डरावनी कहानी कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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  • पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 2

    उस रात के बाद सब कुछ बदल गया था…सिद्धिका अपने ठिकाने पर लौट चुकी थी…लेकिन इस बार...

  • काली रात - 1

    नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणे...

परेतनी की शादी - 2 By Sapna Badh

 मैं खाने के मामले में बड़ा ही शातीर था। जब मै खाना खाने बैठता था तो चार पांच लोगों का खाना मै अकेले खा जाता था।इसलिए आमतौर पर लोग मुझे अपने घर खाना खाने पर बुलाने से कतराते थे। मा...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 18 By kajal jha

एपिसोड 20: अंधेरे का पुनर्जन्मशहर की बेचैनीमंदिर से लौटने के बाद रोहन को लगा कि सब खत्म हो गया है। लेकिन शहर में अजीब घटनाएँ और भी तेज़ी से फैलने लगीं। लोग रात को चीखें सुनने लगे,...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 6 By kajal jha

अध्याय 6: नई आवाज़ की शुरुआतसफेद धुंध में खड़ी आर्या को अब समय का भी अंदाज़ नहीं रहा था। उसे नहीं पता था कि वह कितनी देर से उसी जगह पर है—एक मिनट, एक घंटा या एक पूरा दिन। बस इतना म...

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अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 2 By RAAHULL SHARMA

अगली सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही कृष्ण और रश्मि के बीच एक नई चर्चा शुरू हुई—हनीमून की प्लानिंग।कृष्ण ने बेड पर ढेर सारे ट्रैवल ब्राउशर्स फैलाते हुए कहा, "रश्मि, पापा कह रहे थे...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 17 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 17: भूले हुए बच्चेबारिश की बूंदें खिड़की के शीशों से टकरा रही थीं।लेकिन अनन्या का ध्यान अब बाहर नहीं था।उसकी निगाहें कमरे में खड़े उन बच्चों पर...

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The Ring-Return of karma - 1 By Deepak sharma

द रिंग - रिटर्न ऑफ कर्माकहते हैं...कुछ आत्माएँ मरने के बाद भी शांति नहीं पातीं।वे इंतज़ार करती हैं...उस दिन का...जब उनका अधूरा हिसाब पूरा हो सके।सिल्वर सिटी से बहुत दूर...घने जंगलो...

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तेरहवा द्वार - 9 By InkImagination

भाग 9हवेली का असली श्राप“मैं तुम्हारे साथ घर आ गया…”उस बच्चे की मुस्कान देखते ही आरव की साँस रुक गई।पूरा कमरा काले पानी से भरा हुआ था। दीवारों पर बने हाथों के निशान धीरे-धीरे नीचे...

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Ghost hunters - 20 By Rishav raj

पेड़ की दरार एक झटके में पूरी तरह फट गई और उसके भीतर कैद वह विकृत आकृति भारी आवाज के साथ बाहर आ गिरी जमीन पर गिरते ही उसके शरीर से काली धुंध निकलने लगी और आसपास की हवा अचानक जम सी...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 2 By Sonam Brijwasi

उस रात के बाद सब कुछ बदल गया था…सिद्धिका अपने ठिकाने पर लौट चुकी थी…लेकिन इस बार वो शांत नहीं थी। उसकी कलाई अब भी जल रही थी…जहाँ कृष्णा के लाल धागे का स्पर्श हुआ था।वो गुस्से में च...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 5 By Tejendragodara

मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा था। मेरे माथे से पसीने की बूंदें टपक रही थीं। मैंने बहुत डरते-डरते अपने हाथ में पकड़ी टॉर्च की कमजोर पड़ रही रोशनी को ऊपर छत की तरफ घुमाया। जो...

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रात का सन्नाटा - 2 By Sandhya Devi

रात के लगभग ग्यारह बजे थे। गाँव के बाहर बने बड़े से मैरिज गार्डन में शादी का शोर अब धीरे-धीरे कम होने लगा था। रोशनी से जगमगाता मैदान, तेज़ संगीत और लोगों की भीड़ अब खत्म होने की ओर...

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काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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गुनाह का सौदा - A Dark Romance - 1 By Malti

Promo [कहानी का धमाकेदार प्रोमो] "मुंबई की तंग गलियों की 'आशादीप चॉल' में रहने वाली 18 साल की मासूम नयनतारा, जिसकी बड़ी-बड़ी काली आँखें दुनिया के हर फरेब से अनजान थीं। लेकि...

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सात दिन या मौत! By Alfha production house

भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का था, पर अब मेरी शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। उस उम्र में मेरे अंदर भूतों को लेकर बिल्कुल भी डर या...

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Shapit Makan: Marghat Ka Wo Aakhri Ghar By Vedant Kana

बरसों पहले बंगाल और बिहार की सीमा के पास एक छोटा सा गांव था जिसका नाम लोग धीरे धीरे भूल चुके थे। पुराने नक्शों में उसे केवल बड़का पुरवा कहा जाता था। गांव के चारों तरफ घना जंगल था औ...

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अंकित: द घोस्ट हंटर By Dikshant Nagpure

एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के दो बज रहे थे। शहर से बाहर पुराना कब्रिस्तान, जिसे कोई नाम तक नहीं जानता था, अँधेरे में दबा हुआ था। आ...

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अंधकार का जन्म By Dikshant Nagpure

मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।'फोन की स्क्रीन पर नीला रोशनी का धब्बा चमक रहा था। 'शैडो डिलीवरी' ऐप क...

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परेतनी की शादी - 2 By Sapna Badh

 मैं खाने के मामले में बड़ा ही शातीर था। जब मै खाना खाने बैठता था तो चार पांच लोगों का खाना मै अकेले खा जाता था।इसलिए आमतौर पर लोग मुझे अपने घर खाना खाने पर बुलाने से कतराते थे। मा...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 18 By kajal jha

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 6 By kajal jha

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अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 2 By RAAHULL SHARMA

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 17 By kajal jha

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