सर्वश्रेष्ठ कविता कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

कविता संग्रह भाग 6th
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 66

???????????????कविता 1st हाँ मुझे पसंद हैं ????????????उसका मुझे देख बार बार मुस्कुरानाबिन कहे ही बहुत कुछ कह जानाहां मुझे पसंद हैउसका बार बार मेरी गली में आनाफिर मेरे घर आकर मुझसे ...

मे और मेरे अह्सास - 21
द्वारा Darshita Babubhai Shah
  • 273

मे और मेरे अह्सास हमारी हल्कि सी नाराजगी से तुम्हारा दिल बैठ जाता है lसोचों ग़र तुम से दूर चले जायेगे तो क्या हाल होगा ll ******************************************* तुम से ...

बाल कविताएं
द्वारा Saurabh kumar Thakur
  • 102

      1) नया जूनून जलवा दिखाना जनवरी में, फ़रमाइश करना फरवरी में, मंजूर करना मार्च में, अँगराई लेना अप्रैल में, मिलने जाना मई में, जुदा होना जून ...

जाग उठा है रे इन्सान
द्वारा Bhavesh Lakhani
  • 354

  ** जाग उठा है रे इन्सान ** जाग उठा है रे इन्सानभगा दे अपने अंदर का शैतानछिपा है तुजमे अखुट ज्ञानयही है तेरी सच्ची पहेचानइसलिए तू है सबसे ...

मे और मेरे अह्सास - 20
द्वारा Darshita Babubhai Shah
  • 261

मे और मेरे अह्सास शब्द के सहारे जी रहा है कवि lकलम के सहारे जी रहा है कवि ll ***************************************** मुशायरों मे वाह वाह क्या हुईं?ग़ज़ल  के सहारे जी ...

गीता के रतन ( कविता संग्रह )
द्वारा Geeta Kaushik Rattan
  • 153

1• कविता----"मोह-जाल"   आज अचानक चली आई फिर, याद तुम्हारी द्वार प्रिये। बिखर पड़ी अश्रुजल धारा, गई क्यूँ हिम्मत हार प्रिये।।   सब भाव जोड़ मन चितवन के, करके ...

कविता संग्रह भाग 5th
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 168

कविता 1st मैं तुझे बदनाम करने से डरता हूँ ??????????तुझे इश्क में बदनाम होने का डर हैमुझे तेरे इश्क में आबाद होने का डर हैतू किसी और कि होना चाहती हैमैं ...

समय का दौर - 7 - अंत
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 150

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                         

मेरी कविता संग्रह भाग 4
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 177

कविता 1st तुम आओ कभी मेरे लिए ????????तुम आओ कभी मेरे लिएसाथ महक गेंदे के फूल की लेकरफिर हम तुम गुप्तगुं करे सात जन्मों कीतुम आओ तो कभी????????तुम आओ कभी मेरे ...

सफर-ए-अल्फाज़
द्वारा Deepak Bundela AryMoulik
  • 312

1.कोई गुज़रे या ना गुज़रे इन आंखों से जो मिरा  अश्क़ गुज़र गया.. !अपना तो इक अश्क़ ही था जो अपनों की याद में कहर गया...!कोई देखें या ना ...

समय का दौर - 6
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 210

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                         

समय का दौर - 5
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 246

काव्य संकलन -                   समय का दौर 5                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                       

मेरी कविता संग्रह भाग 3
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 240

    कविता 1st मिट न सके वो फ़साने??????????मिट न सके वो फसानेरह गई यादेसपनों में कर गई बातेइश्क में सब रह जाते है अफसानेहो जाती हैं मिट्ठी मिट्ठी बातेकरनी ...

समय का दौर - 4
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 336

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                         

दरिंदगी से इंसाफ़...
द्वारा Dear Zindagi
  • (26)
  • 813

दुख दर्द और जख्मी जिस्म ,तड़प रही रूह दुनिया के सामने,जूझ रहा कायनात का हर वक़्त,नन्ही कली को कैद बना रख घर ,बिखरा हुआ हर एक शक्श जहा से,निखर ...

मे और मेरे अह्सास - 19
द्वारा Darshita Babubhai Shah
  • 393

मे और मेरे अह्सास 19 मुहब्बत दर्द भी है और दवा भी देती है lकिसको क्या मिला मुकद्दर की बात है ll ****************************************** दर्द देने वाला मरहम लगाने भी ...

समय का दौर - 3
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 318

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                         सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                        

स्कूल के वो दिन ही अच्छे थे
द्वारा Tarkeshwer Kumar
  • 354

प्रिय दोस्तो, जिंदगी बहुत तेज़ी से अपने मुक़ाम की और दौड़ रहीं हैं। इस छोटी सी जिंदगी में अनेकों पड़ाव आते हैं जिन्हें पार कर के हम आगे बढ़ते ...

समय का दौर - 2
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 414

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                         

मेरी कविता संग्रह भाग 2
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 315

????????????        कविता 1st    कह दूँ उसे या चुप रहूं कह दूँ उसे या चुप रहूंजख्मों को सह लूँ या बांट दू उसेमरहम वो लगाए मुझे या खुदको ...

समय का दौर - 1
द्वारा बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 615

काव्य संकलन -                   समय का दौर                           वेदराम प्रजापति मनमस्त                                                        सम्पर्क  सूत्र.    गायत्री शक्ति                           पीठ रोड़ गुप्ता पुरा डबरा                         

स्त्री
द्वारा Asmita Madhesiya
  • 693

एक स्त्री में बहुत शक्ती होती है,कभी  कभी  बिना गलती के  भी रोती है,समाज     के  तानो से    डरती है,फिर भी  पीछे  ना   हटती  है,एक स्त्री में बहुत ...

मेरी कविता संग्रह भाग 1
द्वारा Prahlad Pk Verma
  • 390

??????????????           अब हम भी इश्क दोबारा करेंगे  उजड़े हुए दिल फिर से बसेंगेहम कभी तो फिर से मोहब्बत करेंगेमाना दिल में जख्म अभी ताजा हैकभी तो ...

उन्हें सूर्य के संघर्षों का कोई क्या महत्व समझाएं
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 510

 केबीएल पांडे के गीत संधि पत्र  अंधकार के साथ जिन्होंने संधि पत्र लिखिए खुशी से उन्हें सूर्य के संघर्षों का कोई क्या महत्व समझाएं मेले संदर्भों पर जीवित यह ...

विज्ञापन की महिला
द्वारा padma sharma
  • 546

विज्ञापन की महिला    चेहरे पर खुशी आँखों में उत्साह मेकअप की कई पर्तों में ढँकी सजी-सँवरी बाहर से हँसती हुई अन्दर से गमगीन पर खिली हुई दीखती हैं   ...

सारांश
द्वारा Bhumika
  • (54)
  • 1.4k

   आप सबने मेरे पहले ग़ज़ल संग्रह "प्रयास" को प्रेमसे पढ़ा इस के लिए आप सबका तहे दिल से शुक्रिया।   "सारांश" ये गज़लें सारांश है मेरे जीवन के कुछ ...

मे और मेरे अह्सास - 18
द्वारा Darshita Babubhai Shah
  • 648

मे और मेरे अह्सास 18 छोड़कर जाने वालो का इन्तजार नहीं करते हैं l  सच्ची मुहब्बत करने वाले कभी नहीं जाते हैं ll ********************************************************* कही कोई करता होगा मेरा ...

खाली मन
द्वारा my star kid
  • 702

"जिंदगी रंगीन होनी चाहिए,ब्लैक एंड व्हाइट तो टीवी भी होते हैं।जिंदगी खुशनुमा होनी चाहिए,गमगीन तो मातम हुआ करते हैं।आज कल घरों में डाइनिंग टेबल तो है,लेकिन साथ में खाना ...

पीढ़ी की पीड़ा बादामी
द्वारा padma sharma
  • 402

  मुझे हतप्रभ छोड बादामी तो एक झटके से बाहर निकल गई लेकिन मैं उसके शब्दों के अर्थ खोजने लगी थी। उसकी बातें दुगने बेग से मेरे विचारों पर ...

स्त्री सशक्तिकरण
द्वारा padma sharma
  • 645

कहानी मॉल   रह-रहकर बच्चे का चेहरा उसकी आँखों के सामने आ रहा था। कैसे वह दुपट्टे को पकड़कर उससे रुकने का आग्रह कर रहा था। उम्र ही क्या ...