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असमंजस
by Satender_tiwari_brokenwords
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कहानी - असमंजस किरदार - नव और सखी और एक असमंजस --------------------------------------------------------------कहानी काल्पनिक है और इसके किरदार भी काल्पनिक हैं।––----------------------------------------------------------नव एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था

आखिरी गंतव्य
by Pranjali Awasthi
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शान्त चित्त और सधे हुये कदमों से वो रेलवे स्टेशन की तरफ़ बढ़ रही थी। अपनी उलझनों के खत्म होने की संभावना और संतोष की छाया, उसके चेहरे की ...

पार्थ आपका बेटा है
by Roopanjali singh parmar verified
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नैना अपनी माँ अरुणा जी की लाड़ली बेटी थी। उसकी माँ ने अकेले ही उसको पाला था। नैना के पिता की मृत्यु नैना के बचपन में ही हो गई ...

एक एहम हस्ती, मैं
by Ritu Chauhan
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बस शौक है लिखने का बचपन से ही, बहुत सरे पन्नो पे दिल की बातें लिखी हैं जिनमे से कई तो किसी को मालूम भी नहीं. हम सब ऐसा ...

अकेली नहीं हूँ मैं
by Ritu Chauhan
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कभी कभी छोटी सी है तो कभी हद से ज़्यादा, कभी चाँद लम्हो की है तो कभी वर्षों पुरानी. क्यों होती है ये घुटन. क्यों ये दिल अरमान रखता ...

संध्या
by Roopanjali singh parmar verified
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संध्या कुछ दिनों के लिए अपनी भाभी के मायके आई थी। यूँ तो पारिवारिक रिश्तों की वजह से आरव उसे पहचानता था, लेकिन कभी मिला नहीं था। किसी कार्यक्रम ...

दारू लेना नहीं। (पूर्ण रूप से काल्पनिक कहानी)
by Urvil Gor verified
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दारू लेना नहीं। (पूर्ण रूप से काल्पनिक कहानी) कॉलेज इसी जगह है जहां हम पूरी दुनिया का ज्ञान सीखते है। राहुल अपने दोस्तो से: अरे भाई ये  हमारी कॉलेज ...

अधूरी ख्वाहिश
by Roopanjali singh parmar verified
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वो बस दोस्त बनना चाहती थी और बन गई .. भगवान से जैसे उसे सब कुछ मिल गया.. एक मन माँगी मुराद जो पूरी हो गई...........कनक नाम है इसका.. ...

परदेशिया (भाग-1)
by Amit Sharma
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रोहन जो इस कहानी का मुख्य पात्र है, के जीवन पर आधारित ये कहानी सम्पूर्ण रूप से नही, पर वास्तविकता से प्रेरित है। इस महीने बाइस साल का होने ...

नाटक-बहूधन
by Alok Sharma
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नाटक- बहूधन लेखक- आलोक कुमार शर्मा दृश्य-1 (सेठ जी के घर पर एक व्यक्ति कमल अपनी पत्नी के साथ अपनी बेटी का रिस्ता लेकर आया है सभी बैठक रूम ...

आलसी शीनू
by Neerja Dewedy
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                           बाल नाटक---                                              आलसी शीनू लारी लप्पा लारी लप्पा लारी लप्पा ला आओ झूमें नाचें ज़रा. लारी लप्पा लारी लप्पा लारी लप्पा ला खायें पियें सोयें ज़रा. ...

सुरक्षा कवच
by Ajay Amitabh Suman verified
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छोटा भाई समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या करें? वह अपने बड़े भाई के पास दब के रहता था। धीरे-धीरे उसके मन में कुंठा उपजने लगी। इसका ...

बंदर की आत्मकथा
by Deepak Antani
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This is a one act play where in THREE WISE MONKEYS of Mahatama Gandhi wants to talk about their origin as wise monkeys. Mahatma Gandhi himself comes and helps ...

जिंदगी
by Udit Ankoliya
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the story of life in poetry but the tone of this poem is like a rap song .so if u read it like poem sometimes u miss tone but ...

ज़िन्दगी की जंग जीतकर आई एक परी
by Shaifali (Naayika)
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(1) कुछ रिश्ते खून के होते हैं, कुछ रिश्ते समाज में रहते हुए संबोधन के होते हैं और कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो ज़हन में उगते रहते हैं, ...

फिर प्यार हो गया - 4
by Sanjay Nayka
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फिर प्यार हो गया एक लव स्टोरी नाटक है एक नाटक को मैने 4 विभागो में पब्लिश कर रहा हुं आशा करता हुं आपको ...

फिर प्यार हो गया - 3
by Sanjay Nayka
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फिर प्यार हो गया एक लव स्टोरी नाटक है एक नाटक को मैने 4 विभागो में पब्लिश कर रहा हुं आशा करता हुं आपको ...

फिर प्यार हो गया - 2
by Sanjay Nayka
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फिर प्यार हो गया एक लव स्टोरी नाटक है एक नाटक को मैने 4 विभागो में पब्लिश कर रहा हुं आशा करता हुं आपको ...

फिर प्यार हो गया - 1
by Sanjay Nayka
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फिर प्यार हो गया एक लव स्टोरी नाटक है एक नाटक को मैने 4 विभागो में पब्लिश कर रहा हुं आशा करता हुं आपको ...

फीस
by Namita Gupta
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The book is about corruption and about corruption in every part of india In every department or any field corruption is spread everywhere Corruption is the major threat to our ...

सहारा
by Namita Gupta
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It is a book that will tell you the modern trends of the relations present inside the family...... How the present day children treat their parents How parents feel after that ...

नौ सौ चूहे खाकर
by Neha Agarwal Nishabd
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  • 1.2k

एक लड़की के जीवन की दास्तां जो आपकी पलकों पर नमी जरूर लेकर आयेगी ।

तेजाबी बारिश
by Neha Agarwal Nishabd
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सुनिए आपके पास फिजिक्स के नोट्स होगें क्या ,मैनें सब से पूछ लिया है पर सबने कहा सिर्फ आप मेरी मदद कर सकते है । अच्छा जी ...

संग्राम - संपूर्ण
by Munshi Premchand
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अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन ...

मज़हब ज़ुदा सही, मगर हम एक हैं
by vineet kumar srivastava
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हममे धार्मिक अलगाव की भावना के स्थान पर भारतीयता की भावना कूट-कूटकर भरी होनी चाहिए क्या बिहार,पंजाब या यूपी भारत से अलग है नहीं न ...

ठाकर करे ई ठीक - 6
by HASMUKH M DHOLA
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This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a ...

ठाकर करे ई ठीक - 5
by HASMUKH M DHOLA
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This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a ...

ठाकर करे ई ठीक - 4
by HASMUKH M DHOLA
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This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a ...

ठाकर करे ई ठीक 3
by HASMUKH M DHOLA
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This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a ...

ठाकर करे ई ठीक 2
by HASMUKH M DHOLA
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This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a ...