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अगली सुबह जैसे ही सूरज ने आँगन पर हल्की किरणें डालीं, चित्रा ने अपनी आँखें खोलीं...
संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म म...
ही एकांक्षी की धुंधली आंखों के सामने अधिराज की आकृति स्पष्ट हुई, उसका हृदय जोर स...
[ 11. अक्खड़पन, दूसरों के साथ गलत व्यवहार ]भूल-108 मामूली अकादमिक उपलब्धियाँ, मह...
शहर को अक्सर लोग भीड़ से पहचानते हैं,लेकिन कुछ लोग शहर को उसकी तन्हाइयों से पहचा...
भाग – 13 last part लेकिन समाजअब भी बाहर खड़ा था।माँ ने पूछा—“फैसला कर ल...
यह कहानी उस लड़की की है जो बाहर से जितनी सामान्य दिखती थी, अंदर से उतनी ही उलझी...
दिल्ली की एक पुरानी इमारतजिसे सरकारी रिकॉर्ड में “Archive Storage 11-C...
पहाड़ों को लोग शांति के लिए जानते हैं।लेकिन कुछ पहाड़ ऐसे भी होते हैं, जहाँ खामो...
एपिसोड 3— “निधि का पहला दिन”ससुराल के बड़े-से आँगन में आज गहमा-गहमी थी। रिश्तेदा...
अमर – प्रेम – राज अध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सच बरसात की वह रात जैसे पूरे शहर पर बोझ बनकर उतरी थी। आसमान में बादल नहीं, बल्कि काले इरादे तैर रहे थे। कभी तेज़ बिजली...
पति-पत्नी और वो भाग 1---प्रस्तावनाज़िंदगी में सबसे कठिन लड़ाई अक्सर अपने ही लोगों से होती है। प्यार, भरोसा, शक और इंसानियत — इन चारों की टकराहट जब एक ही रिश्ते में हो, तो कहानी सीध...
हिंदी फिल्म और वेबसिरिज़ रिव्यू.
हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...
The Intro️ इस कार्य क्रम/प्रोग्राम में जो भी चीज़े पॉजिटिव नैगिटिव जैसी चीज़े है. वो यूज होने वाली है. तो आशा करते है. की इस कार्य से किसी के दिल को चोट ना पहुंचे. इन सारी बातों का...
सुमसाम और सुन्दर आशमान में सन्नाटा छाया हुआ था कि अचानक एक बहुत बड़ा स्पेशिप काले बादलों के पीछे से गुजरा और उसकी गति के कारण उसे ठीक से देख पाना सम्भव नहीं था लेकिन वो स्पेशिप पृथ...
फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई फिल्म इतनी बुरी होती है की दिव...
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