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सड़क के किनारे
by Saadat Hasan Manto
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“यही दिन थे..... आसमान उस की आँखों की तरह ऐसा ही नीला था जैसा कि आज है। धुला हुआ, निथरा हुआ.... और धूप भी ऐसी ही कनकनी थी... सुहाने ...

सजदा
by Saadat Hasan Manto
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गिलास पर बोतल झुकी तो एक दम हमीद की तबीयत पर बोझ सा पड़ गया। मलिक जो उसके सामने तीसरा पैग पी रहा था फ़ौरन ताड़ गया कि हमीद ...

संतर पन्च
by Saadat Hasan Manto
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मैं लाहौर के एक स्टूडियो में मुलाज़िम हुआ जिस का मालिक मेरा बंबई का दोस्त था उस ने मेरा इस्तिक़बाल क्या मैं उस की गाड़ी में स्टूडियो पहुंचा था ...

औकात
by राज बोहरे
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कहानी- राजनारायण बोहरे                           औकात जिस दिन से दिनेश अहमदाबाद आये, मन का चैन छिन गया।      एक लम्बे अरसे से वह उससे दूर  रहे आये हैं और ...

शो शो
by Saadat Hasan Manto
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घर में बड़ी चहल पहल थी। तमाम कमरे लड़के लड़कियों, बच्चे बच्चियों और औरतों से भरे थे। और वो शोर बरपा हो रहा था। कि कान पड़ी आवाज़ सुनाई ...

सोच और संघर्ष
by Dr Vatsala J Pande
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अरे आज भी तुम ये छोटी छोटी मछलियां पकड़ लाये , कितनी बार समझाया की समुद्र में थोड़ी दूर तक जाओ , थोड़ी बड़ी मोटी मछली लाओ ,कुछ आमदनी ...

शैदा
by Saadat Hasan Manto
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शैदे के मुतअल्लिक़ अमृतसर में ये मशहूर था कि वो चट्टान से भी टक्कर ले सकता है उस में बला की फुर्ती और ताक़त थी गो तन-ओ-तोश के लिहाज़ ...

शेरू
by Saadat Hasan Manto
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चीड़ और देवदार के ना-हमवार तख़्तों का बना हुआ एक छोटा सा मकान था जिसे चोबी झोंपड़ा कहना बजा है। दो मंज़िलें थीं। नीचे भटियार ख़ाना था जहां खाना ...

धनिया
by Ved Prakash Tyagi
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धनिया     फुट पाथ पर पडी धनिया भंयकर प्रसव पीडा से तडप रही थी, बेचारा सुखिया इस शहर मे किसी को जानता भी नही जो उसकी सहायता के ...

डूबते जल यान
by राज बोहरे
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डूबते जल यान राजनारायण बोहरे                 चूल्हे में लगी लकडी बहुत धुधुआ रही थी । सिलेण्डर कोने में लुडका पडा था                   शहर में गेस सिलेण्डर पन्द्रह दिन में नम्बर ...

शेर आया शेर आया दौड़ना
by Saadat Hasan Manto
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ऊंचे टीले पर गडरिए का लड़का खड़ा, दूर घने जंगलों की तरफ़ मुँह किए चिल्ला रहा था। “शेर आया शेर आया दौड़ना।” बहुत देर तक वो अपना गला फाड़ता ...

शुग़ल
by Saadat Hasan Manto
  • (11)
  • 136

हम में से कुछ किसान थे और कुछ मज़दूरी पेशा, चूँकि पहाड़ी देहातों में रुपय का मुँह देखना बहुत कम नसीब होता है। इस लिए हम सब ख़ुशी से ...

शान्ति
by Dr Vatsala J Pande
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ओफ्फो शान्ति तुम कितनी दुष्ट हो ,मैं  कितने  वर्षो  से सिर्फ ये चाह  रहा हूँ की तुम कुछ पल, दिन मेरे साथ गुजारो, पर नहीं तुम तो मुझसे कोसो ...

शिकारी औरतें
by Saadat Hasan Manto
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मैं आज आप को चंद शिकारी औरतों के क़िस्से सुनाऊंगा। मेरा ख़याल है कि आप को भी कभी उन से वास्ता पड़ा होगा। मैं बंबई में था। फिल्मिस्तान से ...

शाह दूले का चूहा
by Saadat Hasan Manto
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सलीमा की जब शादी हुई तो वो इक्कीस बरस की थी। पाँच बरस होगए मगर उस के औलाद न हुई। उस की माँ और सास को बहुत फ़िक्र थी। ...

शुरू से शुरू करते हैं
by Rita Gupta
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शुरू से शुरू करतें हैं   द्वारा  रीता गुप्ता  "अनु तुमने उससे ...

AWAGYAA
by Dr Vatsala J Pande
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  • 77

हां कैकेयी तो तुम्हे तुम्हारे दो वचन मुझे आज पूरे करने है।  बोलो प्रिय ,मांगो जो मांगना है, आज मैं  राम को  राजा घोषित कर बहुत ही प्रसन्न और ...

शारदा
by Saadat Hasan Manto
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  • 167

नज़ीर ब्लैक मार्कीट से विस्की की बोतल लाने गया। बड़क डाकख़ाने से कुछ आगे बंदरगाह के फाटक से कुछ इधर सिगरेट वाले की दुकान से उस को स्काच मुनासिब ...

तीज का सिंधारा
by Saroj Prajapati
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"मम्मी बुआ मुझे देख कर इतनी खुश हुई ना कि मैं आपको बता नहीं सकता। बुआ को समझ ही नहीं आ रहा था ,मुझे क्या खिलाए ,कहां बिठाए । ...

शान्ति
by Saadat Hasan Manto
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दोनों पीरे ज़ैन डेरी के बाहर बड़े धारियों वाले छाते के नीचे कुर्सीयों पर बैठे चाय पी रहे थे। उधर समुंद्र था जिस की लहरों की गुनगुनाहट सुनाई दे ...

दो कॉलगर्ल की कहानी
by Ranjeev Jha
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---------------------------------- शहर की दो टॉप - क्लास कॉलगर्ल में , टॉप - क्लास की दोस्ती थी ।  एक दिन जब दोनो साथ बैठकर पी रही थी और उनपर सुरूर छाने लगा ...

शादाँ
by Saadat Hasan Manto
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ख़ान बहादुर मोहम्मद असलम ख़ान के घर में ख़ुशीयां खेलती थीं....... और सही माअनों में खेलती थी। उन की दो लड़कियां थीं। एक लड़का। अगर बड़ी लड़की की उम्र ...

बेटी बेटा
by Dr Vatsala J Pande
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अमेरिका के  फ्लोरिडा में पढ़ रही आठ साल की  फ्लोरेंस  को अपने कक्षा में सब से अच्छी गरिमा लगती है। रोज़ दो चोटी कर के आती है तो फ्लोरिडा ...

शहीद-ए-साज़
by Saadat Hasan Manto
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मैं गुजरात काठियावाड़ का रहने वाला हूँ। ज़ात का बनिया हूँ। पिछले बरस जब तक़्सीम-ए-हिंदूस्तान पर टंटा हुआ तो मैं बिलकुल बे-कार था। माफ़ कीजिएगा मैं ने लफ़्ज़ टंटा ...

शह नशीं पर
by Saadat Hasan Manto
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वो सफ़ैद सलमा लगी साड़ी में शह-नशीन पर आई और ऐसा मालूम हुआ कि किसी ने नक़रई तारों वाला अनार छोड़ दिया है। साड़ी के थिरकते हूए रेशमी कपड़े ...

वेडिंग कार्ड
by Swatigrover
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नैना  को  किसी ने मार दिया था। उसकी खून से  लथपथ  लाश लोगों  को कहने पर  मजबूर कर रही थी  कि  'क्या  अन्याय  है! दस  दिन बाद  इसकी  शादी  थी  ...

शलजम
by Saadat Hasan Manto
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“खाना भिजवा दो मेरा। बहुत भूक लग रही है” “तीन बज चुके हैं इस वक़्त आप को खाना कहाँ मिलेगा?” “तीन बज चुके हैं तो क्या हुआ। खाना तो ...

अपना अंश
by Amita Joshi
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"छाया,तुम्हारा पेट कुछ भारी भारी सा लग रहा है,कहीं कोई गुड़ न्यूज़ तो नहीं सुनाने वाली हो"।"अरे,ऐसा    कुछ नहीं है दीदी ,बस पिछले    दिनों   घूमने नही गए ...

बारीश
by Raje.
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अभी 5:45 शाम के बज रहे थे।मैने नाश्ता खतम किया। और पुछा कितने रुपे हुए। वह कुछ दैर गीन कर बोला। शाब, 20 रुपे। मैने जट से पोकेट नीकाला और ...

मेरी किस्मत
by Rahul Sagar
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मेरा नाम राहुल सागर है और मैं मेरठ का रहने वाला हूं मेरी उम्र करीब 21 वर्ष होगी जब मेरी मुलाकात निधि यादव से हुई मैंने एमकॉम कंप्लीट किया ...