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तस्वीर
by Satender_tiwari_brokenwords
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ये कहानी एक काल्पनिक रचना हैं और इसके सभी पात्र काल्पनिक हैं। ___________________________________________तस्वीर एक ऐसी कहानी है , जहां एक दोस्त अपनी दोस्ती की दास्ताँ लिखता , दोस्ती होने के ...

पढ़ने का धैर्य
by kaushlendra prapanna
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  कौशलेंद्र प्रपन्न शायद दुनिया में यदि कोई कठिन और श्रमसाध्य कार्य है तो वह पढ़ना ही है। कोई भी पढ़ना नहीं चाहता। हर कोई पढ़ाना चाहता है। हर ...

प्रेम - मैंने देखा है
by Shivani Mishra
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पता है जब आप प्रेम में होते हो तो बहुत कुछ करते हो एक दूसरे के लिए पर कुछ वक्त बाद जब प्रेम थोड़ा सा पुराना हो जाये तो ...

कब तक ?
by Ritu Dubey
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कुछ सवाल ऐसे है जिनके उत्तर हम सब जानते है फिर भी अनजान बने रहते है ...

प्यारी दोस्त - 1
by Unknown
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मेरी दोस्त मुझसे नाराज़ थी , हा मेरी दोस्त कंजूस(दोस्त को कंजूस की उपमा) मुझसे नाराज़ थी। उसकी बात करू तो अब तक की मेरी सबसे अच्चीदोस्त ।       ...

थकावट, अकेलापन और तनाव से निपटने के लिए एक सरल विधि।
by Rakesh Sharma
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“मुझे पता चला कि जब मैंने अपने विचारों पर विश्वास किया था, तो मुझे पीड़ा हुई, लेकिन जब मैंने उन पर विश्वास नहीं किया, तो मुझे पीड़ा नहीं हुई, ...

लक्ष्य
by Rudra
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Book Title - ? Book Author - रूद्र नमस्ते, मेरा नाम रूद्र है । धन्यवाद !! आप सभी का मुझे इतना प्यार देने के लिए, IMRrudra की सोच को ...

उजड़ता आशियाना - अनकही दास्तान - 5
by Mr Un Logical
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वह एक थकी हुई सी शाम थी,हर तरफ खामोशी फैली हुई थी।लग रहा था जैसे कोई तूफान गुजरा था।जिसके द्वारा किये गये बर्बादी पर मातम मनाया जा रहा हो।कई ...

मंजिल और रास्ते
by Rudra
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Book Title – एक ख़ूबसूरत सफर By IMRudra Author – Rudra Book Description - मंजिल की ख़ुशी से ज्यादा अधिक ख़ूबसूरत वो सफर होता है जिस पर चलकर आप ...

“इश्क़ होना जरुरी है”
by Rudra
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  Title - “इश्क़ होना जरुरी है”   Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra            About The Author ...

उजड़ता आशियाना - जीवन पथ - 4
by Mr Un Logical
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किसी ने क्या खूब कहा है।जन्म हुआ तो मैं रोया और लोग हँसे, मौत आयी तो सब रोये मैं चैन से सोता रहा।ऊँची नीची जीवन पथ पर चलते चलते, ...

फेक न्यूज़ के खतरें हज़ार
by Yashwant Kothari
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फेक न्यूज़ याने झूठीं ख़बरों के  बड़े  खतरे                             यशवंत कोठारी फेक न्यूज़ के खतरे सर पर चढ़ कर बोलने लगे हैं. क्या सरकार ,क्या पार्टियाँ और क्या चुनाव ...

उजड़ता आशियाना - पतझड़ - 2
by Mr Un Logical
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आज बहुत दिनों के बात एक सुहानी शाम को कुछ फुरसत के पल मिले थे।ऐसा लग रहा था जैसे हम कितने दूर निकल गए,और बहुत कुछ पीछे छूट गया ...

तीसरी उम्र के लिए तैयारी
by r k lal verified
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तीसरी उम्र के लिए तैयारी तीसरी उम्र लगभग 55और 80 की उम्र के बीच की मानी जाती है जो आम तौर पर सेवानिवृत्ति से थोडा पहले से ही शुरू हो ...

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विश्व महाशक्ति – किसका नेतृत्व, कौन दावेदार
by Utpal Chakraborty
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लेखक - उत्पल चक्रबोर्ती हिंदी सह-लेखक - रोहित शर्मा आज सम्पूर्ण विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का डंका जोरों शोरों से बज रहा है, कंप्यूटर साइंस की इस विधा ...

जीवन की खीज से निपटने के लिए एक मंत्र।
by Rakesh Sharma
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जब में ये लिख रहा हु, मेरी एक बहस हुई है, दिन की सुरुवात में, नींद की कठिनाइय, जीवन में बदलाव, एक कार्यभार जो बहुत अधिक है। जैसा कि ...

उजड़ता आशियाना
by Mr Un Logical
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अनहोनी की निशानी होती है कि हमें अंदाजा नहीं होता,और जो हो जाता फिर उस से उबरने के कोई रास्ता नहीं होता।लेकिन अक्सर जिसे हम अनहोनी कहते या समझते है ...

विश्व शांति मेरी दृष्टि मैं(motivational)article - विश्व शांति मैरी दृष्टि मैं
by Shaimee oza Lafj verified
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"विश्व शांति मेरी दृष्टि मैं,शांती शब्द का सीधा तालुक परमात्मा की और हम को ले जाता है, जब हम परमतत्व से सीधे कनेक्ट होते है तो हम को शांति ...

परीक्षा को न बनाए हौव्वा
by Archana Singh
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परीक्षा को न बनाएॅं हौव्वा परीक्षा आते देख बच्चे व माता-पिता भी तनावग्रस्त हाने लगते हैं पर आवश्यकता है धैर्य की ताकि विवेक से आने वाले कल के लिए ...

जाने देने का अभ्यास।
by Rakesh Sharma
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ऐसा समय होता हैं जब हमारा दिमाग किसी चीज से कसकर चिपक जाता है, और यह शायद ही कभी मददगार होता है: मैं सही हूं, दूसरा व्यक्ति गलत है।वह ...

शक्ति का एक छिपा हुआ स्रोत।
by Rakesh Sharma
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लगभग हम में से हर एक हमारी शक्ति को दूर करता है, बिना सोचे समझे। उदाहरण के लिए: कोई व्यक्ति ऐसा कुछ असंगत या उल्लंघन करता है जो आपको ...

जब डर आपको सार्थक काम करने से रोक रहा है
by Rakesh Sharma
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मैं हाल ही में एक दोस्त के साथ एक चर्चा कर रहा था जो अपने आप को उस उद्देश्यपूर्ण कार्य को करने से रोक रहा है जो वह सोचता ...

बेचारे पुरुषों का दर्द कौन समझे ?
by Mangi
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मैं जैसे ही ऑफिस में लंच के लिए बैठा तो फोन रनकने लगा ! देखा तो, " बॉस का कॉल "। अरे, उसे कॉल क्यो कहु ? आफ़त की पुड़िया ...

मैं...
by Harshad Molishree
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इंसानियत की बस्ती जल रही थी, चारों तरफ आग लगी थी... जहा तक नजर जाती थी, सिर्फ खून में सनी लाशें दिख रही थी, लोग जो जिंदा थे वो ...

लेखक कौन होता है? - लेखक कौन है?
by Author Pawan Singh
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लेखक कौन हो सकता है या लेखक कौन बन सकता है? ऐसे सवाल अक्सर हर लेखक और पाठक के मन मे जरूर उभरता है। लेकिन इससे पहले यह जानना शायद ...

अलविदा 2018
by Neetu Routela
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बचपन से साल के अंत में 31 दिसंबर को आने वाली साल की मुख्य खबरे मेरा सबसे पसंदीदा कार्यकर्म रहा है! छोटे से समय में देश-दुनिया का साल भर का ...

भावनाओं का बाज़ारीकरण
by Lakshmi Narayan Panna verified
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भावनाओं का बाजारीकरणभावनाओं का मानव जीवन में बड़ा ही महत्व है । भाव या इमोशन्स जीवन के वे अंग हैं जिनके बग़ैर जीवन ब्लैक एंड व्हाइट चलचित्र मात्र रह ...

अहंकार गिराना: आत्म-चिंता से मुक्त करने का जादू
by Rakesh Sharma
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एक माइंडफुलनेस तकनीक है जिसे मैं अब कई वर्षों से अभ्यास कर रहा हूं, और जब मैं यह कर सकता हूं, तो यह जादू की तरह है। अभ्यास अहंकार ...

समीक्षा - स्वाभिमान
by BALRAM AGARWAL
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हिन्दी लघुकथा के क्षेत्र में विषय केन्द्रित लघुकथा लिखने को प्रेरित करना और उन्हें प्रश्रय देना मुख्यत: इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक के प्रथमार्द्ध की देन है। विषय-केन्द्रित लघुकथा ...

साहित्य और फिल्मे
by ARYAN Suvada verified
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हॉलीवुड एवं भारतिय सिनेमा में समय समय पर साहित्य की रचनाओ पर फिल्मे बनी है । भारतिय सिनेमा में शुरुआती दौर में साहित्यक कृति पर कई फिल्में बनी पर ...