महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • अपना घर

    अपना-घरजिंदगी की कहानी बस इतनी सी है, जो चीज हमारे पास नहीं होती, उसे पाने के लि...

  • दो पतियों की लाडली पत्नी - 51

    इधर श्रेया की आँखों से नींद रूठ चुकी थी। करवट बदलते-बदलते उसका मन बार-बार करण की...

  • Devil की दास्तान - 20

    (जंगल में गहरा सन्नाटा छाया है।पेड़ों के बीच से धुंध की परतें निकल रही हैं।18 सा...

झूठ का बोझ - भाग 3 By deepanshi garg

आर्यन के पिता अब भी अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इधर आर्यन और उसकी माँ को जमानत मिल चुकी थी। कानून ने भले ही उ...

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भीड़ में अकेली - 2 By Alok Mishra

अध्याय–2 : एक घर, जहाँ सन्नाटा रहता है    सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजने से कुछ क्षण पहले ही उमा की आँख खुल गई। यह वर्षों की आदत थी। उसने धीरे से बिस्तर छोड़ा ताकि महेश की नींद न ट...

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अपना घर By Vandna Sharma

अपना-घरजिंदगी की कहानी बस इतनी सी है, जो चीज हमारे पास नहीं होती, उसे पाने के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते हैं। और आखिर में जब वो चीज मिल भी जाए तो क्या... तो जिंदगी खत्म हो जाती है...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 51 By Sonam Brijwasi

इधर श्रेया की आँखों से नींद रूठ चुकी थी। करवट बदलते-बदलते उसका मन बार-बार करण की तरफ भाग जाता। उसे अपनी बेचैनी का कारण खुद भी समझ आ रहा था—वह डर और नाराज़गी के बावजूद करण के टूटे ह...

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Devil की दास्तान - 20 By Sonam Brijwasi

(जंगल में गहरा सन्नाटा छाया है।पेड़ों के बीच से धुंध की परतें निकल रही हैं।18 साल की मासूम सिमरन अभी भी करण की गोद में निढाल पड़ी है।उसकी साँसें थम चुकी हैं। करण की आँखों से लगातार...

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एक बूंद से समंदर By Jeetendra

मैंने अपनी बेटी को स्कूल से लेने जाना था। रास्ते में एक औरत मिली। उसने मुझे रोका। बोली, "बहन, थोड़ा पानी मिलेगा?" मैंने अपनी बोतल उसे दी। वो पानी पीते हुए रोने लगी। मैंने पूछा, "क्...

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आसमान छूने की हिम्मत By Jeetendra

कोटड़ा गाँव की सुबह हमेशा से ही अलग रही थी। यहाँ सूरज उगने से पहले ही महिलाएँ चूल्हे की आग जला चुकी होती थीं और पुरुष अपनी हुक्के की लय में गाँव की चौपाल की ओर बढ़ रहे होते थे। लेक...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 10 By Sonam Brijwasi

रात का तीसरा पहर था। बरगद के विशाल पेड़ के नीचे...सिद्धिदात्री गहरी नींद में थी। अनजाने में उसका सिर रितांश के सीने पर टिका हुआ था। और रितांश ने भी उसे सुरक्षित रखने के लिए अपनी बा...

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Shakti ke Shiv - 10 By sheetal

सुबह के ठीक आठ बजे...उसी समय मुख्य प्रवेश द्वार से शक्ति अंदर दाख़िल हुई।उसके साथ अलिशा भी थी।दोनों के चेहरे पर वही गंभीरता थी, जो किसी नए मिशन की शुरुआत से पहले दिखाई देती है।जैसे...

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Her Silent Secret - 3 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का शुरुआती माहौलकांच के बड़े केबिन में विराट बैठा हुआ था।फाइलें खुली थीं, लेकिन उसका ध्यान बार-बार दरवाज़े की तरफ जा रहा था। तभी दरवाज़ा खुलता है।संपूर्णा अंदर आती है—स्मार्ट,...

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इल्म का नूर - 1 By Samreen Shaikh

*इल्म का नूर - क़ुरान और इल्म की फ़ज़ीलत**अस्सलामु अलैकुम,*आज हम बात करेंगे *इल्म की अहमियत*, *क़ुरान की फ़ज़ीलत* और दिलों को *नूर* से भरने वाली कुछ *दुआओं* के बारे में।---*अध्याय...

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लौ को एहसास नहीं मोम के दर्द का By Rakesh Kaul

लौ को एहसास नहीं मोम के दर्द का      आज काफ़ी कोशिशों के बावजूद भी घर से निकलने में काफी देर हो गई थी | यह तो अच्छा था कि गर्मियों की तेज़ धूप की वजह से सड़कें कमोबेश सूनी ही थीं जिसक...

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ठुकराईन नयना देवी - 2 By Vandna Sharma

ठकुराइन नयना देवी- Part 2पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि नयना देवी स्वभाव से जिद्दी और साफ दिल की महिला है। उसे अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना पसंद है। ससुराल में उसकी नंद सरिता से...

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कुंवारी कन्या - 2 By niru

अपने दादा की बात की तुम्हारे दोस्त वो अब आ नहीं पाएंगे यह सुन कर आनंद को चिंता होने लगी उसने अपने दादा से पूछने की कोशिश की पर दादा खामोश हो कर वहां से चले गए दादा की इस खामोशी को...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... भाग - 10 By Tripti Singh

बुआ जी ने हिम्मत कर दरवाजे को खोला और जैसे ही दोनों आगे बढ़ी और नजर बेड पर लेटे इंसान पर गई तो एकदम से ही दोनों लड़खड़ा गई और आँखों से झरझर आंसू बह निकले।क्योंकि बेड पर मशीनों से घ...

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कर्मजली कोख... - 5 (अंतिम भाग) By kalpita

आज घर में अफरा-तफरी का माहौल था।साजिया के फैसले से कोई खुश नहीं था।सास नाराज़ थी, नंद ताने दे रही थी,और आसिफ बेचैन होकर बार-बार एक ही बात पूछ रहा था —“तुम पागल हो गई हो क्या?”लेकिन...

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जंगल - 42 By Neeraj Sharma

---------------उलझन 42-----------अखाडो के उच्च अधिकारी जो अखाडो को चलाते थे आज वो महान संत मुनि श्रेष्ठ के पास बैठे थे। " बात वही पोलिस की चल रही थी। " उन मे किर्पा जी भी थे... उनक...

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चूड़ियों का रंग By kanta

---*कम उम्र वेडिंग - "चूड़ियों का रंग"* *[Story Start]**1. शॉक - "किताब गिर गई"* 16 साल की रिया 12th के फॉर्म भर रही थी। सपना था - डॉक्टर बनना। तभी मम्मी रसोई से आईं और बोलीं - "बे...

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अँधेरे का सच By deepanshi garg

नोट: यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, पेशे या संस्था की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि भरोसे के दुरुपयोग, यौन उत्पीड़न और पीड़ितों के मानसिक संघर्ष के प्रति ज...

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लड़की की सुरक्षा By Kapil Tiwari

प्रश्न ~ लड़कियों को पढ़ाई के लिऐ अथवा काम के लिऐ बहुत कम घर से बाहर भेजा जाता है। क्योंकि समाज में एक डर है कि कही उनके साथ कुछ बुरा न हों जाए ?उत्तर ~ ठीक है मान लिया समाज में अन...

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मंदिर में तुम - 8 By Sonam Brijwasi

रात बीत चुकी थी…पर Si-woo के लिए…वो रात खत्म ही नहीं हो रही थी…अपने अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ा…वो शहर की लाइट्स देख रहा था…पर उसकी आँखों में…बस एक ही चेहरा सुनामी… ️ उसने हल्की-...

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पिंजरे की उड़ान By deepanshi garg

दिव्या एक मध्यमवर्गीय, संपन्न परिवार की लड़की थी। घर में किसी चीज़ की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे हमेशा लगता था कि उसके हिस्से का प्यार कहीं खो गया है।उसके परिवार में मम्मी, पापा...

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पंखों का बोझ - 4 By Amardeep Kumar

The Weight of Wings                          पंखों का बोझ                                         एक नई खिडकीहर सुबह जब संजना अपने कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर कदम रखती, तो वो ताजगी —...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 18 By Sonam Brijwasi

रात गहरी हो चुकी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी जल रही थी।बाहर हवा धीरे-धीरे खिड़की से टकरा रही थी…और अंदर दो दिल एक ही जगह पर धड़क रहे थे। राधा धीरे-धीरे कृष्णा की बाहों में सिमट गई…ज...

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अनामिका By deepanshi garg

मिताली जब केवल छह साल की थी, तब एक भयानक कार दुर्घटना में उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उस हादसे में वह अकेली बची। उसके पिता शहर के जाने-माने उद्योगपति थे और करोड़ों की संपत्ति क...

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त्रिशा... - 51 By palvisha

कुछ पल के अंतर्द्वंद्व के बाद त्रिशा ने अपनी सास को उस दिन हुई सारी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उसने उन्हें एक एक बात बताई कि उस दिन क्या हुआ था और उसकी सास ने भी पूरा प्रकर...

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झूठ का बोझ - भाग 3 By deepanshi garg

आर्यन के पिता अब भी अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इधर आर्यन और उसकी माँ को जमानत मिल चुकी थी। कानून ने भले ही उ...

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अध्याय–2 : एक घर, जहाँ सन्नाटा रहता है    सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजने से कुछ क्षण पहले ही उमा की आँख खुल गई। यह वर्षों की आदत थी। उसने धीरे से बिस्तर छोड़ा ताकि महेश की नींद न ट...

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अपना घर By Vandna Sharma

अपना-घरजिंदगी की कहानी बस इतनी सी है, जो चीज हमारे पास नहीं होती, उसे पाने के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते हैं। और आखिर में जब वो चीज मिल भी जाए तो क्या... तो जिंदगी खत्म हो जाती है...

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इधर श्रेया की आँखों से नींद रूठ चुकी थी। करवट बदलते-बदलते उसका मन बार-बार करण की तरफ भाग जाता। उसे अपनी बेचैनी का कारण खुद भी समझ आ रहा था—वह डर और नाराज़गी के बावजूद करण के टूटे ह...

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Devil की दास्तान - 20 By Sonam Brijwasi

(जंगल में गहरा सन्नाटा छाया है।पेड़ों के बीच से धुंध की परतें निकल रही हैं।18 साल की मासूम सिमरन अभी भी करण की गोद में निढाल पड़ी है।उसकी साँसें थम चुकी हैं। करण की आँखों से लगातार...

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एक बूंद से समंदर By Jeetendra

मैंने अपनी बेटी को स्कूल से लेने जाना था। रास्ते में एक औरत मिली। उसने मुझे रोका। बोली, "बहन, थोड़ा पानी मिलेगा?" मैंने अपनी बोतल उसे दी। वो पानी पीते हुए रोने लगी। मैंने पूछा, "क्...

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आसमान छूने की हिम्मत By Jeetendra

कोटड़ा गाँव की सुबह हमेशा से ही अलग रही थी। यहाँ सूरज उगने से पहले ही महिलाएँ चूल्हे की आग जला चुकी होती थीं और पुरुष अपनी हुक्के की लय में गाँव की चौपाल की ओर बढ़ रहे होते थे। लेक...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 10 By Sonam Brijwasi

रात का तीसरा पहर था। बरगद के विशाल पेड़ के नीचे...सिद्धिदात्री गहरी नींद में थी। अनजाने में उसका सिर रितांश के सीने पर टिका हुआ था। और रितांश ने भी उसे सुरक्षित रखने के लिए अपनी बा...

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सुबह के ठीक आठ बजे...उसी समय मुख्य प्रवेश द्वार से शक्ति अंदर दाख़िल हुई।उसके साथ अलिशा भी थी।दोनों के चेहरे पर वही गंभीरता थी, जो किसी नए मिशन की शुरुआत से पहले दिखाई देती है।जैसे...

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*इल्म का नूर - क़ुरान और इल्म की फ़ज़ीलत**अस्सलामु अलैकुम,*आज हम बात करेंगे *इल्म की अहमियत*, *क़ुरान की फ़ज़ीलत* और दिलों को *नूर* से भरने वाली कुछ *दुआओं* के बारे में।---*अध्याय...

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लौ को एहसास नहीं मोम के दर्द का      आज काफ़ी कोशिशों के बावजूद भी घर से निकलने में काफी देर हो गई थी | यह तो अच्छा था कि गर्मियों की तेज़ धूप की वजह से सड़कें कमोबेश सूनी ही थीं जिसक...

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ठकुराइन नयना देवी- Part 2पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि नयना देवी स्वभाव से जिद्दी और साफ दिल की महिला है। उसे अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना पसंद है। ससुराल में उसकी नंद सरिता से...

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कुंवारी कन्या - 2 By niru

अपने दादा की बात की तुम्हारे दोस्त वो अब आ नहीं पाएंगे यह सुन कर आनंद को चिंता होने लगी उसने अपने दादा से पूछने की कोशिश की पर दादा खामोश हो कर वहां से चले गए दादा की इस खामोशी को...

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बुआ जी ने हिम्मत कर दरवाजे को खोला और जैसे ही दोनों आगे बढ़ी और नजर बेड पर लेटे इंसान पर गई तो एकदम से ही दोनों लड़खड़ा गई और आँखों से झरझर आंसू बह निकले।क्योंकि बेड पर मशीनों से घ...

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आज घर में अफरा-तफरी का माहौल था।साजिया के फैसले से कोई खुश नहीं था।सास नाराज़ थी, नंद ताने दे रही थी,और आसिफ बेचैन होकर बार-बार एक ही बात पूछ रहा था —“तुम पागल हो गई हो क्या?”लेकिन...

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जंगल - 42 By Neeraj Sharma

---------------उलझन 42-----------अखाडो के उच्च अधिकारी जो अखाडो को चलाते थे आज वो महान संत मुनि श्रेष्ठ के पास बैठे थे। " बात वही पोलिस की चल रही थी। " उन मे किर्पा जी भी थे... उनक...

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---*कम उम्र वेडिंग - "चूड़ियों का रंग"* *[Story Start]**1. शॉक - "किताब गिर गई"* 16 साल की रिया 12th के फॉर्म भर रही थी। सपना था - डॉक्टर बनना। तभी मम्मी रसोई से आईं और बोलीं - "बे...

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अँधेरे का सच By deepanshi garg

नोट: यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, पेशे या संस्था की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि भरोसे के दुरुपयोग, यौन उत्पीड़न और पीड़ितों के मानसिक संघर्ष के प्रति ज...

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लड़की की सुरक्षा By Kapil Tiwari

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मंदिर में तुम - 8 By Sonam Brijwasi

रात बीत चुकी थी…पर Si-woo के लिए…वो रात खत्म ही नहीं हो रही थी…अपने अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ा…वो शहर की लाइट्स देख रहा था…पर उसकी आँखों में…बस एक ही चेहरा सुनामी… ️ उसने हल्की-...

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पिंजरे की उड़ान By deepanshi garg

दिव्या एक मध्यमवर्गीय, संपन्न परिवार की लड़की थी। घर में किसी चीज़ की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे हमेशा लगता था कि उसके हिस्से का प्यार कहीं खो गया है।उसके परिवार में मम्मी, पापा...

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पंखों का बोझ - 4 By Amardeep Kumar

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 18 By Sonam Brijwasi

रात गहरी हो चुकी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी जल रही थी।बाहर हवा धीरे-धीरे खिड़की से टकरा रही थी…और अंदर दो दिल एक ही जगह पर धड़क रहे थे। राधा धीरे-धीरे कृष्णा की बाहों में सिमट गई…ज...

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अनामिका By deepanshi garg

मिताली जब केवल छह साल की थी, तब एक भयानक कार दुर्घटना में उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उस हादसे में वह अकेली बची। उसके पिता शहर के जाने-माने उद्योगपति थे और करोड़ों की संपत्ति क...

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त्रिशा... - 51 By palvisha

कुछ पल के अंतर्द्वंद्व के बाद त्रिशा ने अपनी सास को उस दिन हुई सारी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उसने उन्हें एक एक बात बताई कि उस दिन क्या हुआ था और उसकी सास ने भी पूरा प्रकर...

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