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हयग्रीव उपनिषद--हयग्रीव उपनिषद वैष्णव परम्परा का एक लघु उपनिषद है, जिसमें भगवान...
एक ऐसा बचपन, जिसे दुनिया नहीं जानतीवर्ष 2005 — दुखों के बीच एक नई शुरुआतसमय का प...
उसने अपनी "बेचारी" पूर्व पत्नी को शानदार शादी में बुलाया ताकि अपनी दौलत दिखा सके...
मुक्तिकोपनिषद-- नीचे मुक्तिकोपनिषद् का पूरा उपलब्ध संस्कृत पाठ क्रम से दिया जा र...
Chapter 6: द फर्स्ट डेटमोबाइल की स्क्रीन पर आए उस एक मैसेज—“कल फिर मिलेंगे, मिस्...
Night vs Ariyan — Darkness Begins Night की आवाज़ अंधेरे को चीरती हुई निकली—“उसस...
: પ્રકરણ - 2 : ભગવાન! તું આ દુનિયાનો તારણ...
*अध्याय 1: मेरा नाम - रुक्मिणी*मेरा नाम रुक्मिणी है।सिर्फ रुक्मिणी। इस नाम के आग...
कोचिंग में मिला प्यार ️शहर के एक छोटे से इलाके में आरव नाम का एक लड़का रहता था।...
मेलाबदलते भारत की सामाजिक और भावनात्मक अर्थव्यवस्थभारतवर्ष में प्रत्येक पर्व-त्य...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी। "अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
एक शहर की लड़की गांव घूमने आती है। उसे क्या पता था कि इस गांव से वापस जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। क्या वो लड़की इस जबरदस्ती के रिश्ते को कभी अपनाएगी? या इस कैद से भाग जाएगी? और ज...
कहानी की शुरुआत एक अंधेरे कमरे से होती है, जहाँ एक लड़की लोहे की चेन से लॉक होती है। फिर कमरे का दरवाज़ा खुलता है और एक आदमी अंदर आता है। वह उस लड़की के पास जाता है और उससे कहता...
"अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में नई भर्ती हुए अधिकारियों की लंबी लाइन खड़ी थी। हर किसी के चेहरे पर तनाव था।...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी। उम्र लगभग चालीस...
मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...
अध्याय 1 : पहली टक्कर रायपुर की सबसे महंगी सड़क पर आज अजीब सा सन्नाटा था। इस सन्नाटे की वजह थी एक काली जी-वैगन। उसकी स्पीड 150 के पार थी और उसके आगे-पीछे पाँच काली स्कॉर्पियो...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...
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