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सुबह के करीब 6 बजे थे।खिड़की से आती हल्की धूप म्याओ के चेहरे पर पड़ रही थी। रात...
हुक्म और हसरत एपिसोड 26 — #Arsia"अब आगे…”"ये तो..."अर्जुन की आवाज़ उसके गले में...
"अम्मी जान भाई जान को पता नहीं क्या हो गया है बहुत गुस्से में है, जल्दी आपको बुल...
बारिश ने पहाड़ को निगल लिया था। रात के दो बज रहे थे, और केदारनाथ की ओर जाने वाला...
“चलो” !!!! वह उसे साथ लिये डाइनिंग रूम में आ गई जहां अभी टेबल खाली थी। “बैठो” उस...
कमरे की उन बंद दीवारों के बीच, बाहर की दुनिया के तमाम शोर और सालम सिंह के हर खौफ...
स्पेसशिप का इंजन अब एक अजीब सी भारी आवाज़ के साथ धड़क रहा था। फर्श पर घुटनों के...
सोहन के हाथ आर्यमन के कंधे से ढीले पड़ गए। नीलम भाभी के चेहरे पर अब एक विजयी मुस्...
वह आज खुशी के मारे जॉय की स्कूल छुट्टी के आधे घंटे पहले ही पहुंच गया था इसलिए गे...
रामपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था। उसी गाँव के आखिरी छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी म...
यह कहानी किसी एक नाम, किसी एक चेहरे या किसी एक ज़िंदगी की नहीं है…यह कहानी उन सभी एहसासों की है, जो हम अक्सर दुनिया से छुपा लेते हैं।यह कहानी मेरी है…और शायद… तुम्हारी भी।कभी-कभी ज...
The Kingdom That Put a Fiction on Trial एक डार्क फैंटेसी महाकाव्य है, जहाँ राजनीति तलवारों से नहीं, विचारों से लड़ी जाती है; जहाँ दर्शन अपराध बन जाता है; और जहाँ एक अकेली लेखिका की...
एक माँ आज रो रही है। उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है। क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा, या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा? मैं उसे देख रही हूँ… क्योंकि मैं उसी...
यह ग्रंथ किसी विश्वास का प्रतिपादन नहीं करता — यह केवल जीवन को देखने की दृष्टि है। जो भीतर घटता है, वही बाहर फैलता है; जो शरीर में है, वही ब्रह्मांड में। यहाँ विज्ञान और अध्य...
अध्याय १ — शत्रु : जन्म का विज्ञान शत्रु केवल विरोध नहीं, जन्म का द्वार है। भीतर के अंधकार से टकराव ही जागृति है। ऊर्जा-दृष्टि: शत्रु — विस्फोट, जो चेतना को जगाता है।...
जीवनोपनिषद (प्रथम पुस्तक) प्रस्तावना सदियों से मनुष्य सत्य की खोज में है।कभी उसने वेदों का सहारा लिया,कभी उपनिषदों की गहराई में उतरने की कोशिश की,कभी गीता सुनी, कभी शास्त्र पढ़...
तेरी पगार कितनी है? - तीन हज़ार! - महीने के? - और नहीं तो क्या, रोज़ के तीन हज़ार कौन देगा रे मुझको? - ऐसा मत बोल, दे भी देगा! उसने कनखियों से लड़की की ओर देखते हुए कहा। लड़की...
माया, अपने बीस के दशक के अंत में एक युवा पेशेवर, हमेशा एक जिज्ञासु और आत्मविश्लेषी व्यक्ति रही है। उसने खुद को लगातार जीवन के गहरे अर्थ और अपने अस्तित्व के उद्देश्य पर विचार करते ह...
देखा ही है की, हर लड़का कितना भी ज्ञान प्राप्त करके सफलता को प्राप्त नहीं हो पाता। कितनी भी सावधानी बरतने के बाद भी वह सफल नहीं हो पाता। यहां तक की अत्यंत दुष्कर कार्य को अच्छे से...
** हे प्रभो ! (पुरुषः ) ज्ञानम् कथम् अवाप्नोति । (पुंसः) मुक्तिः कथम् भविष्यति । ( पुंसः) वैराग्यम् च कथम् प्राप्तम् ( भवति ) एतत् मम ब्रूहि ॥१॥ Old king Janak asks the young As...
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