सर्वश्रेष्ठ बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

परियों का पेड़ - 4
द्वारा Arvind Kumar Sahu
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परियों का पेड़ (4) परी की खोज में .........और जानते हो राजू ! हजारों वर्ष बाद भी हिमालय के ऊँचे पहाड़ों के बीच स्थित वह घाटी आज भी वैसे ...

मेरा डोरेमोन
द्वारा Chandresh Kumar Chhatlani
  • 150

निक्की इस बार फिर फेल हो गया।   स्कूल में टीचर मैम ने सब बच्चों के सामने उसकी हंसी उड़ाई और घर पर भी पापा और मम्मी की बहुत डांट ...

परियों का पेड़ - 3
द्वारा Arvind Kumar Sahu
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परियों का पेड़ (3) कहानी फूलपरी की “बहुत पहले की बात है | हिमालय पर्वत की घाटियों में फूलपुर नामक एक राज्य था | उस राज्य में फूलों जैसी ...

ज़िम्मेदार
द्वारा Pranava Bharti
  • 200

      बड़ी माता जी की आँखों में मोतियाबिंद उतर आया ,उन्हें देखने में परेशानी होने लगी |  "आप ऑपरेशन क्यों नहीं करा लेतीं ?"हरिद्वार में रहने वाली ...

परियों का पेड़ - 2
द्वारा Arvind Kumar Sahu
  • 144

परियों का पेड़ (2) माँ ! तुम कहाँ गयी ? घर के पास राजू की गुहार सुनते ही कुछ पड़ोसी दौड़ते हुए आए | पूछने लगे – “अरे बेटे ...

बच्चों को सुनाएँ – 3 आवारा लड़का
द्वारा r k lal
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बच्चों को सुनाएँ – 3 आवारा लड़का आर ० के ० लाल               दस साल का एक गरीब लड़का राजन था। घर में वह अपने माता -  पिता ...

परियों का पेड़ - 1
द्वारा Arvind Kumar Sahu
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परियों का पेड़ (1) राजू एक लकड़हारे का बेटा था | उसके पिताजी जंगल से पेड़ काटकर लकड़ियाँ लाते | फिर उन्हें बाजार में बेच देते | उसकी माँ ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 7 - अंतिम भाग
द्वारा PANKAJ SUBEER
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चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (7) इस बार हमने प्लान को बदल दिया था । हमने झाँकी के बाद का प्लान रखा था । बाद का ...

बच्चों को सुनाएँ - 2 - बहन मिल गयी
द्वारा r k lal
  • (17)
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बच्चों को सुनाएँ – 2 “बहन मिल गयी ” आर० के० लाल                   एक लड़का था । उसका नाम सौरव था। वह अपने माँ बाप का इकलौता बच्चा था।  ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 6
द्वारा PANKAJ SUBEER
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चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (6) उस दिन झाँकी का वो समय कैसे कटा हम ही जानते हैं । शोएब तो पुराने टायरों से बनाये गये ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 5
द्वारा PANKAJ SUBEER
  • 156

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (5) हमारे प्रश्न अब ख़त्म हो चुके थे । जो कुछ जानना था वो पता चल चुका था । अब कुछ ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 4
द्वारा PANKAJ SUBEER
  • 100

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (4) अम्मा जी हमें नानी की कहानियों की वो दुष्ट राक्षसी लगती थीं जो राजकुमार को क़ैद करने के लिये हमेशा ...

बच्चों को सुनाएँ - कुरूप सुषमा
द्वारा r k lal
  • (18)
  • 558

बच्चों को सुनाएँ – 1 “कुरूप सुषमा” आर० के० लाल                   एक गाँव की लड़की की यह कहानी है जो बहुत सुंदर नहीं थी । उसका नाम सुषमा था ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 3
द्वारा PANKAJ SUBEER
  • 122

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (3) अपने बहुत सारे अनसुलझे सवालों के साथ ही हम बड़े हो रहे थे । इन सबमें ही उलझते उलझाते हम ...

चीकू और मीकू
द्वारा Neerja Dewedy
  • 378

चीकू और मीकू एक जंगल में एक बंदरों का परिवार रहता था. उनके दो बच्चे चीकू और मीकू बहुत नटखट थे. जब उनकी मम्मी उन्हें खाने को कहती तो ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 2
द्वारा PANKAJ SUBEER
  • 176

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (2) हम बच्चे फिर हैरान परेशान हो गये कि रानी और सेनापति को साथ देख लिया तो उसमें मार डालने की ...

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी - 1
द्वारा PANKAJ SUBEER
  • 290

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा ...

धरती-माँ
द्वारा Anil Sainger
  • 170

माँ की आवाज सुन अंकित बोझिल मन से उठ कर कमरे से बाहर निकलते हुए बोला ‘जी माँ, बोलिए’| अंकित की आवाज सुन माँ ख़ुश होते हुए बोली ‘बेटा, ...

बोतल का नाबालिग
द्वारा r k lal
  • (18)
  • 758

 बोतल का नाबालिगआर 0 के 0 लालक्या मुसीबत है? शादी बड़े भैया पवन की  हो रही है, और मेहमानों के लिए नाश्ता, मिठाई और पानी मैं ले लाऊं। एक ...

गॉव की ओर
द्वारा किशनलाल शर्मा
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झबबू और कालू आमने सामने की कालोनी मे रहते थे।दोनों कुक्ते दोस्त थे।रोज सुबह अपनी अपनी कॉलोनी से निकलकर वे सडक पर आ जाते ।सुबह सडक पर मार्निग वॉक ...

कहो नहि करो
द्वारा Snehal malaviya
  • (15)
  • 7.7k

“रवि, देखो तुम्हारे लाडले ने क्या किया है” वो छोटा सा बच्चा अपनी माँ के पीछे छुप रहा था और एक आँख से अपने पापा को देख रहा था।“मेरे ...

पबजी गेम की दीवानगी
द्वारा r k lal
  • (31)
  • 1.1k

“पबजी गेम की दीवानगी” आर0 के0 लाल     मम्मी मम्मी! परसों मेरी बर्थडे है। मैं तो इस बार आप से गिफ्ट में मोबाइल ही लूंगा। वह भी स्मार्ट ...

आई. सी. यू. में पृथ्वी
द्वारा r k lal
  • (31)
  • 626

"आई0 सी 0 यू 0 में पृथ्वी"आर 0 के0 लाल       आधी रात में एक बार जब धारासार वृष्टि, बादलों की गरज, विद्युत की कौंध और झंझावात की विभिषिका अपनी ...

आशु घर से भाग गया
द्वारा r k lal
  • (37)
  • 817

आशु घर से भाग गया आर0  के0  लाल     दो  दिन पहले की बात है आशु के घर पर बड़ी भीड़ लगी थी। मैं भी यह देख कर ...

आई तो आई कहाँ से - 6
द्वारा Dr Sudha Gupta
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आज सोमवार था, सप्ताह का प्रथम दिवस l विद्यालय में प्रिंसपाल सर ने प्रार्थना के उपरांत सबको सूचित किया कि अगले हफ्ते कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थी ...

आई तो आई कहाँ से - 5
द्वारा Dr Sudha Gupta
  • 646

आरुषि ने कहा - माँ, कहानी l ओफ्फो, आज ऐसे ही सो जाओ l न न, न्यू कहानी l कहाँ से लाऊँ न्यू कहानी ? अरे, दादी से ले लिया ...

आपका बच्चा कमाल् का है
द्वारा r k lal
  • (37)
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आपका बच्चा कमाल्  का है                                       आर0 के 0 लाल   आज आभास को फिर से पुरस्कार मिला, उसके माता पिता को भी स्टेज पर बुलाया गया और उनकी ...

शनिवार का दिन
द्वारा DHIRENDRA BISHT DHiR
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कहानी का सारांश :      इस कहानी में केवल एक शनिवार के दिन का वर्णन किया है। कहानी में मुख्य भूमिका एक नन्हे बालक की है। जो अपने ...

आई तो आई कहाँ से - 4
द्वारा Dr Sudha Gupta
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छुट्टियां समाप्त हो गईं और स्कूल प्रारम्भ हो गए l सुबह जल्दी उठकर आरुषि तैयार हो गई l फटाफट बैग चैक  किया l माँ ने टिफिन लगाया, आरुषि की ...

आई तो आई कहाँ से - 3
द्वारा Dr Sudha Gupta
  • 677

सुबह सारे बच्चे देर से जागे l पंकज नहा - धोकर प्रिंस के घर आ गया l प्रिंस, क्या तू अभी तक तैयार नहीं हुआ ? होता हूँ यार, ...