सर्वश्रेष्ठ लघुकथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

जिंदगी से मुलाकात - भाग 13
द्वारा R.J. Artan
  • 123

जिंदगी चलती जा रही थी।  विक्रम हैदराबाद जैसे शहर में  अपने कंपैटिबिलिटी की जॉब ढूंढ रहा था। उसने कहीं जगह लॉजिस्टिक की तौर पर  या फिर एक्सेल एग्जीक्यूटिव के ...

पोशाक
द्वारा Geeta Kaushik Rattan
  • 375

रतन घर का सबसे बड़ा बेटा और घर-परिवार में सबका लाड़ला भी था। पिताजी गाँव के लम्बरदार थे, इसीलिए अपनी ज़मीनों के सिलसिले में वे अक्सर व्यस्त ही रहते। ...

यह भी खूब रही
द्वारा S Sinha
  • 333

                         कहानी - यह भी खूब रही    ¨  भरता  , तेरी भाभी बोल रही है अब तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए   . ये रोज रोज होटल का ...

मेरा पहला मोबाइल फोन
द्वारा Shivani M.R.Joshi
  • 453

 यह कहानी बहुत ही रोमांचित है इसमें किसी पात्र या फिर किसी का कोई जिक्र नहीं बस एक खुशी का जिक्र है हम सब यह जानते हैं कि हमारी ...

ताश का आशियाना - भाग 3
द्वारा R.J. Artan
  • 318

दिल टूटने का आवाज नहीं होता पर ताश का आवाज आना तो लाजमी था। आवाज सुनाई दी गंगा देवी को जो पिछले 20 मिनट से हाथ में गीले कपड़ों ...

भीडतंत्र
द्वारा Rajesh Maheshwari
  • 312

भीडतंत्र           एक पाठशाला में प्रधानाचार्य महोदय प्रतिदिन छात्रों को शाला छूटने के बाद एक कहानी सुनाते थे। इससे छात्रों को मनोरंजन के साथ साथ सभ्यता, संस्कृति और ...

बबली
द्वारा Geeta Kaushik Rattan
  • 510

"बबली" मायके की दहलीज पार करते समय माँ-पिताजी की दुआओं में लिपटी ढेर सारी नसीहतों को अपने साथ लेकर गरिमा ने ससुराल में प्रवेश किया और परम्परानुसार मंगल गीत-संगीत ...

नागिन का इंतकाम - 2
द्वारा Appa Jaunjat
  • 429

काहाणी शुरु करते हे तो हमणे पिछले अध्याय मैं देखा की दुश्मन वापस आगए हे और वो शिवांगी के बेटी को मारणे आए हे तो चलो काहाणी शुरु करते ...

घर कब आओगे
द्वारा नवीन एकाकी
  • 444

सांसे टूट रही थी, धड़कन भी धीरे धीरे रुकने लगी थी। पूरे शरीर लहूलुहान था। दुश्मन की गोलियों ने उसके शरीर को छलनी कर दिया था। वो ज़मीन में ...

व्हील-चेअर
द्वारा Geeta Kaushik Rattan
  • 321

"गौरी, मेरी गाड़ी सर्विस के लिए गई हुई है और आज ही मेरा डाक्टर का अपॉइंटमेंट भी है। प्लीज, तुम मेरे साथ चली चलो।" फ़ोन पर गौरी का हाल-ख़बर ...

बचपन
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 606

वो शब्द जिसका बहुत ही बढ़िया विश्लेषण एक लोकप्रिय फ़िल्मी गीत में किया गया है । गीत के बोल हैं…' बचपन हर गम से बेगाना होता है …होता है ...

ताश का आशियाना - भाग 2
द्वारा R.J. Artan
  • 285

मन एक दूसरे से मिल चुकी थे, मन की गंदगी एक आलिगंन के साथ ही धुल गई थी।इस पल का सिद्धार्थ को कब से इंतजार था। चित्रा ने भी ...

नागिन - का इंतकाम
द्वारा Appa Jaunjat
  • 759

काहाणी शुरु करते हे हम ऐसी काहाणी लेकर आए हे जो आपने कभी भी नहीं सोनी होगी ‌‌‌तो काहाणी शुरु करते हे एक मंदिर के पास एक लडकी आती ...

श्री गाली कथा
द्वारा Amulya Sharma
  • 345

"श्री गाली कथा " कभी कभी मै इस सोच में पड़ जाता हूँ की आखिरकार गालियों का उद्भव कब और कहाँ हुआ होगा ?कौन होगा वह वयक्ति , जिसने ...

छोटा आदमी या छोटी सोच
द्वारा Aditi Jain
  • 816

जून की गर्मी में, लगभग डेढ़ घंटे से चिलचलाती धूप में, धूल से अटी उस सड़क पर पसीने से भीगी खड़ी मैं शहर को जाने वाली बस का इंतज़ार ...

दिलसे प्यार तक - भाग-२
द्वारा Appa Jaunjat
  • 546

 काहाणी शुरु करते हे हमणे पिछले अध्याय मैं देखा कि मानसी पोलिस बन जाती है तब शुभम बोलता हे मानसी तुमणे तुम्हारी मा का सपना पुरा कर दिया लेकिन ...

प्यार है वो जिंदगी नहीं
द्वारा Mitu Gojiya
  • 612

प्यार है  वो जिंदगी नहीं हा बिलकुल सही पढ़ा आपने आज कल प्यार सबको होता है किसी को एक तरफा तो किसी को दोनों तरफा मिल जाता है आपने ...

तीन बत्ती चार रास्ता
द्वारा S Sinha
  • 636

                                                        कहानी -   तीन बत्ती चार रास्ता                                               कमला ने अपने पति से पूछा “ ये सुखिया दो दिन से काम पर नहीं आ ...

प्यार का नशा
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 909

प्यार का नशा--------------//////------रमा अमीर बाप की बेटी थी।रमेश छोटा सा  सरकारी नौकर।रमा ,रमेश की सादगी और  व्यक्तित्व पर ऐसी मोहित हुई कि माँँबाप के     न   चाहने पर  भी ...

मेरी कहानी मेरी जुबानी
द्वारा Deepak Pradhan
  • 1.3k

मै दीपक प्रधान मेरा जन्म 1जुलाई1993 में मध्यप्रदेश के धार जिले के धामनोद शहर में हुआ था। मैं एक साधारण परिवार का सदस्य हूँ, हम परिवार में कुल 5 ...

એક ટેબલની આત્મકથા
द्वारा NIKETA SHAH
  • 399

ખૂણાંમાં મૂકી રાખ્યું છે, મને કારણ કે ઉંમરથઈ જવાને લીધે મારો વપરાશ હવે શક્ય નથી. યુવાનીમાં બહુ સાથ આપ્યો છે મે મારા ઘરના દરેક સભ્યનો. દરેકનો બોજો ઉઠાવ્યો છે મેં મારા ...

ताश का आशियाना - भाग 1
द्वारा R.J. Artan
  • 540

सिद्धार्थ शुक्ला 26 साल का नौजवान सरल भाषा में बताया जाए तो बेकार नौजवान। इंजीनियरिंग के बाद एमबीए करके बिजनेस खोलना चाहते हैं जनाब! बिजनेस के तो इतने आइडिया इनके पास ...

पापा एक चमकता हुआ सितारा
द्वारा shama parveen
  • 1.4k

पापा जो हर एक बच्चे के सुपर हीरो होते हैं. हर बच्चा अपने पापा को सुपर हीरो मानता है. बच्चो को लगता है कि जब हमारे पास पापा होते ...

दिलसे रिशता
द्वारा Appa Jaunjat
  • 642

काहाणी शुरु करते हे . शिवांगी को बच्ची होती हे तब शिवांगी मर जाती हे तब उसका असली नाम राधा था तब दिपक बोलता हे राधा तब वो भी ...

तिकड़मबाज बहु
द्वारा Saroj Prajapati
  • (16)
  • 1.2k

संडे का दिन था। लंच करते ही प्रिया ने फटाफट डाइनिंग टेबल समेटा और अंदर से लूडो उठा लाई।"अरे, यह क्या बहु , लूडो !  कौन खेलेगा इसे !" ...

दिलसे प्यार तक
द्वारा Appa Jaunjat
  • 651

ये काहाणी एक प्यार से जुडी हे तो काहाणी शुरु करते हे तो चलो एक शहर मे शुभम नाम का लडका खाना बनाने के स्पर्धा मे जा रहा था ...

चाय की खुशबू
द्वारा Anita Sinha
  • 741

चाय की खुशबू से ही चाय के जायके का पता लग जाता है। सुबह होते ही चाय की तलब महसूस होती है। आलस आती है थोड़ी देर बाद बनाऊंगी ...

चुनिंदा लघुकथाएँ - भाग 2 - 4 - अंतिम भाग
द्वारा Lajpat Rai Garg
  • 771

16 निरुत्तर सात-आठ वर्षीय सुमी अपनी मम्मी संग गर्मियों की छुट्टियों में अपनी ननिहाल आया हुआ था। बीस-बाईस वर्षीय नीतीश बेड पर बैठा टेलीविजन देख रहा था। सुमी बेडरूम ...

इस बरस के आम
द्वारा Renu Hussain
  • 633

चलो शुक्र है पापा घर आ गए, अब उनसे मिलने अस्पताल नहीं जाना होगा.....बहुत कष्ट झेला है वेंटिलेटर पर उन्होंने....उफ्फ...!! सारे शरीर पर इंजेक्शन ही इंजेक्शन.....वैसे वेंटिलेटर से बाहर ...

रात का खेल चले भाग-३
द्वारा Appa Jaunjat
  • 429

हमणे देखा कि कोइ तो बोलता हे मे अवोगा तो चलो देखे क्या होता है एक गाव मे दो पती पत्नी जा रहे थे तबी एक आदमी बोलता हे ...