हिंदी रोमांचक कहानियाँ मुफ्त में पढ़ें और PDF डाउनलोड करें

एलियन
by Shakti S Nahar
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  • 39

रोहन अपने यान में बैठकर अंतरिक्ष में यात्रा कर रहा है यह सन 3001 का समय है पृथ्वी के सभी देश एक देश बन चुके हैं सभी धर्मों की ...

तीसरी बार आना
by Satish Sardana Kumar
  • (2)
  • 229

 इस साल में तीसरी बार आना हुआ नानी के घर।नानी का घर पलवल में था,पहली बार जब आया तो नानी गुजर चुकी थी।नानी के गुजरते ही उसे फोन आया ...

ग़रीबों पर प्याज का कहर
by Hareesh Kumar Sharma
  • (4)
  • 123

हम सभी ये भली भांति जानते है कि आज के दौर में सभी के पास स्मार्ट फोन है। और ये भी सभी जानते हैं कि जिसके पास भी स्मार्ट ...

तस्वीर
by ज्योत्सना कपिल
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  • 410

तस्वीर              प्रवेश द्वार खुलते ही पन्द्रह बाई बारह का हॉल कम डाइनिंग रूम, उससे जुड़ी आधुनिक रसोई, साथ में लगा हुआ स्नानागार, जिसका एक ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 10
by Mirza Hafiz Baig
  • (4)
  • 294

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे...भाग-10.जंगल, रात में सोता नहीं है “तुम्हे चेताया गया था, भागने की कोशिश मत करना।” एक डाकू बोला। वह हाथ मे धनुष-बाण लिये खड़ा था ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 9
by Mirza Hafiz Baig
  • (3)
  • 215

पिछले अंक में अपने पढ़ा-अब उन लोगों ने हमें बन्धनमुक्त किया। पहनने को वस्त्रादि दिए और सिपाहियों की निगरानी में घूमने फिरने की आज़ादी भी प्रदान की। ...हमारी वापसी ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 8
by Mirza Hafiz Baig
  • (7)
  • 361

पिछले भाग से-"लगता है, वे हमारी बलि चढ़ाने ले जारहे हैं।" गेरिक ने कहा।"तुम सही कह रहे हो मित्र," मैंने कहा, "लगता है, हमारे विदाई की बेला आ चुकी ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 7
by Mirza Hafiz Baig
  • (1)
  • 291

पिछले भाग से-यह तो बहुत बुरा हुआ। हमने अपने पहले सम्पर्क के प्रयास में ही उन्हें डरा दिया। निश्चित ही, इससे हमारे बारे में उनकी धारणा खराब ही बनेगी...सातवाँ ...

ईर्ष्या ने पाप का भागी बना दिया (अंतिम भाग )
by Sohail Saifi
  • (8)
  • 474

उसने बताया के विवाह से पूर्व वो एक निर्धन परिवार से थी उनकी निर्धनता और दुर्भाग्य ने उनको श्रणी बना दिया था वो भी नगर के सबसे बड़े धूर्त ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट-11
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (29)
  • 567

एक झटके में उसकी आँख खुल गयी । "कितना अजीब सा सपना था ।" रीति खुद से बोली और किताबें खंगालने में लग गयी । किसी भी किताब में ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट-10
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (15)
  • 411

ऐसा लग रहा था जैसे अब मानव का अंत निकट ही है । प्रस्तर के मरने की खबर जल्दी ही दुनिया में फ़ैल चुकी थी । हर देश किन्चुलका ...

ईर्ष्या ने पाप का भागीदार बना दिया (मध्य भाग)
by Sohail Saifi
  • (11)
  • 370

उस कक्ष में बैठा व्यक्ति जिसे वो सुन्दरी अपना पति बता रही थी एक वृद्ध था जिसकी आयु उस स्त्री से तीन गुना अधिक थी अब मेरे मन में ...

वो लम्हें
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • (9)
  • 628

       अनूप मुझे झिंझोड़ कर जगा रहे थे, मैं पसीना पसीना हो रही थी. आज फिर वही सपना आया था. मीलों दूर तक फैला पानी.. बीचों बीच ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 9
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (12)
  • 878

दुनिया तैयार थी इस बड़ी लड़ाई के लिए, पर किन्चुलका के निशान कहीं नज़र नहीं आ रहे थे । 5 दिन और गुज़र चुके थे । हर कोई हैरान ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 8
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (21)
  • 420

और दोनों हवा की तेज़ी से एक दूसरे की तरफ भागे । जोर का धमाका हुआ, ऐसा लगा जैसे दुनिया के दो महान योद्धा एक दूसरे से भिड पड़े ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 7
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (16)
  • 424

"सर, एस आई कैन रिकॉल सॅटॅलाइट इमेजेज देयर वास अ लार्जर साइंस बट वी फाउंड अ मैन ओनली कवरिंग 30 फीट ऑफ़ एरिया । सो व्हाट वर अदर अबाउट!" ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 6
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (18)
  • 428

हर तरफ यही चर्चा थी कि किन्चुलका मर गया पर रीति जानती थी कि वो इतनी आसानी से नहीं मर सकता । जो लाखों साल तक ज़मीन के नीचे ...

ईर्ष्या ने पाप का भागीदार बना दिया
by Sohail Saifi
  • (11)
  • 394

फिर एक दिन अपने संकोच को त्याग कर हिकमिद ने दर्जी से उसकी इन दुर्लभ स्थिति में आने का कारण पूछा तो दर्जी बोलामेरी इन।  स्थितियोंं का कोई एक ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 5
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (18)
  • 367

रीति तुरंत रिसर्च सेंटर भागी । कांच के कमरे में बंद किन्चुलका धीरे धीरे सांस ले रहा था और किसी की हिम्मत नहीं थी उस कमरे में घुसने की ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 4
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (15)
  • 440

जल्दी ही उस बड़े से इन्सान को शिप से सैन फ्रांसिस्को ले जाया गया और एक डॉक्टर्स और रेसेअर्चेर्स की टीम उस प्राणी के इंस्पेक्शन पर लग गयी । ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 3
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (17)
  • 520

20 साल बाद : "रीति सॅटॅलाइट इमेज कुछ शो कर रही है । ज़रूर बर्फ के नीचे कोई बड़ी चीज़ मौजूद है ।" प्रोफ़ेसर पाटिल ने कहा । "यस ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 2
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (21)
  • 579

अगली सुबह रीति 6 बजे ही उठ गयी । "पापा, सुबह हो गयी । उठो ना .... कितनी देर से सो रहे हो ।" रीति ने सोते हुए जनार्दन ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 1
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (25)
  • 703

डिसक्लेमर: यह कहनी पूरी तरह काल्प्निक है, इसका किसी धर्म, जगह, समय या धर्मग्रन्थ से कोई वास्ता नहीं है । इसका कोई एतिहासिक महत्व भी नहीं है । इसका ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-5) - Last
by vandana A dubey Verified icon
  • (10)
  • 276

बीजक यज्ञ शुरु हो गया है. गुप्त यज्ञ है. महाराज मन ही मन मंत्र बुदबुदाते हैं और स्वाहा ज़ोर से बोलते हैं. पति=पत्नी आग में घी की आहुति डालते ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-4)
by vandana A dubey Verified icon
  • (6)
  • 236

लग रहा था जैसे सारा पुण्य , आज उस बुज़ुर्ग महिला के खाते में जमा होने वाला है…. पाप और पुण्य का लेखा-जोखा रखने वाली महिलाओं का जत्था अतृप्त ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-3)
by vandana A dubey Verified icon
  • (4)
  • 219

मन्दिर के चबूतरे पर मजलिस लगाने वाली महिलाओं को नयी जगह मिल गयी थी वो भी सालों से वर्जित स्थान. वर्जित फल खाने का मज़ा ही कुछ और होता ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-2)
by vandana A dubey Verified icon
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  • 403

“ कौन है बे? किससे बातें कर रहा लालू? ““ दो लड़के आये हैं भैया. पूछ रहे महाराज हैं क्या?”“महाराज!!!!! कौन महाराज? जा कह दे यहां कोई महाराज नहीं ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी- (भाग-1)
by vandana A dubey Verified icon
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  • 446

दूर, झुरमुट के बीच में जो खण्डहर दिखाई दे रहा है न, असल में वो खन्डहर नहीं है. पुरानी हवेली है. लेकिन लोग उसे खण्डहर ही कहते हैं. हवेली ...

अप्सरा से शादी
by Shakti S Nahar
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  निकल जाओ रूपा। देवराज इंद्र ने रूपा अप्सरा को श्राप देते हुए कहा। तुम्हारा मन स्वर्ग के कार्यों में नहीं लगता। जाओ आज से तुम पृथ्वी लोक में ...

नीला आईलैंड
by Roshan Jha
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चलिए दोस्तों आज शुरू करते हैं फिर एक रोमांचक सफर और इस कहानी को चालू करते हैं यह कहानी की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध की है मैं रूसी सेना ...