सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक कथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

राम- इतिहास के झरोखे से
द्वारा Alok Mishra
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         मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हमारी आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं । वे नर के रुप में नारायण है जो इस धरती पर पापों ...

मुंह खुला का खुला रह गया
द्वारा r k lal
  • (16)
  • 657

मुंह खुला का खुला रह गयाआर 0 के0 लालदीप बहुत ही संस्कारी लड़का था। उसके पापा अदावल उसकी तारीफ करते नहीं थकते थे। मन ही मन गुनगुनाते रहते, “मेरा ...

उजाले की ओर - 19
द्वारा Pranava Bharti
  • 690

  ------------------------ आ,स्नेही एवं प्रिय मित्रो सादर ,स्नेह नमस्कार                लीजिए आ गया एक और नया दिन  ...पता ही नहीं चलता कब सात दिन ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 5 - अंतिम भाग
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 600

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा5 आस्था के चरण से मथुरा प्रसाद शर्मा जी का यह वृतान्त पढ़कर हरवार मुझे लगता है-मैं अपने इस शरीर से पृथक हूँ। इसमें मैं उसी ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 4
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 396

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 4 शून्य जी द्वारा लिखित बाबा के इस चरित्र को पढकर द्रश्य जगत एवं अदृश्य जगत के बारे में बात मेरे मन में आने लगी। ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 3
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 393

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 3 बाबा कृषिकार्य में संलग्न रहे हों अथवा सेना में सेवा कररहे हों,अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहे तथा दृढतापूर्वक उसको निवाहते रहे। अपने ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 2
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 402

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 2 मुझे उस दिन की बात रह-रहकर याद आती है जिस दिन बाबा परमानान्द सिन्धी की दुकान पर बैठे थे। मैं अपने गाँव सालवई से ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 1
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 747

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा   रामगोपाल भावुक   सम्पर्क- कमलेश्वर कोलोनी (डबरा) भवभूतिनगर जि0 ग्वालियर ;म0 प्र0 475110 मो0 9425715707, , 8770554097           मेरे परम ...

शताब्दी छात्रावास की यारी
द्वारा Neha Verma
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश पाकर मैं बहुत खुश थी अब बस तमन्ना थी कि हॉस्टल मिल जाए भगवान की कृपा से हमें हॉस्टल भी मिल गया हॉस्टल में एडमिशन ...

रामचरित मानस-तुलसीदास की जन्म- स्थली राजापुर गौडा क्यों
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 762

6 गोस्वामी तुलसीदास की जन्म- स्थली राजापुर गौडा ही क्यों?   रामगोपाल भावुक   कथाकार ए असफल और मैं दोनों ही मेरी कृति रत्नावली के संशोधित संसकरण के विमोचन ...

रामचरितमानस-रत्नावली का मानस
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 417

4 रत्नावली का मानस   रामगोपाल भावुक अस्थि चर्म मय देह मम, तामे ऐसी प्रीति। जो होती श्रीराम में, होत न तो भवभीति।। कर गह लाये नाथ तुम, बाजन ...

रामचरितमानस - मानस में व्यग्य
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 489

3 रामचरितमानस में व्यग्य       पाण्डव पत्नी द्रोपदी ने व्यंग्य बाण चलाकर अन्धे के अन्धे होते हैं, महाभारत के महाविनाशकारी युद्ध को जन्म दिया। मातेश्वरी रत्नावली के ...

रामचरितमानस-मानस के मुहावरे
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 558

रामचरितमानस-मानस के मुहावरे               2 मानस के मुहावरे       मुहावरे बात को बजनदार बनाकर श्रोता के हृदय को उदीप्त करते हैं। ...

रामचरितमानस-हिन्दी के विस्तार में मानस का योगदान
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 417

रामचरितमानस             1 हिन्दी के विस्तार में मानस का योगदान         निज भाषा उन्नति ऊहे सब उन्नति को मूल। बिन निज ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 8
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 594

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 8            दिनांक 7.11.12 को मैं पुनः चित्रकूट से लौट रहा था। महाराज जी सांय सात बजे फोन मिला, तिवाडी जी ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 7
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 354

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 7                     आप जब गुरुनिकेतन पहुँचेंगे, आमजन के लिये निर्मित सत्संग भवन के मुख्य द्वार के समक्ष साधना के सोपान लिखे ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 6
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 498

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 6                      एक यात्रा वृतांत              कोल्हापुर दक्षिण काशी कहलाती है। यहाँ के महालक्ष्मी मन्दिर के श्रीयंत्र की महिमा प्रसिद्ध है।               ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 5
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 426

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 5                        दिनांक 03-02-09 को महाराज जी ने यह प्रसंग सुनाया। अहमदाबाद में मेरे बड़े भ्राता जनार्दन स्वामी जी कपड़े की ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 4
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 420

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 4     महाराजजी कह रहे थे-मैं अनेकों बार वुटवल गया हूँ, यह नेपाल में है। उस कस्वे के तीन ओर पहाड़ियाँ ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 3
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 360

 परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 3     महाराजजी बोले- एक दिन मैं डॉक्टर के0 के0 शर्मा के यहाँ पहुँचा ही था कि अचानक मुझे दोनों आँखों ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 2
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 483

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 2 param pujy  swami  hariom tirth ji maharaj    स्वामी मामा                                               डबरा            स्वामीजी अकेले कवि ही नहीं वल्कि श्रेष्ठ ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 1
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 765

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 1   एक अजनबी जो अपना सा लगा                                                  परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज        .                                       ...

शिव क्या है
द्वारा Alok Mishra
  • (13)
  • 843

शिव  क्या है ?                                            निराकारमोकडंरमूलं तुरीयं       ...

माता का चमत्कार
द्वारा आशा झा Sakhi
  • 765

सृष्टि का आधार विश्वास है ,यदि आपको जगत जननी माँ  पर अटूट विश्वास है  तो वो आपका विश्वास कभी टूटने नहीं देती।  माँ  ,एक ऐसा शब्द है जो सृजनकर्ता ...

बुघ्घ वचन - ओशो वाणी
द्वारा Sonu dholiya
  • 1.6k

प्रवचनमाला-- मरौ है जोगी मरौ प्रवचन नं---1भाग----8...बुद्ध के पास एक आदमी आया। उसने कहा. जो नहीं कहा जा सकता, वही सुनने आया हूं। बुद्ध ने आंखें बंद कर लीं। बुद्ध ...

अजब प्यार की गजब कहानी (भाग-1)
द्वारा Kalpana Sahoo
  • 1.4k

       युग बदलगया है, पर आज भी लोग अन्धबिश्वास को मानते हैं । और कभी-कभी ये साबित भी हुआ है की जो काम scince नहीं कर पाती ...

सच्ची भक्ति
द्वारा Anil jaiswal
  • (13)
  • 1.2k

*गणेश चतुर्थी पर विशेषसिंधु देश की पल्ली नगरी में कल्याण नामक धनी व्यक्ति रहते थे। उनकी पत्नी थी इंदुमती। उनके विवाह को बहुत वर्ष बीत गए पर संतान का ...

और आत्माराम मिल गए......
द्वारा Meenakshi Dikshit
  • 1.2k

आप संज्ञा शून्य से हो जाते हैं, जब कोई अपना बहुत दूर चला जाता है, अनंत की यात्रा पर,जहाँ से वो इस रूप में कभी वापस नहीं आएगा. आप ...

पंचकन्या - भाग - 3
द्वारा saurabh dixit manas
  • (12)
  • 2.3k

#अहिल्या_तारा_द्रौपदी_कुन्ती_और_मंदोदरी,#पंचकन्या_महारत्ने_महापातक_नाशनम......अर्थात नित्यप्रति पंचकन्याओं का नाम स्मरण करने से महापाप का भी नाश हो जाता है।#अब_आगे_पढिये...... गौतम ऋषि के श्राप से अहिल्या पत्थर की शिला बनकर भगवान श्रीराम का आतिथ्य ...

संस्मरण..
द्वारा Manoj Sharma
  • 960

संस्मरण.. प्रश्न : क्या सच में उस दिन मैंने भगवान पे उजाला कर दिया था ?? हमारे शहर ग्वालियर और गुना के बीच एक जिला और पड़ता है, जिसे ...