हिंदी किताबें, कहानियाँ व् उपन्यास पढ़ें व् डाऊनलोड करें PDF

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 8
by VIKAS BHANTI
  • (14)
  • 95

और दोनों हवा की तेज़ी से एक दूसरे की तरफ भागे । जोर का धमाका हुआ, ऐसा लगा जैसे दुनिया के दो महान योद्धा एक दूसरे से भिड पड़े ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 7
by VIKAS BHANTI
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  • 112

"सर, एस आई कैन रिकॉल सॅटॅलाइट इमेजेज देयर वास अ लार्जर साइंस बट वी फाउंड अ मैन ओनली कवरिंग 30 फीट ऑफ़ एरिया । सो व्हाट वर अदर अबाउट!" ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 6
by VIKAS BHANTI
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  • 116

हर तरफ यही चर्चा थी कि किन्चुलका मर गया पर रीति जानती थी कि वो इतनी आसानी से नहीं मर सकता । जो लाखों साल तक ज़मीन के नीचे ...

ईर्ष्या ने पाप का भागीदार बना दिया
by Sohail Saifi
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फिर एक दिन अपने संकोच को त्याग कर हिकमिद ने दर्जी से उसकी इन दुर्लभ स्थिति में आने का कारण पूछा तो दर्जी बोलामेरी इन।  स्थितियोंं का कोई एक ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 5
by VIKAS BHANTI
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  • 121

रीति तुरंत रिसर्च सेंटर भागी । कांच के कमरे में बंद किन्चुलका धीरे धीरे सांस ले रहा था और किसी की हिम्मत नहीं थी उस कमरे में घुसने की ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 4
by VIKAS BHANTI
  • (10)
  • 93

जल्दी ही उस बड़े से इन्सान को शिप से सैन फ्रांसिस्को ले जाया गया और एक डॉक्टर्स और रेसेअर्चेर्स की टीम उस प्राणी के इंस्पेक्शन पर लग गयी । ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 3
by VIKAS BHANTI
  • (13)
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20 साल बाद : "रीति सॅटॅलाइट इमेज कुछ शो कर रही है । ज़रूर बर्फ के नीचे कोई बड़ी चीज़ मौजूद है ।" प्रोफ़ेसर पाटिल ने कहा । "यस ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 2
by VIKAS BHANTI
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अगली सुबह रीति 6 बजे ही उठ गयी । "पापा, सुबह हो गयी । उठो ना .... कितनी देर से सो रहे हो ।" रीति ने सोते हुए जनार्दन ...

द टेल ऑफ़ किन्चुलका - पार्ट - 1
by VIKAS BHANTI
  • (18)
  • 200

डिसक्लेमर: यह कहनी पूरी तरह काल्प्निक है, इसका किसी धर्म, जगह, समय या धर्मग्रन्थ से कोई वास्ता नहीं है । इसका कोई एतिहासिक महत्व भी नहीं है । इसका ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-5) - Last
by vandana A dubey
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बीजक यज्ञ शुरु हो गया है. गुप्त यज्ञ है. महाराज मन ही मन मंत्र बुदबुदाते हैं और स्वाहा ज़ोर से बोलते हैं. पति=पत्नी आग में घी की आहुति डालते ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-4)
by vandana A dubey
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  • 50

लग रहा था जैसे सारा पुण्य , आज उस बुज़ुर्ग महिला के खाते में जमा होने वाला है…. पाप और पुण्य का लेखा-जोखा रखने वाली महिलाओं का जत्था अतृप्त ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-3)
by vandana A dubey
  • (3)
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मन्दिर के चबूतरे पर मजलिस लगाने वाली महिलाओं को नयी जगह मिल गयी थी वो भी सालों से वर्जित स्थान. वर्जित फल खाने का मज़ा ही कुछ और होता ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी (भाग-2)
by vandana A dubey
  • (8)
  • 82

“ कौन है बे? किससे बातें कर रहा लालू? ““ दो लड़के आये हैं भैया. पूछ रहे महाराज हैं क्या?”“महाराज!!!!! कौन महाराज? जा कह दे यहां कोई महाराज नहीं ...

शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी- (भाग-1)
by vandana A dubey
  • (7)
  • 92

दूर, झुरमुट के बीच में जो खण्डहर दिखाई दे रहा है न, असल में वो खन्डहर नहीं है. पुरानी हवेली है. लेकिन लोग उसे खण्डहर ही कहते हैं. हवेली ...

अप्सरा से शादी
by Shakti S Nahar
  • (20)
  • 220

  निकल जाओ रूपा। देवराज इंद्र ने रूपा अप्सरा को श्राप देते हुए कहा। तुम्हारा मन स्वर्ग के कार्यों में नहीं लगता। जाओ आज से तुम पृथ्वी लोक में ...

नीला आईलैंड
by Roshan Jha
  • (25)
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चलिए दोस्तों आज शुरू करते हैं फिर एक रोमांचक सफर और इस कहानी को चालू करते हैं यह कहानी की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध की है मैं रूसी सेना ...

एक्स रे बाबा
by VIKAS BHANTI
  • (11)
  • 177

हाथों में ऐ के 56 थामे जंगलों में भटकना ही हमारी ज़िन्दगी थी, हर पल खतरा रहा करता था कि कब किधर से कोई गोली आएगी और हममें से ...

फेसबुक एन्ड वोट्सएप्प
by Ravi Kumar
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#Must_Read ?Heart Touching Story ?एक दिन एक लड़की के पास Facebook पर एक लड़के की friend Request आती है...लड़के की Pic देख कर लड़की उसे Cancel कर देती है क्योँकि लड़के की Pic ...

टाई और धोती
by Neetu Singh Renuka
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वह बालों में तीसरी बार कंघी फेर रही थी, मगर फिर भी संतुष्ट नहीं थी। एक ओर के बाल उसे उठे-उठे लग रहे थे। उसने बालों में लगा छोटा ...

केप्ट्न स्वांग
by Steetlom
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आज भी एक ओर आवकाश यान खोज ने निकला हे एक एसा ग्रह कि जो हमारी धरती (प्रुथ्वी) का स्थान ले सके। हमने विज्ञान मे बहुत प्रगती कर लि ...

मासूम बच्चों का क्या क़सूर
by bhai sahab chouhan
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क्या लिखूँ, क्या बताऊ, कुछ समझ नहीं आताजब नजरें जाती उन मासूम बच्चों परजो पढ़ना तो चाहते हैं पर पढ़ नहीं पातेइन ज़ालिम पैसो कि वजह से..जब देखता हु ...

1 - जब हम शिकार पर गये, 2 - जंगल की शैर
by Neerja Dewedy
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  • 310

                                                ( अ )      ...

मेरी डायरी
by ARYAN Suvada
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हेलो दोस्तो एक बार फिरसे आपके सामने हाजिर हु आपका अपना दोस्त आर्यन । आप सभी से एक सवाल करना चाहता हूं कि क्या समय यात्रा संभव है? तो ...

गलती किसकी?
by Neetu Singh Renuka
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  • 206

उफ्‌ इतनी गर्मी में ट्रेन खड़ी कर दी। आदमी, आदमी की तरह नहीं भेड़-बकरी की तरह ठूँसा पड़ा है, एकदम दम साधे कि अपना-अपना स्टेशन आए और मुक्ति मिले, ...

चितकबरे बैंड का रहस्य - 4
by Sir Arthur Conan Doyle
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उसने अलमारी को थपथपाते हुए पूछा “ इसमें क्या है ?” “मेरे सौतेले पिता के व्यावसायिक कागज़ात ” “इसका मतलब है कि आपने उन्हें अन्दर से देखा है ?” “कुछ साल ...

खानाबदोश ज़िन्दगी
by Neetu Singh Renuka
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पुरानीकॉलोनी के पार्क में वे दोस्तों के साथ खेल रहे थे कि मुझे देख सब छोड़-छाड़, अंजना और अंशु, दौड़कर मुझसे लिपट गए। दोनों को पता है, कुछ न ...

गार्जिलियन का साम्राज्य
by Nikhil chakrani
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  • 720

गार्जिलियन का साम्राज्यइंसानी दुनिया के बीच मैं एक खुशखुशाल ज़िंदगी जी रही और ब्रेकप के गम को भूलनेके लिए अपने आलीशान पैलेस मैं पार्टी कर रही रिवाना अपनी ही ...

कहाँ है इंसानियत ?
by bhai sahab chouhan
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आज सर्दी बहुत थी मैंने सोचा थोड़ा धूप लेकर आता हु. मै बगीचे के पास जाकर बैठ गया बगीचे मे बहुत लोग थे वो भी सर्दी का आंनद ले ...

खाने को नहीं मिला
by Neetu Singh Renuka
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  • 497

दीवार पर स्टाफ सलेक्शन कमीशन द्वारा सालाना जारी इम्तहानों की टेप से चिपकाई लिस्ट थी और उस दीवार से चिपके टेबल पर एक ओर आर.एस. शर्मा, अरिहंत और अग्रवाल ...

रक्षक.... एक जंग प्यार और नफरत की
by Sonu Samadhiya Rasik
  • (86)
  • 1.2k

ठीक उसी रात तकरीबन मध्यरात्रि के बाद कोई व्यक्ति जो अपने घर का रास्ता भटक कर श्मशान घाट के पास बने हुए घर के पास पहुच गया। अंधेरे के ...