हिंदी किताबें, कहानियाँ व् उपन्यास पढ़ें व् डाऊनलोड करें PDF

पबजी गेम की दीवानगी
by r k lal
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“पबजी गेम की दीवानगी” आर0 के0 लाल     मम्मी मम्मी! परसों मेरी बर्थडे है। मैं तो इस बार आप से गिफ्ट में मोबाइल ही लूंगा। वह भी स्मार्ट ...

आई. सी. यू. में पृथ्वी
by r k lal
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  • 240

"आई0 सी 0 यू 0 में पृथ्वी"आर 0 के0 लाल       आधी रात में एक बार जब धारासार वृष्टि, बादलों की गरज, विद्युत की कौंध और झंझावात की विभिषिका अपनी ...

आशु घर से भाग गया
by r k lal
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आशु घर से भाग गया आर0  के0  लाल     दो  दिन पहले की बात है आशु के घर पर बड़ी भीड़ लगी थी। मैं भी यह देख कर ...

आई तो आई कहाँ से - 6
by Dr Sudha Gupta
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आज सोमवार था, सप्ताह का प्रथम दिवस l विद्यालय में प्रिंसपाल सर ने प्रार्थना के उपरांत सबको सूचित किया कि अगले हफ्ते कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थी ...

आई तो आई कहाँ से - 5
by Dr Sudha Gupta
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आरुषि ने कहा - माँ, कहानी l ओफ्फो, आज ऐसे ही सो जाओ l न न, न्यू कहानी l कहाँ से लाऊँ न्यू कहानी ? अरे, दादी से ले लिया ...

आपका बच्चा कमाल् का है
by r k lal
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आपका बच्चा कमाल्  का है                                       आर0 के 0 लाल   आज आभास को फिर से पुरस्कार मिला, उसके माता पिता को भी स्टेज पर बुलाया गया और उनकी ...

शनिवार का दिन
by DHIRENDRA BISHT DHiR
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कहानी का सारांश :      इस कहानी में केवल एक शनिवार के दिन का वर्णन किया है। कहानी में मुख्य भूमिका एक नन्हे बालक की है। जो अपने ...

आई तो आई कहाँ से - 4
by Dr Sudha Gupta
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छुट्टियां समाप्त हो गईं और स्कूल प्रारम्भ हो गए l सुबह जल्दी उठकर आरुषि तैयार हो गई l फटाफट बैग चैक  किया l माँ ने टिफिन लगाया, आरुषि की ...

आई तो आई कहाँ से - 3
by Dr Sudha Gupta
  • (8)
  • 75

सुबह सारे बच्चे देर से जागे l पंकज नहा - धोकर प्रिंस के घर आ गया l प्रिंस, क्या तू अभी तक तैयार नहीं हुआ ? होता हूँ यार, ...

आई तो आई कहाँ से - 2
by Dr Sudha Gupta
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गर्मी की छुट्टियों में माँ ने पिकनिक पर चलने का कार्यक्रम बनाया l आरुषि बोली - क्यों ना माँ, इस बार मेरे सारे दोस्तों को भी साथ ले चलते ...

आई तो आई कहाँ से - 1
by Dr Sudha Gupta
  • (15)
  • 151

आरुषि ........ आरुषि ........ हाँ मम्मा, मैं यहाँ हूँ l अपनी गुड़िया के साथ खेल रही हूँ l अच्छा, अच्छा अब जल्दी से तैयार हो जा, शाम हो गई ...

गुब्बारे की हवा
by r k lal
  • (28)
  • 250

गुब्बारे की हवा               आर0 के0 लाल             अपनी बर्थडे की उमंग में गुब्बारे फुलाते हुए मेरे सात वर्षीय पोते ने पूछा- “ बाबा मेरी पार्टी में आपके ...

चिड़िया रानी - (बाल साहित्य)
by Rakesh Sagar
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प्रिय मित्रों,               आज छत के बारजे पर बैठकर आसमान में टकटकी लगाए कुछ देख रहा था कि पंक्षियों का एक समूह छत ...

खुशियों के फूल
by Dr.Desh bandhu
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कल होली थी | सौरभ और सुरभि अपने पापा के साथ बाजार से ढेर सारा गुलाल, रंग, पिचकारी, मिठाई आदि लेकर आए थे | दरवाजे पर कदम रखते ही ...

लगे नाचने अक्षर
by manohar chamoli manu
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लगे नाचने अक्षर -मनोहर चमोली ‘मनु’ वेलिया ने स्कूल से मिला होमवर्क पूरा किया। स्कूल बैग खोला। पेंसिल-काॅपियां रखकर वह खेलने चली गई। वेलिया के जाते ही अक्षर और पेंसिल ...

अपनेइंडाॅव बनूंगी
by manohar chamoli manu
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  • 105

पात्र परिचयपीहू- एक छात्राचंद्रमोहन-पीहू के पिताजगमोहन - पीहू के चाचासविता-पीहू की चाचीरामसखा-पीहू के दादाकमला-पीहू की दादीसोनिया-पीहू की बुआ परदा उठता है (ड्राइंगरूम का दृश्य। पीहू और चंद्रमोहन मंच के ...

गाँव वाला अंग्रेजी स्कूल
by Pranjal Saxena
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मीठी  बात रस से भरी रसमलाई, गोल–गोल रसगुल्ले, काजू वाली बर्फी, राष्ट्रीय मिठाई जलेबी, हर त्यौहार की शान लड्डू, राष्ट्रीय पर्वों वाली मिठाई–बूँदी, सूखी मिठाई–सोनपापड़ी, जाड़े वाले तिल के लड्डू ...

वीडियो गेम
by Manjari Shukla
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  • 192

चीनू की आँखों से लगातार पानी निकल रहा था पर चीनू की आँखें वीडियो गेम पर टिकी हुई थीI वह एक हाथ से बार-बार अपनी आँखें मसलता और फ़िर ...

चिंटू की चतुराई
by Nirpendra Kumar Sharma
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  • 425

चिन्टू एक नन्हा चूहा है चिकचिक ओर चुकचुक की इकलौती औलाद।यूँ तो चुकचुक को कई बार प्रसव हुआ कई संताने जन्मी लेकिन हर बार कालिया लहरी उनको जिंदा निगल ...

क्रिसमस - हैप्पी क्रिसमस
by Manjari Shukla
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क्रिसमस के त्यौहार के साथ ही लोगो के चेहरों की खुशियाँ बढ़ती जा रही थीI जिसे देखो वही, बाज़ार की तरफ़ दौड़ा जा रहा थाI किसी को क्रिसमसट्री चाहिए ...

बंटी और शेरू पुरानी हवेली का रहस्य
by Ashish Kumar Trivedi
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बंटी एक बहुत ही समझदार लड़का है। कोई समस्या आने पर वह घबराता नहीं है। बल्कि धैर्य व विवेक से काम लेता है। इंटरनेट पर वह छोटी छोटी समस्याओं ...

वतन के सपूत
by Namita Gupta
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        वतन आजाद रहेगा**********************आजाद है अपना  वतन आजाद रहेगा ।किसकी मजाल है जो इस पर आंख धरेगा ।मुश्किलों से हमने पाई है आजादी लाखों ने जिंदगी अपनी ...

बंटी और शेरू दोस्तों के साथ पिकनिक
by Ashish Kumar Trivedi
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बंटी एक बहुत ही समझदार लड़का है। कोई समस्या आने पर वह घबराता नहीं है। बल्कि धैर्य व विवेक से काम लेता है। इंटरनेट पर वह छोटी छोटी समस्याओं ...

बंटी और शेरू बैंक में डकैती
by Ashish Kumar Trivedi
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बंटी एक बहुत ही समझदार लड़का है। कोई समस्या आने पर वह घबराता नहीं है। बल्कि धैर्य व विवेक से काम लेता है। इंटरनेट पर वह छोटी छोटी समस्याओं ...

बंटी और शेरू
by Ashish Kumar Trivedi
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बंटी एक बहुत ही समझदार लड़का है। कोई समस्या आने पर वह घबराता नहीं है। बल्कि धैर्य व विवेक से काम लेता है। इंटरनेट पर वह छोटी छोटी समस्याओं ...

चूहों की दीवाली
by Manjari Shukla
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जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थीI सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय ...

दादाजी
by Manjari Shukla
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दादाजीघर भर में मानों भूचाल आ गया था I बचपन में चाचा चौधरी की कॉमिक्स में पढ़ा था कि जब साबू को गुस्सा  आता  है तो कहीं  ज्वालामुखी फ़ट ...

याद रहेगी सीख
by Namita Gupta
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#MDG                                      ॥   याद रहेगी सीख ॥         ...

बाल गणेशा
by Kamini Gupta
  • (4)
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This is a story of ganesha and a girl.

अपना घर बचाना है....
by Ashish Kumar Trivedi
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इस गणपति उत्सव पर आगरकर परिवार के बच्चे उदास थे। उनका प्यारा वैदेही निवास बिकने वाला था। इस घर में यह उनका एक साथ आखिरी गणपति उत्सव था। उसके ...