सर्वश्रेष्ठ बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

जादूगर जंकाल और सोनपरी (3)
द्वारा राज बोहरे
  • 184

जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे    3  पांचवे समुद्र को पार करते समय शिवपाल ने देखा कि समुद्र में तूफान आया हुआ है और बीच समुद्र ...

खाली हाथ नहीं लौटते...
द्वारा सिमरन जयेश्वरी
  • 178

खाली हाथ नहीं जाते... . . . . . "काका....???? ओ काका...!!! क्या लाये हो मेरे लिए....!!!" उसने काका के गाल पर उंगली फेरते हुए कहा। "अरे गुड्डे तेरे ...

मैं भी हूं खास
द्वारा Pratima Pandey
  • 192

प्रतिमा पांडेय आज शाम से ही मिंकी उदास थी। उसे पता चला कि उसकी सबसे प्यारी सहेली श्वेता को स्कॉलरशिप मिली है। बस उसे उदासी ने आ घेरा। मन ...

हमें बचाओ
द्वारा Kusum Agarwal
  • 148

वह फाउंटेन पेन चलता-चलता फिर लड़खड़ा गया और नोटबुक के नाजुक बदन में बड़ी जोर से चुभते हुए रुक गया। रुकते-रुकते उसने अपने बदन में से कुछ इंक नोट ...

Untitled
द्वारा r k lal
  • 170

“सब्जी वाला लड़का” आर 0 के 0 लाल                     बाबूजी सब्जियां ले लीजिए, सस्ती और हरी सब्जियां ले लीजिए। मोहल्ले की गली में एक लड़का काफी देर से ...

जादूगर जंकाल और सोनपरी (2)
द्वारा राज बोहरे
  • 172

2 जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे   ठीक तभी परी भी प्रकट हो गयी और शिवपाल की मां से बोली कि आप बहुत अच्छी महिला है ...

जादूगर जंकाल और सोनपरी (1)
द्वारा राज बोहरे
  • 298

जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे                                 जादूगर जंकाल और सोनपरी        बहुत पुरानी बात है। जब इस देश में जादूगर और परी, बहुत सारे ...

निदिया
द्वारा JYOTI PRAKASH RAI
  • 204

मनुष्य यदि किसी विषय पर चिंतन मनन करने लगे तो वह जरूर परिणाम प्राप्त कर सकता है और यदि कार्य पूरी मेहनत लगन और निष्ठा से किया गया हो ...

विकलांग मन
द्वारा Swatigrover
  • (13)
  • 280

लगातार दूसरी बार नमन आठवीं  में फेल हो गया। उसके पापा ने उसकी  डंडे से पिटाई  की । माँ ने भी लाड  नहीं  दिखाया ।  "पापा  बात  नहीं  समझते, आख़िर  मैं  पढ़  ...

व्हाट इज़ दिस ? !(दानी की कहानी )
द्वारा Pranava Bharti
  • 142

व्हाट इज़ दिस ? !(दानी की कहानी ) ------------------------------       बात बड़ी बहुत पुरानी है | जब दानी की शादी हुई  थी तब दानी बीस वर्ष की थीं | उन ...

बच्चों को सुनाएं - 9 - फायदा अपने कारोबार से
द्वारा r k lal
  • (12)
  • 498

बच्चों को सुनाएं- 9 “फायदा अपने कारोबार से” आर 0 के 0 लाल सुरेश ने तीन साल पहले अपनी पी0 एच0 डी0 पूरी कर ली थी । उसने पूरी ...

जंगल की परी !!
द्वारा zeba praveen
  • 206

बहुत समय पहले की बात हैं, चिंटू नाम का एक छोटा लड़का जो लगभग सात साल का था एक छोटे से घर में रहता था, उसके माँ-बाप नहीं थे, ...

नेहा का छाता
द्वारा Kusum Agarwal
  • 126

 नेहा देखो मैं तुम्हारे लिए एक नया  छाता लाई हूं। तुम इसे अपने बस्ते में रख लो  ताकि जरूरत पड़ने पर यह तुम्हारे काम आए- माँ ने कहा।नेहा ने ...

परी लोक का शहद
द्वारा Pratima Pandey
  • 508

  परी लोक में रानी परी दूर-दूर तक मशहूर थीं। उन्हें परियों के गुरु रोसाव ने थैंक्यू शक्ति दी थी और जादुई तूलिका भी। वह जो चाहतीं, सबकी भलाई ...

मर्द की ज़ुबान (दानी की कहानी )
द्वारा Pranava Bharti
  • 282

मर्द की ज़ुबान (दानी की कहानी ) ------------------------------       दानी बहुत बातूनी ! दादी,नानी बन गईं थीं लेकिन उनका बच्चा उनके भीतर कभी भी कुनमुनाने लगता |    ...

अपना घर, सबसे अच्छा !
द्वारा zeba praveen
  • 312

बहुत समय पहले की बात हैं, मानसरोवर जंगल में चंम्पू नाम का एक छोटा बंदर अपने माता -पिता के साथ रहता था | उस जंगल में किसी भी चीज़ ...

प्रवासी पक्षी
द्वारा Swatigrover
  • 216

पूरे  जंगल में  हँसी ख़ुशी का  शोर  था। चिंकी  बंदरिया  की  शादी  सोनू  बन्दर  के साथ  होने  वाली थी। दोनों  परिवारों  की ओर  से  पूरे  जंगल  को  न्यौता  दिया  ...

कहाँ गईं परियां?
द्वारा Kusum Agarwal
  • 246

गति चलो, अब  सो जाओ। कल सुबह स्कूल भी जाना है ना। यदि सोने में देरी हो जाएगी तो तुम्हारी नींद पूरी नहीं होगी और तुम सुबह उठने में ...

बकरी और बच्चे - 3 मेव का चूना
द्वारा Abhinav Bajpai
  • 202

बकरी और बच्चे (भाग -०३) मेव का चूना जब  बकरी ने शेर का पेट अपने सींगो पर लगे तेज, नुकीले चाकू से चीर दिया, तो बहुत दिनों तक शेर ...

अदृश्य गाँव का रहस्य - 3
द्वारा Mukesh nagar
  • 318

वामन गुरु उत्तर की तरफ चले गए थे। वह कुएँ की निचली दीवार पर कभी ध्यान से कुछ देखते तो कभी अपनी अँगुलियों से उसे ठोकते। ऐसा लगता था ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (19)
द्वारा Anandvardhan Ojha
  • 270

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (19)'शब्द-सहयोग की अनवरत कथा...'पूज्य पिताजी को दिन-रात लिखते-पढ़ते देखकर मैं बड़ा हुआ। मन में आता था कि उन्हीं की तरह कवि-लेखक बनूंगा। ...

बाल कथा हीरा मोती
द्वारा Chaya Agarwal
  • 338

बालकहानी                     हीरा-मोती एक गांव में बरगद के दो घने पेड़ घने थे। एक का नाम हीरा था और दूसरे का मोती था। दोनों में गहरी मित्रता थी। वह एक ...

बंदर पढ़ लेंगे (दानी की कहानी )
द्वारा Pranava Bharti
  • 310

बंदर पढ़ लेंगे  (दानी की कहानी ) --------------------------         दानी के दो बच्चे हैं ,दानी अपने बच्चों के बालपन की कहानी भी अपनी तीसरी पीढ़ी से साँझा ...

गुब्बारों की एकता
द्वारा Kusum Agarwal
  • 260

रामू गुब्बारे वाले ने गुब्बारे फुलाने शुरू किए। वह एक-एक के बाद एक ढेरों गुब्बारे फुलाता चला गया। फिर वह उन सब गुब्बारों को एक कमरे में बंद करके ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (18)
द्वारा Anandvardhan Ojha
  • 166

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (18)'परदों के पीछे का सफर...'सफ़र लंबा था, तकरीबन ३०-३१ घण्टों का। शाम चार बजे पूना से ट्रेन से मैंने प्रस्थान किया था। ...

वो ही है (दानी की कहानी )
द्वारा Pranava Bharti
  • 258

वो ही है (दानी की कहानी ) ------------------------      दानी की झोली में दिल्ली की बहुत सी कहानियाँ जैसे उनकी साड़ी के पल्ले में बँधी रहती थीं |  वो एक-एक ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (17)
द्वारा Anandvardhan Ojha
  • 236

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (17)पर्वतीय प्रदेश में ठहरी साँसों का हसीन सफ़र (ख) शाम ढलान पर थी और मैं भी अंतिम पहाड़ की ढलान पर। दूर, पहाड़ ...

बकरी और बच्चे (भाग -०२)
द्वारा Abhinav Bajpai
  • 536

बकरी और बच्चे (भाग -०२) बकरी की सींग जब शेर दोबारा फिर मुंह की खा कर लौट जाता है और रात में बच्चों की मां बकरी आती है तो, ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (16)
द्वारा Anandvardhan Ojha
  • 1.2k

पर्वतीय प्रदेश में ठहरी साँसों का हसीन सफर... (क) तब हिन्दुजा बंधुओं की सेवा में था। सन १९७९ के अंत में राजकमल प्रकाशन, दिल्ली के सम्पादकीय विभाग की नौकरी छोड़कर ...

पहलवान दी हट्टी (दानी की कहानी )
द्वारा Pranava Bharti
  • 1.2k

पहलवान दी हट्टी (दानी की कहानी ) -------------------------------------  काफ़ी छोटी थीं दानी तब जब 'दिल्ली पब्लिक स्कूल'  में अपने पिता के पास दिल्ली में पढ़तीं थीं |  तबकी एक ...