Poems Stories free PDF Download | Matrubharti

कैसे कहूँ है बेहतर, हिन्दुस्तां हमारा?
by Ajay Amitabh Suman
  • (0)
  • 19

(१)   कैसे कहूँ है बेहतर ,हिन्दुस्तां हमारा?   कह रहे हो तुम ये  , मैं भी करूँ ईशारा,सारे  जहां  से अच्छा , हिन्दुस्तां हमारा। ये ठीक भी बहुत  है, एथलिट सारे जागे ...

स्मृति शेष
by Namita Gupta
  • (5)
  • 45

पिता की अचानक हुई मृत्यु से मैं बहुत व्यथित हो गई । इस झटके को मैं काफी समय तक भूल नहीं पाई । यह सदमा आज भी मुझे सालता ...

बिकी हुई एक कलम
by Damini Yadav
  • (2)
  • 23

1 - ताज़ा ख़बरों का बासीपन 2 - मेरी अमर कलम 3 - एक फ़ालतू से समय में 4 - बिकी हुई एक कलम 5 - यूज़ एंड थ्रो वाला भगवान 6 - आत्ममुग्ध ...

पत्नी महिमा
by Ajay Amitabh Suman
  • (2)
  • 62

(१)   पत्नी महिमा   लाख टके की बात है भाई,सुन  ले काका,सुन ले ताई।बाप बड़ा ना बड़ी है माई, सबसे होती बड़ी लुगाई। जो बीबी के चरण दबाए , भुत ...

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 10
by Manoj kumar shukla
  • (2)
  • 9

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (10) बदलते समीकरण मधु मक्खियों को छेड़ना किसी समय मौत को दावत देना कहा जाता था, और शहद पाने के लिये तो उन्हें आग ...

श्रंगार का सम्मोहन
by Neerja Dewedy
  • (0)
  • 37

            श्रंगार का सम्मोहन       ------------------------                १. प्रथम प्रणय की ऊष्मा. २. ऐ मेरे प्राण बता. ९. (अ) बन्सरी प्रीति की बज रही ...

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 9
by Manoj kumar shukla
  • (1)
  • 14

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (9) फिंगर प्रिंट दौड़ते आ रहे, एक रास्ते के मोड़ पर थानेदार से हवलदार टकराया । जिसे देखते ही थानेदार गुर्राया- क्यों बे,चोर भाग ...