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पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 40
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 72

चैप्टर 40 विशालकाय वानर। अभी मेरे लिए मुश्किल था यह निर्धारित करना कि वास्तविक समय क्या हुआ था, लेकिन गणना के बाद, मैंने मान लिया कि रात के दस ...

प्रायश्चित - भाग-7
द्वारा Saroj Prajapati
  • 423

आज शिवानी की हॉस्पिटल से वापसी थी। किरण की मदद से उसकी सास ने उसके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली थी। रिया की उत्सुकता तो देखते ही बनती ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 39
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 291

चैप्टर 39 विस्फोट और उसके परिणाम। अगले दिन, जो कि अगस्त का सत्ताईसवां दिन था, हमारी चमत्कारिक भूमिगत यात्रा में मनाई जाने वाली एक तारीख थी। मैं अब भी ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 38
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 252

चैप्टर 38 कोई निकासी नहीं - चट्टानों के विध्वंस। जब से हमारे अद्भुत यात्रा की शुरुआत हुई, मैंने कई आश्चर्य को अनुभव किया, कई भ्रमों से सामना हुआ। मुझे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 37
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 252

चैप्टर 37 रहस्यमयी खंजर। इस दौरान, हमने अपने पीछे उज्ज्वल और पारदर्शी जंगल छोड़ दिया था। हम विस्मय होने की वजह से मूक थे, एक तरह की उदासीनता जो ...

मन के मत पर मत चलियो रे....
द्वारा Shiv Divyansh Pathak
  • 453

"मेरे जिस्म को गर्म करती यह रजाई,बईमानी लग रही थी,हार रही हूँ खुद से,मेरा प्यार क्या है मैं उससे कुछ करती भी हूँ की नहीं,बेबस हो गयीं हूँ।जनवरी के ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 36
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 270

चैप्टर 36क्या है यह? एक लंबे और बोझिल समय तक हम हड्डियों के इस विशाल संग्रह में फँस गए थे। इन सब की परवाह किए बग़ैर हम उत्सुक और ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 35
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 276

चैप्टर 35 खोज पर खोज। मेरे मौसाजी के विस्मित होने की वजह को पूरी तरह से समझने के लिए, और इन शानदार और विद्वान पुरुषों के संकेत के लिए, ...

तड़पता दिल (भाग 3) (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 561

नज़मा जब केवल चार साल की थी।तभी उसके अब्बा रमजान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।उसकी माँ सुल्ताना जवान थी।उसके सामने अभी पूरा जीवसं पड़ा था।सुल्ताना के ...

वाचा कट मानव
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 225

कहानी                         वाचा कट मानव                                        वेदराम प्रजापति मनमस्त सुबह की सैर कर, जब मैं वापिस आ रहा था तो पप्पू सेठ जी के दरवाजे पर भीड़ लगी दिखी। ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 34
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 309

चैप्टर 34एक खोज की यात्रा। मेरे लिए पूरी तरह से असंभव है कि मैं इस असाधारण खोज पर प्रोफ़ेसर की हालत को सही तरीके से बता पाऊं। विस्मय, अविश्वास, ...

प्रायश्चित - भाग-6
द्वारा Saroj Prajapati
  • 993

शाम को जब दिनेश वापस आया तो वह परेशान था। शिवानी समझ गई थी कि वह मेड ना मिलने के कारण परेशान है। "आप मेड ना मिलने के कारण ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 33
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 285

चैप्टर 33हमारे मार्ग उलट गए। यहाँ मैं अपनी यात्रा से जुड़ी "मेरी पत्रिका" को विराम देता हूँ जिसे मैंने विनाश के बाद भी बचा लिया था। मैं अपनी कथा ...

तड़पता दिल (पार्ट - 2)
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 477

वे दोनों साथ खाते पीते।समय गुज़रने के साथ उनके सम्बन्ध प्रगाढ होने लगे।राजन,नज़मा को चाहने लगा।प्यार करने लगा।एक दिन वे पार्क के एकांत कोने मे बैठे बाटे कर रहे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 32
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 288

चैप्टर 32तत्वों की लड़ाई। शुक्रवार, 21 अगस्त। आज सुबह शानदार फव्वारा पूरी तरह से गायब हो गया था। हवा तारोताजा थी और हम तेजी से हेनरी द्वीप के पड़ोसियों ...

तहखाने का राज़
द्वारा Neerja Pandey
  • 1.1k

बचपन में तहखाने कि कई कहानियां सुनी थी। साथ ही उनसे जुड़े रहस्य के बारे में भी। किसी तहखाने का कोई रहस्य तो किसी का कोई। मन में इसे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 31
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 309

चैप्टर 31 समुद्री राक्षस बुधवार, 19 अगस्त। सौभाग्य से हवा, जो वर्तमान में कुछ हिंसात्मक तरीके से बह रही थी, ने हमें अद्वितीय और असाधारण संघर्ष के दृश्य से ...

तड़पता दिल (पार्ट - 1)
द्वारा किशनलाल शर्मा
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देवदास और डरदोनो ही फिल्मों मेंं प्यार के     अलग अलग रूप देखने को मिलते है।इतिहास उठाकर  देखे तो हमे प्यार के अलग अलग रूप ही देखने को मिलेंंगे।देेेवदास ...

प्रायश्चित - भाग -5
द्वारा Saroj Prajapati
  • (11)
  • 1.3k

उस दिन के बाद दिनेश उसका और ज्यादा ध्यान रखने लगा था। ऑफिस जाने के बाद दिन में कई बार ,उसे फोन करके हालचाल पूछता। कई बार तो वह ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 30
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 354

चैप्टर 30 सरीसृप से प्रचण्ड द्वंद। शनिवार, 15 अगस्त। समुद्र अभी भी अपनी उस मनहूसियत की एकरसता को बरकरार रखे हुए था। वही धूसर रंजीत रूप में जिसपर वही ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 29
द्वारा Abhilekh Dwivedi
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चैप्टर 29 पानी पर - बेड़े की नाव। अगस्त के तेरहवें दिन हम यथासमय उठ गए थे। समय बिल्कुल नहीं गंवाना था। अब हमें एक नए प्रकार की सवारी ...

HR The Untold strory - 1
द्वारा Harshal Chandratre HR
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कहानी H से HR बनने की,जिंदगी, क्या हैं जिंदगी अपनो का मिलना और बिछड़ना । उसी पे आधारित ये किताब हैं ये कहानी हैं कुछ अधूरी बातों की कुछ ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 28
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 450

चैप्टर 28 बेड़े की तैयारी। अगले दिन की सुबह में अपने आश्चर्य के साथ जब मैं उठा तो पूरी तरह से स्वस्थ था। मैंने सोचा कि मेरी लंबी बीमारी ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 27
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 573

चैप्टर 27 मध्य सागर। पहले तो मुझ कुछ भी नहीं दिखा। अचानक से दीप्तिमान प्रकाश को देखकर मेरी आँखें चौंधिया गयीं थीं, इसलिए पहले मुझे अपनी आँखें बंद करनी ...

प्रायश्चित - भाग-4
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.4k

काफी देर से रिया के रोने की आवाज सुन किरण परेशान हो गई। पहले तो उसने सोचा, शायद किसी बात पर जिद कर  रो रही होगी। फिर उसने सोचा ...

कर्मा - 8 - (फाइनल) - जो दिया है वही वापस आएगा
द्वारा Sushma Tiwari
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जो दिया है वो वापस आएगा...(अंतिम भाग)सिद्धार्थ का फोन फिर बजता है... वह देखता है मां का फोन है.. शायद मां को मामा ने सब कुछ बता दिया है... ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 26
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 477

चैप्टर 26 पुनः प्राप्ति की ओर। जब मुझे होश आना शुरू हुआ और अपनी मौजूदगी का एहसास होने लगा, मैंने देखा मेरे चारों ओर हल्का अँधेरा है और मैं ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 25
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 450

चैप्टर 25 गलियारे में कानाफूसी। आखिरकार जब मुझे होश आया तो मेरा चेहरा भीगा हुआ था, मैं समझ गया था कि ये आँसुओं से भीगें हैं। कितने देर तक ...

कर्मा - 7 - आप भंवर जाल में है
द्वारा Sushma Tiwari
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आप भंवरजाल में है.... (गतांक से आगे)"क्या हुआ मॉम को आरती? साफ-साफ बताओ.. तुम कहां हो?.. फ़ॉर गॉड सेक रोना बंद करो.." सिद्धार्थ ने घबराते हुए कहा। " सिद्धार्थ मॉम की तबीयत ...

उपन्यास वाली लड़की (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा
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"अरे आप तो भीग गई।" सलवार कुर्ता भीगकर उसके गोरे बदन से चिपक गया था।भीगे कपड़ो में उसके शरीर के उभार साफ नजर आ रहे थे।"बरसात से अपने को ...