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मछलीवाली "मच्छी लेलो मच्छी......... । " उमा जोर से हांका लगाती हुई मछ...
जिद्दी एवं गुस्सैल बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें?क्या आप अपने बच्चे के गुस्सैल...
रात का समय था। बाहर ठंडी हवा चल रही थी और खिड़की के शीशों पर हल्की-हल्की बर्फ जम...
एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के...
"तोड़ी दोस्ती" -----------------मुक्तेश्वर मुकेश अब फिर भेंट नहीं होगी।...
शहद की गुड़िया - प्रकरण 42 " अगले दिन की...
भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का थ...
महाभारत की कहानी - भाग-२४२ शाम्ब का मूसल प्रसव और द्वारका में दुर्लक्षण प्रस्त...
धनबाद उस समय सिर्फ एक शहर नहीं था—वह कोयले, धुएँ, पसीने और बीमारी से बना एक जीवि...
रात का सन्नाटा इतना गहरा था कि बस्ती के कुत्तों की रोने की आवाज़ भी साफ़ सुनाई दे...
जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई। कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...
इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी...
कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती… पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं। मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की। मेरी ज़िंदगी बि...
ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...
रात के ठीक 12 बज रहे थे। सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी। हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस। किसी ने घड़ी देखते हुए कहा, “आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...
शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....
शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी। खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था। आज कुछ अलग सा लग रहा था। दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...
मुंबई की शामें कभी शांत नहीं होतीं। मरीन ड्राइव पर टकराती लहरों का शोर हो या लोकल ट्रेन की वो अंतहीन जद्दोजहद, यहाँ सुकून तलाशना रेत में सुई ढूँढने जैसा है। भार्गव, जो अंधेरी के एक...
कहावत है कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं, लेकिन कबीर और अवनि की जोड़ी दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक स्टेशन पर एक ज़ोरदार दुर्घटना के साथ ज़मीन पर उतरी थी। शाम के छह बजे थे। मेट्रो स्ट...
पहली बारिश, पहला प्यार शाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी। आसमान बादलों से भरा था और बारिश की छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो। र...
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