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मंज़िलों का दलदल - 2
by Deepak Bundela Moulik
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गुंजन का रुदन तेज़ होते जा रहा था शायद उसे अपने किये पर पश्चाताप हो रहा था... शायद वो ये सोच रही थी इन आसुओं से उसका किया गया ...

मर्डर मिस्ट्री - 7
by Vismay
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मातरे जी कंप्यूटर रूम से भागते हुए समीर के पास आए और कहां की कंप्यूटर कीबोर्ड से इस बार मिसिंग लेटर ‘ S ’ है । समीर को अंदाज़ा हो ...

मंज़िलों का दलदल - 1
by Deepak Bundela Moulik
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इस क़ामयाबी के दलदल से कैसे निकलोगे जब मंज़िले -ए- ज़माना ही दलदल हो.... !****************************************गुंजन.... गुंजन.... अरे उठोगी या यू ही सारा दिन सोती रहोगी.... देखो ग्यारह बजने को हैं... और ...

मर्डर मिस्ट्री - 6
by Vismay
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समीर ने सिगरेट सुलगा लिया और मनोहर से मिलने के लिए निकल पड़ा रेट्रो नाइट क्लब की तरफ़। रेट्रो नाइट क्लब इस शहर का सबसे महंगा नाइट क्लब था ...

ममता की छाँव - 2
by Sarita Sharma
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हर रविवार छुट्टी के दिन मौली अपने पड़ोस में रहने वाले बच्चों के साथ जानवरों को जंगल छोड़ने जाते और दिन तक घर आ जाते थे..आज भी जब पड़ोस ...

तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पर खत्म
by Divya Sharma Verified icon
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___________________________“क्या देख रहे हो!हाँ जानती हूँ थोड़ी मोटी हो गई हूँ पर उम्र भी तो देखो पूरी पैंतालीस साल की हूँ।आप भी ना!आँखों से ही सारी बात समझा देते ...

मर्डर मिस्ट्री - 5
by Vismay
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समीर ने तीनों के बारे में गौर से सोचा। फ़िर अमन और मनोहर शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाने का फैसला किया। क्यू की वॉचमेन तो पहेले से ही ...

सरनेम गांधी
by Shikha Kaushik
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''पिया गांधी ...'' उपस्थिति दर्ज़ करती मैडम ने कक्षा में ज्यों ही पिया का नाम पुकारा ग्यारहवी की छात्रा पिया हल्का सा हाथ उठाकर ''यस मैडम '' कहते हुए ...

थोड़ी देर और ठहर
by Prabodh Kumar Govil
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लम्बी कहानी-"थोड़ी देर और ठहर"      -नहीं-नहीं, जेब में चूहा मुझसे नहीं रखा जायेगा. मर गया तो? बदन में सुरसुरी सी होती रहेगी. काट लेगा, इतनी देर चुपचाप ...

पीपल बाबा
by Bhupendra Dongriyal
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                             पीपल बाबा        कभी मौका मिलेगा तो मैं आपको अपने गाँव के पीपल बाबा से ...

अब लौट चले -10 (अंतिम भाग)
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले -10सामने के दरवाजे से रवि, अरविन्द और संजना अंदर आ रहें थे. सहमे और डरे हुए से रवि अपना सर झुकाये चुप चाप मनु के सामने ...

हड़बड़ी में उगा सूरज
by Prabodh Kumar Govil
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हड़बड़ी में उगा सूरजक्रिस्टीना से मेरी पहचान कब से है ? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसके बहुत सारे उत्तर हो जाएंगे, और ताज़्जुब मुझे बहुत सारे उत्तर हो ...

अब लौट चले - 9
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले -9किसी ज़माने में इस घर में मेरी मर्ज़ी चला करती थी और मनु चुपचाप मेरी ज़िद के आगे झुक जाया करता था. ठीक उसी तरह आज ...

काश...
by Saurabh kumar Thakur
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अक्सर सोचा करता हूँ कि मैं आखिर पढ़ता कब हूँ ।रात को बारह बजे मोबाइल में नेट आता है,सुबह से शाम तीन बजे तक मोबाइल चलाते रहता हूँ ।फिर ...

अब लौट चले - 8
by Deepak Bundela Moulik
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और में फिर हारी हुई सी बेड पर आकर लेट गई थी.. मन में काफ़ी जद्दोजहद थी कभी मन करता के क्यों ना गुम नाम ही हो जाऊं... किसी को ...

अब लौट चले - 7
by Deepak Bundela Moulik
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कुछ देर हम दोनों यूही बैठे रहे.... मै दोषी थी वो निर्दोष था मै सिर झुकाये बैठी थी अभिषेक मुझें देख रहा था... बिलकुल मनु के गुण वही मिज़ाज़ ...

मर्डर मिस्ट्री - 4
by Vismay
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मातरे जी : में कुछ कहूं सर समीर :हां बोलों मेरे Sherlock मातरे जी : माहौल को थोडा हलका बनाते हुए कहां की सर खूनी ने तिवारी जी की उंगली काटकर.......... ...

अब लौट चले - 6
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले -6अभिषेक का  हर शब्द में मेरे प्रति प्रतिशोध था... ये देखिये मेरे पिताजी और मेरी माँ... कितने खुश है एक नए जीवन की शुरुआत करने के लिए.. ...

मर्डर मिस्ट्री - 3
by Vismay
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सर तिवारी जी का किसी के साथ अफेयर था, दोनो उस दिन रोमांटिक मूड में रहे होंगे. तिवारी जी खुरशी से बंघे थे मतलब वो लोग कुछ नया और ...

चलन
by राजनारायण बोहरे
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               कहानी--- राजनारायण बोहरे                                                                          चलन                                                                                    तुलसा खरे साहब के बंगले के लॉन की देखभाल करता है । आज भ

अब लौट चले - 5
by Deepak Bundela Moulik
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यहाँ देख ऐसा लग रहा था... ये वही बेड जो आज भी बैसा ही हैं बेड पर बिछी ये चादर भी तो वही हैं... उफ़... ये में क्या देख ...

मर्डर मिस्ट्री - 2
by Vismay
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जैसे की किसका खून हुआ है? किसने किया है ? और न जाने क्या कया.. समीर मिडीया वालो को  समीर मीडिया वाले को टालता हुआ क्राइम सीन पर पहुंचा.वहां ...

चहुँ और प्रेम
by राज बोहरे
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⭕*|| सखी ||**० राजनारायण बोहरे*________________________रात में सोते हुए जागने की बीमारी है मुझे। बरसते पानी की ‘टप्प  टप्प‘ ध्वनि के बावजूद जब अहाते के बाहरी दरवाजे की कुण्डी खड़की,  ...

सबेरे सबेरे
by r k lal Verified icon
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सबेरे सबेरेआर 0 के 0 लालसंजीव अपने बॉस के कमरे से निकल कर कार्यालय के हाल में आया तो उसने सबको बताया कि आज बॉस का मूड बहुत खराब ...

अब लौट चले - 4
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले -4तभी बस का हॉर्न बजा तो मेरी तन्द्रता भंग हुई... लोग बस में बैठने लगे थे... और बस धीरे -धीरे रेंगने लगी थी.. मन असमंजस में ...

मर्डर मिस्ट्री - 1
by Vismay
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" लगातार बज रहीं टेलीफोन की घंटी की वजह से हवलदार मातरे की नींद खुल गई."                           ...

मैडम का मन जीत लिया
by Monty Khandelwal
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3 दिन पहले की ही बात है | मुझे  मारवाड़ जाना है| जिसकी टिकट निकलने के लिए में  रेलवे स्टेशन गया था | जहाँ पे  रिजर्वेशन टिकट मिलती है ...

अब लौट चले - 3
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले -3शायद रवि को मनु की बात का बुरा लगा था... मै उसके पीछे पीछे जानें लगी थी.. रवि... रवि... आप तो बुरा मान गये...?और मै झट से ...

बाँझ
by Mirza Hafiz Baig
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बांझ1.शाम. . .खिड़की से बाहर देखते हुए, अपनी आत्मा के दर्द को महसूस करना जैसे उसके जीवन का ढर्रा बन गया था। शाम, रात में बदलने लगी थी। उसने ...

अब लौट चले - 1
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून ...