सर्वश्रेष्ठ रोमांचक कहानियाँ कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

नागमणी (संस्मरण ) - 1
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 165

नागमणि ( संस्मरण ) भाग - 1 नागमणि एक रहस्य ही है जिसके प्रत्यक्ष प्रमाण का दावा कोई नहीं करता लेकिन हमारे शास्त्रों  व धर्मग्रंथों में इसका व इच्छाधारी नागों ...

अघोरी का शाप - 1
द्वारा नवीन एकाकी
  • 279

आज मैं कोई कहानी नही बल्कि एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में लिख रहा हूं जिसका प्रमाण वो ख़ुद है जो किसी और कि एक अनजाने में हुई ...

अतीत के गलियारें से
द्वारा कलम की रानी
  • 414

नींद कोसों दूर हैं आज, अतीत के गलियारे मै खड़ी जो हूँ, अतीत के पल चाँदनी रात मै आँखो के सामने नृत्य कर रहे हैं... और मै मूक दर्शक ...

प्रायश्चित - भाग-16
द्वारा Saroj Prajapati
  • 657

इतना तो शिवानी की सास भी समझ गई थी कि बेटा बहू केबीच एक अनकहा तनाव चल रहा है।जब से दोनों गांव आए थे। उन्होंने दोनों को काम की ...

एक कहानी मेरी भी
द्वारा कलम की रानी
  • (24)
  • 957

लिखना हैं बहुत सारा पर मन मै उमड़ रहे विचारों को किसी कहानी का रूप देना अपने आप मै एक बहुत बड़ी कला है जो हर किसी के पास ...

प्रायश्चित - भाग-15
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.1k

देर रात दिनेश, शिवानी के साथ गांव पहुंचि । बच्चे तो रास्ते में ही सो गए थे। सामान आदि अंदर रखवाने के बाद दिनेश ने शिवानी से कहा "शिवानी तुम ...

प्रायश्चित - भाग-14
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.2k

शिवानी का जवाब सुन दिनेश चुप हो गया । कुछ कह वह बात को और आगे नहीं बढ़ाना चाहता था। कहे भी क्या! उसे खुद को समझ नहीं आ रहा ...

प्रायश्चित - भाग-13
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.3k

शाम को कुमार, किरण के साथ शिवानी के यहां पहुंचा। शिवानी ने उसे बैठने के लिए कहते हुए , उसके सामने सारे गहने रख दिए , कुछ नगदी के ...

घर से निकाल गया प्यार में गिर गया - 2
द्वारा Dear Zindagi 2
  • 798

एक घंटे बाद वो आ रही थी अपने दोस्तों के साथ। मे उसे देखता ही रह गया। उसके  चहरे पर इतनी चमक थी की मे कुछ  बोल  भी ना ...

प्रायश्चित - भाग-12
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.2k

"दो दो जिंदगियां बर्बाद कर अब इतने भोले मत बनो, दिनेश बाबू!" कुमार उसकी ओर देखता हुआ व्यंग्य से बोला। "आपकी पत्नी भले ही आपको माफ कर दे लेकिन ...

प्रायश्चित - भाग-11
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.3k

दिनेश की इसी सादगी पर तो शिवानी मरती थी। पहली बार वह उससे इतने दिन दूर रही थी। यह कुछ दिन ही उसे साल बराबर लग रहे थे। वह ...

इत्तफाक
द्वारा किशनलाल शर्मा
  • 1.2k

उस युवती को पहली बार देखरे ही सुनील के दिल मे कुछ हुआ था।वह अपने  दोस्त की शादी में भोपाल गया था।बारात मैरिज होम में पहुंच चुकी थी।वह कुर्सी ...

प्रायश्चित - भाग-10
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.4k

शिवानी को गांव में एक महीना हो गया था। इस बीच हर रोज उसकी दिनेश व किरण से बात हो जाती थी। दिनेश के आने के बाद किरण ने ...

रक्षक
द्वारा Kayal King
  • 1.1k

किताब एक रास्ता       रेवन जो अनाथले में रहता था, उसके माता पिता बचपन से ही  मर गए थे , उसकी उम्र 19 साल थी  उस को किसी ...

प्रायश्चित - भाग-9
द्वारा Saroj Prajapati
  • 1.5k

किरण व कुमार का जीवन अब पूरी तरह से पटरी पर लौट आया था। शिवानी का बेटा  6 महीने का हो गया था। हां, शिवानी के ससुर की तबीयत ...

शादी बालब्रह्मचारी की
द्वारा Dear Zindagi 2
  • 1.3k

शादी बालब्रह्मचारी की...ये कहानी है एक ऐसे लड़के की, जिसने कभी प्यार का एहसास ही नही किया। में सोचता हूँ, क्या बिना प्यार के ये दुनिया चलती है? खैर, ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 44 - अंतिम भाग
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 1.2k

चैप्टर 44 यात्रा की समाप्ति। यह एक कथा का अंतिम निष्कर्ष है, जिसपर शायद वो लोग भी अविश्वास करेंगे जो कभी भी चकित हो जाते हैं। हालाँकि मैं मानव ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 43
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 954

चैप्टर 43 सुबह, आखिरकार! मैंने जब अपनी आँखें खोलीं तो मुझे लगा कि हैन्स ने बेल्ट के माध्यम से मुझे जकड़े हुए है। अपने दूसरे हाथ से उसने मेरे ...

स्वतंत्रता के दीपक
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 1k

कहानी                                          स्वतंत्रता के दीपक                                                    रामगोपाल भावुक              मुझे खूब याद है ,मैं अपने पिताजी घनसुन्दर तिवारी के साथ दीपावली के दिन उस समाधि ...

प्रायश्चित - भाग-8
द्वारा Saroj Prajapati
  • 2k

जब से शिवानी हॉस्पिटल से आई थी। तब से किरण देख रही थी कि कुमार के स्वभाव में काफी बदलाव आने लगा था। बात-बात पर उस पर चिल्लाने वाला ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 42
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 1k

चैप्टर 42 ज्वालामुखीय कुपक। मनुष्य का संविधान इतना अजीब है कि उसका स्वास्थ्य विशुद्ध रूप से एक नकारात्मक मामला है। जितनी जल्दी भूख का प्रकोप शांत होता है, उससे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 41
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 930

चैप्टर 41 भूख। लंबे समय तक भूख लगना, कुछ समय का पागलपन है! मस्तिष्क जब आवश्यक भोजन के बिना अपने काम पर हो तो सबसे शानदार धारणाओं से मन ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 40
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 660

चैप्टर 40 विशालकाय वानर। अभी मेरे लिए मुश्किल था यह निर्धारित करना कि वास्तविक समय क्या हुआ था, लेकिन गणना के बाद, मैंने मान लिया कि रात के दस ...

प्रायश्चित - भाग-7
द्वारा Saroj Prajapati
  • 2.1k

आज शिवानी की हॉस्पिटल से वापसी थी। किरण की मदद से उसकी सास ने उसके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली थी। रिया की उत्सुकता तो देखते ही बनती ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 39
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 801

चैप्टर 39 विस्फोट और उसके परिणाम। अगले दिन, जो कि अगस्त का सत्ताईसवां दिन था, हमारी चमत्कारिक भूमिगत यात्रा में मनाई जाने वाली एक तारीख थी। मैं अब भी ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 38
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 843

चैप्टर 38 कोई निकासी नहीं - चट्टानों के विध्वंस। जब से हमारे अद्भुत यात्रा की शुरुआत हुई, मैंने कई आश्चर्य को अनुभव किया, कई भ्रमों से सामना हुआ। मुझे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 37
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 972

चैप्टर 37 रहस्यमयी खंजर। इस दौरान, हमने अपने पीछे उज्ज्वल और पारदर्शी जंगल छोड़ दिया था। हम विस्मय होने की वजह से मूक थे, एक तरह की उदासीनता जो ...

मन के मत पर मत चलियो रे....
द्वारा Shiv Divyansh Pathak
  • 996

"मेरे जिस्म को गर्म करती यह रजाई,बईमानी लग रही थी,हार रही हूँ खुद से,मेरा प्यार क्या है मैं उससे कुछ करती भी हूँ की नहीं,बेबस हो गयीं हूँ।जनवरी के ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 36
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 792

चैप्टर 36क्या है यह? एक लंबे और बोझिल समय तक हम हड्डियों के इस विशाल संग्रह में फँस गए थे। इन सब की परवाह किए बग़ैर हम उत्सुक और ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 35
द्वारा Abhilekh Dwivedi
  • 858

चैप्टर 35 खोज पर खोज। मेरे मौसाजी के विस्मित होने की वजह को पूरी तरह से समझने के लिए, और इन शानदार और विद्वान पुरुषों के संकेत के लिए, ...