Short Stories free PDF Download | Matrubharti

गधे का दर्द
by Ajay Amitabh Suman
  • (1)
  • 26

अपना गधा संपन्न था , पर सुखी नहीं। दर्द तो था , पर इसका कारण पता नहीं चल रहा था। मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत होते हुए भी , ...

रहमत-ए-खुदा-वंदी के फूल
by Saadat Hasan Manto
  • (5)
  • 59

ज़मींदार, अख़बार में जब डाक्टर राथर पर रहमत-ए-ख़ुदा-वंदी के फूल बरसते थे तो यार दोस्तों ने ग़ुलाम रसूल का नाम डाक्टर राथर रख दिया। मालूम नहीं क्यूँ, इस लिए ...

बेटे घर कब आओगे
by RN CREATION WORLD
  • (4)
  • 29

आज - कल खुश कम और परेशान इंसान ज्यादा दिखते हैं, जबकि आज के समय में हर कोई कामयाब है और अच्छा पैसा कमा रहा है। फिर ऐसा क्या ...

विदाउट यू (WITHOUT YOU))
by Swatigrover
  • (10)
  • 127

विदाउट यू (WITHOUT YOU)) "यार ! मयंक यह हमारे देश में क्या हो रहा है ? देश में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ कैसी दरिंदिगी हो रही ...

सुरजू छोरा - 3
by Kusum Bhatt
  • (1)
  • 18

तो घूमते हुए समय के पहिये के साथ उदय होने लगा था सूरजू का सूरज..., उसे बाजार में उतरना था अपनी कला को लेकर इसके लिये पूंजी की जरूरत ...

वर्दी वाली बीवी - 3
by Arpan Kumar
  • (1)
  • 45

तीन बजकर पचास मिनट पर ‘सिरपूर कागज नगर’ आया। अब आंध्रप्रदेश आ चुका है। स्टेशनों के नाम तेलगू में लिखे जाने दिखने लगे। ‘सिरपूर कागज नगर’ आंध्रप्रदेश के अदीलाबाद ...

रत्ती, माशा, तोला
by Saadat Hasan Manto
  • (7)
  • 84

ज़ीनत अपने कॉलिज की ज़ीनत थी। बड़ी ज़ेरक, बड़ी ज़हीन और बड़े अच्छे ख़ुद-ओ-ख़ाल की सेहतम-नद नौजवान लड़की। जिस तबीयत की वो मालिक थी उस के पेश-ए-नज़र उस की ...

उसके हिस्से की जिंदगी
by Sushma Munindra
  • (2)
  • 28

सरलता नहीं सोचती थी उस चुके हुये आदमी में साहस और दृढ़ता बाकी थी। वह फैसले लेना साथ ही सुनियोजित योजनाओं पर विचार करना छोड़ चुका था। थोड़ी दूर ...

यज़ीद
by Saadat Hasan Manto
  • (1)
  • 43

सन सैंतालीस के हंगामे आए और गुज़र गए। बिलकुल उसी तरह जिस मौसम में ख़िलाफ़-ए-मामूल चंद दिन ख़राब आएं और चले जाएं। ये नहीं कि करीम दाद, मौला की ...