सर्वश्रेष्ठ प्रेम कथाएँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

अनकहा अहसास - अध्याय - 26
द्वारा Bhupendra Kuldeep

अध्याय - 26शेखर। ये नाम कुछ जाना पहचाना लगता है। कहीं ये हमारे शहर से तो नहीं है। आभा ने पूछाहाँ शायद मैं पहले नहीं जानती थी उसको। अनुज ...

# cute story
द्वारा Payal Sakariya

    Short story निरजा एक café में काम करती है । एक दिन निरजा tray  में  coffee का order  लेकर जा रही थी, तभी किसी का पैर बीच में आया ...

360 डिग्री वाला प्रेम - 1
द्वारा Raj Gopal S Verma
  • 279

०००० कहते हैं प्रेम का आना आपके जीवन मे पूर्व निर्धारित होता है, भले ही वह विवाहोपरांत ही हो। ऐसा प्रेम जिसे आप पूरी जिंदगी शिद्दत से जी सकें! ...

संगम--(अंतिम भाग)
द्वारा Saroj Verma
  • 159

शाम का समय था,गुन्जा मां को लेकर मंदिर गई थी, सीताराम जी दुकान पर बैठे थे,श्रीधर शाम की चाय पीने आया__ प्रतिमा ने सोचा, अच्छा मौका है, श्रीधर से ...

संगम--भाग (९)
द्वारा Saroj Verma
  • 345

श्रीधर ने जैसे ही प्रतिमा को देखा और प्रतिमा ने श्रीधर को, पर दोनों ने एक-दूसरे को देखकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी,बस एक-दूसरे की आंखों में ही देखकर एक-दूसरे ...

लिखे जो खत तुझे
द्वारा Saroj Prajapati
  • 231

रचना किचन में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभीऑफिस से लौटे समीर और बेटी दिशा की आवाज उसके कानों में पड़ी। " कैसे हो बेटा! और मम्मी ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 25
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • 504

अध्याय - 25रमा पैर पटककर रह गयी।ओ ! रमा ! रमा, रमा ? अचानक माला पीछे से आकर लिपट गई।अब तुझे क्या हुआ ? रमा पीछे पलटकर पूछी। मुझे पहले ...

दोस्ती से परिवार तक - 7
द्वारा Akash Saxena
  • 270

राहुल-आह बहुत ज़ोर से लगा यार! पागल हो गयी है क्या तू।…मनीष राहुल की बात काटते हुए बोला-हाँ हो गयी है और मै भी…. और फिर आगे आकर मनीष ने ...

अटूट रिश्ता
द्वारा Ratna Raidani
  • 393

"अरे तुम अभी तक तैयार नहीं हुई? पार्टी बस शुरू ही होने वाली है। सब मेहमान आते ही होंगे।" पार्थ ने कमरे के अंदर आकर अंकिता की तरफ देखते ...

संगम--भाग (८)
द्वारा Saroj Verma
  • 390

अब आलोक दुकान और घर ठीक से सम्भाल रहा था, कभी-कभी गांव भी चला जाता, खेती-बाड़ी देखने, मास्टर जी को ये देखकर बहुत संतोष होता कि चलो अब बेटा ...

वेदवाणी - 2
द्वारा Aastha Rawat
  • 204

अखबार में इस्तेहार देखते ही देवयानी के मुख पर मुस्कान सी खिल गईपरन्तु मुस्कान  साथ एक दुख भी था। जो दुख अपनी बेटी की विदाई के बारे में सोच हर मां ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 24
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • (16)
  • 789

अध्याय - 24तभी चपरासी दिखा।मैडम आप लोगो को भी कांफ्रेंस रूम में बुला रहे हैं। सब लोग आ गए हैं वहाँ।ठीक है हम आते हैं तुम चलो।चपरासी चला गया।जब ...

हमने तो बस यू ही दिल हारा।
द्वारा Krishna Timbadiya
  • 456

दुबई के बुर्ज खलीफा के रास्ते पे सी-साईड के बीच की और तेजी से गाड़ी दोड रही थी। गाड़ी की रफ्तार से ज्यादा उसकी धड़कन तेज थी। गाडी एक ...

रिश्ता तेरा और मेरा - 5
द्वारा PriBa
  • 405

इंटरव्यू के दिन पिया ऑफिस पहोंच चुकी थी, इंटरव्यू का वक्त बीत गया था फिर भी वह अभी तक बाहर के सोफ़े पर बैठकर इंतजार कर रही थी ।  ...

इश्क वाला ️️️️Love - भाग 9
द्वारा Sunil Gupta
  • 258

देव का इस तरह चला जाना रिद्धिमा को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया ,आज तक उसकी इस तरह से किसी ने इंसर्ट नहीं की थी ,वह बड़े बाप की ...

चलो कॉफ़ी डेट पर चलते हैं
द्वारा Anamika anoop Tiwari
  • 321

दिन बीता, महीने गुज़रे और आज तीन बर्ष हो गए तुमसे बिछड़े हुए..समय अपने प्रारब्ध गति से आगे बढ़ रहा है, तुम्हारे मेरे अपने..अपनी अपनी ज़िन्दगी की भागादौड़ी में ...

कातिल - 5
द्वारा Monty Khandelwal
  • 282

सारे लोगो  इकट्ठा हो  गये रितु ने कहा  देख क्या रहे हो  जाओ ..जाओ उनकी मदद करो  उनको बाहर निकालो और मशक्कत चालू हो गए कभी मोटे व्यक्ति को ...

संगम--भाग (७)
द्वारा Saroj Verma
  • 534

इसी तरह समय बीतता जा रहा था____ एक दिन घर की सफाई करते हुए,प्रतिमा को एक पुरानी तस्वीर मिली, उसने तुंरत गुन्जा से पूछा,इस तस्वीर में मां-बाबूजी है,तुम हो ...

अधूरा सफ़र
द्वारा Ki Shan S Ahu
  • 363

बात कुछ 5 साल पहले कि है जब गौरव ने कॉलेज खत्म करके नोकरी के लिए बाहर जाने का सोचा,गौरव ने पास है के एक ई मित्र से नोकरी ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 23
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • (17)
  • 714

अध्याय - 23अब वो थोड़ी चितिंत हो गयी थी कि किस तरह अनुज को मनाएगी। वो तैयार हुई और कॉलेज के लिए निकल गयी। आज तो कॉलेज में उसके ...

संगम--भाग (६)
द्वारा Saroj Verma
  • 582

घूंघट ओढ़े,लाल जोड़े में सजी दुल्हन,लाल चूड़ियों और सोने के कंगन से भरी कलाइयां, मेहंदी रची हथेलियां, बिछिया और पायल के साथ ,महावर लगे सुंदर पैर___ दुल्हन ने द्वार ...

अनफॉरट्यूनेटली इन लव ( प्यार के प्रतिस्पर्धी_२) - 14
द्वारा Veena
  • 390

ब्लूबेरी की आंखें चौड़ी हो गई, पहले वह टोंग निआन को देखती है, फिर उस छोटे बच्चे को देखती है, फिर वापस टोंग निआन को देखती है, फिर उस ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 22
द्वारा Bhupendra Kuldeep
  • (11)
  • 726

अध्याय - 22रमा बाहर बेंच पर बैठी ही थी। अचानक उसके बाहर आने से रमा ने सिर उठाकर देखा।ओ हेलो अनुज। हाऊ आर यू ?मैं ठीक हूँ। बस तुम्हारा धन्यवाद ...

दोस्ती से परिवार तक - 6
द्वारा Akash Saxena
  • 462

रिया ने फ़ोन एक तरफ पटका और फटाफट चल पड़ी मनीष के पास…इधर मनीष इतनी लम्बी दौड़ के बाद अभी भी हाँफ़ रहा था वो वहीँ फुटपाथ पर जाकर ...

इश्क वाला love - भाग 8
द्वारा Sunil Gupta
  • 402

दीदी , वहां नीचे मम्मी अकेले काम कर कर के मर रही हैं और आप यहां आ कर के यह कर रही हैं , रिया गुस्से से चिल्लाई और ...

संगम--भाग (५)
द्वारा Saroj Verma
  • 690

मास्टर जी को पूरा भरोसा था कि श्रीधर चोरी जैसा तुच्छ कार्य नहीं कर सकता, उन्हें अपने बेटे आलोक पर संदेह हो रहा था और सियादुलारी भी समझ तो ...

वेदवाणी - 1
द्वारा Aastha Rawat
  • 411

                         ? नमस्कार ?     में आस्था रावत ऐसी कहानी लेकर आयी हूं ।जो प्रेम का मार्मिक रुप ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 21
द्वारा Bhupendra Kuldeep
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  • 825

अध्याय - 21उधर अनीता देवी का आपरेशन चालू हो गया था और एक यूनिट खून लग चुका था तभी नर्स बाहर आई। मैडम एक यूनिट खून की और आवश्यकता है।देखिए ...

रिश्ता दिलो का ..... - 1
द्वारा Priyanka Jangir
  • (19)
  • 759

यह एक काल्पनिक कहानी है, इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक हैं और किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से इस कहानी का कोई लेना देना नहीं है, जगह ...

तुम्हारे जाने के बाद
द्वारा Anamika anoop Tiwari
  • 540

'बहु चाय पियोगी, सुबह से पूजा पाठ में व्यस्त हो, कही तबियत ना बिगड़ जाए' विमला ताई चाय का कप मेरे हाथों में थमाते हुए बोली. मैं मौन उदास बिना ...