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Biography Stories free PDF Download | Matrubharti

बचपन का दोस्त और मेरा जुर्म
by Akshay Choudhary
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मेरी दोस्त मुझसे नाराज़ थी क्योंकि मेंने उसे कंजूस कि उपाधी  दी थी उसकी बात करु तो अब तक के मेरे  सबसे अच्छी दोस्त।       उसकी बात करु ...

मुझे सजा ना दो
by Surjeet Singh Bindra
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जीत :1  ये उन दिनों की बात है जब मैं घुटने के बल पर चलता था. मेरे पिताजी गरीबी से तंग आकर मां से लड़ते हुए घर से बाहर ...

मेरा जीवन - रोहिडा
by Mahipal
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आज गया था वहां जहाँ कभी मैंने अपने नन्हे पाव रखें थे जमी पर ,जहां कभी लहरातें खेत-खलीयान मे छोटी सी चार पाई पर सोया था कभी ,अपने आँखों ...

माँ की गोद
by pradeep Tripathi
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मेरे इस कहानी के दो पात्र  हैं मै और मेरी माँ. वैसे तो मेरे घर में पांच लोग हैं मै माँ छोटा भाई संदीप छोटी बहन सुधा मेरे पिता ...

मेरी जींदगी की तीन गलती भाग - २
by Shaimee oza Labj
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    में जिंदगी मे अपनी गलतीयों से ही सीखी हुं कभी कभी हम दुसरो पर खुद से भी ज्यादा भरोसा कर ते है, वहीं हमको जिंदगी जीना शिखा ...

किस्मत और मेहनत
by ऋषभ विश्वकर्मा
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सन 1985सिहोर में राठौर परिवार में मेरा जन्म हुआ और इसी के साथ जगदीश जी भी बाप बन गए जो मेरे ही पिता है पूरे परिवार में  एक खुशी ...

प्रेरणा की जोत
by SIJI GOPAL
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जोत दीदी तो उस दिन से ही हमारे परिवार का हिस्सा बन गई थी। गिल्ल आंटी थोड़ी शांत स्वभाव की थी, ज़्यादातर बीमार रहतीं थीं, इसलिए घर की ज़िम्मेदारी ...

मेरा पहला अनुभव....
by Deepak Singh
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सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार । जब मैं मातृभारती पर आया तो मुझे इसके लेख बहुत पसंद आये । नये लेखको के लिए यह बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है। ...

मेरी जींदगी की तीन गलती
by Shaimee oza Labj
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मेरी जींदगी की तीन गलती जो मेरा आयना बदल गइ.....       गलती मे तो इंसान की दुनिया बदल जाती है.गलती कभी इंसान को तोड कर रख देतीहै.कभी गलती इंसान ...