सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक कथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

गोपी गीत । - 2
द्वारा NSR...
  • 82

                     ।। श्री राधे ।।हमारे प्यारे स्वामी! तुम्हारे चरण , कमल से भी सुकोमल ओर सुन्दर है । जब तुम ...

भूत की पूजा (भाग - दो)
द्वारा Krishna Chaturvedi
  • 216

दो"बेटा दो दिन बाद तुम्हारा काउंसिलिंग है,तुमने बोला था देल्ही जाना है, कब निकलोगे।" कन्हैया की माँ बोली जब वो घर लौट कर आया। "हाँ माँ, टिकट बना लिया है, ...

श्रीमद्भगतगीता महात्त्म्य सहित (अध्याय-७)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • 234

जय श्रीकृष्ण बन्धुजन!भगवान श्रीकृष्ण के अशीम अनुकम्पा से आज श्री गीताजी के सातवें अध्याय को लेकर उपस्थित हूँ। आप सभी बन्धुजन इस अध्याय के अमृतमय शब्दो को पढ़कर अपने ...

श्रीमद्भगवतगीता महात्त्म्य सहित (अध्याय-६)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • 402

जय श्रीकृष्ण बंधुजन!आज फिर श्रीगीताजी के कृपा से श्रीगीताजी के छठे अध्याय और उसके महात्म्य के साथ आपके प्यार के अभिलाषा के लिए उपस्थित हु। भगवान श्रीकृष्ण जी आप ...

कहाँ है मन?
द्वारा Ajay Amitabh Suman
  • 174

चीन का सम्राट अनगिनत जीत हासिल करके भी बहुत परेशान था। मन मे उठते हुए विचार उसके चितवन मे अनगिनत तरंगे पैदा कर रहे थे। उसकी आत्मा भीतर से ...

गोपी गीत । - 1
द्वारा NSR...
  • 228

                           *  गोपियाँ बोली *गोपियाँ विराहावेश में गाने लगीं…प्यारे ! तुम्हरे जन्म के कारण वैकुंड आदि लोकों ...

पंचकन्या - भाग 1 - मानस
द्वारा saurabh dixit manas
  • 400

#पंचकन्या #भाग_1........#मानस यूँ तो सनातन धर्म में नारी सर्वत्र पूज्यनीय मानी जाती है। कहा जाता है कि यदि किसी यज्ञ को जोड़े में न किया जाय तो वो पूर्ण ...

श्रीमद्भगवतगीता महात्म्य सहित (अध्याय-५)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • 464

जय श्री कृष्ण बंधुजन!भगवान श्रीकृष्ण जी की अशीम अनुकामप्पा से आज मैं श्रीगीताजिनके पांचवे अध्याय तथा उसके महातत्म्य के साथ उपस्थित हु। आप सभी बंधुजन श्री गीता जी के ...

गोपी गीत । (प्रस्तावना)
द्वारा NSR...
  • 342

शरत्ऋतु की पृर्णिमा थी , रात्रि का समय था । भगवान श्यामसुन्दर वन में पधारे । मुरलीधर ने बंशी की तान छेडी । बंशी की ध्वनि कान में पड़ते ...

धन धन बाबा दीप सिंह जी
द्वारा Deepti Khanna
  • 216

धन धन बाबा डीप सिंह ,मेरे दुखहर्ता मेरे सुख कर्ता lजहां चारों ओर दुखों ने मुझे घेरा , तुमने आपके हाथ मेरा पकड़ा , पिता समान सही रास्ता दिखाया ...

श्रीमद्भगवतगीता महात्मय सहित (अध्याय- ४)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • 644

 जय श्रीकृष्ण बंधुजन!भगवान श्रीकृष्ण की अपार कृपा से मैं आप सभी बंधुजनों के लिए श्रीमद्भगतगीता जी के चौथे अध्याय को लेकर उपस्थित हूँ। आप सभी बंधु जन इस अध्याय ...

नए व पुराने विचारों में गाँधी (lekh )
द्वारा Pranava Bharti
  • 232

 नए व पुराने विचारों में  गाँधी  ---------------------------  कितनी-कितनी बातें --कितनी कितनी अफवाहें ,कितनी नाराज़गी और न जाने कितने लोगों की सहमति -असहमति जुड़ी है गाँधी के नाम से ! ...

श्री मद्भागवतगीता महात्म्य सहित (अध्याय-३)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • (14)
  • 876

   जय श्रीकृष्ण बंधु!   आज फिर एकबार आपसभी बंधुजनों के सम्मुख आप सभी स्वजनों का अन्तःकरण से प्रेम पाने के लिए उपस्थित हुआ हूं । जैसे आप सभी बंधुजन मेरे ...

भैरवी साधना एक परिचय
द्वारा विजित शर्मा अघोरा
  • (14)
  • 2.3k

स्त्री केवल वासनापूर्ति का एक माध्यम ही नहीं, वरन शक्ति का उदगम भी होती है और यह क्रिया केवल सदगुरुदेव ही अपने निर्देशन में संपन्न करा सकते हैं। तंत्र ...

श्री मद्भगवतगीता माहात्म्य सहित (अध्याय-२)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • (24)
  • 2.9k

     जय श्रीकृष्ण बंधु!      आज फिर आप सभी बंधु जनों का सस्नेह पाने की अभिलाषा लेकर आप सभी के सम्मुख उपस्थित हूँ 'श्रीगीताजी का दुसरा अध्याय और उसके ...

श्री मद्भगवतगीता माहात्म्य सहित (अध्याय-१)
द्वारा Durgesh Tiwari
  • (39)
  • 2.1k

जय श्रीकृष्ण बंधु-बांधवोंबहुत समय उपरांत फिर एक लेख लेके आपके सम्मुख उपस्थित हूँ। आप सब के स्नेह की अभिलाषा है।बंधुओ मैन श्री मद्भगवतगीता जी को  पढ़ा और मुझे ह्रदय ...

रणछोड़
द्वारा Ajay Amitabh Suman
  • (14)
  • 680

कोरोना में सारा देश बंद हो चूका है । वो तो भला हो फेसबुक और व्हात्त्सप्प का , लोगों का समय बड़े आराम से बीतता जा रहा है । ...

नृसिंह भगवान प्रकृति और पुरुष
द्वारा Ajay Kumar Awasthi
  • 614

भगवान नृसिंह मानव और पशु का रूप हैं इसे समझना होगा वस्तुतः यह प्रकृति और प्रकृति के स्वामी का रूप है । जब इस धरा पर मनुष्य असुर हो ...

ईश्वरत्व का अहंकार - 5 - अंतिम भाग
द्वारा Mahesh Dewedy
  • 537

ईश्वरत्व का अहंकार भाग-5 अलेक को अपने नवीन दायित्व के लिये पर्याप्त अनुभव नहीं था यद्यपि वह साम, दाम, दण्ड और भेद सभी कलाओं में निपुण था। उसे किसी ...

ईश्वरत्व का अहंकार - 4
द्वारा Mahesh Dewedy
  • 468

ईश्वरत्व का अहंकार भाग-4 फिर कुछ दिनों तक हैमिल्टन को एक आरामदेह निवास में अकेले छोड़ दिया गया। एक दिन पुनः अलेक के कमरे में विशेष स्पीकर से क्वाट्रोची ...

ईश्वरत्व का अहंकार - 3
द्वारा Mahesh Dewedy
  • 445

ईश्वरत्व का अहंकार भाग-3 क्लोसियस के लापता हो जाने से अन्यों के विपरीत अलेक के मन में आह्लाद उत्पन्न हुआ। यद्यपि अलेक अन्यों से कमउम्र, कमजो़र और अंतर्मुरवी बालक ...

आत्मा की आहत
द्वारा swapna reddy
  • 689

एक गांव में एक लड़की थी जिसका नाम था दक्षा |जो एक बेहद खुबसूरत लड़की थी |उसका गांव का नाम था येशानपुर |वो अपनी पढ़ाईपूरी करके जर्नलिस्म का काम ...

ईश्वरत्व का अहंकार - 2
द्वारा Mahesh Dewedy
  • 460

ईश्वरत्व का अहंकार भाग-2 अलेक को एक अपारदर्शी शीशों वाली कार में एक भव्य भवन मे लाया गया था और पहुंचते ही हिदायत कर दी गई थी कि बिना ...

ईश्वरत्व का अहंकार - 1
द्वारा Mahesh Dewedy
  • 516

ईश्वरत्व का अहंकार भाग-1 मानव में ईश्वरीय आस्था बहुत कुछ ज्ञान-सापेक्ष होती है- जहां मानवीय ज्ञान की सीमा रेखा आ जाती है और अज्ञान के अंधकार का साम्राज्य प्रारम्भ ...

ईश अनुभव
द्वारा Ashish Garg Raisahab
  • 526

 मैं हर साल 31 दिसंबर को अपने मित्रों ले साथ बालाजी मंदिर सालासर (राजस्थान) ओर बाबा श्याम मन्दिर खाटूश्याम (राजस्थान) जाता हूँ , 2008 से 2018 तक मैं अनवरत ...

वृंदावन के गलियारों से कृष्ण तुम कहाँ गुम हो गए?
द्वारा VANITA BARDE
  • (11)
  • 758

वृंदावन के गलियारों से कृष्ण तुम कहाँ गुम हो गए? मन कुछ बहुत ही विचलित था। ईष्वर जो मात्र अनुभूति के स्तर पर ही प्राप्त हो सकता है जैसे ...

छोटे से गाँव से निकलकर हैकर बनने तक का सफर : मृत्युंजय सिंह
द्वारा Mrityunjay Singh
  • 981

मृत्युंजय सिंह फाउंडर एंड सीईओ VGMSecurity मृत्युंजय सिंह (जन्म 26 जनवरी 1997) एक कंप्यूटर सुरक्षा सलाहकार और लेखक हैं। 21 वीं सदी के उत्तरार्ध में, उन्हें विभिन्न कंप्यूटर और ...

इज्जत
द्वारा Ravi Soni
  • (48)
  • 2.6k

                                 इज्जत        ( रविवार की एक रात में रवि और सागर ...

स्कूल,टीचर किताब से आगे
द्वारा Ajay Kumar Awasthi
  • 914

आज सुबह से चारों ओर कोहरा छाया हुआ था मंदिर के सामने फैले बड़े से उद्यान के एक शेड के नीचे वे शांत बैठे कुछ सोच रहे थे तभी ...

ज्यादा जोगी मठ उजाड़
द्वारा Bhupendra Dongriyal
  • (24)
  • 5.1k

          "ज्यादा जोगी मठ उजाड़"                             (1)      एक राजा था । एक दिन उसे यह ज्ञात ...