सर्वश्रेष्ठ महिला विशेष कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

यह मेरा हक़ है
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 342

"भाभी ----इरफान  हांफता हुआ दौड़ा दौड़ा आया था,"अनवर ज़िंदा है।""कौन अनवर?""अनवर को नही जानती।भूल गई।तुम्हारा पहला शौहर।""भाभी से मजाक कर रहे हो।"सलमा जानती थी उसका देवर इरफान मजाकिया है ...

दुल्हन....
द्वारा Saroj Verma
  • 558

रिमझिम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे,वो बस में बैठी यही सोच रही थी कि काश आज उसके पास पंख होते तो वो  उड़कर अपने ननिहाल ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 9
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 360

स्तुति के आसूं भरे चेहरे पर, सुनीता जी अपने आसुओं से भरी आंखों में प्यार भरकर , उसे प्यार से देखती है और फिर उसे गले से लगा लेती ...

आखिर क्यों ?
द्वारा Sunita Agarwal
  • 531

पंद्रह लोगों का भरा पूरा परिवार था, जिस घर में सीमा ब्याहकर आई थी।सुबह पांच बजे से चूल्हा जलता तो दिन के दो बजे तक जलता ही रहता और ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 8
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 357

आखिरी लाइन कहकर सुनीता जी फिर शांत हो जाती हैं , तो स्तुति उन्हें आगे बताने के लिए कहती है । वो अपने आसूं साफ कर आगे कहती हैं ...

मुक्ति
द्वारा Rohit Kishore
  • 399

भाग 1.) सुहाना सफर दिल्ली की सर्दियों की सुहानी सुबह की बात ही कुछ और है,आपको लेकर चलते है एक मल्टी नेशनल कंपनी Comsoft प्राइवेट लिमिटेड में जिसके CEO है ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 7
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 459

सुनीता जी अपने आखों के किनारे साफ करती हैं और फिर स्तुति से बताती हैं । सुनीता जी - तुम्हारी दोस्त ( आभा ) छः महीने की थी बेटा ...

नारी सशक्तिकरण
द्वारा नाथूराम जाट
  • 426

मेरे कहने से कुछ बदल जाता तो मैं सब कुछ सबसे पहले कहती की, नारी अब वो नहीं रही की जो सब सह लेती थी बिना कुछ कहे। आज ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 6
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 627

आभा कुछ देर और मानव , परिधि और उनके बच्चों से बात करती है, फिर फोन कट करके , खाना खा कर अपने स्कूल का कुछ जरूरी काम कर ...

लड़की का हक़
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
  • 612

क्या  कहूँ ?अब  तो थक गयी हूँ मैं  .  जिस घर से ब्याही जाती हैं ना लड़कियाँ  वहाँ से डोली उठते ही घर पराया हो जाता हैं  । जिस ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 5
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 819

शाम के करीब सात बज रहे थे और आभा का फोन बार - बार रिंग होकर कट रहा था । आभा गहरी नींद में थी । लेकिन फिर फोन ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 4
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 741

अब दौर शुरू हुआ बेहिसाब बेज्जती का , आभा और उसके परिवार की । लड़के की मां आभा के पास आयी, और जैसे ही अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाने ...

आन्या का ससुराल - 4
द्वारा Riya Jaiswal
  • 975

आन्या मांजी के साथ बेटी लेकर हॉस्पिटल से घर आई। उसे और उसकी बच्ची को नहलाकर उनके रहने के लिए अलग कमरे में व्यवस्था कराया गया। डिलीवरी का पहला ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 3
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 966

आभा अपने स्कूल का सारा जरूरी काम खत्म कर घर की ओर चल दी । उसने अपने घर के दरवाजे पर कदम रखा ही था , कि उसे अपने ...

हौसला
द्वारा Neelima Kumar
  • 732

    इतिहास में गुज़रे कुछ पल ऐसे होते हैं जिन्हें बिना किसी वज़ह के आप कभी साझा नहीं करना चाहते और मेरे इन पलों को वज़ह दी थी ...

नई सुबह
द्वारा Sunita Agarwal
  • 1.5k

आज रोहन और उनकी पत्नी रागिनी सुबह से ही बहुत उत्साहित थे।हो भी क्यों न आज पूरे 12 बर्ष बाद उनका पोता रितिक जो घर आने वाला था।रागिनी सुबह ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 2
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 762

     आभा......( जीवन की अग्निपरीक्षा ) ( भाग - 2 ) बेसब्री से खुद को ताक रहे स्टूडेंट्स को देखते हुए प्रिंसिपल मैम बोलीं । प्रिंसिपल मैम - ...

निहारिका
द्वारा Sunita Agarwal
  • 1.5k

अनामिका ने जल्दी जल्दी घर के सारे काम निबटाये और बच्चों को स्कूल और पति अमित को आफिस के लिये रवाना कर, खुद भी स्कूल के लिये तैयार होने ...

आराधना...
द्वारा निशा शर्मा
  • 987

माँ बुआ आ गईं ! अरे आज तो बिटिया बहुत सयानी लग रही है । हाँ दीदी बिटिया को सयानी होते हुए समय थोड़े ही लगता है ! अरे ! ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 1
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 1.1k

     आभा ....( जीवन की अग्निपरीक्षा ) ( भाग - 1 ) एक लड़की हाथों में हिस्ट्री की किताब लिए , एक आर्ट सब्जेक्ट की क्लास की ओर ...

आन्या का ससुराल - 3
द्वारा Riya Jaiswal
  • 1.2k

सर पर आंचल लेना आन्या को बिल्कुल पसंद नहीं था। एक तो सारी संभालनी ही मुश्किल थी उसके लिए, ऊपर से घर के कामों की जिम्मेदारी। अब आंचल संभाले ...

भूख--एक औरत की व्यथा
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 1.5k

दुखखाट पर लेटी लीला      बड़ बड़ाई।किस बात का?तारा  को छोड़ देने  का।गलत।भला ऐसा क्या      था तारा मेंेे,  जो वह उसके लिए दुखी हो।क्या     तारा  ...

आन्या का ससुराल - 2
द्वारा Riya Jaiswal
  • 1.2k

सुबह के नौ बज रहे थे। हररोज की तरह आज भी सुमित तैयार होकर काम पर चला गया। ट्रांसपोर्ट बिजनेस था उसका, भाई के साथ। तीन भाई थे जिनमें ...

सवाल है नाक का
द्वारा Sunita Bishnolia
  • 957

             सवाल है नाक का   "सुबह के साढ़े - पाँच बज गए, महारानी की नींद नहीं खुली अब तक।"   माँ ने जोर-जोर  से बड़बड़ाते हुए कहा तो पास वाले कमरे में सो ...

सिर्फ धागे का बंधन नही
द्वारा Jyoti Prajapati
  • 867

स्कूल से आकर बैठी ही थी कि बड़े भैया का फोन आ गया। अचानक उनका फोन आया देख खुशी भी हुई और आश्चर्य भी। क्योंकि बड़े भैया ना के ...

किरायेदार
द्वारा श्वेता कर्ण
  • 987

              किरायेदार मैं तुम्हारे जबाब का इन्तजार करूँगा निशा! " लेकिन याद रहे जबाब मुझे हाँ में ही चाहिए। " अधिकार से जबाब मांगा गया। निशा को याद आ ...

आन्या का ससुराल
द्वारा Riya Jaiswal
  • 2.2k

रात का समय था। यही कोई ग्यारह बज रहे होंगे। अब आन्या को सोने जाना था। उसने अपने कमरे की तरफ कदम बढ़ाए ही थे कि अचानक उसे एक ...

मम्मी सुनो न
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
  • 897

अमूमन  आजकल की नई शादीशुदा लड़कियाँ अपने ससुराल में आने वाली मुश्किलों को अपनी माँ से जरूर बांटती हैं कि मम्मी आपको पता है आज ये हुआ सास ने ये कहा नंद ...

वह हार गई
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 1.3k

"हनीमून मनाने गए है।" विभा की बात सुनकर अनु के अतीत के पन्ने फड़फड़ाकर खुल गए।अनु अपनी कजिन की शादी में माँ के साथ जबलपुर गई थी।वहां उसकी आंखें मानव ...

काहे री नलिनि तू कुम्हलानी
द्वारा Sneh Goswami
  • 1.1k

  काहे री नलिनि .........     सूरज अपने पूरे तेज के साथ हाजिर । दोपहर के तीन बजने को हैं । महानगर के बीचोबीच ई पी एफ का ...