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कही अनकही - किशोर श्रीवास्तव
द्वारा राजीव तनेजा
  • 34

जब आप किसी विश्वास के तहत किसी लेखक की किताब को पढ़ने के लिए उठाते हैं और उसमें आपकी उम्मीद के विपरीत अगर अलग तरह का पढ़ने को मिल ...

पुस्तक समीक्षा - 6
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 64

विनय कुमार सिंघल की कवितायेँ याने हंसती है मेरी कवितायेँ एक माँ की तरह                      यशवंत कोठारी हिंदी अंग्रेजी,गणित ,ज्योतिष,पत्रकारिता, वकालत आदि विषयों के ज्ञाता  विनय कुमार सिंघल जी ...

विसर्जन - वंदना वाजपेयी
द्वारा राजीव तनेजा
  • 72

कई बार किसी किताब को पढ़ते वक्त लगता है कि इस लेखक या लेखिका को हमने आज से पहले क्यों नहीं पढ़ा। ऐसा ही कुछ इस बार हुआ जब ...

पुस्तक समीक्षा - 5
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 116

सफल और सार्थक व्यंग्य                                            सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार पूरन सरमा का सोलहवां व्यंग्य संकलन घर घर की राम लीला’ आया है। वे राप्टीय स्तर  पर चर्चित व्यंग्यकार है। उन्होने ...

रौशनी के अंकुर- सविता मिश्रा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 88

बिना किसी खर्चे के किताबों को पढ़ने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक आसान तरीका, उनकी आपस में दूसरों के साथ अदला बदली भी है। इस तरीके से आप ...

पुस्तक समीक्षा - 4
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 232

समीक्षा   हम  सब दीमक हैं                      यशवंत कोठारी   पिछले दिनों मैंने कुछ व्यंग्य उपन्यास पढ़े. तेज़ गर्मी ,लू के थपेड़ो के बीच लिखना संभव नहीं था सो ...

सीता - मिथिला की योद्धा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 248

किसी भारतीय लेखक की किताब की अगर एक बार में ही 10 लाख प्रतियां प्रिंट में चली जाएँ और उसके बाद धड़ाधड़ वो बिक भी जाएँ तो यकीनन इसे ...

समीक्षा - ब्लडी मिडल क्लास - राकेश राय
द्वारा राजीव तनेजा
  • 168

आमतौर पर हम लोग फेसबुक या सोशल मीडिया पर समान रुचि वाले लोगों को ही अपना मित्र बनाते हैं। इसी कड़ी में मेरी मित्रता राकेश राय जी से हुई। ...

सोचना तो पड़ेगा ही...
द्वारा Piyush Goel
  • 194

1.पीयूष जी आप अपने बारे में बतायें.                                          जी मेरा ...

पुस्तक समीक्षा - 3
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 244

समीक्षा पुस्तक :पंच काका के जेबी बच्चे /डा.नीरज दईया /व्यंग्य संग्रह /२०१७ /मूल्य २००रुप्ये,प्रष्ठ ९६ /सूर्य प्रकाशन मंदिर,बीकानेर पुस्तक;आप तो बस आप ही है /बुलाकी शर्मा /व्यंग्य संग्रह २०१७ ...

सुबह ऐसे आती है - अंजू शर्मा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 182

किसी कवियत्री को कहानीकार के रूप में सफलतापूर्वक परिवर्तित हो किस्सागोई करते  देखना अपने आप में एक अलग एवं सुखद अनुभव से आपको रूबरू करवाता है। वर्तमान साहित्य जगत ...

व्योमवार्ता - आत्मकथा मे समाहित डॉ० वशिष्ठ सिंह के कर्मयोग की भगवद्गीता
द्वारा व्योमेश
  • 62

व्योमवार्ता /आत्मकथा मे समाहित श्रीमद्भागवत गीता, डॉ0 वशिष्ठ सिंह की आत्मकथा : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 20 फरवरी 2017, सोमवार                    ...

पुस्तक समीक्षा - 2
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 304

      समीक्षा फिक्शन (रचनात्मक लेखन) में समय लगता है -अरुंधती                                        यशवंत कोठारी अरुंधती रॉय  का दूसरा उपन्यास –मिनिस्ट्री ऑफ़अत्मोस्ट हैप्पीनेस(चरम प्रसन्नता का मंत्रालय ) आया है.इस ...

व्योमवार्ता - काशी टेल, बनारस के छात्र जीवन की आईना ओम प्रकाश राय यायावर की किताब
द्वारा व्योमेश
  • 258

पिछले सप्ताह अपने मुखपुस्तिका (फेसबुक) के मित्र ओम प्रकाश राय यायावर का उपन्यास काशी टेल पढ़ा। इस किताब को पढ़ने की काफी दिनों से ईच्छा रहने के बावजूद किन्ही ...

गली हसनपुरा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 152

यूँ तो रजनी मोरवाल जी का साहित्य के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है और  मेरा भी उनसे परिचय फेसबुक के ज़रिए काफी समय से है लेकिन अब से ...

पुस्तक समीक्षा - 1
द्वारा Yashvant Kothari Verified icon
  • 324

पागल खाना पर  पाठकीय प्रतिक्रिया  याने समय का एक नपुंसक विद्रोह                         यशवंत कोठारी राजकमल ने ज्ञान चतुर्वेदी का पागलखाना छापा है.२७१   पन्नों का  ५९५रु. का उपन्यास ओन  लाइन ...

वाया मीडिया
द्वारा Neelima sharma Nivia Verified icon
  • 631

वाया मीडिया (उपन्यास ) गीताश्री लिखते रहे जुनूँ की हिकायात-ए-ख़ूँ-चकाँ हर-चंद इस में हाथ हमारे क़लम हुए ( मिर्ज़ा ग़ालिब ) *** आप हम सब अख़बार रेडियो टीवी के ...

व्योमवार्ता - डॉ० राजीव मिश्रा की किताब विषैला वामपंथ
द्वारा व्योमेश
  • 1.1k

व्योमवार्ता /विषैला वामपंथ, जिसे बहुत पहले प्रकाशित हो कर पढ़ना चाहिये था : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 27जनवरी 2020                    मुखपुस्तिका(फेसबुक) ...

मन्नत टेलर्स
द्वारा राजीव तनेजा
  • 420

किसी कहानी में अगर आपको बढ़िया कथानक, रोचक संवाद, धाराप्रवाह लेखनशैली, अपने आसपास के दिखते माहौल में रचे बसे विषय तथा खुद में रमे हरफनमौला टाइप के किरदार मिल ...

व्योमवार्ता - हम कहते है सत्य व्यास का अंदाजे बयॉ और
द्वारा व्योमेश
  • 330

व्योमवार्ता/है और भी दुनिया मे नावेलनिगार बड़े अच्छे, हम कहते सत्य व्यास का अंदाजे बयॉ और : व्योमेश चित्रवंश की डायरी,21 जनवरी 2020          कल रात ...

समीक्षा- मृगतृष्णा (कहानी संकलन)
द्वारा राजीव तनेजा
  • 287

जब नियति, परिस्थिति या फिर समाज अथवा परिवार द्वारा तय किए गए पति पत्नी के रिश्तों में किसी ना किसी कारणवश परेशानियां, दिक्कतें या दुश्वारियां पैदा हो अपना सर ...

लुकाछिपी- समीक्षा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 154

आमतौर पर हम अपने दैनिक जीवन में हर तरह के किरदारों से रूबरू होते हैं। उनमें बच्चे, बूढ़े, प्रौढ़...युवा..हर तरह के लोग शामिल होते हैं और हर किरदार अपनी ...

समीक्षा - रागदरबारी - श्रीलाल शुक्ल
द्वारा राजीव तनेजा
  • 181

मेरे अब तक के जीवन का सबसे कठिन उपन्यास श्रीलाल शुक्ल जी द्वारा लिखित "रागदरबारी" रहा है जो कि व्यंग्यात्मक शैली में लिखा गया है। कठिन इसलिए नहीं कि ...

व्योमवार्ता - इमरजेंसी की इनसाइड स्टोरी
द्वारा व्योमेश
  • 186

व्योमवार्ता/ ईमरजेंसी की इनसाईड स्टोरी : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 17 जनवरी 2020जब देश मे इमरजेंसी लगी थी तो हम चार पॉच साल के उमर के रहे होगें। ईमरजेंसी ...

समीक्षा - फैलसूफ़ियां (राजीव तनेजा का व्यंग्य कहानी संग्रह)
द्वारा Anju Sharma Verified icon
  • 254

भूमिका मैं राजीव तनेजा जी को मैं कई वर्षों से जानती हूँ।  उनसे पहला परिचय फेसबुक पर ही हुआ।  वे अक्सर लोगों के स्टेट्स से एक पंक्ति उठाकर टू लाइनर ...

व्योमवार्ता - महोबा
द्वारा व्योमेश
  • 352

#किताबें मेरी दोस्तव्योमवार्ता/आल्हा कथानक का प्रामाणिक इतिहास: डॉ० सुधा चौहान राज की पुस्तक महोबा, आल्हा ऊदल की महागाथा             अप्रैल 2019 से हर माह कम ...

समीक्षा - देह धरे को दण्ड- संपादक-सपना सिंह
द्वारा राजीव तनेजा
  • 212

अनछुए या फिर तथाकथित सामाजिक ताने बाने में वर्जित माने जाने वाले संबंधों से संबंधित विषयों पर जब भी कुछ लिखा गया होगा तो लेखक ने खुद को पहले ...

व्योमवार्ता - घर वापसी
द्वारा व्योमेश
  • 236

व्योमवार्ता/ अजीतभारती की किताब "घरवापसी ", व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 2जनवरी 2020    बिहार के बेगूसराय से चल कर दिल्ली मे डेरा डंडा जमायें वर्तमान समय के मेरे सबसे ...

बोलते शब्दों में “लिखी हुयी इबारत”
द्वारा VIRENDER VEER MEHTA
  • 274

             साहित्य के क्षेत्र में यदि लघुकथा के संदर्भ में बात की जाए तो हाल ही के कुछ वर्षों में बहुत से नए लेखकों ...

'राम का जीवन या जीवन में राम' - एक अवलोकन
द्वारा VIRENDER VEER MEHTA
  • 972

राम का जीवन या जीवन में राम – अनघा जोगलेकर (एक संक्षिप्त अवलोकन )        साहित्य लेखन में जितना कठिन किसी वास्तविकता से जुड़े विषय पर लिखना होता है, ...