सर्वश्रेष्ठ रोमांचक कहानियाँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 30 - अंतिम भाग
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 87

इस कथा के लम्बे सफर में आपने पढ़ा- उल्कानगर के एक बड़े व्यापारी की मुलाकात एक खजाना खोजने वाले एक बूढ़े से होती है, जिसके पास एक कुत्ता है। ...

प्राचीन खजाना और डायनासोर का बच्चा - 4
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
  • 315

प्राचीन खजानाऔरडायनासोर का बच्चाभाग ४"What was that?" लोय कांपते स्वर में पूछता है।"Must be Lion or Tiger!" शान उस दहाड़ की दिशा तरफ देखकर बोलता है।"Seriously?" रौशनी शान को ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 20
द्वारा harshad solanki
  • (12)
  • 471

तभी राजू का खुराफाती दिमाग डोड़ा. उसकी आँखे चमक उठी. उसने सब को अपने साथ चलने के लिए कहा. फिर अपने साथियों को साथ लिए वह कहीं चल पड़ा. ...

प्राचीन खजाना और डायनासोर का बच्चा - 3
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
  • (12)
  • 606

प्राचीन खजानाऔरडायनासोर का बच्चाभाग ३--२ दिन पहले--शहर की सबसे बड़ी लाइब्रेरीशान लाइब्रेरी में कपाट घाटी पर लिखी किताब पढ़ रहा है। एक एक करके उसने तकरीबन ३-४ किताबे पढ़ ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 29
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 270

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पेभाग-29मत्स्यमानव की गिरफ्त में“जैसे ही मुझे आपका पता मिला और यह पता चला कि आप दो डाकुओं के चंगुल में फंसे हुये हैं, मैं तुरंत ...

रजनीगंधा
द्वारा DrSonika Sharma
  • 396

रोज कॉलेज से आने-जाने का यही रास्ता है पिछले कई वर्षों से इसी एक रास्ते से कॉलेज आती-जाती हूँ आज घर आते समय हवा के तेज झोंके के साथ ...

मांझी - 1
द्वारा Rajesh Kumar
  • 240

एक सीधा साधा होनहार युवा कल्पनाओं के पंख लगाकर जिंदगी की यात्रा में बढ़ रहा था। वक्त बिता माहौल बदला कल्पनाएं अपने अस्तित्व को खोने लगीं। वास्तविक चीजें धीरे ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 19
द्वारा harshad solanki
  • 600

जेसिका और दीपक की बातों को टीम मेम्बर्स बड़े गौर और उत्सुकता से सुन रहे थे. जब तक दोनों ने अपनी बात ख़त्म की, तब तक अन्य सभी साथी ...

प्राचीन खजाना और डायनासोर का बच्चा - 2
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
  • (13)
  • 678

प्राचीन खजानाऔरडायनासोर का बच्चाभाग २-- दो दिन पहले --"ये सारे लड़के ना एक जैसे ही होते है।" प्रीति कुपित चेहरे के साथ जोर से अपना बैग टेबल पर पछाड़ती ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 28
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 381

  अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे- भाग-28   कल्पना और यथार्थ          बात सच थी और चिंतनीय भी। उसने अब तक अपनी कथा से ही इन्हें एक ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 18
द्वारा harshad solanki
  • (12)
  • 822

यह सुनते ही दीपक के चेहरे पे कोई रहस्यमय सी चमक आ गई. जो जेसिका ने न देखी. दीपक ने एक्साईट होकर जेसिका की पीठ थपथपाते हुए कहा. "तब ...

चुनाव
द्वारा padma sharma
  • 489

इलेक्शन   आज सभी को अपने -अपने इलेक्शन बूथ का नम्बर पता लगाना  था। कल टीम का नम्बर पता लग गया था और परस्पर परिचय भी हो गया था ...

प्राचीन खजाना और डायनासोर का बच्चा - 1
द्वारा Kirtipalsinh Gohil
  • (15)
  • 1.2k

प्राचीन खजानाऔरडायनासोर का बच्चा"आज बारिश हो सकती है तो तू आज रहने दे। मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। मत जा।""नहीं पापा। आज तो जाना ही पड़ेगा। रेमो अंकल ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 17
द्वारा harshad solanki
  • (13)
  • 918

यहाँ पड़ाव में दीपक और रफिक्चाचा को गए लम्बा वक्त गुजर गया था. उनके और जेसिका के न लौटने से अन्य टीम मेम्बर्स को कुछ अनहोनी होने की दहशत ...

लालटेन पर झूमते परिन्दे
द्वारा राजनारायण बोहरे
  • 513

पक्षियों की आत्महत्या का रहस्य पक्षियों की अज्ञात आत्महत्या:जतिंगा राजनारायण बोहरे:  लगभग एक सौ वर्ष पहले की सच्ची कहानी है यह !आसाम के घने जंगलों में निवास करने वाले ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 27
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 450

पिछले भाग में आपने पढ़ा-   “यही कि जो अंतिम चीज़ मनुष्य को चाहिये वह है, प्रेम...” व्यापारी ने कहा।“तुम सच कह रहे हो कथाकार, किंतु एक चीज़ तुम ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 16
द्वारा harshad solanki
  • (11)
  • 804

चौकी करने वाली शुरूआती टुकड़ी में भीमुचाचा, हिरेन और रफिक्चाचा शामिल थे. जब उनकी बारी खत्म होने में थोड़ा वक्त शेष रह गया था, तब एक नई घटना घटित ...

कहानी की कहानी की कहानी - 23 - मौत से मुक्ति
द्वारा कलम नयन
  • 693

"ऐसा भूलकर भी मत करना मुरली। बाहर जाओगे तो तुम्हारी लाश को मिट्टी भी नसीब न होगी। शैली है, तुमसे मिलने आई है।अच्छा किया तुम आ गई। मैं मुरली ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 26
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 465

अब तक आपने पढ़ा... “तुम्हे क्या हुआ है?” व्यापारी ने आश्चर्य से पूछा, “अभी तो कथा में हृदय विदारक पल आयेंगे। तब तुम क्या करोगे?”“मुझे अपनी पत्नि की याद ...

कुकुर
द्वारा padma sharma
  • 393

कुकुर                                                                 किसी युद्ध का मैदान है! ... टैंक ही टैंक दिख रहे हैं। दोनों तरफ सेना अपने-अपने मोर्चे लिये हैं। बमबारी जारी है। बन्दूकें धाँय-धाँय करके अट्टहास ...

कहानी की कहानी की कहानी - 22 - किले की पहली मौत
द्वारा कलम नयन
  • 402

ये कहते हुए अचानक ही मेमसाहब ने एक तेज़ कहकहा लगाया। मैं चौंक उठा और मेरा हाथ पीछे दीवार से टकराया। एक हलकी ठोकर लगी और दर्द की एक ...

लोको पायलेट
द्वारा Rekha Pancholi
  • 1.4k

लोको पायलेट                             लेखिका -रेखा पंचोली "अरे बहु ! जरा चाय तो दे जा बड़ी देर से इंतजार कर रही हूँ |"कमरे से माँ की आवाज आई | लो अब ...

कहानी की कहानी की कहानी - 21 - बड़ी रानी साहब
द्वारा कलम नयन
  • 502

"मैं समझ नहीं पा रही हूँ कि कहाँ से शुरू करूँ। और ये हम दोनों की बुरी किस्मत का नतीजा है कि न मैं इस समय ये सवाल तुमसे ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 15
द्वारा harshad solanki
  • (13)
  • 942

जब हम ज़र्रे से पानी भरकर वापस लौट रहे थे, तब मार्ग में हमें पंद्रह बीस मीटर के फासले पर पेड़ों के पीछे से किसी प्राणी के ग़ुर्राने की ...

कहानी की कहानी की कहानी - 20 - कहानियों की कहानी
द्वारा कलम नयन
  • 405

बरतनों की उठापठक की आवाज़ मेरे कानों में आ रही थी। बिना आँखों के बिताये इन कुछ दिनों में मेरे कान आहटें सुनने में कुशल हो गए थे। उस ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 25
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 477

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि व्यापारी की पत्नि को एक रहस्यमय रोग हो गया। क्या वह रोग है अथवा नहीं? क्या उसका कोई निदान है? और आगे क्या ...

कहानी की कहानी की कहानी - 19 - तमाशा देखने वाले
द्वारा कलम नयन
  • 468

न जाने उसके बाद कब मुझे चेत हुआ। तनिक होश हुआ तो मैंने फिर अपनी आँखें खोलने की कोशिश की। पर मेरी आँखें नहीं खुलीं, उलटे आँखों में उठती चुभन ...

पता, एक खोये हुए खज़ाने का - 14
द्वारा harshad solanki
  • (12)
  • 800

जब तक वे याट पर पहुँचे तब तक साम हो गई थी. उन्होंने अब तै किया कि अब वे पूरे साजो सामान के साथ चलेंगे और मेघनाथजी की बताई ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 24
द्वारा Mirza Hafiz Baig
  • 517

अबतक आप ने पढ़ाव्यापारी अपनी पत्नी के साथ अपने परिवार के बीच पहुंचता है। आगे...अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 24हाँ भी और ना भी     अतीत की ...

दोस्त की जुबानी
द्वारा महेश रौतेला
  • 646

दोस्त की जुबानी:बचपन में एक बार हल चलाने का शौक हुआ।अतः सुबह उठकर हाथ मुँह धो, बैलों को खेत में ले गया।वातावरण खुशनुमा था।घराट पर दो लोग आ चुके ...