सर्वश्रेष्ठ महिला विशेष कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

आघात - 17
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 17 पूजा सोचने लगी - माँ की कहानियाँ स्त्री को अबला बनाती हैं और उसको व्यवस्था से सामंजस्य करना सिखाती हैं ! वे कहानियाँ स्त्री ...

बेनाम आशिक।
द्वारा सुप्रिया सिंह
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जिंदगी के ५०बे वसंत पार कर चुकी मैं यानी सुलभा ...जिंदगी कट रही थी । एक रूटीन में होता है न हम औरतो में ..बंध जाता है मन ..सुबह ...

भेड़िये
द्वारा Roop Singh Chandel
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भेड़िये ठंड कुछ बढ़ गई थी. बौखलाई-सी हवा हू-हू करती हुई चल रही थी. उसने शरीर पर झीनी धोती के ऊपर एक पुरानी चादर लपेट रखी थी, लेकिन रह-रहकर ...

आघात - 16
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 16 शीघ्र ही ऐसा अवसर मिल गया जब पूजा और प्रेरणा दोनों एकान्त में बैठकर घंटों तक बातें कर सकती थी । उसने पूजा से ...

साक्षात्कार - 2 - अंतिम भाग
द्वारा Neelam Kulshreshtha Verified icon
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साक्षात्कार नीलम कुलश्रेष्ठ (2) उसे अपनी एक मित्र सिन्धु से जानकारी है जो इनके यहाँ काम कर चुकी है कि हर पाँचवें छठे महीने इनका विदेश टूर लगता रहता ...

जहां लौट नहीं सकते
द्वारा Jaishree Roy
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जहां लौट नहीं सकते पारे की चमकीली बूंदों की तरह सुबह की धूप छत की मुंडेर पर बिखरी है। सर्दी की एक खूब उजली, धुली सुबह! देखते हुये वह ...

आघात - 15
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 15 समय अपनी गति से आगे बढ़ता रहा और पूजा के तीन वर्ष सुख-शान्ति से व्यतीत हो गये । वह अपना सारा समय अपने बेटे ...

लव योर सेल्फ मम्मा
द्वारा Dr Vinita Rahurikar Verified icon
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लव योर सेल्फ मम्मा किचन में मीनू के लिए मठरियाँ तलती अनुभा की आँखें बार-बार भर आ रही थीं. लेकिन मीनू के आसपास मंडराते रहने के कारण वह अपने ...

आघात - 14
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 14 चार-पाँच महीने पश्चात् एक दिन एक अप्रत्याशित घटना घटी । उस दिन अचानक किसी पूर्व सूचना के बिना पूजा और रणवीर घर पर आ ...

नीला आकाश - 3 - अंतिम भाग
द्वारा Niraj Sharma
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नीला आकाश (3) "तुझे नहीं लगता, तू एक ऐसी लड़की से प्यार करने लगा है जिसे न समाज न तेरे घरवाले कभी अपनायेंगे, ऐसा कर कुछ दिन उधर की ...

आघात - 13
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 13 वहाँ से लौटकर तीन-चार दिन तक कौशिक जी का चित्त बहुत ही अशान्त रहा । अपनी इस आन्तरिक अशान्ति से उनका व्यवहार भी असामान्य- ...

साक्षात्कार - 1
द्वारा Neelam Kulshreshtha Verified icon
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साक्षात्कार नीलम कुलश्रेष्ठ (1) मन में वही तड़प उठ खड़ी हुई है, उसकी कलम की रगें फड़कने लगीं है -उस अनूठे कलात्मक सौंदर्य को समेटने के लिए. शायद इसे ...

यादें - (पुरानी यादों का दर्द) - 2
द्वारा Uday Veer
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कुछ धटनाऐ अचानक से धटित हो जाती है जिनके बारे मे हमने सोचा भी नहीं होता ऐसी ही एक धटना आपके लिए लेकर आ रहा हूँ जो कि बिलकुल ...

आघात - 12
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 12 पिता के शब्दों का अवलम्ब ग्रहण करके पूजा कुछ प्रकृतिस्थ हो गयी और ससुराल जाने के लिए तैयार होने लगी । यह जानते हुए ...

भेड़ियों का पोशम्पा
द्वारा Seema Sharma
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भेड़ियों का पोशम्पा सीमा शर्मा भेड़ियों का झुंड दनदनाता हुआ आया और लाश के चारों ओर गोल-गोल चक्कर काटने लगा। उनमें से एक ने लाश को सूँघा। अचानक उसने ...

आघात - 11
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 11 शाम के लगभग तीन बजे पूजा ने मुस्कुराते हुए प्रेरणा से कहा - ‘‘पिन्नु ! जा, जरा देेखकर तो आ, तेरे जीजा जी जाग ...

नीला आकाश - 2
द्वारा Niraj Sharma
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नीला आकाश (2) "क्या नाम है तुम्हारा?" "जी, नी...ला" झिझकते हुए धीरे से कहा उसने। "आओ बैठो।" वह सिकुड़ी-सी पास रखी कुर्सी पर बैठ गयी। "तुम्हें इस तरह शर्माते ...

आघात - 10
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 10 कौशिक जी ने अपनी बेटी के मानसिक द्वन्द्व की स्थिति को तुरन्त भाँप लिया । उन्होंने मुस्कराते हुए कहा - ‘‘कुछ कहना चाहती हो, ...

नीला आकाश - 1
द्वारा Niraj Sharma
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नीला आकाश (1) सारी धुंध छँट गयी थी। खुशी का ओर छोर नहीं था। दोनों हाथ पैफलाये चक्राकार घूमते हुए वह पूरे आसमान को समेट लेना चाहती थी अपने ...

यादें - (पुरानी यादों का दर्द) - 1
द्वारा Uday Veer
  • 196

ये कहानी है कुछ दोस्तों की जिनके साथ एक दर्दनाक घटना घटित होती है.........

आघात - 9
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
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आघात डॉ. कविता त्यागी 9 अगस्त का महीना था । उमस अपने चरम पर थी । शाम के तीन बजे थे । प्रेरणा अपने घर के मुख्य द्वार से ...

सनातन
द्वारा Neelam Kulshreshtha Verified icon
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सनातन नीलम कुलश्रेष्ठ तब गाँधी जी के बंदरों की लोग अक्सर चर्चा करते थे, किस तरह वे सन्देश देतें हैं -`बुरा मत देखो `,बुरा मत सुनो `,बुरा मत कहो `. तब भी कौन सब ये बात मानते ही थे ? अब वह उम्र के आखिरी पड़ाव पर तेज़ी से बदल गए ...

रचयिता
द्वारा Neelam Kulshreshtha Verified icon
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रचयिता नीलम कुलश्रेष्ठ ये शिक्षा संस्थान ओजस्विता का गढ़ है। इसके निदेशक भारतीय संस्कृति के पुजारी हैं। वे कुछ नया करने के जूनून में वे ये घोषणा करते हैं ...

आघात - 8
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
  • 240

आघात डॉ. कविता त्यागी 8 प्रातः काल रणवीर की नींद खुली तो उसका सिर भारी था । रात-भर वह दुःस्वप्नों में घिरा हुआ वैवाहिक जीवन की सफलता-असफलता की विचार-लहरों ...

फुलवा
द्वारा Vandana Bajpai
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फुलवा उफ़ ! अभी तक महारानी नहीं आयीं, घडी देखते हुए मेरे मुँह से स्वत: निकल गया | सुबह का समय वैसे भी कामकाजी औरतों के लिए बहुत कठिन ...

एक तरफ़ा प्यार
द्वारा preeti
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एकतरफ़ा प्यार उत्तर यानी प्यार का अंत तीन सही कहा ना प्यार प्यार प्यार हवास क्या आप अपनी लड़कियों को बाहर भेजना चाहेंगे इतनी सुन्दर लड़कियाँ और आपने उनको घर ...

आघात - 7
द्वारा Dr kavita Tyagi Verified icon
  • 268

आघात डॉ. कविता त्यागी 7 पिता के घर से विदा होकर पूजा जब ससुराल के लिए चली, तब वह रणवीर को लेकर अनेक शंकाओं से त्रस्त थी । उसके ...

कुक बुक
द्वारा shilpi krishna
  • 212

                                      "ये तो कुछ नही कर सकती , किसी भी काम कि ...

लड़की हूँ... गुनहगार हूँ...
द्वारा DHRUVIN P_ATEL
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            क्या एक लड़की होना गुनाह है ? क्यों लोग हमारे लिए फैसले लेते है । क्यों लोगो को ये लगता है की हम ...

नारी हूँ...
द्वारा Trisha R S
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                            नारी हूँ...   जरा ठहरो तो अपनी जथा कहूँ नारी हु.....सुन सकते हो तो, थोड़ी सी अपनी ...