हास्य कथाएं कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Comedy stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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यमलोक में यमराज मित्र का श्राद्ध By Sudhir Srivastava

हास्य कथा यमलोक में यमराज मित्र का श्राद्ध     पितृपक्ष का पहला दिन भी नहीं बीता था कि मित्र यमराज बिना किसी पूर्व सूचना के टपक पड़े। आते ही धर्म-पूर्वक जमकर जलपान किया और घोड़ा बे...

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 35 By kajal jha

Mr. & Ms. FakeEpisode 35 – Room 17रात के करीब साढ़े दस बज चुके थे।सिंह हाउस के बाहर रिया की कार धीरे-धीरे आगे बढ़ी।सान्वी खिड़की के पीछे खड़ी उसे देख रही थी।कुछ ही सेकंड बाद आर्यवी...

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गलतफहमी By Vandna Sharma

कहानी - गलतफहमीममता ने आज घर का काम बिजली की फुर्ती से निपटाया। आंगन में दोनों बच्चे, गोलू और गिन्नी, गृहकार्य में सिर खपाए बैठे थे।ममता ने दुपट्टा संभालते हुए बड़ी बेटी से कहा, "ग...

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​तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! By Shivam Dhuriya

​"यह कहानी है B.Sc. मैथ्स ऑनर्स के स्टूडेंट शिव और उसके दो अतरंगी दोस्तों—दिनेश और शैलेन्द्र की। समोसे की चटनी से 6 महीने का असाइनमेंट बर्बाद होने के बाद, तीनों दोस्त आधी रात क...

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ऑपरेशन: थ्योरम और शादी की थाली By Shivam Dhuriya

महीने के अंत में जब जेब में सिर्फ ₹42 बचते हैं, तो एम.एससी. गणित का छात्र शिवू अपने दो भूखे दोस्तों के साथ गणितीय थ्योरम के दम पर बगल के मैरिज लॉन में बिना बुलाए घुस जाता है। शादी...

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रांड का संड - भाग 3 By Renu Chaurasiya

उधर दानव के जादू का असर हो चुका था।कुछ ही देर में सेठ के बेटे के शरीर में हलचल हुई। उसने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं। चारों ओर नज़र दौड़ाई, फिर देखा कि एक आदमी उसे अपनी कमर से बाँधे...

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साहित्य का सर्कस - 3 By rakshita pal

                  संस्करण  :=  3***********12 रुपिया किलो में बिकता प्रेमचंद*********मैं एक बहुत पुरानी लाइब्रेरी में गई। कोई 50-60 साल पुरानी। बाहर बोर्ड पर लिखा था - सार्वजनि...

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प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 3 By July Writes

मैं मायके जा रही हुं '‍️"'बिजली ' कहां जा रही हो इस समय इतनी तैयार हो कर ??? " देब ने अपनी पत्नी को तैयार होते देख चौंक कर पुछा,"हां वह मैं मायके जा रही हुं आज सन्डे है...

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जन्मदिन क्यों मनाऊं By Vandna Sharma

आज से पांच दिन बाद 15 सितम्बर को मेरा जन्मदिन है। मुझे कोई खुशी ही नहीं हो रही। मुझसे ज्यादा उत्सुकता मेरे बेटे और पतिदेव को हो रही है। मुझे कुछ हो तो नहीं गया। क्या मुझे वैराग्य प...

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विस्मृति भूलना भी सामान्य है By Vandna Sharma

'भूलना' वरदान है या श्राप। एक सामान्य व्यक्ति दिन में कई बार इस समस्या का सामना करता है। पाठकगण आप भी मेरी बातों से सहमत जरूर होंगे। बल्कि आप ये सोच रहे होंगे हाँ मैं भी अक...

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पीर, ओझाओ, बाबा से चलता देश - व्यंग्य रचना By Dr Sandip Awasthi

व्यंग्य रचना :_ पीर, ओझाओ, बाबा से चलता देश --------------------------------- मुझे हमारे देश की मजबूत वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर गर्व है। हम शुरू से ही जानते हैं कि हमारी मुश्किल वक्त...

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नहीं हुआ रावण-दहन By Virendra Dewangan

दशहरा पर आयोजित सर्वधर्म सभा में रावण-दहन पर मतैक्य न हो सका। सभापति भी यही चाहते थे, ताकि इस साल रावण जलाने का टंटा ही टूट जाए। कर्मचारी-अधिकारी कोरोना से लड़ेंगे कि दशानन-दहन कार्...

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Conversations With Myself - 4 By Aarushi Singh Rajput

आज सावन का सोमवार है, तो थोड़ी बकवास हो जाए बहुत दिनों से मैंने अपनी My Creativity पर कुछ भी नहीं लिखा। सोचा आज सावन का सोमवार है, तो चलो कुछ लिख ही देते हैं। वैसे जो मैं लिखने वाल...

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पिंकू की परी - 1 By Deepak Kumar Tiwari Deeptansh

बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...

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वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 By sukhvinder Singh Rai

ब्लडस्टोन कैसल के भीतर—मरहम और हास्य का तड़काब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल और रहस्यमयी कक्ष में कदम रखते ही रॉक्स के भारी पंजों की आवाज गूँज उठी। वह जगह किसी साधारण कमरे जैसी नहीं थी,...

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भैंस, बाल्टी और स्मार्ट सोनू का सिस्टम By sukhvinder Singh Rai

गाँव की सोंधी खुशबू वाली उस पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। शाम का वक्त था, और गाँव के माहौल में अजीब सा सुस्ती भरा सुकून था। यहाँ ज़्यादातर लोगों के पास पैसे की तंगी रहती थी, कुछ गिने-चु...

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हम भी बुराई करेंगे By Dr Sandip Awasthi

व्यंग्य रचना;- हम भी बुराई करेंगे ----------------------------------------   आजकल एक फैशन हो गया है ,बुराई करने का।  कोई दिक्कत नहीं । परसाई जी कहते हैं खाने के पूर्व और...

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यमलोक में यमराज मित्र का श्राद्ध By Sudhir Srivastava

हास्य कथा यमलोक में यमराज मित्र का श्राद्ध     पितृपक्ष का पहला दिन भी नहीं बीता था कि मित्र यमराज बिना किसी पूर्व सूचना के टपक पड़े। आते ही धर्म-पूर्वक जमकर जलपान किया और घोड़ा बे...

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 35 By kajal jha

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गलतफहमी By Vandna Sharma

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​तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! By Shivam Dhuriya

​"यह कहानी है B.Sc. मैथ्स ऑनर्स के स्टूडेंट शिव और उसके दो अतरंगी दोस्तों—दिनेश और शैलेन्द्र की। समोसे की चटनी से 6 महीने का असाइनमेंट बर्बाद होने के बाद, तीनों दोस्त आधी रात क...

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उधर दानव के जादू का असर हो चुका था।कुछ ही देर में सेठ के बेटे के शरीर में हलचल हुई। उसने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं। चारों ओर नज़र दौड़ाई, फिर देखा कि एक आदमी उसे अपनी कमर से बाँधे...

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साहित्य का सर्कस - 3 By rakshita pal

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जन्मदिन क्यों मनाऊं By Vandna Sharma

आज से पांच दिन बाद 15 सितम्बर को मेरा जन्मदिन है। मुझे कोई खुशी ही नहीं हो रही। मुझसे ज्यादा उत्सुकता मेरे बेटे और पतिदेव को हो रही है। मुझे कुछ हो तो नहीं गया। क्या मुझे वैराग्य प...

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पीर, ओझाओ, बाबा से चलता देश - व्यंग्य रचना By Dr Sandip Awasthi

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ब्लडस्टोन कैसल के भीतर—मरहम और हास्य का तड़काब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल और रहस्यमयी कक्ष में कदम रखते ही रॉक्स के भारी पंजों की आवाज गूँज उठी। वह जगह किसी साधारण कमरे जैसी नहीं थी,...

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गाँव की सोंधी खुशबू वाली उस पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। शाम का वक्त था, और गाँव के माहौल में अजीब सा सुस्ती भरा सुकून था। यहाँ ज़्यादातर लोगों के पास पैसे की तंगी रहती थी, कुछ गिने-चु...

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हम भी बुराई करेंगे By Dr Sandip Awasthi

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