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बॉर्डर पर भूत
द्वारा Mohit Trendster

कहा जाता है कि अगर कर्म अच्छे हों और नियत साफ़ रहे, तो इंसान खुश रहता है। यह बात बताते समय लोग भूल जाते हैं कि इंसान अपने कर्म ...

तांत्रिक मसाननाथ - 16
द्वारा Rahul Haldhar

       यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 6 )मसाननाथ बोले - " साध्वी मां अभी जिंदा हैं लेकिन उन्हें खोजने का समय हमारे पास नहीं है । जिस ...

कर्ण पिशाचिनी - 9
द्वारा Rahul Haldhar
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                   भाग - 4गुरु भैरवानंद ने हर्षराय को विस्तार से साधना प्रक्रियासमझा दिया । एक विशेष मंत्र भी दिया जिसका जप ...

मोतीमहल--(अन्तिम भाग)
द्वारा Saroj Verma
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कुछ ही देर में कमलनयनी ने खाना तैयार कर लिया और रणजीत से बोली___ चलो खाना तैयार है!! जी नहीं! मैं अकेले थोड़े ही खाऊँगा,तुम भी खाओ तभी अच्छा ...

तांत्रिक मसाननाथ - 15
द्वारा Rahul Haldhar
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            यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 5 )कुछ देर बाद वह बूढ़ा आदमी अपने हाथों में एक कटोरी लाई और एक गिलास पानी लेकर ...

मोतीमहल---भाग(४)
द्वारा Saroj Verma
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गजेन्द्र मना मनाकर हार गया लेकिन कमलनयनी ने अपनी जिद नहीं छोड़ी,वो समाज मे माँगभर कर गजेन्द्र की दुल्हन का दर्जा पाना चाहती थी लेकिन इस बात के लिए,गजेन्द्र ...

तांत्रिक मसाननाथ - 14
द्वारा Rahul Haldhar
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          यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 4 )उस दिन दोपहर को मसाननाथ स्वयं थाने में उपस्थित हुए । नरेंद्र उस समय कुर्सी पर बैठा हुआ ...

प्रेत का घर
द्वारा Satish Thakur
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अब से लगभग तीस साल पहले सन 1990 की बात है मध्यप्रदेश के एक छोटे से कस्वे में जहाँ नर्मदा के पानी का कल-कल करता मधुर संगीत अनवरत अपनी ...

मोतीमहल--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma
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बहुत सालों पहले एक जमींदार हुआ करते थे जिनका नाम गजेन्द्रप्रताप सिंह था,कई गाँवों की जमींदारी उनके हाथ में थीं,वो बहुत ही अय्याश किस्म के इंसान थें,उनकी पत्नी बहुत ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 6 - अंतिम भाग
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
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"कौन हो तुम? मुझे यहाँ क्यों लाया गया है? मेरे मित्र कहा है?" एमा घबराते हुए प्रश्न करने लगी जिसे सुनकर वह बूढी औरत हसने लगी। "मुझे तुम्हारा जिस्म ...

मोतीमहल--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma
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सत्यसुन्दर पायलों की छुनछुन की आवाज़ से फिर से सम्मोहित हो गया,वो बिस्तर से उठा,दरवाज़ा खोला और बाहर निकल गया,उसे फिर से वो सफ़ेद लिबास वाली लड़की दिखी और ...

तांत्रिक मसाननाथ - 13
द्वारा Rahul Haldhar
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            यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 3 )अगले दिन सुबह 10 बजे जब नरेंद्र को अपने काम से फुर्सत मिला तो वह मसाननाथ के ...

मोतीमहल--भाग(१)
द्वारा Saroj Verma
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आधी रात का समय .... सुनसान स्टेशन,खाली प्लेटफार्म, अमावस्या की रात,चारों ओर केवल अँधेरा ही अँधेरा, आ रही तो बस केवल आवारा कुत्तों के भौंकने की आवाज,प्लेटफार्म पर कहीं ...

तांत्रिक मसाननाथ - 12
द्वारा Rahul Haldhar
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            यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 2 )रामा नाम का एक ग्वाला उस दिन नदी के किनारे से अपने घर लौट रहा था । ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 5
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
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"क्या एमा तुम भी! कितना मजा आ रहा है यहाँ। अब डराना बंध करो। और जाओ पहले नहा लो। देखो जरा खुदको। कितनी मैली हो चुकी हो। जैसे कीचड़ ...

तांत्रिक मसाननाथ - 11
द्वारा Rahul Haldhar
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                यमहि मन्दिर का अभिशाप ( 1 )राजदीप और उसके दो साथी जब अजय नदी के पास पहुंचे उस समय दोपहर हो ...

कर्ण पिशाचिनी - 8
द्वारा Rahul Haldhar
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                       भाग - 3बिस्तर पर बैठे पुरानी बातों को सोचते हुए विवेक को झपकी आने लगी थी । अचानक ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 4
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
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"क्या हुआ, एमा? तुम्हें रुकना नहीं चाहिए। ये जगह ठीक नहीं है। हमें जल्दी से इस जंगल को पार करना होगा। जल्दी चलो।" ओलिवर ने कहा। "लेकिन, वो नहर--" ...

तांत्रिक मसाननाथ - 10
द्वारा Rahul Haldhar
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         तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( अंतिम )लगभग 10 मिनट तैरने के बाद वो सभी उस पत्थर पर पहुंचे । तैरते हुए थक जाने के बावजूद ...

कर्ण पिशाचिनी - 7
द्वारा Rahul Haldhar
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                    भाग - 2" भाई और कितनी देर तक सोएगा । इससे पहले मैंने किसी को भी ऐसा नहीं देखा ...

तांत्रिक मसाननाथ - 9
द्वारा Rahul Haldhar
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       तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 9 )दोपहर को यशपाल स्वयं ही गांव में जाकर लालू नाम मल्लाह को लेकर आए । नदी में करना क्या है ...

कर्ण पिशाचिनी - 6
द्वारा Rahul Haldhar
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        - : कर्ण पिशाचिनी की एक दूसरी स्टोरी :-                      भाग - 1कुछ दिन पहले ही पूर्णिमा खत्म ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 3
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
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चारों ओर अँधेरा, घना जंगल, जानवरों की आवाजें, मच्छर और डरावनी लहरों से एमा, इसाबेला, जेम्स और लुकास डरते हुए ओलिवर के पीछे पीछे बिना कुछ बोले चल रहे ...

तांत्रिक मसाननाथ - 8
द्वारा Rahul Haldhar
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         तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 8 )रात 1 बजे थाने के सामने जीप आकर रुकी । सबसे पहले यशपाल फिर मसाननाथ उसके बाद नरेंद्र गाड़ी ...

कर्ण पिशाचिनी - 5
द्वारा Rahul Haldhar
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                         भाग - अंतिमदेखते ही देखते शनिवार आ गया । उधर शुक्रवार से ही गोपालेश्वर अपने काम में ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 2
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
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अगली सुबह तय किये हुए वक्त पर सभी मित्र रेलवे स्टेशन पर मिलते है। ओलिवर सबसे पहले आ चूका है और उसने सभी की टिकिट ले रखी है। सभी ...

तांत्रिक मसाननाथ - 7
द्वारा Rahul Haldhar
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          तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 7 )अगले दिन सुबह के 10 बजे इस बारे में बातचीत शुरू हुई । चाय के कप को हाथ ...

कर्ण पिशाचिनी - 4
द्वारा Rahul Haldhar
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                        भाग - 4 अगले दिन शाम को यज्ञ - हवन शुरु हुआ । दीपिका एक कमरे के अंदर ...

तांत्रिक मसाननाथ - 6
द्वारा Rahul Haldhar
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        तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 6 ) 20 साल पहले की इस घटना को सोचते हुए नरेंद्र कहीं खो गया था । उसे होश आया मसाननाथ ...

कर्ण पिशाचिनी - 3
द्वारा Rahul Haldhar
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                          भाग - 3गोपालेश्वर की बात बाद में करते हैं । पहले एक और कहानी को पढ़ ...