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रामू: जो खुद को बहुत समझदार मानता है। श्यामू: रामू का पड़ोसी, जो थोड़ा सीधा है ल...
रात को केक काट कर और सभी मेहमानों को खाना खिलाकर कल्पेश सिंह ने अपनी बेटी का जन्...
जुलाई 1973 में कालेज में ही परिवार के साथ रहने की व्यवस्था कर ली थी। पत्न...
अब तो विजय उसकी मां भी उसके पास नहीं थी जिससे दो शब्द बोल कर वह अपना दुख बांट सक...
दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कि...
"कभी-कभी इंसान अपनी मौत नहीं चाहता... वो सिर्फ अपने बोझ से आज़ादी चाहता है।" र...
आज की कहानी है दो क्लासमेट्स की जो एक दूसरे को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे लेकिन ह...
⭐ एपिसोड 59 — “खून के पन्नों की शुरुआत”कहानी — अधूरी किताबकाँच के टूटने की आवाज़...
A Real Experience Based on Sleep Paralysis— Kaushik Daveदोपहर का वक्त था।शोर नही...
: : प्रकरण - 21 : : ' कीसी ' की विदाय से...
अमर – प्रेम – राज अध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सच बरसात की वह रात जैसे पूरे शहर पर बोझ बनकर उतरी थी। आसमान में बादल नहीं, बल्कि काले इरादे तैर रहे थे। कभी तेज़ बिजली...
पति-पत्नी और वो भाग 1---प्रस्तावनाज़िंदगी में सबसे कठिन लड़ाई अक्सर अपने ही लोगों से होती है। प्यार, भरोसा, शक और इंसानियत — इन चारों की टकराहट जब एक ही रिश्ते में हो, तो कहानी सीध...
हिंदी फिल्म और वेबसिरिज़ रिव्यू.
हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...
The Intro️ इस कार्य क्रम/प्रोग्राम में जो भी चीज़े पॉजिटिव नैगिटिव जैसी चीज़े है. वो यूज होने वाली है. तो आशा करते है. की इस कार्य से किसी के दिल को चोट ना पहुंचे. इन सारी बातों का...
सुमसाम और सुन्दर आशमान में सन्नाटा छाया हुआ था कि अचानक एक बहुत बड़ा स्पेशिप काले बादलों के पीछे से गुजरा और उसकी गति के कारण उसे ठीक से देख पाना सम्भव नहीं था लेकिन वो स्पेशिप पृथ...
फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई फिल्म इतनी बुरी होती है की दिव...
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