सर्वश्रेष्ठ प्रेम कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

360 डिग्री वाला प्रेम - 41
द्वारा Raj Gopal S Verma

४१. कुछ उदासी… थोड़ी ख़ुशी और यूँ ही यह दिन भी बीत गया. अनुभव सिंह सहारनपुर के लिए वापिस लौट चले, बिना किसी नतीजे के. संबंधों की कटुता राजेश ...

कसकः एक टीस
द्वारा Farhan Sir
  • 228

                     आज काफ़ी अर्से के बाद मैं कोई फ़िल्म देखने टॉकीज़ तक आई हूं। मेरी कॉलोनी के जिस शख़्स ने भी ...

इंटरनेट वाला लव - 12
द्वारा Mehul Pasaya
  • 225

(Location change) हेय हेल्लो अन्नू कैसी हो और एलो मे आगये बोला था देर लगेगी पर आजयेंगे और देखो हम आगाए अब फटाफट चलो बॉस आजये उसे पहले हा ...

मुरझाया फूल
द्वारा Mukesh Saxena
  • 333

मुरझाया फूल   आज यदि कोई रजनी के चेहरे को देखे तो सहज ही कह सकता था कि वह सूख कर काँटा बन गई है। जिस प्रकार कोई फूल ...

प्रतिशोध--भाग(६)
द्वारा Saroj Verma
  • 432

सत्यकाम गंगातट से माया से बिना बात किए चला तो आया परन्तु उसका मन अत्यधिक विचलित था,भावों की भँवर उसे प्रेमरूपी सरिता में डुबोएं दे रही थीं, माया के ...

अनोखी दुल्हन ( शुरुवात ) - ( बचपन ) 4
द्वारा Veena
  • 351

उसे अब इस दुनिया मे आए सात साल हो चुके है।  " मां इस जन्म दिन पर मुझे भी केक काटना है। मोमबत्ती बुझानी है। मुझे भी सब दोस्तो ...

हमेशा-हमेशा - 3
द्वारा Aditi Jain
  • 240

अब्बू के साथ घर पहुँची शमा किसी मशीन की तरह अम्मी से मिली और सीधे अपने कमरे में चली गयी। 'उसे अपने अतीत के हादसों से उबरने के लिए ...

360 डिग्री वाला प्रेम - 40
द्वारा Raj Gopal S Verma
  • 261

४०. कुछ और कटुता अनुभव सिंह अपना एक और कटु अनुभव लिए लौट आये. उन्हें दुःख अवश्य हुआ, पर हिम्मत नहीं हारी. इसी महीने की १७ तारीख को कोर्ट ...

अधूरा इश्क
द्वारा Gaud Arun
  • 588

आज फिर से वो दिखी थी, शायद दस साल बाद, नही उससे थोडा ज्यादा... उसका बदन पहले से थोडा सा भारी हो गया था..लेकिन चेहरे पर वही पुरानी मासूमियत ...

माता पिता द्वारा तय किया गया विवाह
द्वारा Mehul Pasaya
  • 513

माता पिता द्वारा तय किया गया विवाह " सम्राट जी सम्राट जी आप को मम्मी जी बुला रही है और आपको बोला है की जल्दी त्यार हो जाये" "क्या ...

सेकंड लव - 1
द्वारा Mehul Pasaya
  • 582

सेकंड लव आयुष एक नॉर्मल लड़का था उश्की जिन्दगी ना जेसे अकेले पन से भरी पडी हुए थी और वोह आज कल परेशान बहुत रेहता था। आयुष फैमिली के ...

तुम मुझे इत्ता भी नहीं कह पाये? भाग - 6
द्वारा harshad solanki
  • 252

मेडम राहुल के साथ दोस्त की तरह ही बर्ताव कर रही थी और राहुल भी उसे काफी रिस्पेक्ट देता था. रिंछगढ़ और धुपगढ़ में सनसेट पॉइंट की विजित के ...

अनचाहा रिश्ता - ( फिर मिलेंगे) 17
द्वारा Veena
  • 516

" गुस्सा मुझे आना चाहिए ना की तुम्हे।" स्वप्नील ने गाड़ी चलाते हुए उसकी तरफ नजर डाली। मीरा अभी भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं थी।" नाराज भी ...

प्रतिशोध--भाग(५)
द्वारा Saroj Verma
  • 501

उधर माया अपनी इस जीत पर अत्यधिक प्रसन्न थीं, उसे स्वयं पर गर्व हो रहा था कि जैसा वो चाहती थीं, बिल्कुल वही हो रहा है, सत्यकाम को मुझ ...

अभिमान
द्वारा Mukesh Saxena
  • 366

अभिमान   रवि ने भी प्रतिज्ञा कर ली थी कि वह कभी भी सेठ परषोत्तम दास की बेटी शीला से विवाह नहीं कर सकता। इसके लिए वह अपने पिता ...

360 डिग्री वाला प्रेम - 39
द्वारा Raj Gopal S Verma
  • 420

३९. अंधकार… दु:स्वप्न चाहे जितनी भी बड़ी समस्या हो, अथवा जो भी परेशानी हो, माधुरी ने कभी अवसाद को पास नहीं फटकने दिया था. हमेशा परिस्थितियों का सामना बहुत ...

अलविदा
द्वारा Arjun Allahabadi
  • 354

अर्जुन इलाहाबादी।जिंदगी को अच्छे से  जीने की जब भी सोचा तो रास्ते बहुत कठिन निकले।कभी पड़ोसियों से झगड़ा,तो कभी परिवार में झगड़ा। कभी खुद को कंसन्ट्रेट नही कर पाया।यहाँ ...

दूसरी औरत.. - 3
द्वारा NISHA SHARMA ‘YATHARTH’
  • 414

सुमेधा का दिल जोर जोर से धड़क रहा था। "इतनी घबराहट तो मुझे कभी बोर्ड के एग्ज़ाम्स में भी नहीं हुई और न हीं कभी मेरे किसी रिजल्ट के ...

साईकिल की चेन
द्वारा praveen singh
  • 285

अजीत आज काफ़ी सालो बाद अपने शहर को लौटा था| घर पर मां- पिता से बात करते हुए उसे पता चला कि सुरभि अपने ससुराल से वापस अपने मायके ...

प्रतिशोध--भाग(४)
द्वारा Saroj Verma
  • 714

सत्यकाम ने जैसे ही प्राँगण में प्रवेश किया तो ___     ये कैसी अवहेलना हैं, सत्यकाम! जब तुम अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर सकते तो तुम्हें उसका उत्तरदायित्व ...

Love after marriage - 1
द्वारा YK.
  • 663

Introduction of characters :-1) Ayesha Kapoor :- ayesha kapoor business tycoon Sanjay kapoor की एक लोती लड़की है। जो की काफी खूबसूरत और बुद्धिमान है । मगर उसका स्वभाव  ...

इंटरनेट वाला लव - 11
द्वारा Mehul Pasaya
  • 360

" हा वोह भी है क्यू की हम यहा वेट करेंगे ओके " " जी भाई जरुर हम जल्दी आने की कोशिश करेंगे " कुच समय के बाद... " ...

जिंदगी के कुछ पल ऐसे भी - 3
द्वारा Aarvi
  • 363

Part-3 विनय ठान लेता है | कि अन्नू को ढूंढ कर ही रहूंगा | फिर वह अपने घर के लिए निकल गया ऐसे ही दो-तीन दिन निकल गए |फिर भी ...

प्रतिशोध--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma
  • 588

रात्रि हुई सत्यकाम अपनी कुटिया में पड़े पुवाल से बने बिछावन पर लेट गया, परन्तु निद्रा उसके नेत्रों से कोसों दूर थी,उसकी कुटिया वैसे भी एकांत में सबसे अलग ...

तुम मुझे इत्ता भी नहीं कह पाये? भाग - 5
द्वारा harshad solanki
  • 486

पर उसके यह आनंद भरे दिन बहुत लम्बे न चले. ऐसे ही तीन चार हप्ते बीत गए और पुरानी हिंदी वाली मेडम वापस आ गई. और नयी मेडम का ...

क्या कहूं...भाग - २
द्वारा Sonal Singh Suryavanshi
  • 348

विवान दूसरी शादी के लिए तैयार हो गया था। उसके मम्मी पापा थोड़े खुश थे। उनके पास धन वैभव की कमी नहीं थी। विवान की शादी के लिए कोई ...

360 डिग्री वाला प्रेम - 38
द्वारा Raj Gopal S Verma
  • 414

३८. बड़ा निर्णय ...और आरिणी चली गई. पूरे तीन महीने के लिए. वह धीरे-धीरे अपने करियर के उस मोड़ पर पहुंच रही थी, जहां का रास्ता चुनौतियों से भरा ...

इंटरनेट वाला लव - 10
द्वारा Mehul Pasaya
  • 408

" ओके भाई " " अच्छा भाई ये न्यू ड्राईवर कब आया आपके पास " " हा समीर रुको बताता हूं दरसल ये ड्राईवर मेरे पास आया था कुच ...

मुलाकात - 5
द्वारा दिलीप कुमार
  • 549

                                   मैं वर्षा का नाम सुनकर,मेरे मन ने मुझे सावलो के कटघरे में ...

प्रतिशोध--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma
  • 819

उधर गुरु कुल में__      चूड़ामणि...!तुमने अत्यन्त घृणित अपराध किया है, तुमने एक स्त्री को स्पर्श किया, आचार्य शिरोमणि बोले।।    नहीं.. आचार्य,ये पाप नहीं है,वो स्त्री अत्यन्त वृद्ध ...