "सर! अप्पा के ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 16
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 963

अध्याय 16 डॉ. अमरदीप ऑपरेशन के कमरे से एक दीर्घ श्वास छोड़ कर थके हुए बाहर आए। पोरको के पिता तिरुचिरंमंपलम, अपनी पत्नी और तीनों लड़कियों के साथ डॉक्टर ...

फाँसी के बाद - 20 - अंतिम भाग
द्वारा Ibne Safi
  • (22)
  • 2.1k

(20) नौशेर मौन खड़ा रहा और रनधा उसकी ओर देखता रहा । फिर अचानक उसकी नज़रें उपर वाले रौशनदान की ओर उठ गईं । वह मुस्कुरा पड़ा । फिर ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 15
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 1k

अध्याय 15 विष्णु और रूपला को मुन्नार में ही छोड़कर... सिर्फ विवेक अकेला मदुरई जा पहुंचा.... राजकीय चिकित्सालय मर्चरी में असिस्टेंट कमिश्नर अरगरपेरुमालै से मिले। हॉस्पिटल के अंदर और ...

फाँसी के बाद - 19
द्वारा Ibne Safi
  • 1.7k

(19) वापसी पर ब्लैकी को हमीद ने वहीँ पाया जहां छोड़ गया था । उसके पूछने पर ब्लैकी ने कहा । “इस इमारत के एक कमरे में इस समय ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 14
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 945

अध्याय 14 डॉ. अमरदीप फ़िक्र में डूबे हुए.... अपने सामने खड़े पोरको की तीनों बहनों पर एक सामान्य निगाह डाल कर बात करना शुरू किया। "यह देखिए ! तुम्हारे ...

फाँसी के बाद - 18
द्वारा Ibne Safi
  • 1.5k

(18) “मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि कोई शक्ति रनधा के पीछे थी जो रनधा के फांसी पा जाने के बाद रनधा ने नाम से लाभ उठा रही ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 13
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 939

अध्याय 13 सिल्वरलैन स्टेट बंगला एक छोटे समुद्र जैसा फैला हुआ था। ए.बी.सी.डी. के कार्यक्रम खत्म करके दूसरे दिन | सिम्हा ने ऊपर अपने पिताजी के कमरे को दिखाया। ...

फाँसी के बाद - 17
द्वारा Ibne Safi
  • 1.7k

(17) “रात आप रनधा की कैद में थे । अगर वह आपको मार डालना चाहता रहा होता तो रात ही मार डाले होता – इस प्रकार आपको मारने के ...

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 12
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 1.1k

अध्याय 12 डॉ. अमरदीप के हाथ में जो 'मेडिकल बुलेटिन' था पढ़कर खत्म करते ही स्टाफ नर्स पुष्पम अंदर आई। उन्होंने गर्दन उठा कर उसे देखा। पुष्पम बोली "डॉक्टर ...