सर्वश्रेष्ठ प्रेम कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

कोटा एलेन वाला प्यार - 1
द्वारा Dr.Surya Shukla
  • 40

चैप्टर 1एक बार की बातहै एक   लड़का जो डॉक्टर बनना चाहता है। उसने मेडिकल exam की prepration के लिए एक बार फिर अंतिम बार कोटा जाने का निर्णय किया।उससे ...

फरेब - १०
द्वारा Raje.
  • 1.9k

बस में बैठा एक व्यक्ति अपनी कापी में कुछ शहर के नाम टीक कर रहा था। अजमेर, भोपाल, रायपुर, शीरडी, गोआ, चेन्नई, पणजी। तभी एक आवाज ने उसे रोका, ...

बन्धन--भाग(अंतिम भाग)
द्वारा Saroj Verma
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  • 1.8k

अमृत राय जी बोले, ऐसा क्या जरूरी काम है...   ठाकुर साहब बोले,तू वादा कर कि मेरी बात का बुरा नहीं मानेगा!! अमृत राय जी बोले, ठीक है बोल ...

मिसिंग यू।
द्वारा Rahul shrivastava
  • 1.1k

नमस्कार मेरा नाम राहुल है मैं इंदौर में रहता हूँ और कक्षा 11वी का छात्र हूँ। यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी एक सच्ची प्रेम कहानी से ली ...

मिले जब हम तुम - 1
द्वारा Komal Talati
  • 1.1k

                              part -1              शालिनी ने फोन पर बात करते हुए कहा, - " देव तुम जल्दी ...

फिर आना अखिलेश और हंसना...
द्वारा Chandi Dutt
  • 1.1k

फिर आना अखिलेश और हंसना जोर-जोर से...# चण्डीदत्त शुक्लपंखा हिल रहा था। खट-खट की आवाज़ें आतीं पर हवा नहीं। हिचकोले खाता मैं। ठंडी, और ठंडी होती जा रही पीठ ...

रिश्ता एक कागज का । - 4
द्वारा Dhruv oza
  • 1.8k

(निशांत अपने डेस्क पे वर्क कर रहा होता है तभी एक पार्सल एक गार्ड के तरफ़ से मिलता है)शंकर - अरे निशांत क्या मंगाया यार, भाभी के लिए गिफ्ट ...

रिश्ता प्यार का
द्वारा Prashant Kumar
  • 1.8k

सिम्मी सिसकती हुई अपना सामान पैक करते हुए बीच-बीच मे सुशांत को देख भी रही थी,इस आस में की अभी सुशांत उठकर उसके हाथ पकड़कर उसे अपने मायके जाने ...

बन्धन--भाग (४)
द्वारा Saroj Verma
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  • 2.2k

कालिंदी के माथे से बहुत खून बह चुका था, शहर से बड़े डाक्टर के आने तक, कालिंदी इंतजार ना कर सकी और हंसते-खेलते परिवार को छोड़कर चली गई___ ठाकुर ...

अनजान रीश्ता - 32
द्वारा Heena katariya
  • (17)
  • 3.3k

अविनाश यूंही रोहन के साथ बैठा हुआ था। की तभी उसे मोबाईल के बजने की आवाज सुनाई देती हैं । अविनाश रोहन से बात करके काफी अच्छा महसूस कर ...

क्रश
द्वारा Jitendra Shivhare
  • (12)
  • 1k

एक कहानी रोज़-39 *क्रश--कहानी* *चां* दनी मुख्य सलाहकार इंजीनियर बनकर गांव आई थी। मुसाखेड़ी गांव की मुख्य सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत निर्मित होना थी। पुर्व में किये गये ...

बन्धन--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma
  • (18)
  • 460

रातभर गिरिधर उधेड़बुन में लगा रहा और बहुत सोचने-समझने के बाद फैसला ले लिया।। सुबह सो कर उठ कर तैयार हुआ और पहुंच गया हवेली नाश्ता करने!! ठाकुर साहब ...

बन्धन--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma
  • (12)
  • 351

दूसरे दिन अमृत राय जी अपनी बेटी मीरा के साथ चले गए___ फिर एक दिन गिरिधर के यहां आटा खत्म हो गया, संकोचवश उसने ठाकुर साहब से कुछ नहीं ...

फरेब - 9
द्वारा Raje.
  • 433

आज वृंदा की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। वह उछलती कूदती हुई, आश्रम से बहार निकल के सीधा घर की ओर चली जा रही है। होठों पे एक ...

रिश्ता एक कागज का । - 3
द्वारा Dhruv oza
  • 374

(निशांत घर से ऑफिस के लिए निकलते हुए)निशांत - अच्छा, क्यारा सुनो वो हमें परसो जाना है,आज सुबह दयानंदजी का मैसेज आया था, कि हम कब तक आ रहे है ...

बन्धन--भाग(१)
द्वारा Saroj Verma
  • (21)
  • 569

आइए ठाकुर साहब!! पधारिए,       कहिए क्या लेना चाहते हैं? दुकान के मालिक सेठ मगनलाल ने ठाकुर राघव प्रताप सिंह से पूछा!!   बस,सेठ जी कुछ कम्बल खरीदने है, ...

अनजान रीश्ता - 31
द्वारा Heena katariya
  • (19)
  • 525

पारुल अपने घर का दरवाजा धीरे से चाबी से खोलते हुए घर में पहुंचती है। हॉल और किचेन कि लाइट बंद थी मतलब उसके माता पिता दोनों ही सो ...

नानी तुमने कभी प्यार किया था - 8
द्वारा महेश रौतेला
  • 391

नानी तुमने कभी प्यार किया था? भाग-8उसने तीन-चार रचनाएं प्रकाशनार्थ भेजी हैं। वह आज के प्रदूषित वातावरण पर लिखता है-"इस प्रदूषण भरे शहर मेंमैंने आज तारों कोटिमटिमाते पायाऔर मैं ...

तैय्यब अली प्यार का दुश्मन
द्वारा Husn Tabassum nihan
  • 437

तैय्यब अली प्यार का दुश्मन दिन का मुँह धुंआं धुआं हो रहा था। सूरज अपने कंधे पर दिन का लहू-लुहान जिस्म लिए चलता हुआ। लौटे हुए पंछी हाय-तौबा मचाए ...

फास्ट बोलर
द्वारा मधु सोसि गुप्ता
  • (11)
  • 372

“ फास्ट बोलर ”                   आराधना का पैंतीसवां  जन्मदिन था | वो  रात भर की नींद में सो कर ,सुबह  उठी थी  | उसे ऐसा प्रतीत हो रहा था, ...

चंद लम्हों की टकरार
द्वारा Gal Divya
  • 369

                             चंद  लम्हों की टकरार              पूरे 4 साल.....        ...

आलिंगन
द्वारा Chaya Agarwal
  • (16)
  • 1.9k

आलिंगनगीतेश के दो ही शौक थे। एक दिन में पेंटिंग बनाना और दूसरा रात को मशहूर कहानीकारों की कहानियां पढ़ना। तूलिका और कैनवास से उसका गहरा रिश्ता था। चित्रकारी ...

ख़ुशी - भाग-२
द्वारा Anil Sainger
  • 362

हार्दिक दरवाजे के पास पहुँच कर धीमी आवाज में बोला ‘मैडम ऐसा ही कुछ मेरे एक दोस्त आयुष के साथ भी हुआ था’| यह सुनते ही सोनाली धम्म से ...

अधूरी कहानी - 8
द्वारा Heena katariya
  • (11)
  • 558

सना और जय रेस्टोरेंट में पहुंचते हैं । सना अभी भी जय से गुस्सा थी । जिस तरह जय ने गाड़ी में बरताव किया वह सना की सोच से ...

दो पल का प्यार
द्वारा Rajesh Mewade
  • 380

सुबह-सुबह जागते ही घर के बरामदे में पहुंचा। वही रोज की हल्की-फुल्की कसरत करने के लिए। पर आज कोई जल्दबाजी नहीं , क्योंकि आज रविवार था। रोज की तरह ...

प्रेम की परिभाषा न पूछो
द्वारा Devendra Prasad
  • (11)
  • 399

दो दोस्त थे यश और राज दोनों की दोस्ती कक्षा ६ में हुई थी जब दोनों अपने नए  स्कूल में आये थे  दोनों ने अपनी   १२वी तक की  पढाई ...

GANGTOK@मिनि
द्वारा Chinmayee
  • 302

आरे मिनि कि याद् आ रहि हे क्या...?सन्तोष का मिनि नाजाने अब कैसे होगि..मिनि कि हातों से बानाये हुए मोमोस्, एग् अमलेट् को सन्तोष तो अभि तक् भुला नेहि ...

रिश्ता एक कागज का । - 2
द्वारा Dhruv oza
  • 527

निशांत - ये लीजिये दयानंदजी आपकी फाइल, ओर ये फोटो जो उसमे से मैने निकाला है , ये लड़की मुजे पसंद है,दयानंद - दिखाईये ज़रा ये लड़की? अरे ये ...

ख़ुशी - भाग-१
द्वारा Anil Sainger
  • 435

‘मैं मुंबई से गोवा जा रहा था | दूसरी श्रेणी के वातानुकूलित डिब्बे में खिड़की के साथ वाली बर्थ पर मैं अभी आराम से बैठा ही था कि एक ...

फिर मुलाकात होगी - भाग १
द्वारा Lalit Raj
  • 532

प्यार की ऐसी दास्तान जो अधुरी है मगर एक दूसरे का एहसास उन्हें जोड़े रखता है,वो चाहकर भी मिल न पाऐ फिर भी एक उम्मीद में है कि "फिर ...