सर्वश्रेष्ठ महिला विशेष कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

मुखौटा - 15 - अंतिम भाग
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 267

मुखौटा अध्याय 15 हम सबको वहां देख "व्हाट ए प्लेजन्ट सरप्राइज !" कृष्णन बोला। मैं जानती थी वह जानबूझकर आया है । "मीट माय वाइफ !", उसने बड़ी अदा से ...

न्याय-एक अछूत लड़की की कथा(अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 153

"तेरा दिमाग तो खराब नही हो गया।पागलों की सी बात कर रही है।तू होश में तो है।अछूतों को मेरे घर की देहरी लांघने की इज़ज़त नही है।और तू अपनी ...

कलयुगी सीता--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma
  • 213

यूं तो मैं नोएडा में रहता हूं, और मेरा आफिस दिल्ली स्थित मयूर बिहार में है,रोज का वहीं तनाव भरा जीवन, ऐसा लगता है समाज से सारी शुद्ध चीजों ...

Hostel Girls (Hindi) - 5
द्वारा Kamal Patadiya
  • 165

[प्रकरण : 2 - hostel diary] सना fresh होकर अपने bio-data और सर्टिफिकेट का bag ढूंढने में लग जाती है। घर में उसे घुटन सी हो रही थी इसीलिए ...

खून...
द्वारा Sunita Agarwal
  • 282

जेल की चारदीवारी में आये हुए उसे कई महीने हो गए थेपर वह हमेशा खामोश रहती और उसे जो भी काम दिया जाता पूरे मन से उसी में लगी ...

भाइयो को पत्र
द्वारा Yayawargi (Divangi Joshi)
  • 123

डियर भैया ओर भाइयो...डेढ महीना हो गया दम घूट रहा होगा ना, जहाँ रात दिन सडको पे घूमते थे, मज़े करते थे ओर कहा सब चुप चाप घर मे ...

कलयुगी सीता--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma
  • 333

मेरी मकरसंक्रांति की छुट्टियां हो गई थीं, तो पिताजी ने मां से कहा कि चलो गांव होकर आते हैं,मां और मैं भी यही चाहते थे तो दूसरे दिन हम ...

मुखौटा - 14
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 147

मुखौटा अध्याय 14 अप्रत्यक्ष रूप से उसने आज्ञा दी ‘तुम नहीं बोलोगी।‘ "कृष्णन 4 दिन में अमेरिका चला जाएगा। हमारा संबंध सीरियस वाला नहीं है। हम दोनों के परिवारिक जीवन ...

क्षात्रावास
द्वारा Jyoti Prakash Rai
  • 141

रमेश बाजार से घर लौट रहा था तभी उसे रास्ते में राजू मिला और कहने लगा आज तू तो बड़ा जल्दी बाजार से लौट रहा है, क्यूं क्या कोई ...

वो भूली दास्तां - भाग-१९ - अंतिम भाग
द्वारा Saroj Prajapati
  • 246

रश्मि के जाने के बाद चांदनी को चिंतित और परेशान देख विशाल ने इसका कारण जानना चाहा तो चांदनी ने उसे सारी बातें बता दी। सुनकर विशाल ने शांत ...

न्याय - एक अछूत लडक़ी की कथा(भाग 2)
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 207

दुनिया की ऊंच नीच बताई थी।कुंवारी माँ बनने के क्या दुष्परिणाम हो सकते है।बेटी को समझाए थे।माँ के समझाने के बावजूद कमली बोली,"मैं बच्चा नही गिराउंगी।""बिना बाप का बच्चा ...

Hostel Girls (Hindi) - 4
द्वारा Kamal Patadiya
  • 216

[दृश्य : 4 -  सना from कोलकाता] कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर लोगों की चहल पहल है। लोग ऑफिस से अपने घर की तरफ निकल रहे है। शाम का ...

मुखौटा - 13
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 285

मुखौटा अध्याय 13 नलिनी आज सुबह से ही कहीं गई हुई है। लक्ष्मी को जल्दी काम खत्म करने को कह कर मैं उत्तर स्वामी पहाड़ी पर जाने के लिए ...

आजकल की छोरियां
द्वारा टीना सुमन
  • 240

यह आजकल की छोरियां "सुना भागवान तुमने, तुम्हारा बेटा क्या कह रहा है, अपनी मर्जी से शादी करेगा, पढ़ी-लिखी नौकरी वाली बहू लाएगा, तुम्हें नहीं पता आजकल की छोरियां, ...

कलयुगी सीता--भाग(१)
द्वारा Saroj Verma
  • (12)
  • 678

बात उस समय की है, जब मैं छै-सात साल का रहा हूंगा,अब मेरी उर्म करीब चालीस साल है,वो उस समय का माहौल था,जब लोगों को शहर की हवा नहीं ...

न्याय - एक अछूत लड़की की कथा(भाग 1)
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 258

" अरी उठना नही है क्या?कब तक खाट मे पड़ी रहेगी।चाय बन गई।अब तो उठ जा"।छमिया के बार बार आवाज  देने पर कमली उठी तो थी,लेकिन माँ के पास ...

Hostel Girls (Hindi) - 3
द्वारा Kamal Patadiya
  • 255

[दृश्य 3 : सिमरन from अमृतसर] सूरज का ढलता हुआ प्रकाश अमृतसर के पास एक गांव में खेत में चारों तरफ फैला हुआ था। जैसे खेतों की फसलों को ...

वो भूली दास्तां - भाग-१८
द्वारा Saroj Prajapati
  • (15)
  • 501

शादी के लिए विशाल व चांदनी की रजामंदी मिलते ही दोनों परिवारों की खुशी का ठिकाना ना रहा। दोनों ही परिवारों में शादी की तैयारियां होने लगी और 1 ...

मुखौटा - 12
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 303

मुखौटा अध्याय 12 "आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की ?", अचानक मैंने पूछ लिया। "आपके साथ भी कोई धोखा हुआ?", लगता है मेरी अक्ल सचमुच में मेरे बस ...

Hostel Girls (Hindi) - 2
द्वारा Kamal Patadiya
  • 417

(दृश्य 2 : प्रिया from मुंबई) नरीमन पोईट का सागर किनारा,,,,,,,,,, शाम ढलने को आई है। सूरज की किरणें समुद्र के पानी में पडती है तब समुद्र का पानी ...

आर्मी वर्दी वालीं औरत
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 336

आज 2 साल हो गये मेरे पति को शहीद हुए, मुझे खुद पर विश्वाश था कि मैं उनकी शहादत को कभी भूलने नहीं दूंगीमेरे पति आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल ...

मुखौटा - 11
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 306

मुखौटा अध्याय 11 'मैं हत्यारिन हूं' ऐसा मेरी मां अपने शब्दों से व्यक्त कर रही है, मेरे कोमल मन में आघात हुआ। उस आघात की याद आज भी मेरे ...

वो भूली दास्तां भाग-१७
द्वारा Saroj Prajapati
  • 477

जब से चांदनी को विशाल की पिछली जिंदगी के बारे में पता चला था, तब से उसे अपने उस व्यवहार के लिए बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। जो ...

Hostel Girls (Hindi) - 1
द्वारा Kamal Patadiya
  • 684

प्रकरण : 1 - संघर्ष गाथाए [दृश्य 1 : रेचल from गोवा] गोवा का समुद्र तट......... शाम का वक्त है। सूरज धीरे धीरे ढल रहा है। सागर की लहरें ...

वापसी
द्वारा Sunita Agarwal
  • 663

लम्बा कद,गहरी नीली,आँखेँ आकर्षक व्यक्तित्व उसके रूप के माया जाल में फँसे बिना न रह सकी थी वह।उसके बात करने का अंदाज, उसकी मुस्कराहट किसी का भी मन मोह ...

मुखौटा - 10
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 393

मुखौटा अध्याय 10 “व्हाट अ प्लेजेंट सरप्राइज !", बड़े उत्साह से कृष्णन बोला। हम दोनों को बारी-बारी से देख रोहिणी से बोला, "यू लुक ब्यूटीफुल ! एक टीनएजर लड़की ...

आपसी वाहवाही ने सुधार की गुंजाइश खत्म कर दी है
द्वारा Neelima Sharrma Nivia
  • 378

बिना किसी शोर-शराबे के कहानियां लिखने वाली आकांक्षा पारे काशिव लंबे अर्से से कहानियां लिख रही हैं। उनकी कई कहानियां काफी चर्चित रही हैं। उनकी हर कहानी पहली कहानी ...

वो भूली दास्तां भाग-१६
द्वारा Saroj Prajapati
  • 624

विशाल की एनजीओ का नाम आश्रय था। यहां गरीब तबके के बच्चे पढ़ने आते थे। इसके अलावा यहां सिलाई कढ़ाई कंप्यूटर आदि का फोर्स करवा उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाता ...

मुखौटा - 9
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 357

मुखौटा अध्याय 9 ‘तुम्हारी नानी तुम्हारे अंदर से बार-बार झांकती हैं।‘ यह अहंकार नहीं तो और क्या? लड़कियों का भी अपना आत्मसम्मान होता है, यह सोच ना होना अहंकार ...

घर को सब पता है
द्वारा NIKITA SHARMA
  • 423

  भारत एक ऐसा देश है जिसमें लोग पूरे देश को ही अपना परिवार मानते हैं सभी लोगों आपस में मित्र की तरह रहते हैं सभी में अपनापन, सहानुभूति ...