The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
प्रकृति एक प्राकृति...
समय अपनी गति से आगे बढ़ रहा था।कलियुग अपनी सीमाएँ पार कर चुका था।विज्ञान, तकनीक,...
अध्याय 9मीरा और दिया सो गईं। अगली सुबह दोनों तैयार थीं। दिया ने ब्लैक जींस और पि...
अधूरी मुलाकात से सच्चे प्यार तकअधूरी मुलाकात से सच्चे प्यार तकएक छोटे से शहर में...
अंधक का फोन कटते ही गाड़ी के भीतर का तापमान जैसे एकदम से गिर गया। अब्दुल कासिम,...
"मैं अंदर आ जाऊं?" दरवाज़े की तरफ़ से आई हुई आहिस्ता सी मायूस पुकार ने अम्मा साह...
अखिल भारतीय गायत्री परिवार डबरा के 75 वर्ष का लेखा-जोखा राम गोपाल भा...
बांद्रा स्टेशन का वो अंतहीन और भारी शोर, हवा में घुली सिगरेट के धुएँ की महक, और...
️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 37 — नकाब के पीछे कौन? अवॉर्ड समारोह आगे बढ़ रहा थ...
Mr. & Ms. FakeEpisode 43 – The Ring That Changed Everything“ये अंगूठी…”राजवीर की...
एक छोटे से गाँव में जन्मा आरव नाम का लड़का गरीबी में पला-बढ़ा। घर में इतना पैसा भी नहीं था कि वह अच्छे कपड़े या किताबें खरीद सके। लेकिन उसकी आँखों में हमेशा बड़े सपने थे। बचपन म...
रघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीवारें अब सिर्फ ख़ामोशी की गवाही देती थीं। ढलती शाम के साथ जब गाँव की गलियों में चिड़ियों का शोर थमता, तब रघुनाथ जी के घर में पसरा सन्नाटा औ...
गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था। सुबह के पाँच बजे थे। आसमान अभी अँधेरा था, लेकिन पूरब की दिशा में हल्की लालिमा दिखाई देने लगी थी। दूर मंदिर...
समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं। प्रस्तावना यह कहानी मेरा पहला सह-लेखन प्रयास है। मेरे और पृथ्वी गोहेल के विचारों को प्रस्तुत करने की एक...
संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...
बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...
विषय-सूची (Table of Contents)अध्याय 1: नानी का आँगन और ममता की छाँवअध्याय 2: नया मोड़, पढ़ाई और संस्कारों की नींवअध्याय 3: पहली मुलाकात और 'चार्ली चैपलिन' की मुस्कानअध्याय...
सूरज ढलने से कुछ पहले देवपुर गाँव की गली में अचानक एक लड़की के रोने की आवाज़ सुनाई दी। आवाज़ इतनी तेज थी कि पास के दो घरों की महिलाएँ दरवाज़े तक आ गईं। थोड़ी ही देर में खबर फैल गई...
शाम के ढलते ही जब आँगन में पुरानी साइकिल की वही जानी-पहचानी चैन की आवाज़ गूँजती, तो पूरे घर को बिना घड़ी देखे पता चल जाता कि पिता जी घर लौट आए हैं। रामेश्वर जी एक छोटे से कस्बे के...
सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्होने ना केवल हिन्दू ना कोई मुसलमान,का उपदेश दिया।उनका सारा जीवन मानवता और न्याय के लिए, अत्याचारी और...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser