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आंखो देखी
by किशनलाल शर्मा

नो नोईवा इटली से भारत भ्रमण को आई थी। उसके मित्र जोभारत भ्रमण करके गए थे, ने उसे बताया था कि भारत में विदेशी पर्यटक सुरक्षित नहीं है। टैक्सी ...

दादू की माशूका
by Shakuntala Sinha

 1                                                     कहानी  - दादू  की माशूका    दीक्षांत समारोह समाप्त हुआ तो अंशु  सक्सेना और नूर अहमद दोनों दोस्त डिग्री लेने के बाद पटना यूनिवर्सिटी  की ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 15
by Pranava Bharti

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 15-नंदू "ओय ---देख दीदी आ गईं ---" नंदू ने रिक्शा देखते ही चिल्लाकर अपने नौकर हेमू को आवाज़ दी | "दीदी ...

सप्तरंगी - लघु कथा
by Nish
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कौन ?"मिस गुजरात कॉन्टेस्ट" गुड इवनिंग एंड वेलकम में आपकी होस्ट शैलजा आपका स्वागत करती हूँ , इस खूबसूरत शाम के इस खूबसूरत प्रोग्राम में , जहा पुरे गुजरात की ...

इत्ती सी, छोटी सी माँ
by Annada patni
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इत्ती सी, छोटी सी माँ अन्नदा पाटनी            जैसे ही खिड़की खोली कि एक छोटे से बच्चे के रोने की आवाज़ आई । सोचा कोई बात नहीं , थोड़ी देर में चुप हो जायेगा। पास रखे शेल्फ़ से पुस्तक निकाली ।  मन को एकाग्र कर पढ़ने का प्रयास करने लगी पर बच्चे     के रोने क

मर्द
by Anil Makariya
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मर्द ------- --- --- आज हमेशा के मुकाबले ट्रेन में कम भीड़ थी । सुरेखा ने खाली जगह पर अपना ऑफिस बैग रखा और खुद बाजू में बैठ गई ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 14
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 14-बेहिसाब महिमा ने अपनी बहू से इतनी मुहब्बत कर ली कि अपनी बेटी को भी एक तरफ़ कर दिया | उसका ...

दोहरी मार
by Dr Narendra Shukl
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आलू है । गोभी है । प्याज़  है । ‘ रात के करीब आठ बजे कड़कती ठंड में सुनसान - सी पड़ी सड़क के एक कोने में किसी बच्चे ...

किरदार - 2
by Kirdar
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तब मैं नही जानता था और ये कह भी नही सकता था कि ये साल मेरी जिंदगी बदलने वाला होगा । इस साल में ऐसा कुछ होगा जो मेरी ...

सुन रहे हो न बापू
by Annada patni
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सुन रहे हो न बापू अन्नदा पाटनी            कितने दिनों से सोच रही थी कि फोन करूँगी पर हर रोज किसी न किसी कारण रह ही जाता । कभी सोचती कि बात करूँ न करूँ , कहीं उन्हें क्रोध आ गया तो या बात अटपटी लगी तो । अब ग़ुस्सा आए तो आए , बात अटपटी लगे तो लगे , मैं आज उ

गुरप्रीत
by Pallavi Saxena
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धीरे-धीरे दिन हफ्ते महीने बीत चले है। अब साल खत्म होने को है। जैसे-जैसे परीक्षा का समय निकट आ रहा है, वैसे-वैसे मेरे दिल की धड़कनों में इज़ाफ़ा होता ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 13
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 13-टच-मी-नॉट अम्मा के घर पर ऊपर छज्जे के बीचों-बीच एक सीमेंट का सुंदर सा गमला बना हुआ था | शायद छज्जा ...

दिल से......
by Swatigrover
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"यार ! जफ़र  तेरा  हाल  भी  शहरुख  की  फिल्म  'दिल  से'  की  तरह  होने  वाला  है ।"  इमरान   ने  कहा । "क्यों  क्या  होने  वाला  है  मुझे ?" उस  फ़िल्म  में  ...

रिश्ते -ज़रूरत या ईश्वरीय देन
by A A Rajput
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बहुत दिनो से सोच रहा था कि आज कल के रिश्तों में वो बात क्यूँ नहीं हैं जिस रिश्तों की कहानी मैं अपने पापा माँ या फिर दादादादी से ...

दवा
by महेश रौतेला
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दवा:बगीचे में घूम रहा था। तभी एक बुजुर्ग बेंच पर बैठे दिखे। मैं उनकी बगल की बेंच पर बैठ गया। परिचय होने लगा। उनकी उम्र  तिरासी साल है। आँखों ...

कार का भूत
by Asha Rautela
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                                                          ...

जय बजरंगबली
by सिद्धार्थ शुक्ला
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#जय_बजरंगबलीपूज्य हनुमान जी को खबर मिली कि पृथ्वी पर उनके गोत्र को लेकर काफी घमासान मचा है। उन्होंने तो कभी इस विषय मे सोचा ही नही था। और वो ...

रिश्तों की अहमियत
by Ayushi Singh
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" चल यार निशी फाइनली आज का एग्जाम हुआ, सच में बहुत लेंथी था पेपर " हमने अपना हाथ झिटकते हुए कहा। " हां मीरा तू ठीक कह रही ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 12
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 12-प्रेम-पत्र नंदिता ने ऐसे घर में जन्म लिया था जहाँ हर बात पर, हर काम पर कंट्रोल का ताला लगा रहता ...

नगर ढिंढोरा
by Vandana Joshi
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बारह बजने मे सिर्फ सात मिनट बाकी थे ,ज़्यादातर घरों की बिजलियाँ बंद थीं लेकिन कुछ थे जो अब भी अपने बच्चों को मोबाइल जब्त करने की धम्की दे ...

मैं कहानी नहीं
by Rohit Sharma
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सुकेत का फोन वाइब्रेट कर रहा था। सुकेत का फोन केवल इसी नंबर पर वाइब्रेट करता था रिगटोन इस नंबर के लिए साइलेंट थी। लेकिन यह वाइब्रेशन वह तत्काल ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 11
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 11-छंगी ये उन दिनों की बात है जब दादी माँ बच्चों को अपने चारों ओर बैठाकर राम और कृष्ण की कहानियाँ ...

लूसिफ़र
by Anil Makariya
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लुसिफ़र* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * अम्बुश हमेशा की तरह आज रात को ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 10
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 10-मीतल मीतल सामने वाले घर की नई सेविका का नाम है | लंबी, उजली, बहुत ख़ूबसूरत! एक्टीवा लेकर आती है | मेहरा ...

मर्यादा की अर्थी
by Ved Prakash Tyagi Verified icon
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मर्यादा की अर्थी जमीला ने जैसे हमेशा के लिए ही चारपाई पकड़ ली थी, सलीम  जो भी कमाकर लाता सब उसकी दवा चिकित्सा पर ही खर्च हो जाता। रिहाना ...

सलीम-अनारकली
by Swatigrover
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सामने  कुर्सी  पर शान  से  बैठा  हुआ। रंग-बिरंगा  स्वेटर  और  गले में  मफलर   पहनकर  बड़ी-भूरी  आँखों  से   इधर-उधर  देखकर  पूरे  घर का  जायज़ा ले  रहा है । घर  के  सभी  सदस्यों की  गतिविधियों  को  ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 9
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 9-बुलबुल पता नहीं कब, कैसे उसने क्यारियों में छिपकर बच्चे दे दिए |वैसे ही परेशान थे सड़क के कुत्तों से ! सड़क पर ...

अमेरिकन नाईटमेयर
by Shakuntala Sinha
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                                             कहानी  - अमेरिकन नाईटमेयर    वर्षों से अमेरिका हमारे युवाओं के सपनों की मंजिल रहा है - ए  ड्रीम डेस्टिनेशन . विशेष कर 90 के दशक से ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 8
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 8-दावत कितना बड़ा जश्न हुआ अनिरुद्ध के बेटा होने पर ! सभी के मुख पर मुस्कान और देह पर सिल्क के लिबास ...

A SECRET LETTER - 1
by Hardik Chande
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DISCLAIMERप्रस्तुत कथा संपूर्ण: काल्पनिक है। इसका किसी भी घटना, व्यक्ति, स्थान, समय, जाति, लिंग, धर्म से कोई संबंध नहीं है। ये कथा का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ...