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नेताजी के बाल
द्वारा Kinjal
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नेताजी आईने के सामने बैठे हुए आवाज लगाते हैं पप्पू पप्पू इधर सुनो मेरे बाल थोड़े लंबे हो गए हैं ,पप्पू कहां रह गए !(तभी हीरालाल वहां आता है)नेताजी ...

समानता
द्वारा Priya Saini
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प्राचीन काल से ही भारत में समुदायों के बीच भेदभाव देखा गया है। प्राचीन भारत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शुद्र जातियों में विभक्त था। जिनके कार्य भी उनकी जाति ...

Smile and Confidence - Natural beauty products for face
द्वारा Diyamodh
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आज कल मार्केट में ब्यूटी प्रोडक्ट की  मांग  बहुत  बढ़  रही  है, और  रोज  नए नए  ब्यूटी प्रोडक्ट  आ  भी  रहे  है  उन्हें  देख  कर मेरे  जहन  में  एक  ...

हिंदी-गुजराती भाषाई नोंक-झोंक
द्वारा Manju Mahima
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सन १९८०-८१ में हम जयपुर राजस्थान से अहमदाबाद गुजरात में आए। मेरे पति होटल लाइन में  थे और उनका  जयपुर रामबाग़ पेलेस होटेल से स्थान्तरण कामा होटेल अहमदाबाद में ...

कुछ यादें फुरसत में
द्वारा Prabhas Bhola
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क्या लिखू यार कुछ समझ नही आता, कल जो ख्वाब देखा था औ आज बिखरशा गया है...     महफूज़ थी वो रात की सुबह जो तेरे इंतज़ार में कट रही ...