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ज्यादा बदलाव चाहोगे तो पीट दिये जाओगे (जुलाई २०१९)
by महेश रौतेला
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जुलाई २०१९१.ज्यादा बदलाव चाहोगे तोपीट दिये जाओगे,अधिक परिवर्तन चाहोगे तोमार दिये जाओगे,बहुत सुधार चाहोगे तोजेल भेज दिये जाओगे!मांगने पर कौरवों नेपाँच गांव भी नहीं दिये थे,और तुम जनता के ...

थोड़े से तो थोड़े से, हम बदले तो है..!
by Akshay Mulchandani
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शायद, हम थोड़े से,  अब बड़े हो गए है..। उसके ऑनलाइन आने की राह, हम आज भी देखते है, जैसे कुछ साल पहले देखा करते थे..! पर थोड़ा सा ...

व्यवधान
by Ajay Amitabh Suman
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एक फूल का मिट जाना हीं उपवन का अवसान नहीं,एक रोध का टिक जाना हीं विच्छेदित अवधान नहीं । जिन्हें चाह है इस जीवन में स्वर्णिम भोर उजाले की,उन ...

तेरा घमंड
by Manjeet Singh Gauhar
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मत कर इतना घमंड , ऐ तू ना-समझ इंसानतेरा घमंड ही एक दिन तुझे हरायेगा ।मेरा बारे में तू सोचना छोड़ देमैं क्या हूँ , ये तुझे वक़्त बतायेगा ...

मैं तो बस इतना चाहूँ
by Ajay Amitabh Suman
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(१)    मैं तो बस इतना चाहूँ   हाँ मैं बस कहना  चाहूँ,हाँ मैं बस लिखना चाहूँ,जो नभ में थल में तारों में,जो सूरज चाँद सितारों में। सागर के अतुलित धारों ...

गजल - वतन पर मिटने का अरमान
by डॉ अनामिकासिन्हा
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                  " गरीब हूँ साहब"         **************************"भीगे हुए अरमान आज रोने को है|मत रोको गरीबी को, पेट के बल ...

राख़
by Ajay Amitabh Suman
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(१)   ये कविता मैंने आदमी की फितरत के बारे में लिखा है . आदमी की फितरत ऐसी है कि इसकी वासना मृत्यु पर्यन्त भी बरकरार रहती है. ये ...

नर या मादा
by Ajay Amitabh Suman
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(१)    माना कि समय के साथ बदलना वक्त की मांग है . पर आधुनिकीकरण और फैशन के नाम पे किसी तरह का पोशाक धारण करना , किसी तरह के ...

भोगमनित्यमेव
by Bhargav Patel
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नश्वर जगत में बसते, मानव का अधिकार । जाना वह भीतर झाँक, नीतिमय सदाचार ॥   मगध राज्य का वह काल कनक । भूप थे जब बिम्बिसार जनक ॥ ...