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आमची मुम्बई - 44 - Last Part
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई से अगर चॉल शब्द हटा दिया जाए तो मुम्बई की पहचान और इतिहास दोनों ख़त्म हो जाएँगे चॉल मुम्बईकरों की एकजुटता का उदहारण है ...

आमची मुम्बई - 43
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई की अपनी अलग संस्कृति है मुम्बई में हर शख़्स ज़िन्दादिल है वो ज़िन्दग़ी को हर हाल में हँसते-हँसते जीता है चाहे भीड़ भरी ...

रिजर्वेशन की टिकिट
by Ajay Kumar Awasthi
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     कुछ साल पहले हम लोग समूह में अमरनाथ जी की यात्रा के लिए जम्मू जा रहे थे हम सबका रिजर्वेशन था सो अपनी अपनी बर्थ में हम ...

आमची मुम्बई - 42
by Santosh Srivastav verified
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शायद यही वजह है कि मुम्बई की जीवन रेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन चौबीसों घंटे में से कभी भी खाली नहीं मिलती प्रत्येक प्रहर अलग-अलग तरह ...

आमची मुम्बई - 41
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई कभी सोती नहीं उसकी नाइटलाइफ़ के बारे में यही कहा जाता है मुझे याद आ रहाहै ‘मुम्बई रात की बाहों में’ एथेना, लश, ...

एक दिन रेल के सफर में
by Upasna Siag
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मैं एक व्यवसायी या कहिये एक सफल व्यवसायी रहा हूँ। अपने जीवन में बहुत रुपया, नाम, इज्ज़त कमाई है। लेकिन कभी बाहर की दुनिया का भ्रमण ही नहीं कर पाया। अब ...

आमची मुम्बई - 40
by Santosh Srivastav verified
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एक ज़माने में मुम्बई में पारदर्शी मीठे पानी की पाँच प्रमुख नदियाँ बहती थीं उल्हास नदी जहाँ चायना क्रीक में फिल्म वालों के आकर्षण का केन्द्र रही ...

आमची मुम्बई - 39
by Santosh Srivastav verified
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चर्चगेट से विरार तक जाने वाली लोकल ट्रेन मुम्बई की सबसे रोमाँचक यात्रा कराती है इस पर पीक आवर्स में चढ़ना तो दूर दरवाज़े पर लटकने भी ...

आमची मुम्बई - 38
by Santosh Srivastav verified
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जनवरी लगते ही मुम्बई का आकाश और खाड़ियों के किनारे खूबसूरत गुलाबीपंखों वाले समुद्री पक्षी फ्लेमिंगो से भर जाता है मुम्बई में खारे समुद्री पानी की कई ...

रेल का सफर
by Satender_tiwari_brokenwords
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ये कहानी काल्पनिक हैं और इसके किरदार भी काल्पनिक हैं।किरदार -              दो अजनबी दोस्त रिया और अजय।।कहानी ????             पढ़कर ...

आमची मुम्बई - 37
by Santosh Srivastav verified
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प्रकृति ने न केवल सुरम्य तटों की समृद्धि मुम्बई कोदी है बल्कि अरब महासागर के साथ-साथचली गई समुद्र रेखा के सामानांतर पश्चिमी घाट माथेरान, खंडाला, लोनावला, अम्बोली, एम्बीवैली और ...

आमची मुम्बई - 36
by Santosh Srivastav verified
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जब भी वर्ली सी लिंक से गुज़रती हूँ लगता है समँदर मेरा हमसफ़र है नजाने मुझसे कहाँ-कहाँ की सैर करा देता है न जाने कितने ...

आमची मुम्बई - 35
by Santosh Srivastav verified
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बांद्रा रिक्लेमेशन से वर्ली की आधा घंटे की दूरी आठ मिनट से भी कम समय में!! सचमुच यकीन नहीं होता, मगर ये संभव कर दिखाया है बाँद्रा वर्ली सी ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 16 - लास्ट पार्ट
by Ranju Bhatia
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यदि बिरयानी नाम सुनते ही आपको जिस शहर का नाम ध्यान में आता है हैदराबाद तो यह इसके अलावा भी बहुत कुछ है इस शहर के बारे में जिसके ...

आमची मुम्बई - 34
by Santosh Srivastav verified
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वैसे तो मुम्बई जो किसी ज़माने में हरा भरा नदी, सरोवरऔर समँदर को अपने आगोश में समेटे पूरी दुनिया को आकर्षित करता था, अब विकास के जुनून में कंकरीट ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 15
by Ranju Bhatia
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दिल्ली की सुबह जब बारिश से शुरू होती है तो न जाने क्यों मुझे ” माण्डू” बहुत याद आता है । शायद इसलिए कि वहां की बारिश बहुत ही ...

आमची मुम्बई - 33
by Santosh Srivastav verified
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ब्राह्ममुहूर्त में यानी चार बजे से ही भूलेश्वर में फूलों से लदे ट्रक फूलों की दुकानों पर उँडलना शुरू हो जाते हैं हवाओं में भक्तों की आस्थाके ...

आमची मुम्बई - 32
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई में हर त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है होली, दीपवाली, ईद, क्रिसमस, गणेशोत्सव बाज़ारों की सजधज से ही पता लग जाते हैं रथयात्रा जुहू ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 14
by Ranju Bhatia
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महेश्वर इंदौर से सिर्फ ९० किलोमीटर की दूरी पर है, यह मध्य प्रदेश के खरगौन ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी ...

आमची मुम्बई - 31
by Santosh Srivastav verified
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गोरेगाँव पूर्व में एक बहुत बड़ालगभग १६ स्क्वेयरकिलोमीटर तक फैला हरा भरा इलाका है जिसे आरे कॉलोनी से जाना जाता है १९४९ में यहाँ मिल्ककॉलोनी बनी जिसमें ...

सची का बस्ता
by Yayawargi (Divangi Joshi)
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सचि का बस्तामैं वेसे तो एक आम सा बस्ता हूँ पर खास तब बना जब मैं सचि का बस्ता बना…हा मैं ही हूँ सचि का बस्ता मैं ही सबसे ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 13
by Ranju Bhatia
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बंजारा मन कहीं देर तक टिकता नहीं न, जिन्हें घूमने का शौक हो रास्ता निकल ही जाता है, कहीं पढ़ा था, ट्रेवेल के बारे में कि, आप कहाँ पैदा ...

आमची मुम्बई - 30
by Santosh Srivastav verified
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गोरेगाँव में ५२० एकड़ भूमि पर फैली है फिल्म सिटी जिसे ३० अप्रैल २००१ में फिल्मों के जनक दादासाहब फालके चित्रनगरी नाम दियागया है २६ सितंबर १९७७ ...

आमची मुम्बई - 29
by Santosh Srivastav verified
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बदलाव फिल्म स्टूडियो में भी आया है एक ज़माना था जब आउटडोर शूटिंग नहीं के बराबर होती थी ज़्यादा से ज़्यादा शूटिंग हुई भी तो ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 12
by Ranju Bhatia
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श्रीनगर के बारे में सोचते ही यह पंक्ति याद आती है.. गर फ़िरदौस बररू-ए- ज़मीं अस्त हमीं अस्तो हमीं अस्तो हमीं अस्तो यानी अगर धरती पर कहीं स्वर्ग ...

आमची मुम्बई - 28
by Santosh Srivastav verified
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जब जबलपुर में थी तो मुम्बई का मराठा मंदिर सिनेमाघर बहुत आकर्षित करता था मुम्बई सैंट्रल स्टेशन के सामने यह सिनेमाघर सालों साल चलने वाली सुपरहिट फिल्मों ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 11
by Ranju Bhatia
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हिमाचल प्रदेश का नाम लेते हैं शिमला, घूमने का ध्यान आ जाता है, पर शिमला के पास ही और भी बहुत सुन्दर जगह है जहाँ दिल्ली से कुछ दूरी ...

आमची मुम्बई - 27
by Santosh Srivastav verified
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स्पा के इस युग में शायद ही किसी को यकीन होगा कि मुम्बई जैसे महानगर में मुग़ल हमाम भी हुआ करते थे बल्कि थोड़ी सी खोजबीन से उनके आज ...

आमची मुम्बई - 26
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई बड़े दिलवाली है, सुनहले सपनों की खान है सबको अपने मेंसमेट भी लेती है और सपनों को सच करने का रास्ता भी दिखाती है ...

घुमक्कड़ी बंजारा मन की - 10
by Ranju Bhatia
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मुंबई सपनो का शहर माना जाता है, वह सपने जो जागती आँखों से देखे जाते हैं, और बंद पलकों में भी अपनी कशिश जारी रखते हैं. हर शहर को ...