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एपिसोड 8: शादी की तैयारियां और नए सफर की शुरूआत पटना की गलियों में अब एक नई चर्च...
" कोवा काटे " मंजिले कहानी सगरे की 4--भी कहानी --------- ...
ऋगुवेद सूक्ति-- (65) की व्याख्या "उत्सं दुहन्ति"ऋगुवेद --9/112/1भावार्थ --अन्दर...
मैं और अंकिता बाहर निकलकर देखने लगे।प्रियांशी भी बाहर आ गई और बोली,“अरे, क्या हो...
धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहु...
जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 7 और वही मेघना सरकारी कर्मचारियों को यह करते देख और...
कैसा भी जुर्म कमल चोपड़ाआवारा घूम रहे आदमियों, लड़कों, बच्चों, सुअरों, कुत्तों...
अस्पताल के उस केबिन में अजीब सी घुटन थी। मेज पर रखी रिया की मेडिकल रिपोर्ट हाथ म...
पहले प्यार का पहला ग़म(एक अनकही दास्ताँ)--- कहानी की शुरुआत – जब वो पहली बार मिल...
Past Time – जब सिस्टम भी दुश्मन बन गयाकबीर ने पहली बार कानून पर भरोसा करने की को...
बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...
हर कहानी में एक नायक होता है, पर कुछ नायक ऐसे भी होते हैं, जो कभी अपने लिए नहीं जीते। वो चुप रहते हैं, मगर हर पल लड़ते रहते हैं। 'आर्यन' एक साधारण सा इंसान, जिसके कंधों पर...
शालिनी, तुमने अपने घर पर हमारे अफेयर के बारे में बात की?" विकास ने धीमी लेकिन बेचैन आवाज़ में पूछा। शालिनी ने गहरी सांस ली और सिर झुका कर बोली— "नहीं..." विकास...
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?" प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और आप पूछ रहे हैं कि क्या हुआ है? चलिए, अब अपनी सीट पर बैठिए।&...
मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ही बदल जाता है ,कुछ खो जाता है ,कुछ तिरोहित हो जाता है |हम एक आशा की प्रतीक्षा में खड़े...
गुरप्रीत सिंह — एक समय का उभरता हुआ क्रिकेट खिलाड़ी। भीड़ उसका नाम जानती थी। मैदान उसकी पहचान था। फिर समय ने ऐसी करवट ली कि धीरे-धीरे उसकी जंग जिंदगी के साथ शुरू हो गई। पैर...
मंडप सजा हुआ था। शहनाई की आवाज़ पूरे घर में गूंज रही थी। सबके चेहरों पर खुशी थी… सिवाय मेरे। मैं लाल जोड़े में सजी थी, लेकिन दिल अंदर से टूटा हुआ था। आज मेरी शादी थी… लेकिन उस लड़...
योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...
आज अमावस्या की बेहद डरावनी और काली रात थी। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव के उस मोहल्ले पर इस अंधेरी रात का गहरा साया छाया हुआ था। बाहर सन्नाटा और अंधेरा था, लेकिन दीनानाथ के घर के...
आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...
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