×

Classic Stories free PDF Download | Matrubharti

दूर देश में मेरा दोस्त
by Manjeet Singh Gauhar
  • (2)
  • 19

एक बात तो है भाइयों अपना देश अपना होता है।इस विषय में मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ-:मेरा एक बहुत प्यारा दोस्त था। जिसका नाम शिवम् था। लेकिन मैं ...

दास्तान-ए-अश्क - 21
by SABIRKHAN
  • (21)
  • 199

वह कई दिनों से देख रही थी उसका नंना बहुत रोता था!दूध भी नहीं पीता था जैसे जैसे वह बड़ा होता जा रहा था उसकी फिजिकल ग्रोथ बहुत कम ...

दास्तान-ए-अश्क - 20
by SABIRKHAN
  • (26)
  • 211

(पिछले पार्ट में हमने देखा कि प्रेगनेंसी के वक्त उसे सास ससुर सभी बताते हैं कि तुझे अपने मायके जाना पड़ेगा..  यह सुनकर उसका मन काफी उदास हो जाता ...

कठपुतली
by Mukteshwar Prasad Singh
  • (3)
  • 54

                   'कठपुतली‘मेनका की शादी की लगभग सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी थी। आज की रात ही मेनका की शादी थी। मेनका ...

उत्तेजना
by r k lal
  • (23)
  • 311

उत्तेजना           आर0 के0 लाल               श्वेता का तो जवाब ही नहीं है इतनी सुंदर लड़की लाखों में एक होगी। उसकी लंबी टांगे, काले खुले बाल, काली आंखें और ...

दास्तान-ए-अश्क - 19
by SABIRKHAN
  • (16)
  • 184

एक ऐसा एहसास था!मानो उसके जिस्म पर बिच्छू रेग रहे हो..!क्या आज तक वह जूठन  खाती रही?!जैसे किसी बदचलन औरत से कोई मर्द संबंध नहीं रखना चाहता और उसे ...

दास्तान-ए-अश्क - 18
by SABIRKHAN
  • (21)
  • 234

"अो ईश पलट कर मेरी जिंदगी  देख लेता मेरी बर्बादी मे कही कोई कसर तो नही थी"           ...........                 दास्तान-ए-अश्क &n

दास्तान-ए-अश्क -17
by SABIRKHAN
  • (26)
  • 259

कोई अपना सा होता जो मेरे मन को छुता.. कोई सपना सा था जो सारी रात न रुठा कहा से सिमट आई बरखा आंखो तले जमकर  उसने मन के ...

शक्ति
by सरिता बघेला "अनामिका"
  • (3)
  • 65

कहानी = "शक्ति"---------------------- रात के 3:00 बजे थे भोपाल स्टेशन पर रेल की आने की आहट पाकर सारे ऑटो वालों की हलचल तेज हो गई थी।भले हो भी क्यों ...