The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
Aashi की उँगलियाँ उस कागज़ पर जमी रह गईं।उसकी आँखें बार-बार उसी नाम को पढ़ रही थ...
चारों तरफ पसरा गहरा, बेआवाज़ सन्नाटा और उस सन्नाटे को चीरती ठंडी हवा। आसमान की स...
एपिसोड 38— पंद्रह साल पहले क्या हुआ था?पुराने सेंट मेरीज़ हॉस्पिटल के उस कमरे मे...
ध्रुव की ताराभाग - १०लेखिका "अनामिका" जीत के जश्न और तालियों की गूँज अभी ध्रुव...
रात गहरी थी। खिड़की से आती चांदनी बिस्तर पर हल्की-सी चांदी बिखेर रही थी। शैलजा क...
गुस्सा मेरा सबसे बड़ा दुश्मनलड़ाई-झगड़े में मैं हमेशा समानता रखने की कोशिश करता...
( सुबह का वक्त। हल्की धूप खिड़की से छनकर कमरे में गिर रही है। हवा में सन्नाटा है...
कहानी - अपराजितासंध्या का समय था। दिन ढल चुका था, अंधेरा अभी पूरी तरह बना नहीं थ...
16 दानिश की डॉक्टर से मुलाकात डेड बॉडी के सीधे हाथ की उंगलियों में ओरिगामी फंसा...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 70 — सबसे कठिन चुनावप्रथम लेखागार की दीवारे...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...
बहुत पुराने ज़माने की बात है। एक छोटा-सा गाँव था। उसी गाँव में एक बूढ़ी औरत रहती थी। उसका पति कब का मर-खप चुका था। घर में बस वही बूढ़ी औरत और उसका एक इकलौता बेटा बचा था। अब बेटा...
"Sahitya Ka Circus" ek kalpanik, vyangyatmak rachna hai. Sabhi patra, ghatna kalpanik hain. Iska kisi vastavik vyakti, lekhak (Premchand/Manto/Ghalib), sanstha se koi samb...
मियां-बीवी की खट्टी-मीठी नोकझोंक से भरपूर कहानी -(प्यार भी तुमसे और टकरार भी ) ( डॉक्टर बीवी और बेचारा मरीज पति ) ️भाग–1 रात के ठीक ग्यारह बजे...पूरा मैरिज हॉल तालियों से गूंज...
बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...
बारिश की हल्की-हल्की बूंदें शहर को किसी फिल्म जैसा बना रही थीं।लेकिन उस खूबसूरत मौसम से बिल्कुल उलट थी अनन्या मिश्रा की हालत।"हे भगवान... आज ही लेट होना था!"वह एक हाथ में क...
कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वाण छोड़ने को आतुर हो जाते हैं मा...
मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा चारों तरफ घना अँधेरा। मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा। "...
किस्मत का ‘विसर्जन’ और वह अनोखा मेहमान मकान का हाल: बरेली की सबसे तंग गली बरेली के एक पुराने इलाके में, जहाँ गलियाँ इतनी तंग हैं कि दो साइकिलें साथ निकल जाएँ तो जगह कम पड़ जा...
मंगलाचरण: एक रहस्यमयी आकृति गर्मी की दोपहर हो या सर्दियों की गुनगुनी धूप, मोहल्ले की उस २० फुट चौड़ी सड़क के बाएं कोने पर एक 'अजूबा' हमेशा मौजूद रहता है। दूर से देखने वा...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser