हिंदी प्रेम कथाएँ मुफ्त में पढ़ें और PDF डाउनलोड करें

बगावत दिल की
by Shobhana Shyam
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एक तरफ दिल है एक तरफ दिमाग किसकी बात मानेगी दिव्या ......

अतीत से मुक्त
by Balanath Rai
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"जब तक हम अपने अतीत के बारे में सोचते रहेंगे तब तक हमारा वर्तमान भी अतीत बनता जाएगा इसलिए हमे अपने अतीत के बारे मे न सोचकर अपने  वर्तमान ...

सेकेण्ड इनिंग 
by Ashish Dalal
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अपनी सहेलियों से शादी के बाद की पहली रात के बारें में बहुत से किस्से सुन रखे थे । पुरूष के के लिए पहली रात यानि अपने पुरुषत्व को ...

प्रेम - 1
by Priya Shah
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अपने मोबाइल पे वो अपने कापते हाथो से मेसेज टाइप कर रही थी "हाँ, में आपसे प्यार करती हु, ये जानते हुए भी के हम एक नहीं हो सकते,  ...

मुहब्बत ज़िंदाबाद!
by Kailash Banwasi
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मुहब्बत ज़िंदाबाद! राजकुमार सोनी के लिए कैलाश बनवासी कहानी शुरू हो इससे पहले ये तफ़सील ज़रूरी है... पिछले दस बरसों में जितना बदला है यह देश उतना शायद कभी ...

हाडी राणी
by Dr Fateh Singh Bhati
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हुकम, अब तो पलंग छोड़ो | बाहर पधारो | सासुजी मेरे को कह रहे है तुमने मेरे बेटे को आलसी बना दिया | ये तो सूर्योदय पूर्व उठ कर ...

इज़हार
by Dilbag Singh Virk
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इज़हार "हैलो, निखिल...किस सोच में डूबे हो।" - इंदु ने निखिल को चुपचाप बैठे देखकर पूछा। रूचि और सुरेश भी उसके पीछे-पीछे पहुँच गए। "कुछ खास नहीं, बस यूँ ...

कामवासना से प्रेम तक (भाग-१)
by Seema Kapoor
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 एक सभ्य समाज में पुरुष और महिला के बीच सुंदरता से भरे संबंधों के बारे में यदि कहां जाए तो ----उसे कामसूत्र कहते हैं (क्या है ,कामवासना )और (क्या ...

ब्लू व्हेल गेम
by Dr Fateh Singh Bhati
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घर पहुँचते ही चेंज किया और इयर प्लग्स लगा कर जगजीत को सुनने लगा, साथ ही साथ व्हाट्सअप पर आए चुटकले पढ़ हंस रहा था | श्रीमति जी हँसी ...

कहानी तेरी मेरी
by अnu
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ये जिंदगी भी बड़ी अजीब होती है.. फिर भी कहाँ सबकी खुशनसीब होती है..ये जिंदगी हमें वो दे जाती है जिसकी हमें चाह नहीं होती और वो नहीं देती जो ...

अपनों का सुरक्षा घेरा
by Dr Fateh Singh Bhati
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आज पहली बार वह अकेले ट्रेन से जा रही थी | घर में भरे पूरे परिवार में नारी मुक्ति पर इन्सान कितना कुछ बोलता है ?  क्या कुछ सोचता ...

उसकी खुशबू
by Sudha Om Dhingra
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उसकी खुशबू सुधा ओम ढींगरा ऑफ़िस की लॉबी के कोने में पड़े कॉफ़ी पॉट से हर दो घंटे बाद कॉफ़ी लेने जाना और उससे बतियाना उसे बहुत अच्छा लगता.... ...

शायरी - 5
by pradeep Tripathi
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मैं जुर्म घोर रात के सन्नाटे में कर रहा थामुझे भ्रम था कि अब मुझे देखेगा यहां कौनजुर्म करते हुए देखा नहीं मेरे सिवा कोई औरजब पेसे दर हुआ ...

इश्क़ की इन्तेहां
by सोनू समाधिया रसिक Verified icon
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लेखक :_सोनू समाधिया रसिक ??"छोड़ो न अवि कोई देख लेगा। ""देख लेने दो। अब तुम मेरी हो और मेरा हक़ है प्यार करने का।" - अविनाश ने दिव्या को ...

उस रात का सवेरा न हुआ
by Dr Fateh Singh Bhati
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पश्चिम के धोरे (रेत का टीला) को भगवान भास्कर मुकुट बन कर सुशोभित कर रहे थे | थार की धरा जैसे पीत वस्त्र धारण कर चुकी हो | यह ...

जनवरी सी जानदार तू और दिसम्बर सा आकर्षक मैं
by Ashish Dalal
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वह इक्कीस का लम्बा छरहरा, कोमल सपनों की रंगीनियों से भरा नौजवान । नाम विवेक ।वह उन्नीस की दुबली पतली, देह के उभारों को सम्हालती ऐश्वर्य से भरी नवयुवती ...

फरेब - 7
by Raje.
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समय लगभग ६:३० शामके, हो रहा है।इसलिए सुरज की रोशनी हल्की लग रही है। और बदन को चुभ नहीं रही थीं।एक छोटा-सा झरना जंगल की बहार की तरफ बेह ...

दोस्ती है या प्यार - 1
by pradeep Tripathi
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दोस्तो चलो आज आप को एक नए प्यार की कहानी सुनाते हैं।   इस कहानी के मुख्य दो पात्र है एक मै प्रिंस (परिवर्तित नाम) और एक वो सुषमा (परिवर्तित ...

उमादे
by Dr Fateh Singh Bhati
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जैसलमेर की राजकुमारी उमादे भटियाणी के अप्रतीम सौन्दर्य और विलक्षण बौद्धिक चातुर्य की प्रसिद्धि वायु में फैली सुगन्ध की भाँती चारों दिशाओं में फैलती जा रही थी | राज्य ...

ठंडी सड़क
by महेश रौतेला
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ठंडी सड़क:"चाँद के उस पार चलो" फिल्म टेलीविजन पर चल रही है। फिल्म के अन्तिम दृश्य नैनीताल के मैदान में फिल्माया गया है।दृश्य लगभग रोमांटिक कहा जा सकता है।अन्त ...

अमर प्रेम - 14 - अंतिम भाग
by Pallavi Saxena
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अमर प्रेम (14) कभी राहुल विदेश चला जाता है तो कभी अंजलि भारत आजती है बस इसी तरह गुज़र रही है दोनों कि ज़िंदगी और इसी तरह चलते हुए ...

हमारी समानताए
by Shrimali Montu
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ॐ नमः शिवाय। हमारी वास्तवीक कहानी को पढने के लीए आए हुए आप सभी को मे और मोना सहर्ष आवकारते है । मेरी मोना द्वारा रचीत इस प्रथम वास्तवीक ...

अमर प्रेम - 13
by Pallavi Saxena
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अमर प्रेम (13) इतने में अंजलि दूध का गिलास लिए कमरे में आती है और राहुल को देते हुए कहती है क्या हुआ तुम अब भी वही सोच रहे ...

BECOME A HE-MAN - LAST PART
by Urvil Gor Verified icon
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आरव घर पहोचा तब उसके डेड ने 10000 रुपए तैयार रखे थे ओर उसकी बेग। आरव:- मोम ये क्या है कोई आया है क्या? आरव के डेड:- आरव सून ...

वैश्या वृतांत - 30 - अंतिम भाग
by Yashvant Kothari Verified icon
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वैश्या वृतांत यशवन्त कोठारी अपराधी बच्चे और शिक्षक की भूमिका स्वच्छंदता, उच्छृंखला, बदलता सामाजिक मूल्यों तथा राजनीतिक जागरुकता ने छात्रों और अध्यापकों के बीच की खाई को बहुत चौड़ा ...

दो पेड़
by Dr Fateh Singh Bhati
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पढ़ाई में व्यस्तता के कारण कोई दस वर्ष बाद मामा के साथ ननिहाल जा रहा था | दोपहर में टूटी फूटी बस ने गाँव से कोई दो तीन किलोमीटर ...

वही दूरियाँ
by Govind Sen
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अचानक संजय से मिलना हुआ। लगभग दस साल बाद। आँखें मिली। पहचान की चमक कौंधी। यंत्रवत् हाथ आगे बढ़ गये। एक अप्रत्याशित मुलाकात थी वह। नौकरी लगी। शादी हुई। मैं ...

पॉलिटेक्निक वाले फुट ओवर ब्रिज पर - 3 - अंतिम भाग
by Pradeep Shrivastava Verified icon
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श्वेतांश की इस बात पर रुहाना हल्के से हंस दी, फिर बोली, ‘सही कह रहे हो। पहले जब तुमको वहां बस स्टॉप पर लोगों को लिफ्ट देते देखती तो ...

अमर प्रेम - 12
by Pallavi Saxena
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तुम तो मेरी जान हो, मेरा ईमान हो मैं तो बस यह चाहता हूँ की तुम हमेशा खुश रहो सुरक्षित रहो इसलिए जब तुम मुझसे दूर होती हो न तो ...

पॉलिटेक्निक वाले फुट ओवर ब्रिज पर - 2
by Pradeep Shrivastava Verified icon
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रुहाना को उसकी हालत पर बड़ी दया आ रही थी। खासतौर से उस दुधमुंहे डेढ़ साल के बच्चे पर, जो उस ठंड में बचने लायक कपड़े तक नहीं पहने ...