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शायरी - 6
द्वारा pradeep Tripathi
  • 134

अब तक मेरा इश्क बहुत छोटा था अब बड़ा होने जा रहा है।पहले वो आशिक था अब बेवफ़ा होने जा रहा है।।वो आइने के पीछे से हर चेहरा पहचानता ...

मैं आधा किसान और आधा मजदूर का बेटा हूँ
द्वारा अमरदीप कुमार
  • 78

मैं एक आधा किसान और आधा मजदूर का बेटा हूँमेरे पिता के पास दो बीघा समतल औरतीन बीघा उबड़-खाबड़ ज़मीन हैइनमें से कुछ चौरहा तो कुछ बटइआ की शर्तों ...

ओ वसंत भाग-१
द्वारा महेश रौतेला
  • 140

ओ वसन्त भाग-११.ओ वसन्त ओ वसन्तमैं फूल बन जाऊँसुगन्ध के लिए,ओ आसमानमैं नक्षत्र बन जाऊँटिमटिमाने के लिए।ओ शिशिरमैं बर्फ बन जाऊँदिन-रात चमकने के लिए,ओ समुद्रमैं लहर बन जाऊँथपेड़ों में बदलने ...

मे और मेरे अह्सास - 5
द्वारा Darshita Babubhai Shah Verified icon
  • 260

मे और मेरे अह्सास (5) आप हम से नजर को मिला लीजिये lजाम नजरो से हमको पीला दीजिये ll कोई काटा चुभने ना पाए पांव मे lफूल ही फूल ...

चल उड़ जा रे उड़ जा पँछी ऊंचे गगन में
द्वारा Dev Borana
  • 184

चल उड़ जा रे उड़ जा पंछी ऊंचे गगन की ओरतुझे परिवार सवारना है तुझे घर बसाना है ,चल उड़ जा गगन की ओर दो तिनको की होड़ में तुझे ...

सिर्फ तुम..
द्वारा Sarita Sharma
  • (14)
  • 558

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ...

ग़ज़ल, शेर - 4
द्वारा Kota Rajdeep
  • 146

अब मुसलसल यादों में आता ही नहींलगता है मुझसे बेवफ़ाई मोड़ ली है।___Rajdeep Kotaरोना धो ना सब सहना सीख गएहम इश्क़ करना किसिसे सीख गए। मेरे दिल ए नाकाम तुम ...

किताब
द्वारा DHRUVIN P_ATEL
  • 210

दुनिया सिर्फ कहती नही जनाब ,वो अक्सर कहती रहती है यहाँ लकड़े कहाँ ;सिर्फ़ लड़कियाँ ही तो सहती रहती है ...हम तुमसे अनजान थे अब तो वो समा ही बेहतर लगता ...

मे और मेरे अह्सास - 4
द्वारा Darshita Babubhai Shah Verified icon
  • 298

मे और मेरे अह्सास (4) सफर मे चल पड़े है lयकी है हमे पहचानमिल ही जाएगी ll *** गर तू वादा करता है lकि तू ताउम्र खुश रहेगा lतेरे ...

शहर सी जिंदगी यू ही भागने में निकलती थी
द्वारा Dev Borana
  • 182

सपनों में सोया था एक नए सवेरे के लिएसपने भी आये थे अपने लिए सुबह उठना भी था क्योंकि नॉकरी पर जाना थायोग भी करना था क्योंकि स्वास्थ्य की चिंता ...

ग़ज़ल, शेर - 3
द्वारा Kota Rajdeep
  • 146

मिले तो होगी फ़िर वोही बात जुदाई किइससे अच्छा हैं ये दिन ऐसे ही बसर होने दें।___Rajdeep Kotaदेर तक रात में करवटें बदलना याद हैंहमें अब तक वो वाकियात ...

ग़ज़ल, शेर - २
द्वारा Kota Rajdeep
  • 252

अब वोही पुराने ज़ख्म ताजियाना क्यों करें।इश्क़ के दरख़्त पे नया आशियाना क्यों करें।___Rajdeep Kotaजब ये लालिमा कालिमा मैं तब्दील हो जाएं।ऐसा न हो की फ़िर मिलना मुश्किल हो ...

गलती तो ये थी कि तुमसे दिल लगाया था....।
द्वारा Akshay jain
  • 252

सोच रहा था कि, दिल लगाकर कोई गलती तो नहीं की मैने,मगर गलती तो ये थी, कि मैंने तुमसे दिल लगाया था।।??दिल तो मैने दिल से ही लगाया था, ...

मौलिक शेर - 3
द्वारा Deepak Bundela AryMoulik
  • 273

ये बिछड़ना भी किस काम का रहा ना हम काम के रहे ना तुम काम के रहे... !------------जब से वो अनजान क्या हुए हम तो बेजान से हो गये... !--------------चलो ये ...

तृष्णा
द्वारा Er Bhargav Joshi બેનામ
  • (25)
  • 426

मेरे हर वजूद को उसने बेरहमी से तोड़ा है,ताउम्र जिसको मैंने बड़े ही प्यार से जोड़ा है।******* ****** ******* ******** *******इश्क हो रहा है उनसे  क्या किया जाए ???रोकें ...

कलम नहीं तलवार चुनूँ मैं - मेरी चार कविता
द्वारा Bhupendra Dongriyal
  • 238

        (1)"तुम मेरे प्यारे हो" ????? सच कहूँ तो न हम तुम्हारे हैं, न तुम हमारे हो । सब कहते जरूरत को देखकर, दुनिया में तुम ...

ग़ज़ल, शेर
द्वारा Kota Rajdeep
  • 360

न था इंतज़ार कीसुका फ़िर भी उम्र भर इंतज़ार में रहें

फिर सुनना मुझे
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 377

अमन बिक रहे हैं अमन बिक रहे हैं , चमन बिक रहे हैं । लाशों से लेकर कपन बिक रहे हैं ।। म्ंत्रियों को देखा है खुले आम बिकते ...

मे और मेरे अह्सास - 3
द्वारा Darshita Babubhai Shah Verified icon
  • (11)
  • 325

मे और मेरे अह्सास (3) अकेले है फिर भी व्यस्त्त रहते हैं lअपने आप मे ही मस्त रहते हैं ll ***** दिल्लगी कर ने आया है वो lजिंदगी मेरी ...

धुँधली तस्वीरें
द्वारा Vinay Tiwari
  • 300

1)ऐसा ज़रूरी नहीं, राह का हर व्यक्ति हँस कर मिलें, कोई गले मिलकर, थोड़ा सा रो दें, और कुछ न कहें। यहाँ पर वो ख़ुशियाँ हर वक़्त क़िस्मत में ...

ख़ामोश प्यार।
द्वारा Nimisha
  • (17)
  • 394

लो समय आ गया बिछड़ने काकर न सके हम कुछ अपनी बात।गई शाम आ गया प्रभात फैली अरूणिम आभा चहुं ओर।    स्वर्णमय हो गया संसारऐसे सुंंदर  अवसर परलो समय ...

ओस की बूंदें - मुक्तक संग्रह
द्वारा Amrita shukla
  • 259

फूल खिला है उस महक से जान लेते हैं।कदमों की आहट से कहाँ अन्जान रहते हैं।जबसे तेरा अक्स दिल में उतर आया है ,आंखें बंद हो तो भी तुम्हें ...

उस बुजुर्ग की दीवाली
द्वारा Tarkeshwer Kumar
  • 289

जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई हैं मृत्यु, पर उससे भी कटु सत्य हैं वृद्धावस्था। एक कविता के माध्यम से मैंने बुज़ुर्गों के प्रति अपने कर्तव्यों को और इस अवस्था ...

में और मेरे अहसास - 2
द्वारा Darshita Babubhai Shah Verified icon
  • 254

में और मेरे अहसास भाग २ खुद को खुद की कबर मे देखता हूं lफिर मे तेरी नजर में देखता हूं ll *** एक लम्हा तो गुजरता नहीं lलोग ...

ख़ामोश लफ्ज़
द्वारा Er Bhargav Joshi બેનામ
  • (48)
  • 520

हादसों से ही हमारी पहचान बनती है,बिना दर्द के छवि कहां आसान बनती है।******* ****** ******* ****** *******उछलता है कोई घाव मुझ में लहर बनकर,पता तो करो किसने दिया ...

बेबस आंखें
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 215

  बेबस आंखें सब कुछ , देखती हैं आंखें - प्रियतम का इंतज़ार करती प्रेमिका को मीनार शिखर पर बांग देते हये पवित्र मौलवी को भीख मांगते , मासूम ...

संकलन
द्वारा Nikita
  • 208

वो चर-चर में है, है वो अचर में भीवो कण-कण में है, है वो गगन में भीवो विधाता है संपूर्ण संसार का,है वो मनुष्य मन में भी??? ।। धन्यवाद ।।परमेश्वर ...

में और मेरे अहसास
द्वारा Darshita Babubhai Shah Verified icon
  • (14)
  • 513

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता ...

मेरी अधूरी प्रेमकहानी
द्वारा Archana Yaduvanshi
  • 259

आँखों से निकलते हैं आँसूजब याद आती है तेरी हर बाततू भूल गया होगा शायदमुझे नहीं भूलती वो रात।वो जिद तेरी कि गर्लफ्रेण्ड बन जाओवो इनकार मेरा कि नहीं ...

महाकाल मेरा
द्वारा Shrimali Meet
  • 356

अब तो तु ही है मनझील मेरीऔर तु ही तो है सहारा मेरा....तेरे सीवा अपनाना कोइ था,ना कोइ है,और अब तो ना ही कोइ रहेगा मेरा....मेरी हर एक मुसीबत ...