थ्रिलर कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Thriller in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


Categories
Featured Books

वह सहमी सी लड़की - 1 By Ritu kumari

अध्याय 1: ख़ामोशी के साएरात के बारह बज चुके थे। साहिबाबाद की उस तंग और अंधेरी गली में सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी के पत्तों पर पैर रखने की आवाज भी साफ़ सुनाई दे सकती थी। अनन्या अपन...

Read Free

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 40 By Irfan ayan Khan

हॉल में हुई उस गंभीर चर्चा के बाद अयान ने बिना एक पल गंवाए अपनी सर्द और पैनी नजरें सीधे दिया पर टिकाईं, और भारी आवाज में हुक्म दिया—"दिया... मुझे मेरे पूरे खानदान और बिजनेस का एक-ए...

Read Free

जिंदगी की दूसरे किनारा - 32 By AbhiNisha

जिंदगी की दूसरा किनारा 32 और वहीं दूसरी तरफ में मेघना की दुनिया में मेघना कमरे मे अब भी चादर तान के  और बॉडी को सिकोड़ते हुए लेटी हुई अपने सामने दीवार पर लगी हुई आईने की तरफ देखते...

Read Free

BLAST - EPISODE 1 By Muhib Khan

काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की रोशनी में दर्जनों लोग अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन के पैकेट बड़े-बड़े कंटेनर...

Read Free

प्रहेलिका (एक तलाश ) - 9 - हॉस्पिटल By Devaki Singh

हॉस्पिटल में नर्स दानिश को फॉर्म में पेशेंट से जुड़ी डिटेल्स भरने के लिए कहती हैं तो दानिश को होश आता है कि लिल्सी उसे ढूंढ रही होगी ....जॉय अपनी मॉम को परेशान देखकर ," मॉम क्या हु...

Read Free

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12 By RAAHULL SHARMA

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन आज इसकी दीवारों से डर और सस्पेंस की गंध आ रही थी।मजूमदार विला के ऊंचे ऊंचे लोहे के ग...

Read Free

बैंक रॉबरी By Arun Singla

बैंक रॉबरी chapter -1
आज इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा में एक अजीब  किस्म का सन्नाटा छाया हुआ था, हालाँकि सुबह के ग्यारह बजे थे और क्योंकि साखा बाज़ार के बीच में स्थित थी...

Read Free

अनंत के उस पार - 8 By Shivam Dalvadi

घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहता है" मीरा के कानों में किसी भारी घंटी की तरह गूँज रही थी।नील झील से शर्मा हवेली की तरफ़ जाने वाला स...

Read Free

श्रापित नज़र - 2 By jaisy singh

राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,All right, Miss श्रावणी. तुम्हारी आँखों में सच्चाई है। Welcome to JS Group of Architectures।यह सुनते ही जैसे समय एक पल को ठहर गया।श्रावणी की उंगलि...

Read Free

राज़ के सात फेरे - 5 By jaisy singh

राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा रही थी।पूरे कॉरिडोर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। दीवारों पर लगी महंगी पेंटिंग्स, सुनहरे फ्रेम वाले...

Read Free

अंधेरी रात का राज़ - भाग 1 By Mannu Gujjar

रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था और दूर पहाड़ों से आती हवा पेड़ों को हिला रही थी।गाँव के आखिरी छोर पर रहने वाला अर्जुन अचानक एक अजीब...

Read Free

ऋणानुबंध - अंत एक नई शुरुआत - 2 By Parthiv Patel

अलसुबह का समय था। वातावरण में कोहरा छाया हुआ था और कोहरे के कारण आसपास एकदम ठंडक फैली हुई थी। माउंट आबू हिल स्टेशन के किसी ऊंचे पर्वत पर स्थित थोड़े समतल भाग पर आठ-दस टेंट लगे हुए...

Read Free

वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 6 By sukhvinder Singh Rai

### बर्फीले सफर की तैयारीब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल कक्ष में रॉक्स की बात सुनकर एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। आग की लपटें अभी भी दीवारों पर टिमटिमा रही थीं, और रॉक्स की लाल आँखें उस...

Read Free

धुंध के पीछे - 2 By Shaziya Khan

भाग 2: शक का सायाड्रॉइंग रूम का भारी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई। इंस्पेक्टर आदिल पुलिस की गाड़ियों के साथ जा चुका था। घर में अब सिर्फ मुस्कान और दानिश थे।मुस्कान सोफे पर पत्थर की...

Read Free

डेमोक्रेसी बंध By Sowmiya Narayanan Balakrishnan

डेमोक्रेसी बंधकॉपीराइट © एस.एन. (सौम्या नारायणन बालकृष्णन)। सर्वाधिकार सुरक्षित।यह एक काल्पनिक कृति है। इसमें दिए गए नाम, पात्र, स्थान, घटनाएँ, और राजनीतिक तंत्र लेखक की कल्पना की...

Read Free

जुनून - 1 By Nehal Jain

चारो तरफ देखो तो रेगिस्तान की रैत ही रैत दिख रही है। इंसान को लू लगा देने वाली तेजी से चलती हुई गरम हवाएं एक समन्दर को नागफनी से नीचे गिरा देती है। आसमान में गिद्ध का झुंड गोल-गोल...

Read Free

काफला यूँ ही चलता रहा - 9 By Neeraj Sharma

------------3*----- गहरे राज उसी जगह खड़ा था यहां कभी कथलीन ख़डी होती थी... आज मानक ने महसूस किया ---- " किसी को धोखे मे मत रखो। " चलो होता है जवानी के जोश मे, पर होश मत खो दो। प्यार...

Read Free

शापित मुहर - 4 By Shanaya khan

Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...उसके कानों में स्त्री स्वर गूँजा—"धारक की पहचान पूर्ण...""रक्त अनुबंध स्थापित...""प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."सुनहरी रोशनी धीरे-धी...

Read Free

अंधेरे में कोई है By Vijay Erry

अंधेरे में कोई है     लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)रात के बारह बज चुके थे। शहर की हलचल थम चुकी थी। सिर्फ कभी-कभी दूर किसी कुत्ते की आवाज़ या हवा में पत्तों की सरसराहट सु...

Read Free

क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 15 By Shaziya Khan

एपिसोड 10 (अतीत का साया और सुलगती रात)टोनी और बिल की खौफनाक मौत के बाद, बचे हुए 8 लोगों (लारा, सोफिया, मैट, पॉल, ऐशली और रोज़ी) के पैरों तले से मानो ज़मीन ही खिसक गई थी। शाम ढल चुकी...

Read Free

बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 7 By RAAHULL SHARMA

यह दृश्य बेहद भावुक और तनावपूर्ण है। यहाँ उन नारों और शोर की गूंज दी गई है जो संध्या के घर के बाहर सुनाई दे रहे थे, जो उसके मान-सम्मान को पूरी तरह झकझोर देने वाले हैं:घर के बाहर गू...

Read Free

वह सहमी सी लड़की - 1 By Ritu kumari

अध्याय 1: ख़ामोशी के साएरात के बारह बज चुके थे। साहिबाबाद की उस तंग और अंधेरी गली में सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी के पत्तों पर पैर रखने की आवाज भी साफ़ सुनाई दे सकती थी। अनन्या अपन...

Read Free

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 40 By Irfan ayan Khan

हॉल में हुई उस गंभीर चर्चा के बाद अयान ने बिना एक पल गंवाए अपनी सर्द और पैनी नजरें सीधे दिया पर टिकाईं, और भारी आवाज में हुक्म दिया—"दिया... मुझे मेरे पूरे खानदान और बिजनेस का एक-ए...

Read Free

जिंदगी की दूसरे किनारा - 32 By AbhiNisha

जिंदगी की दूसरा किनारा 32 और वहीं दूसरी तरफ में मेघना की दुनिया में मेघना कमरे मे अब भी चादर तान के  और बॉडी को सिकोड़ते हुए लेटी हुई अपने सामने दीवार पर लगी हुई आईने की तरफ देखते...

Read Free

BLAST - EPISODE 1 By Muhib Khan

काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की रोशनी में दर्जनों लोग अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन के पैकेट बड़े-बड़े कंटेनर...

Read Free

प्रहेलिका (एक तलाश ) - 9 - हॉस्पिटल By Devaki Singh

हॉस्पिटल में नर्स दानिश को फॉर्म में पेशेंट से जुड़ी डिटेल्स भरने के लिए कहती हैं तो दानिश को होश आता है कि लिल्सी उसे ढूंढ रही होगी ....जॉय अपनी मॉम को परेशान देखकर ," मॉम क्या हु...

Read Free

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12 By RAAHULL SHARMA

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन आज इसकी दीवारों से डर और सस्पेंस की गंध आ रही थी।मजूमदार विला के ऊंचे ऊंचे लोहे के ग...

Read Free

बैंक रॉबरी By Arun Singla

बैंक रॉबरी chapter -1
आज इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा में एक अजीब  किस्म का सन्नाटा छाया हुआ था, हालाँकि सुबह के ग्यारह बजे थे और क्योंकि साखा बाज़ार के बीच में स्थित थी...

Read Free

अनंत के उस पार - 8 By Shivam Dalvadi

घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहता है" मीरा के कानों में किसी भारी घंटी की तरह गूँज रही थी।नील झील से शर्मा हवेली की तरफ़ जाने वाला स...

Read Free

श्रापित नज़र - 2 By jaisy singh

राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,All right, Miss श्रावणी. तुम्हारी आँखों में सच्चाई है। Welcome to JS Group of Architectures।यह सुनते ही जैसे समय एक पल को ठहर गया।श्रावणी की उंगलि...

Read Free

राज़ के सात फेरे - 5 By jaisy singh

राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा रही थी।पूरे कॉरिडोर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। दीवारों पर लगी महंगी पेंटिंग्स, सुनहरे फ्रेम वाले...

Read Free

अंधेरी रात का राज़ - भाग 1 By Mannu Gujjar

रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था और दूर पहाड़ों से आती हवा पेड़ों को हिला रही थी।गाँव के आखिरी छोर पर रहने वाला अर्जुन अचानक एक अजीब...

Read Free

ऋणानुबंध - अंत एक नई शुरुआत - 2 By Parthiv Patel

अलसुबह का समय था। वातावरण में कोहरा छाया हुआ था और कोहरे के कारण आसपास एकदम ठंडक फैली हुई थी। माउंट आबू हिल स्टेशन के किसी ऊंचे पर्वत पर स्थित थोड़े समतल भाग पर आठ-दस टेंट लगे हुए...

Read Free

वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 6 By sukhvinder Singh Rai

### बर्फीले सफर की तैयारीब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल कक्ष में रॉक्स की बात सुनकर एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। आग की लपटें अभी भी दीवारों पर टिमटिमा रही थीं, और रॉक्स की लाल आँखें उस...

Read Free

धुंध के पीछे - 2 By Shaziya Khan

भाग 2: शक का सायाड्रॉइंग रूम का भारी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई। इंस्पेक्टर आदिल पुलिस की गाड़ियों के साथ जा चुका था। घर में अब सिर्फ मुस्कान और दानिश थे।मुस्कान सोफे पर पत्थर की...

Read Free

डेमोक्रेसी बंध By Sowmiya Narayanan Balakrishnan

डेमोक्रेसी बंधकॉपीराइट © एस.एन. (सौम्या नारायणन बालकृष्णन)। सर्वाधिकार सुरक्षित।यह एक काल्पनिक कृति है। इसमें दिए गए नाम, पात्र, स्थान, घटनाएँ, और राजनीतिक तंत्र लेखक की कल्पना की...

Read Free

जुनून - 1 By Nehal Jain

चारो तरफ देखो तो रेगिस्तान की रैत ही रैत दिख रही है। इंसान को लू लगा देने वाली तेजी से चलती हुई गरम हवाएं एक समन्दर को नागफनी से नीचे गिरा देती है। आसमान में गिद्ध का झुंड गोल-गोल...

Read Free

काफला यूँ ही चलता रहा - 9 By Neeraj Sharma

------------3*----- गहरे राज उसी जगह खड़ा था यहां कभी कथलीन ख़डी होती थी... आज मानक ने महसूस किया ---- " किसी को धोखे मे मत रखो। " चलो होता है जवानी के जोश मे, पर होश मत खो दो। प्यार...

Read Free

शापित मुहर - 4 By Shanaya khan

Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...उसके कानों में स्त्री स्वर गूँजा—"धारक की पहचान पूर्ण...""रक्त अनुबंध स्थापित...""प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."सुनहरी रोशनी धीरे-धी...

Read Free

अंधेरे में कोई है By Vijay Erry

अंधेरे में कोई है     लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)रात के बारह बज चुके थे। शहर की हलचल थम चुकी थी। सिर्फ कभी-कभी दूर किसी कुत्ते की आवाज़ या हवा में पत्तों की सरसराहट सु...

Read Free

क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 15 By Shaziya Khan

एपिसोड 10 (अतीत का साया और सुलगती रात)टोनी और बिल की खौफनाक मौत के बाद, बचे हुए 8 लोगों (लारा, सोफिया, मैट, पॉल, ऐशली और रोज़ी) के पैरों तले से मानो ज़मीन ही खिसक गई थी। शाम ढल चुकी...

Read Free

बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 7 By RAAHULL SHARMA

यह दृश्य बेहद भावुक और तनावपूर्ण है। यहाँ उन नारों और शोर की गूंज दी गई है जो संध्या के घर के बाहर सुनाई दे रहे थे, जो उसके मान-सम्मान को पूरी तरह झकझोर देने वाले हैं:घर के बाहर गू...

Read Free