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कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 8 - अंतिम भाग
द्वारा Anagha Joglekar
  • 327

मानसरोवर मानसरोवर - देवताओं का सरोवर । बचपन से ही सुनते आई थी कि मानसरोवर देवताओं का सरोवर है । यहाँ देवता स्नान करने आते हैं, शिव शंभू अपनी ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 7
द्वारा Anagha Joglekar
  • 279

परिक्रमा का दूसरा व तीसरा पड़ाव डोलमा ला पास, जुतुलपुक हमारे समूह के अन्य सदस्य रात को डॉरमेट्री में ही रुक गए । सुबह शायद कैलाश का स्वर्णिम शिखर ...

भोर का शहर
द्वारा Medha Jha
  • 306

पछाड़ खाती तीव्र लहरों का काले पत्थरों से टकरा कर लौटना, बीच से एक श्यामल सी मोहक छवि का उभरना और उन्हीं चोट खाती लहरों के बीच से दिखना ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 6
द्वारा Anagha Joglekar
  • 333

परिक्रमा का पहला पड़ाव देरापुक देरापुक में जहाँ हमारी डॉरमेट्री थी... उसके ठीक सामने कैलाश का साउथ फेस था । हम उस डॉरमेट्री में 2 दिन के लिए रुके ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 5
द्वारा Anagha Joglekar
  • 399

अंतिम पड़ाव दारचिन दारचिन पहुँचने से पहले एक जगह पर हमारी बस बदली जानी थी और हमें चीन सरकार द्वारा मुहैया करवाई गयी बस में बैठना था । हम ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 4
द्वारा Anagha Joglekar
  • 456

चौथा पड़ाव सागा अब शुरू हुआ कठिन सफर । समुद्र तल से ऊंचाई क्रमशः बढ़ती जा रही थी और ऑक्सीजन कम होती जा रही थी इसलिए हमें हर रोज ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 3
द्वारा Anagha Joglekar
  • 453

तीसरा पड़ाव शिगात्से अब हमें तिब्बत के ही एक और शहर शिगात्से जाना था। ल्हासा से शिगात्से तक का सफर हमें बस से तय करना था । हम सब ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 2
द्वारा Anagha Joglekar
  • 576

दूसरा पड़ाव ल्हासा ल्हासा का अर्थ होता है - देवताओं की भूमि । ल्हासा सचमुच ही देवताओं की भूमि-सी सुंदर जगह है। यह तिब्बत का एक सुंदर शहर है। ...

कैलाश मानसरोवर - वे अद्भुत अविस्मरणीय 16 दिन - 1
द्वारा Anagha Joglekar
  • 1.4k

वे अद्भुत, अविस्मरणीय 16 दिन लेखिका अनघा जोगलेकर अपनी बात यूँ लगा जैसे मैंने कोई बहुत ही मनोरम स्वप्न देखा हो। पिछले 20 वर्षों से मन में पल रही ...

दास्तां-ए-PARTITION
द्वारा Nitin Mathur
  • 429

बात उस समय की है जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान एक था। उस समय धर्म को सिर्फ किताबो में पढ़ा जाता था। सभी लोग हँसी खुशी रहते थे। सभी त्योहार ...

लंदन टूर की यादें - भाग 3 - अंतिम
द्वारा S Sinha
  • 840

     लंदन  टूर की यादें -  अंतिम भाग 3    एडिनबर्घ और लंदन टू पेरिस ट्रेन यात्रा  .  लंदन से पेरिस लौटने समय मुसीबत के समय एक अजनबी ...

लंदन टूर की यादें - भाग 2
द्वारा S Sinha
  • 678

   लंदन  टूर की यादें -  भाग 2    बस  में  लंदन घूमना और ऑस्ट्रेलियन लड़की से मुलाकात। ....   तीसरा दिन    लंदन के दर्शनीय स्थान घूमने के लिए ...

लंदन टूर की यादें - भाग 1 - पेरिस टू लंदन ट्रेन यात्रा
द्वारा S Sinha
  • 954

                                                लंदन  टूर की यादें -  भाग ...

यात्रा वृतान्त भवभूति पदमावती नगरी
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 945

बाल यात्रा वृतान्त                           महाकवि भवभूति                                                    रामगोपाल भावुक           इन दिनों कालीदास अकादमी उज्जैन एवं ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 22
द्वारा राज बोहरे
  • 660

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 22         Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 22            सुबह आठ बजे हम लोग दतिया से सेंवड़ा की और रवाना हुए। सेवडा यहॉं से 65 किलोमीटर है । ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 21
द्वारा राज बोहरे
  • 441

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 21        Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 21            सोनागिरी गांव में प्रवेश के पहले हैं। इमे एक सरकारी रेस्ट हाउस और अस्पताल दिखाई दिया। गांवके  ...

”स्मृति के झरोखे से-बम्बई“
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 996

”स्मृति के झरोखे से-बम्बई“ समय की गति, प्रकृति के नियम तथा जीवन के संघर्ष मे, नियति के अनौखे खेल है। इनसे कोई अछूता नही रहा हैं। प्रत्येक प्राणी को ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 20
द्वारा राज बोहरे
  • 510

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 20         Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 20           सुबह लॉज मालिक राजा सिंह यादव से पता लगा कि दतिया मध्यप्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला  है। पहले यह ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 19
द्वारा राज बोहरे
  • 492

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 19 Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 19         आध घंटे मे हम दतिया पहॅुच गये। बस स्टेंड से एक रास्ता दतिया नगर के लिए तथा दुसरा रास्ता करणसागर  ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 18
द्वारा राज बोहरे
  • 531

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 18         Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 18  दोपहर के साडे ग्यारह बज चुके थें। ग्वालियर रोड पर  पांचवा किलोमीटर पार करते हमने देखा कि ग्वालियर की झांसी ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 17
द्वारा राज बोहरे
  • 507

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 17         Chanderi-Jhansi-Orchha-gwalior ki sair 17 सुबह बच्चों से पूछा  कि झांसी में क्या देखना चाहेगें  तो एकमत होकर सबने कहा  कि झांसी का किला । ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 16
द्वारा राज बोहरे
  • 543

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 16         Chanderi-Jhansi-Orchha-Gwalior ki sair 16   खजुराहो रोड के ओरछा तिगैला तक आकर हम लोगों  को अब बरूआसागर जाने के लिए खजुराहों छतरपुर धुबेला या ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 15
द्वारा राज बोहरे
  • 558

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 15         Chanderi-Jhansi-Orchha-Gwalior ki sair 15    लगभग दो फंर्लाग चलने के बाद सामने ही हमको बेतवा नदी का पुल दिखाई दिया। लगभग तीन सौ फुट ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 14
द्वारा राज बोहरे
  • 636

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 14         Chanderi-Jhansi-Orchha-Gwalior ki sair 14               राज महल मे हम लोग बारह निकले तो नीचे जहॉंगीर महल में घुस गये। यह महल बराबर ...

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर - 13
द्वारा राज बोहरे
  • 516

चन्देरी-झांसी-ओरछा-ग्वालियर की सैर 13         Chanderi-Jhansi-Orchha-Gwalior ki sair 13               चौराहे पर जाकर हमने एक रेस्टोेरेंट में दाल रोटी चावल का भोजन किया । अब हम रामराजा ...

आलेख - अमेरिका की कुछ दिलचस्प बातें
द्वारा S Sinha
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                           आलेख - अमेरिका की कुछ दिलचस्प  बातें    संयुक्त राज्य अमेरिका ( United  States of  America  ) जिसे हम संक्षेप में अमेरिका कहते हैं कुल क्षेत्रफल और आबादी  ...

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त - 12 - अंतिम भाग
द्वारा रामगोपाल तिवारी
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एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त 12       12 ब्रज चौरासी कोस यात्रा का दर्शन   शास्त्रों में चौरासी लाख यौनियों की बात कही गई है। आदमी ...

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त - 11
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 678

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त 11   11 कुरुक्षेत्र में एकलव्य         पानीपत की जैमनी साहित्य अकादमी से मेरे रत्नावली उपन्यास पर सम्मान का आमंत्रण ...

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त - 10
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 642

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त 10         10 नासिक दर्शन   हमारे भारतीय परिवेश में कुम्भ यात्रा का बड़ा महत्व है। राष्ट्रिय एकता के रूप ...

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त - 9
द्वारा रामगोपाल तिवारी
  • 645

एक पाँव रेल में: यात्रा वृत्तान्त 9   9. मल्लिकार्जुन की पहाड़ियाँ ’   यात्रायें आदमी को आन्तरिक शक्ति का बोध करातीं है। जब जब यात्राओं का प्रोग्राम बनाते ...