डरावनी कहानी कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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Featured Books

काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 2 By kajal jha

एपिसोड 2: अधूरी किताब का पहला पन्नाआर्या ने जैसे ही वह पुरानी पीली किताब उठाई, उसकी उंगलियों में एक अजीब सी ठंडक दौड़ गई। ऐसा लगा जैसे किताब किसी सामान्य कागज़ की नहीं, बल्कि किसी...

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तेरहवा द्वार - 6 By InkImagination

भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी उस आवाज़ ने दोनों के शरीर में जैसे बर्फ जमा दी।आरव और रोहन बिल्कुल स्थिर खड़े थे।काले लोहे के उस विशाल दरवाज़े के पीछे…...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 13 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 12: मृत यात्रियों का टिकटप्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हवा जम चुकी थी।बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन उसकी आवाज़ जैसे बहुत दूर से आ रही थी।पूरा स्टेशन खामो...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 13 By kajal jha

एपिसोड 12: अयान की परछाईमंदिर की खामोशीमंदिर के टूटने के बाद सब शांत हो गया था। रोहन ज़मीन पर बैठा था, उसकी आँखों से लाल चमक पूरी तरह गायब हो चुकी थी। लेकिन अयान की परछाई धीरे-धीरे...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 3 By Tejendragodara

उन सड़े हुए हाथों के नाखून कम से कम छह-छह इंच लंबे थे और उनमें से पीला मवाद टपक रहा था। यह कोई वहम नहीं था, मौत साक्षात हमारे सामने कुएं से बाहर निकल रही थी। "भागो गाड़ी की तरफ! को...

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गुनाह का सौदा - A Dark Romance - 1 By Malti

Promo [कहानी का धमाकेदार प्रोमो] "मुंबई की तंग गलियों की 'आशादीप चॉल' में रहने वाली 18 साल की मासूम नयनतारा, जिसकी बड़ी-बड़ी काली आँखें दुनिया के हर फरेब से अनजान थीं। लेकि...

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Ghost hunters - 18 By Rishav raj

दोपहर की रोशनी धीरे-धीरे ढल रही थी, लेकिन पेड़ के आसपास समय जैसे ठहर गया था मंडल पूरा हो चुका था। चारों दिशाओं में रखे दीपक बिना हवा के भी स्थिर जल रहे थे और उनके बीच खड़े लोग अब स...

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सात दिन या मौत! By Alfha production house

भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का था, पर अब मेरी शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। उस उम्र में मेरे अंदर भूतों को लेकर बिल्कुल भी डर या...

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अंकित: द घोस्ट हंटर By Dikshant Nagpure

एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के दो बज रहे थे। शहर से बाहर पुराना कब्रिस्तान, जिसे कोई नाम तक नहीं जानता था, अँधेरे में दबा हुआ था। आ...

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Shapit Makan: Marghat Ka Wo Aakhri Ghar By Vedant Kana

बरसों पहले बंगाल और बिहार की सीमा के पास एक छोटा सा गांव था जिसका नाम लोग धीरे धीरे भूल चुके थे। पुराने नक्शों में उसे केवल बड़का पुरवा कहा जाता था। गांव के चारों तरफ घना जंगल था औ...

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अंधकार का जन्म By Dikshant Nagpure

मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।'फोन की स्क्रीन पर नीला रोशनी का धब्बा चमक रहा था। 'शैडो डिलीवरी' ऐप क...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 3 By Tejendragodara

अगली सुबह सूरज की पहली किरण निकलते ही आर्यन ने माधव और गाँव के कुछ हिम्मत वाले युवाओं को एक पेड़ के नीचे इकट्ठा किया। गाँव वाले आर्यन के अजीब कपड़ों और बैग को देखकर अब भी कानाफूसी...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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काल कोठरी - 13 By Neeraj Sharma

13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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कब्र नंबर 13 By Dikshant Nagpure

मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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वो कमरा By Dikshant Nagpure

तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 2 By kajal jha

एपिसोड 2: अधूरी किताब का पहला पन्नाआर्या ने जैसे ही वह पुरानी पीली किताब उठाई, उसकी उंगलियों में एक अजीब सी ठंडक दौड़ गई। ऐसा लगा जैसे किताब किसी सामान्य कागज़ की नहीं, बल्कि किसी...

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तेरहवा द्वार - 6 By InkImagination

भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी उस आवाज़ ने दोनों के शरीर में जैसे बर्फ जमा दी।आरव और रोहन बिल्कुल स्थिर खड़े थे।काले लोहे के उस विशाल दरवाज़े के पीछे…...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 13 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 12: मृत यात्रियों का टिकटप्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हवा जम चुकी थी।बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन उसकी आवाज़ जैसे बहुत दूर से आ रही थी।पूरा स्टेशन खामो...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 13 By kajal jha

एपिसोड 12: अयान की परछाईमंदिर की खामोशीमंदिर के टूटने के बाद सब शांत हो गया था। रोहन ज़मीन पर बैठा था, उसकी आँखों से लाल चमक पूरी तरह गायब हो चुकी थी। लेकिन अयान की परछाई धीरे-धीरे...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 3 By Tejendragodara

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Promo [कहानी का धमाकेदार प्रोमो] "मुंबई की तंग गलियों की 'आशादीप चॉल' में रहने वाली 18 साल की मासूम नयनतारा, जिसकी बड़ी-बड़ी काली आँखें दुनिया के हर फरेब से अनजान थीं। लेकि...

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Ghost hunters - 18 By Rishav raj

दोपहर की रोशनी धीरे-धीरे ढल रही थी, लेकिन पेड़ के आसपास समय जैसे ठहर गया था मंडल पूरा हो चुका था। चारों दिशाओं में रखे दीपक बिना हवा के भी स्थिर जल रहे थे और उनके बीच खड़े लोग अब स...

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सात दिन या मौत! By Alfha production house

भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का था, पर अब मेरी शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। उस उम्र में मेरे अंदर भूतों को लेकर बिल्कुल भी डर या...

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अंकित: द घोस्ट हंटर By Dikshant Nagpure

एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के दो बज रहे थे। शहर से बाहर पुराना कब्रिस्तान, जिसे कोई नाम तक नहीं जानता था, अँधेरे में दबा हुआ था। आ...

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Shapit Makan: Marghat Ka Wo Aakhri Ghar By Vedant Kana

बरसों पहले बंगाल और बिहार की सीमा के पास एक छोटा सा गांव था जिसका नाम लोग धीरे धीरे भूल चुके थे। पुराने नक्शों में उसे केवल बड़का पुरवा कहा जाता था। गांव के चारों तरफ घना जंगल था औ...

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अंधकार का जन्म By Dikshant Nagpure

मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।'फोन की स्क्रीन पर नीला रोशनी का धब्बा चमक रहा था। 'शैडो डिलीवरी' ऐप क...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 3 By Tejendragodara

अगली सुबह सूरज की पहली किरण निकलते ही आर्यन ने माधव और गाँव के कुछ हिम्मत वाले युवाओं को एक पेड़ के नीचे इकट्ठा किया। गाँव वाले आर्यन के अजीब कपड़ों और बैग को देखकर अब भी कानाफूसी...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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कब्र नंबर 13 By Dikshant Nagpure

मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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