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प्रकृति मैम- बढ़ रही थी उम्र
by Prabodh Kumar Govil
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7. बढ़ रही थी उम्र, छोटा हो रहा था मैंैैंैंैैमैं मुंबई आ गया।पहले भी आता रहा था, मगर अब इस तरह आया कि मुंबई को अपना शहर कह सकूं।मेरा ...

प्रकृति मैम- उजड़ा घोंसला
by Prabodh Kumar Govil
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 उजड़ा घोंसलाघर में किसी के बीमार होने की सूचना इतनी खतरनाक नहीं होती कि हौसला खो दिया जाए। पर ये बात चिंताजनक थी कि उदयपुर से रोज़ सुबह बस में ...

प्रकृति मैम - इसी दरख़्त की एक और डाली
by Prabodh Kumar Govil
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5.इसी दरख़्त की एक और डालीबचपन से ही चित्रकला से लगाव होने के चलते मैं विख्यात चित्रकार देवकीनंदन शर्मा के आवास पर कभी - कभी जाता था। मुझे उनको ...

प्रकृति मैम - एक लड़की को देखा तो कैसा लगा
by Prabodh Kumar Govil
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4.एक लड़की को देखा तो कैसा लगामैं जब भी छुट्टी में घर जाता तो उस लड़की से मिलना होता। अपने स्कूल के दिनों में, कॉलेज के दिनों में भी ...

पिता से 1,800 रुपये उधार लेकर शुरू की कंपनी, लाखों का टर्नओवर
by Mrityunjay Singh
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मृत्युंजय सिंह ने 21 साल की उम्र में ही एडवर्टाइजमेंट टेक्नोलॉजी से रिलेटेड स्टार्टअप Adjuction.com की स्थापना की और उन्हें 20 दिन में ही मिल गयी 10 लाख की ...

भूख की आग
by Dinesh Tripathi
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मै तब बारह वर्ष का था |मेरा रोज का नियम था सुबह नास्ते में एक लोटा गाय का ताजा दूध पीना |उस दिन गॉव के पश्चिम दिशा के हनुमान ...

माँ की गोंद - 2
by pradeep Tripathi
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माँ ज़िन्दगी का हर हिस्सा है, माँ से सुरू इस सृष्टि का हर किस्सा है।माँ के बिना तो शृष्टि का निर्माण अधूरा है, माँ से ही ईश्वर का हर ...

बचपन का दोस्त और मेरा जुर्म
by Akshay Choudhary
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मेरी दोस्त मुझसे नाराज़ थी क्योंकि मेंने उसे कंजूस कि उपाधी  दी थी उसकी बात करु तो अब तक के मेरे  सबसे अच्छी दोस्त।       उसकी बात करु ...

मुझे सजा ना दो
by Surjeet Singh Bindra
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जीत :1  ये उन दिनों की बात है जब मैं घुटने के बल पर चलता था. मेरे पिताजी गरीबी से तंग आकर मां से लड़ते हुए घर से बाहर ...

मेरा जीवन - रोहिडा
by Mahipal
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आज गया था वहां जहाँ कभी मैंने अपने नन्हे पाव रखें थे जमी पर ,जहां कभी लहरातें खेत-खलीयान मे छोटी सी चार पाई पर सोया था कभी ,अपने आँखों ...

माँ की गोद
by pradeep Tripathi
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मेरे इस कहानी के दो पात्र  हैं मै और मेरी माँ. वैसे तो मेरे घर में पांच लोग हैं मै माँ छोटा भाई संदीप छोटी बहन सुधा मेरे पिता ...

मेरी जींदगी की तीन गलती भाग - २
by Shaimee oza Lafj verified
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    में जिंदगी मे अपनी गलतीयों से ही सीखी हुं कभी कभी हम दुसरो पर खुद से भी ज्यादा भरोसा कर ते है, वहीं हमको जिंदगी जीना शिखा ...

किस्मत और मेहनत
by ऋषभ विश्वकर्मा
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सन 1985सिहोर में राठौर परिवार में मेरा जन्म हुआ और इसी के साथ जगदीश जी भी बाप बन गए जो मेरे ही पिता है पूरे परिवार में  एक खुशी ...

प्रेरणा की जोत
by SIJI GOPAL
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जोत दीदी तो उस दिन से ही हमारे परिवार का हिस्सा बन गई थी। गिल्ल आंटी थोड़ी शांत स्वभाव की थी, ज़्यादातर बीमार रहतीं थीं, इसलिए घर की ज़िम्मेदारी ...

मेरा पहला अनुभव....
by Deepak Singh
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सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार । जब मैं मातृभारती पर आया तो मुझे इसके लेख बहुत पसंद आये । नये लेखको के लिए यह बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है। ...

मेरी जींदगी की तीन गलती
by Shaimee oza Lafj verified
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मेरी जींदगी की तीन गलती जो मेरा आयना बदल गइ.....       गलती मे तो इंसान की दुनिया बदल जाती है.गलती कभी इंसान को तोड कर रख देतीहै.कभी गलती इंसान ...

आत्मकथा - 3
by Charles Darwin
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उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति ये थी कि आसान तरीके और कुछेक औजार ही अपनाओ। उनकी युवावस्था के बाद से जटिल माइक्रोस्कोप का चलन बहुत बढ़ गया है और ये माइक्रोस्कोप ...

आत्मकथा - 2
by Charles Darwin
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डाउन में घर - 14 सितम्बर 1842 से लेकर वर्तमान 1876 तक सर्रे और दूसरे स्थानों पर काफी खोजबीन के बाद हमें यह घर मिला और हमने खरीद भी लिया। ...

आत्मकथा - 1
by Charles Darwin
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मेरे पिता के आत्म कथ्यात्मक संस्मरण यहाँ प्रस्तुत किये जा रहे हैं। ये संस्मरण उन्होंने अपने घर परिवार और अपने बच्चों के लिए लिखे थे, और उनके मन में ...

हरियाली से निकला समृद्धि का रास्ता
by Ashish Kumar Trivedi verified
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एक समय था जब कृषि प्रधान हमारे इस देश में जनता का पेट भरने लायक खाद्यान्न उत्पादन भी नहीं हो पाता था। हमें दूसरे देशों से अनाज का आयात ...

स्वामी केशवानंद
by Govind Sharma
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#GreatIndianstories Gems of India स्वामी केशवानन्द एक था बालक बीरमा। गरीब किसान घर से। मां खेत में काम करती तो पिता अपने ऊंट पर सामान लाद कर यहां वहां ...

मानवता के मशीहा - बाबा साहेब
by Lakshmi Narayan Panna verified
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मानवता का मशीहा , नारी मुक्तिदाता , ज्ञान का प्रतीक या आधुनिक भारत के सम्विधान का जनक कहें । उनकी महानता , जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से ...

भारत के अनमोल रत्न
by Namita Gupta
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      #GreatIndianStories                                                    ...

Sri A.B Vajpayee
by c P Hariharan
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This is a story about one of the Gems of India Sri A.B Vajpayee, a great political leader and also a great Hindi Poet world has ever seen. He ...

सोसियल मीडिया के साइड इफ़ेक्ट
by Mamta shukla
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मनुष्य अक्सर अच्छी यादों को संजो कर रखता है,एवं दूसरो से साझा करता है।अच्छी बातें  जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।इसके विपरीत बुरी यादें मष्तिस्क के किसी ...

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन व् यादें
by MB (Official) verified
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एक मंजा हुआ राजनेता, कुशल प्रशासक ओजपूर्ण वक्ता, बेहतरीन कवि यह सभी विशेषण एक साथ ही दिवंगत नेता अटल बिहारी बाजपेई के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं। वह ...

निज जीवन की एक छटा - राम प्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा
by Ram Prasad Bismil
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तोमरधार में चम्बल नदी के किनारे पर दो ग्राम आबाद हैं, जो ग्वालियर राज्य में बहुत ही प्रसिद्ध हैं, क्योंकि इन ग्रामों के निवासी बड़े उद्दण्ड हैं। वे राज्य ...

चलो कहीं घूम आएं....Ola Cabs story
by Ashish Kumar Trivedi verified
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Ola Cabs की सफलता की कहानी उन नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो जीवन में कुछ नया तथा बड़ा करना चाहते हैं। किसी भी उपक्रम की सफलता ...

आत्मकथा - संपूर्ण...
by Charles Darwin
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[मेरे पिता के आत्म कथ्यात्मक संस्मरण यहाँ प्रस्तुत किये जा रहे हैं। ये संस्मरण उन्होंने अपने घर परिवार और अपने बच्चों के लिए लिखे थे, और उनके मन में ...

क्षण भर जीवन मेरा परिचय
by Ashish Kumar Trivedi verified
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वह कवि जिसकी कविताएं कठिनाइयों की बात करते हुए भी जीवन से भागने की बजाय उसे गले लगाने की प्रेरणा देती हैं। जहाँ सपनों का मधुर संसार तो है ...