सर्वश्रेष्ठ प्रेम कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

यादों के उजाले - 5 - अंतिम भाग
द्वारा Lajpat Rai Garg
  • 207

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (5) प्रह्लाद नौकरी पाने में सफल रहा। नौकरी लगने के पश्चात् उसके विवाह के लिये रिश्ते आने लगे। वह टालमटोल करता रहा। एक ...

इश्क वाला️ LOVE - भाग 2
द्वारा Sunil Gupta
  • 192

देव लगड़ाते हुए घर पहुचा अरे क्या हुआ , चोट कैसे लग गयी दिव्यांश बेटे ,देव को लगड़ाते हुए देख कर देव की मम्मी ने कहा कुछ नही मम्मी ...

कामनाओं के नशेमन - 12
द्वारा Husn Tabassum nihan
  • 210

कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 12 ‘‘मैं जा रहा हूँ मेडिकल कॉलेज।‘‘ अमल ने बहुत तेजी के साथ कहा। ‘‘कैसे जाएंगे आप...? उन्होने थोड़ा ठिठकते हुए कहा- ‘‘इस ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 11
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • 279

अध्याय - 11उसने शेखर को फोन लगाया। हैलो शेखर।ओ हैलो अनुज। इतनी रात गए फोन कैसे किया। अरे यार एक काम रमा को बताना था। परंतु उसका फोन स्वीच ऑफ आ ...

अनफॉरट्यूनेटली इन लव (संस्थापक) - 11
द्वारा Veena
  • 126

 वह ... एक फल-स्वाद कैंडी प्रेमी था? "तुम्हे ये स्वाद पसंद नहीं है?"  गन ने अपना धैर्य बनाए रखने के लिए जितना संभव हो सके, कोशिश की।  अपनी जेब से ...

नीलांजना--भाग(५)
द्वारा Saroj Verma
  • 276

प्रात:काल हो चुका था,सूरज की किरणें अपनी लालिमा चारों ओर बिखेर चुकी थी,हरे हरे वृक्षों पर पंक्षी चहचहा रहे थे,जंगल की अपनी ही शोभा होती है, वहीं जंगल रात्रि ...

यादों के उजाले - 4
द्वारा Lajpat Rai Garg
  • 435

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (4) विमल के उत्तर पर रवि भी अपनी हँसी रोक नहीं पायी। ऐतिहासिक स्थलों के गाइड मनोविज्ञान में पारंगत होते हैं। जिस ग्रुप ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 10
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • 447

अध्याय - 10घर पहुँचकर वो बेड में जाकर आँख बंद करके लेट गई। और सोचने लगीक्या अनुज मुझे आज भी प्यार करता है। मैं तो हैरान रह गई ये ...

अनचाहा रिश्ता ( नया सफर २) 8
द्वारा Veena
  • 474

प्लेन में बैठ मीरा और स्वप्निल अपनी मंजिल की ओर चल पड़े हैं।जिस जगह वो दोनो जा रहे है उस जगह के काफी सारे किसे और कहानियां है। हमारी ...

ख्वाबों के दिन
द्वारा Medha Jha
  • 231

सालों बाद फिर उसी वीरान वृहत शिला खंडों से समृद्ध नीरव सौंदर्य से परिपूर्ण इस भू भाग से गुजरती हुई गाड़ी बढ़ रही थी अपने गंतव्य की ओर और ...

नीलांजना--भाग(४)
द्वारा Saroj Verma
  • 324

भांति-भांति के प्रकाश से प्रकाशित, भांति-भांति के सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित , भांति-भांति के इत्रो की सुगंध पूरे कक्ष को सुगन्धित कर रही थी और भांति-भांति के वाद्ययंत्रों से ...

प्यार का जुनून - 1
द्वारा Rahul Sagar Advocate
  • 273

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सब यह कहानी जो वह बताने जा रहा हूं यह एक सत्य घटना पर आधारित है बात कुछ इस तरह की है कि......एक लड़का ...

बारिश और तुम
द्वारा Anand Raj Singh
  • 273

"पता है बारिशों में मैं सब कुछ भुल जाता हूं, ये रंगतें, ये बहार, हरियाली और उसमें तुम्हारा हाथ पकड़ लेना सच में बहुत खूबसूरत है... काव्या तुम सुन ...

कामनाओं के नशेमन - 11
द्वारा Husn Tabassum nihan
  • 294

कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 11 अमल माला के लिए ढेर सारे कपड़े ले आए खरीद कर। इसके सिवा और बहुत सारे सामान। जो माला को बहुत पसंद ...

अनफॉरट्यूनेटली इन लव ( महान दानव अधिपति) 10
द्वारा Veena
  • 291

 "......" यहां तक ​​कि सबसे मंद-बुद्धि व्यक्ति भी यह सुन सकेगा कि इस तथ्य के बावजूद कि उसका लहजा राजनीतिकता की भावना को बनाए हुए था, वह स्पष्ट रूप से ...

नीलांजना--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma
  • 378

सारी योजनाएं बना कर दिग्विजय ने सुखमती से जाने की अनुमति ली और चन्द्रदर्शन के पास पहुंचा, उसने चन्द्रदर्शन से कहा कि महाराज!! राजकुमारी नीलांजना का पता चल गया ...

नैना अश्क ना हो... - भाग - 11
द्वारा Neerja Pandey
  • (13)
  • 543

दिल्ली से घर आकर सब रिलैक्स हो गए थे। दूसरे दिननवल जी कुछ जरूरी काम आ जाने से शांतनु जी से किया गया वादा (दूसरे दिन आने का)नहीं पूरा ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 9
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • 363

अध्याय - 9अनुज को तुमसे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी।रमा चुप थी। तुम्हे बुरा लगा तो उसकी ओर से मैं सॉरी बोलता हूँ। शेखर ने कहा।अरे आप क्यों ...

कामनाओं के नशेमन - 10
द्वारा Husn Tabassum nihan
  • 267

कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 10 ‘‘भारत से एक सांस्कृतिक मंडल अमेरिका जा रहा है अगले दिसम्बर में। सितारवादन के लिए अमल को उस मंडल में शामिल किया ...

रिश्ता तेरा मेरा - 4
द्वारा PriBa
  • 318

पार्ट -4     _________________________ एक दिन शहर के सुपर फ़ूड मॉल में बडिमां के साथ पिया शॉपिंग कर रही था , पर अचानक से पिया ने देखा की, ...

यादों के उजाले - 3
द्वारा Lajpat Rai Garg
  • 303

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (3) ‘रवि, तुम्हारी इस बात का क्या जवाब दूँ, कुछ सूझ नहीं रहा। मैं तो नि:शब्द हो गया हूँ।’ कुछ समय के लिये ...

मुरझाई पंखुड़ियां:-(जब दिल सच मे टूटा करते थे)
द्वारा S Choudhary
  • 321

फोन की घण्टी बजी,विकास ने फोन उठाया, सामने राहुल था। राहुल-विकास !आज अंकित के फ्लैट पे पार्टी है आजाना 7 बजे तक। विकास:- किस खुशी में ? राहुल:- हमेशा ...

इश्क वाला ️️️️Love - 1
द्वारा Sunil Gupta
  • 342

आजकल बहुत बड़ा हीरो बन रहा है तू, कल हम तुझे बुला रहे थे और तू लड़की के साथ जा रहा था तो तूने पलट कर देखा भी नहीं ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 8
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • 366

अध्याय - 8रमा पैदल चलते हुए अपने सोसाईटी पहुँच गई।आज उसका मन एकदम अस्थिर था। उसने सोचा इस तरह तो रोज चिकचिक होगी। इसलिए बेहतर होगा कि मैं इस्तीफा ...

नैना अश्क ना हो..भाग - 10
द्वारा Neerja Pandey
  • 462

उस कार्यक्रम के बाद सभी घर आ गए। दिन भर की भाग - दौड़  की वजह से सभी थक गए । इस कारण सभी अपने - अपने कमरे में ...

कामनाओं के नशेमन - 9
द्वारा Husn Tabassum nihan
  • 324

कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 9 रात में अमल ने बेला को अपने हाथों से सजाया संवारा। उसके जूड़े में एक खुबसूरत रजनी गंधा की वेणी लगाई। वह ...

अनचाहा रिश्ता (शादी मुबारक) ७
द्वारा Veena
  • 513

" ये क्या है मीरा ? तुम्हे पता है ना मेरी मीटिंग है। फिर भी  तुम्हे अभी वो फाइल गुमानी थी। याद करो कहा रखी है।" स्वप्निल गुस्से में ...

नीलांजना--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma
  • 456

चंद्रदर्शन के ऐसे शब्द सुनकर, दिग्विजय हतप्रभ हो गया,अब उसे लगा कि शायद उससे बहुत बड़ी भूल हो गई है, उसे जब तक अपने किए पर पछतावा होता,तब तक ...

अनजान रीश्ता - 43
द्वारा Heena katariya
  • 513

पारुल अस्पताल में थी उससे अभी तक होश नहीं आया था । उसके माता पिता डॉक्टर का इंतज़ार कर रहे थे। दोनों चिंता में बैठे हुए थे। सेम के ...

यादों के उजाले - 2
द्वारा Lajpat Rai Garg
  • 453

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (2) पीरियड समाप्त हुआ और वह क्लास से बाहर निकल गया। प्रह्लाद और विमल अभिन्न मित्र थे। दोनों में किसी प्रकार का दुराव-छिपाव ...