सर्वश्रेष्ठ बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

पेड़ गायब
द्वारा Anil jaiswal
  • 111

अनिल जायसवालरोज का तरह अंशु स्कूल जाने के लिए मुंह अंधेरे उठा। उसके पिता लकड़ी के बड़े व्यापारी थे। बड़ा-सा बंगला था। उसके चारों तरफ हरियाली थी। अंशु की ...

छूना है आसमान - 8
द्वारा Goodwin Masih
  • 150

छूना है आसमान अध्याय 8 रोनित के जिद् करके पूछने पर चेतना एकदम भावुक हो उठी, उसकी आँखों में आँसू भर आये, जिन्हें देखकर रोनित बोला, ‘‘देखा, मुझे मालूम ...

छूना है आसमान - 7
द्वारा Goodwin Masih
  • 183

छूना है आसमान अध्याय 7 रात के करीब दस बज रहे थे। चेतना ने देखा उसके पापा अकेले बैठे लैम्प की रोषनी में अपने आॅफिस का काम कर रहे ...

छूना है आसमान - 6
द्वारा Goodwin Masih
  • 381

छूना है आसमान अध्याय 6 रात के ग्यारह बज रहे थे। चेतना के मम्मी-पापा और उसकी छोटी बहन अलका सब गहरी नींद में सोये हुए थे, लेकिन चेतना को ...

आसमान में डायनासौर - 11 - अतिम
द्वारा राज बोहरे
  • 264

आसमान में डायनासौर  11   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  प्रो.दयाल ने चालक की ओर अपना हाथ हिलाकर इंजिन के चलाने के तेल के बारे में पूछा तो ...

बस पांच मिनट
द्वारा sudha bhargava
  • 399

बालकहानी  सुधा भार्गव बस पांच मिनट/सुधा भार्गव       नादान अनारू समझ  नहीं पा रहा है माँ को क्या हो  गया है। उसके हर  काम  में देरी करती  हैं।वह पहले की ...

छूना है आसमान - 5
द्वारा Goodwin Masih
  • 324

छूना है आसमान अध्याय 5 उसी समय भीड़ में से निकलकर एक आदमी ने उससे कहा, ‘‘बेटी, मैं हर साल नये साल पर अपनी कम्पनी की तरफ से लोगों ...

आसमान में डायनासौर - 10
द्वारा राज बोहरे
  • 231

आसमान में डायनासौर  10   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे        बाहर आते ही सचमुच तैरने लगे थे।                अब कुछ लाभ हुआ।                उन यानों के भी दरबाजे ...

आसमान में डायनासौर - 9
द्वारा राज बोहरे
  • 330

आसमान में डायनासौर  9   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  तीसरे दिन उन्होंने यान में लगा कम्प्युटर चालू किया और अभी तक देखे गये  ग्रहों की जानकारी और ...

छूना है आसमान - 4
द्वारा Goodwin Masih
  • 546

छूना है आसमान अध्याय 4 रोनित के पूछने पर चेतना ने बताया, ‘‘कल वह पार्क में खेल रहे बच्चों को देखकर उनमें इस कदर खो गयी कि उसे इस ...

रेत का घर
द्वारा Rajesh Kumar
  • 516

"रेत का घर",         आज अचानक मेरी स्मृति में उभर आया, बचपन के उन सुनहरे औझल हुए पलों को स्मरण कर हृदय भर सा आया। एक अनोखी ...

आसमान में डायनासौर - 8
द्वारा राज बोहरे
  • 444

आसमान में डायनासौर  8   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  गगन यान को थोड़ा ऊँचा उठाकर वे एक तरफ बढ़े और नीचे का दृश्य गौर से देखने लगे। ...

मंगल ग्रह के जुगनू
द्वारा Prabodh Kumar Govil
  • 759

- अंगूर का रस। गिलहरी ने कहा। - आम का रस। कॉक्रोच चिल्लाया मेंढकी बोली- अनार का रस। तितली पंख फड़फड़ाते हुए बोली - गन्ने का रस! कबूतर कुछ ...

छूना है आसमान - 3
द्वारा Goodwin Masih
  • 672

छूना है आसमान अध्याय 3 ‘‘दीदी......।’’ अलका ने जोर से कहा, ‘‘अरे अलका तुम......आओ......लगता है आज मम्मी घर में नहीं हैं ?’’ चेतना ने मुस्कुराते हुए कहा। ‘‘हाँ दीदी, ...

आसमान में डायनासौर - 7
द्वारा राज बोहरे
  • 315

आसमान में डायनासौर  7   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  गगन की रफ्तार बढ़ाकर प्रो. दयाल ने उसे दूसरे कोने की तरफ बढ़ा दिया। अचानक उनको एक जगह ...

आसमान में डायनासौर - 6
द्वारा राज बोहरे
  • 387

आसमान में डायनासौर  6   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                               जब वे जागे तब फिर रंग विरंगी गेंदे आसपास तैरती दिख रही थी। अबकी बार उन सबने अपना ...

छूना है आसमान - 2
द्वारा Goodwin Masih
  • 744

छूना है आसमान अध्याय 2 खिड़की के पास व्हील चेयर पर बैठी चेतना चेयर पर बैठे-बैठे खूब ऊपर को उछल रही है और जोर-जोर से ताली बजा-बजाकर कह रही ...

आसमान में डायनासौर - 5
द्वारा राज बोहरे
  • 525

आसमान में डायनासौर 5   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  प्रो. दयाल को अपनी धरती की याद आ गई जिसका विकास करोड़ो वर्षो में हुआ है। उन्होंने अजय-अभय ...

नीबाबाग
द्वारा Jyoti Prakash Rai
  • 579

किसी नगर में एक राजा और रानी राज किया करते थे। राजा को एक लड़का था वह बहुत ही सराराती था, रास्ते में आते जाते लोगों को अक्सर परेशान ...

आसमान में डायनासौर - 4
द्वारा राज बोहरे
  • 528

आसमान में डायनासौर 4   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे         जब जागे तो वे चौंक गये उन्होंने अपना यान पुच्छल तारे के पीछे लपकता हुआ लगाया ...

सोलहवाँ साल (18) - अंतिम
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 528

उपन्यास  सोलहवाँ साल     रामगोपाल भावुक    सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com         ...

त्‍याग
द्वारा Ramnarayan Sungariya
  • 492

कहानी--                                त्‍याग                                                                                                        आर.एन. सुनगरया                            मनुष्‍य जब खुश, दु:खी या परेशानी में होता है, तब वह अपने शौक में

छूना है आसमान - 1
द्वारा Goodwin Masih
  • 1.4k

उपन्यास के बारे में “छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर ...

आसमान में डायनासौर - 3
द्वारा राज बोहरे
  • 480

आसमान में डायनासौर  3   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे          सामने के पर्दे पर शुक्र के अलावा दूसरे ग्रहों भी दिख रहे थे और प्रो. दयाल दूसरे ...

सोलहवाँ साल (17)
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 339

    उपन्यास    सोलहवाँ साल      रामगोपाल भावुक    सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com   ...

बाढ़ और दादी
द्वारा Anil jaiswal
  • 687

अनिल जायसवाल"बागमती में पानी उफान मार रहा है। कभी भी किनारा तोड़कर पानी गांव में घुस आएगा। सरकार ने चेतावनी जारी की है। हमें सुबह तक गांव खाली करना ...

सोलहवाँ साल (16)
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 333

उपन्यास  सोलहवाँ साल     रामगोपाल भावुक   सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com       ...

आसमान में डायनासौर - 2
द्वारा राज बोहरे
  • 447

आसमान में डायनासौर 2   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  और एक दिन बहुत सुबह की घटना है यह      जब सारी दुनिया अपने काम से धंधो में ...

आसमान में डायनासौर - 1
द्वारा राज बोहरे
  • 777

आसमान में डायनासौर  1   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                यकायक हड़कंप सा मच गया था।                उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!!                आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरियों से।   ...

सोलहवाँ साल (15)
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 411

उपन्यास  सोलहवाँ साल   रामगोपाल भावुक   सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com     भाग पन्द्रह ...