सर्वश्रेष्ठ लघुकथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

मेरी नजर से देखो - भाग 4 - समानता के अवसर या मौके का फायदा?
द्वारा Rajat Singhal

टिंग टोंग... लगता है मजबूरदास आ गया। मैने मेरी पत्नी को दरवाजे खोलने को रूक्का दिया। मेरी पत्नी ने अपने भाई की आवभगत की, फिर मैने पुछा ओर आजकल ...

ताश का आशियाना - भाग 7
द्वारा R.J. Artan

मुझे तब लगा वो अचानक से कन्फेशन से घबराई होंगी। जैसे 2 साल पहले मेरा हाल था उसी प्रकार उसका भी वही हाल था, पर जब वह 12वीं के ...

कुत्तों का सामान्य इतिहास
द्वारा Shamad Ansari

     *कुत्तों का सामान्य इतिहास* Writer - Shamad Ansari इस विचार में कोई विसंगति नहीं है कि इस दुनिया में मनुष्य के निवास के शुरुआती दौर में उसने ...

प्यार के वो पल
द्वारा डॉ मीरारामनिवास वर्मा
  • 204

"मानसिकता"        दीनदयाल का कद रातों रात बढ़ गया । बेटी जानकी सिविल सेवा में पास  हो गई । दीनदयाल की बेटी पुलिस अफसर बन गई। खबर ...

खोखली प्रगतिशीलता
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 177

धनराज जी अपने बड़े सुपुत्र के लिए लड़की देखने आए हुए थे । मानसी को देखते ही उन्होंने उसे अपने बड़े बेटे हिमेश के लिए पसंद कर लिया  । ...

अंतिम इच्छा
द्वारा S Sinha
  • 345

कहानी --अंतिम इच्छा      ऊपरवाले से बड़ा कहानीकार तो कोई नहीं हो सकता है .किसकी कहानी कैसी होगी , कितनी लम्बी या छोटी , सुखान्त या दुखांत कब और ...

दोषी
द्वारा डॉ मीरारामनिवास वर्मा
  • 600

"दोषी"        जया पति के होते हुए अकेली थी।  बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। पढ़ लिखकर बेटी अपने घर की हो गई। बेटा पढ़ रहा ...

‘अमृत-अणु’ की खोज
द्वारा Anand M Mishra
  • 285

कोरोना के कारण जिंदगी थोड़ी धीमी चलने लगी। सर्वत्र खामोशी छाई हुई है! अब प्रकृति से जनसामान्य जुड़ने की चेष्टा में है। सुबह प्रकृति सभी से चिड़िया की चहचहाहट ...

अपना घर
द्वारा Saroj Prajapati
  • 615

उर्मी संयुक्त परिवार में हुई थी। परिवार में जेठ जेठानी, सास ससुर व पति सुकेश । कुछ ही दिनों में उर्मी को अच्छे से पता चल गया कि घर ...

एक्स्ट्रा कमाई
द्वारा satish bhardwaj
  • 639

एक युवा का चयन अवर अभियंता (जे. इ.) के पद पर सिंचाई विभाग में हुआ। कुछ दिन बाद उनको पत्र आया कि नहर के किनारे वृक्षारोपण करवाइए। उन्होंने संबंधित ...

माटी से प्यार
द्वारा डॉ मीरारामनिवास वर्मा
  • 483

माटी से प्यार"                 भोलानाथ का जीवन माटी में रचा बसा सादगीभरा था। खेती-बाड़ी का काम पिता से विरासत में मिला था। भोलानाथ ...

जीवन ऊट पटाँगा - 6 - दो पाटों के बीच बतर्ज़ सैंडविच
द्वारा Neelam Kulshreshtha
  • 396

बीच वाले [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] बुआ ने अब की बार बोरिया बिस्तर हमारे यहाँ पटककर झंडा गाढ़ दिया कि उर्मि की शादी किये बिना यहां से नहीं टलेंगी। ...

पुराना हैंडपम्प...
द्वारा Saroj Verma
  • 465

बहुत सालों बाद अपने गांव जाने का मौका मिला,जो कि मेरी जन्मभूमि है,सोचा था कि गांव की सैर करते हुए खेतों में भी टहल लेंगे,हरे चने,हरे मटर और बेरों ...

अकबर और तानसेन कि कहानी (ओशो)
द्वारा Sonu dholiya
  • 465

मैंने सुना है, अकबर ने तानसेन को एक बार कहा कि तुम्हारा संगीत अपूर्व है। मैं सोच भी नहीं सकता कि इससे श्रेष्ठ संगीत कहीं हो सकता है। या ...

तीन देवियां
द्वारा S Sinha
  • 918

                                                          ...

खत वाला PYAAR - 1
द्वारा Ek_Gunjati_AAWAZ
  • 513

             मे आज आपके सामने एक कहानी लेकर आई हुँ । आशा करती हुँ की, आपको मेरी यह कहानी पसंद आयेगी । तो शुरु ...

सुख के साथी
द्वारा Bhupendra Singh chauhan
  • 456

बोधू के पिता दीनू ने अपने 1 बीघे खेत मे अमरूद का बगीचा लगाया था।दीनू ने इन्हें बच्चों की तरह पाला था एक एक पौधे की रखवाली में उन्होंने ...

झरने की खुशबू....
द्वारा Saroj Verma
  • 573

मैं अपने ननिहाल घूमने के लिए गया था,पता चला कि गांव से बाहर एक झरना है जो कि बहुत ही खूबसूरत है, मैंने सोचा कि मुझे वहां जाना चाहिए ...

विश्वास की जीत़
द्वारा Ravi maharshi
  • 495

हेलो दोस्तों नमस्कार , आदाब , अभिनंदन , आभार आपने कहानियां तो बहुत सी सुनी होंगी और पढ़ी होंगी लेकिन आज जो मैं आपको कहानी बताने जा रहा हूं ...

संस्कृत वांग्मय में जीवन दर्शन - 2
द्वारा Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 222

संस्कारसंस्कार मानव के नव निर्माण की आध्यात्मिक योजना है । चरक ऋषि ने कहां है संस्कारों हि गुणाअंतर आधान, उच्यते अर्थात संस्कार पहले से विद्यमान दुर्गुणों को हटाकर उनके ...

जीवन ऊट पटाँगा - 5 - सांप...सांप..
द्वारा Neelam Kulshreshtha
  • 537

नीलम कुलश्रेष्ठ “सांप...सांप..” मलय चिल्लाता हुआ उठ कर बैठ गया और कांपने लगा । “कहाँ है?” प्रीति घबरा कर उठ बैठी । बिजली चली गई थी । छोटी बत्ती ...

आभासी दुनिया
द्वारा Darshita Babubhai Shah
  • 453

२१०० साल! एक आभासी दुनिया होगी। भविष्य की दुनिया में वैज्ञानिक, सामाजिक, राजनीतिक, व्यक्तिगत और हर दूसरे क्षेत्र में क्या परिवर्तन हुए हैं। एक काल्पनिक दुनिया होगी। लोग स्वप्निल ...

मैं माँ हूँ
द्वारा S Sinha
  • 882

   कहानी  :-  मैं माँ हूँ        शोभा अपने गाँव में पति और एकलौते बेटे के साथ खुशहाल ज़िन्दगी जी रही थी . अभी उसका बेटा चंदू दस ...

To Sisters
द्वारा Sharanjeet Kaur
  • 657

This is story of two sister there mother are to ill and there daughters cannot money to admit to there mother to hospital.both sisters are continuous thinking about what ...

जीवन ऊट पटाँगा - 4 - मार्गरेट आने वाली हैं
द्वारा Neelam Kulshreshtha
  • 597

नीलम कुलश्रेष्ठ उस दिन को कितने वर्ष हो गए होंगे ---चालीस के लगभग ? एक दो साल इधर या उधर --तब उसे विवाह के बाद यू पी से आये ...

ताश का आशियाना - भाग 6
द्वारा R.J. Artan
  • 573

ऐसा नहीं था चित्रा की कोई दोस्त नहीं थे। She is topper student. बादामी आकार की आंखें, काले लंबे बाल, उसकी दो चोटियां और घुटनों तक पहने मोज़े, गोरी ...

मेरे पिता मेरे पुण्य
द्वारा Vikash Dhyani
  • 1k

मेरे पिता मेरे पुण्य। सुबह सुबह ये डाकिया भला न जाने किस का खत हमारे घर पे दे गया। कितना रुकने को बोला सुना ही नहीं, हद है। लक्ष्मी(जो ...

भूटान कैसे बना खुशहाल?
द्वारा Anand M Mishra
  • 564

भूटान! एक छोटा-सा देश! खुशहाली से भरपूर! कैसे बना आनंदित राष्ट्र? हमारे एक सहकर्मी ने अनौपचारिक बातचीत में बताया। भूटान में ‘आनंद मंत्रालय’ है। यह मंत्रालय वहां की जनता ...

तेरे बिना भी क्या जीना
द्वारा Ravi maharshi
  • 882

आज रश्मि को थोड़ी-थोड़ी खांसी आने लग गई थी पिछले 2 दिनों से उसे तेज बुखार भी था जब वह सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी तभी उसके पापा ...

बाबू वाला डिजिटल लव
द्वारा रामानुज दरिया
  • 1.2k

थोड़ा सा नीचे, और थोड़ा सा,अरे नहीं थोड़ा बाएं और हल्का सा ,हां सेन्टर पर करो, हां अब ठीक है,अब फ़ोन को एकदम स्लो मोशन पर चलाओ।देव प्लीज यर ...