यह जिंदगी - 3 anime lover द्वारा कुछ भी में हिंदी पीडीएफ

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यह जिंदगी - 3

लड़की केविन से बाहर निकलती है। 

तभी वह देखती है कि एक लड़का  चिल्लाते हुए उसकी तरफ आ रहा है और बोलता है __

" माया , तूने तो कमाल कर  दिया !" 

माया मुस्कुराकर  कहती है,

" थैंक यू आदित्य ।"

आदित्य आगे बोलता है , तूने उसे बहुत अच्छा सलाह दी है । 

माया थोड़ी उदास होकर कहती है , मुझे लगता है मैंने उसे गलत सलाह दी है .......

आदित्य पूछता है ,

तुझे ऐसा क्यों लगता है कि तूने उसे गलत सलाह दी है ? "

माया धीरे-से कहती है , मुझे उससे कहना चाहिए था कि वह ब्रेकअप कर ले ।"

आदित्य हैरानी से पूछता है,  " तू उसे ऐसा क्यों कहना चाहती थी ?" 

माया गंभीर होकर बोलती है , क्योंकि कॉम्प्लिकेटेड रिश्ते मुझे समझम नहीं आते। रिश्ते में अंडरस्टैंडिंग होना  चाहिए ,

एक दूसरे को समझना चाहिए । जिस रिश्ते में हम सामने वाले को नहीं समझ पाते ,वो रिश्ते ज्यादा देर तक नहीं चलता। "

आदित्य गंभीर होकर कहता है कुछ बातें लोग आसानी से नहीं समझ पाते , माया और वैसे भी अगर हम सामने वाले को नहीं समझ पा रहे ,

तो इसका मतलब यहां नहीं कि हम उसे दूर कर दे ।

अगर वह हमें नहीं समझ रहा , तो हमें उन्हें समझाने की कोशिश करनी चाहिए ।

हर किसी को छोड़ देना हर बार एक ऑप्शन नहीं होता, माया।" 

माया बोलती है , मैं जानती हूं कि रिश्तो छोड़ना कोई आसान ऑप्शन नहीं होता , आदित्य । लेकिन जिस रिश्ते में भरोसा ही  न हो उसे  छोड़ देना ही एक अच्छा डिसीजन होता है। नहीं तो  बाद में सिर्फ दर्द और दिक्कते ही मिलती है ।

आदित्य गंभीर सांस लेकर कहता है , एक बात बता,हर रिश्ते को छोड़ना कोई सच में आसान होता है ,

किसी को एक मौका देना ही तो दिल की बात होती है, वही तो प्यार होता है।

मेरा मानना यही है, माया।

माया बोलती है , तू मेरी बात नहीं समझ  रहा  यार। मेरा कहने का मतलब यह है कि ___ 

तभी एक लड़की वहां आती है और कहती है , वो बस एक शो था , और तुमने उसे सलाह दे दी। अब न तुम कुछ बदल सकती हो और  न ही तुम इसलिए प्लीज झगड़ा बंद करो । " 

आदित्य मुस्कुराकर  कहता है ,   " शिवानी , हम झगड़ा नहीं रहे ..... बस डिस्कशन कर रहे है ।"                  शिवानी हंसते हुए कहती है , " ठीक है ,  ठीक है। अगर डिस्कशन हो गया हो तो माया , तुझे जाना नहीं है क्या ? 

माया मुस्कुराकर कहती है ,  " थैंक्स , शिवानी ।           तूने मुझे याद दिल दिया।                                          बाय  , गाइस !  " 

माया अपने दोस्तों को बाय कहती है और कंपनी से बाहर निकल जाती है। पार्किंग में पहुंचकर वह अपनी बाइक स्टार्ट करती है और वहां से निकल जाती है। कुछ देर बाद वह एक स्कूल के पास रूकती है। वह इधर-उधर देखती है , जैसे किसी का इंतजार कर रही हो .........

" एक लड़की बाहर निकलती है। माया को देखकर वह मुस्कुराते हुए कहती है ,  दीदी !                                 माया भी मस्कुरा कर बोलती है ,  ' सनाया , और उसे गले  लगा लेती है। "