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ब्राह्मण
by Ajay Kumar Awasthi
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मैं ब्राह्मण कुल में जन्म लेकर अपने भाग्य सराहता हूँ क्यों ???1. हिंसा से दूर-- बचपन से मांस, मछली का भक्षण और क्रूरतापूर्वक पशुवध का मंजर देखने से दूर ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 3
by Mohd Arshad Khan
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‘‘अरे मौलाना साहब, कर्तार जी! सब आ जाओ, जल्दी!’’ एक दिन घोष बाबू ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे थे। आवाज़ सुनकर जो जिस हालत में था, वैसा ही निकल भागा। मौलाना ...

भविष्य एक विनाशक अंत हैं
by Sohail Saifi
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प्राचीन काल में वर्तमान की तरह ना तो सुख सुवींधा थी ना ही आज के समान प्रगती और उपलब्धी किन्तु इन सब के बिना भी वो लोग हमारी तुलना ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 2
by Mohd Arshad Khan
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जून की रात थी। हवा ठप थी। गर्मी से हाल-बेहाल हो रहा था। मौलाना रहमत अली दरवाजे़ खडे़ पसीना पोंछ रहे थे। ‘‘ओफ्रफोह! आज की रात तो बड़ी मुश्किल से ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 1
by Mohd Arshad Khan
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हिलमिल मुहल्ले को लोग अजायब घर कहते हैं। इसलिए कि यहाँ जितने घर हैं, उतनी तरह के लोग हैं। अलग पहनावे, अलग खान-पान, अलग संस्कार, अलग बोली-बानी और अलग ...

भय और आडम्बर का प्रचार - मर गया वह पत्थरदिल इंशान
by Lakshmi Narayan Panna
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Part-6पत्थर न पूजने से शायद ही हमारा कोई नुकसान हो लेकिन अगर प्रकृति नष्ट हुई तो हमारा अस्तित्व ही नही रहेगा । मतलब कि ईश्वर का अस्तित्व भी तब ...

छोटी सी कोशिश
by Saroj
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मैडम, मैं इस बच्चे का एडमिशन अपनी क्लास में नहीं कर सकती । तिमाही परीक्षा भी हो चुकी है । चौथी कक्षा में पिछला सिलेबस कवर करवाना कितना मुश्किल ...

मायका और ससुराल
by Roopanjali singh parmar
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रीना की शादी को चार साल हो गए थे, उसका एक बेटा भी था अभय, जो एक साल का था। पति हर्ष और सास करुणा उसे बहुत प्यार करते ...

डॉ दिवाकर
by Ajay Kumar Awasthi
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डॉक्टर दिवाकर अब 80 साल के हो गए हैं पर आज भी अपनी क्लिनिक में 4 घण्टे बैठते हैं। वे बच्चों के डॉक्टर हैं ,उनके स्नेह और ममता भरे ...

मुर्गे की तीसरी टांग
by r k lal
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“मुर्गे की तीसरी टांग” आर 0 के 0 लाल     शहर में कल्लन भाई की दुकान की बड़ी चर्चा है जहां पर चिकन निहारी, लाहौरी मुर्ग छोले, चिकन ...

ट्रेन वाली बच्ची
by Sarvesh Saxena
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जैसे तैसे मैं धीरे धीरे चलती ट्रेन मे भागते भागते एक सज्जन की मदद से चढ़ गया लेकिन ट्रेन मे घुसते ही ये एहसास हुआ कि एक जंग अभी ...

अजातशत्रु
by Ajay Amitabh Suman
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अचानक एक कठोर आवाज ने उसको अंदर तक हिला दिया। अरे मुर्ख अजय , अजातशत्रु बनने पर क्यों तुला है ? अजय को अपने मास्टरजी की बात समझ नहीं ...

ईश्वर तू महान है
by Abhishek Hada
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गाँव की कच्ची सड़क। तेज धूप। दोपहर का समय। तन को झुलसाती गर्म लू। दूर दूर तक किसी छायादार पेड़ का नामोनिशान नही। सड़क के दोनो तरफ कुछ हरी ...

भय और आडम्बर का प्रचार - वर्तमान में जातिभेद
by Lakshmi Narayan Panna
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Part-5Cast discrimination in presentजब मुझे पता चला कि मेरे गाँव के मंदिर में हो भण्डारे के आयोजन की तैयारी के लिए बैठक बुलाई गई । उस बैठक में लोगों ...

सफलता के 30 सूत्र
by Rajesh Kumar
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पहला सूत्र - सफलता किस के लिए?                ◆आप के लिएसफलता आपकी है आपके लिए ही हैं पर सफलता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं।सफलता पाने की प्रबल ...

गाँव वापसी
by Dr pradeep Upadhyay
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  परसाई महाराज ने अभी कुछ समय पहले ही तो गांव छोड़ा था।मैंने स्वयं उन्हें बहुत समझाया था कि - “महाराज पूरी जिन्दगी तो गाँव में ही गुजार दी ...

भय और आडम्बर का प्रचार - पर्यावरण पर खतरा
by Lakshmi Narayan Panna
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वह पेड़ जो हमें जीवनदायक ऑक्सीजन देता है ,  जो हमें आश्रय व भोजन देती है , वह प्रकृति ,  जो हमें दूध व अन्य विभिन्न वस्तुएं देते हैं ...

हाईवे पर सुरक्षा हेतु कुछ उपाय
by Surya Pratap Ball Ji
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नमस्कार मेरा नाम सूर्य प्रताप राजपूत आज मैं हमारे मातृभारती एप्स के जरिए हमारे भारत में बनी सड़कें हाईवे पर बने पुलों पर अचानक होने वाले हादसों को रोकने ...

भय और आडम्बर का प्रचार - अन्धभक्ति का अन्त
by Lakshmi Narayan Panna
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Part-3कि अब माता जी ही कोई चमत्कार करें तो शायद भूख शांत हो । मुझे भी भरोसा था कि लोग कहते हैं कि हमको माता जी की कृपा से ...

गंगा एवं नहर के पुलों पर हादसा ओं को रोकने के लिए कुछ फार्मूले
by Surya Pratap Ball Ji
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 आज हम मातृभूमि ऐप के जरिए हमारे भारत में नंदी के सेतु फूलों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए सबसे अलग सबसे सटीक कुछ ऐसे फॉर्मूले ओ ...

आत्महत्या
by r k lal
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आत्महत्या                     आर 0 के 0 लाल   शहर के  कस्बे में एक मॉर्निंग वॉकर क्लब में रोज सुबह दस बारह लोग मॉर्निंग वॉक के पश्चात इकट्ठा होकर योग ...

भय और आडम्बर का प्रचार - भगवान को चुनौती
by Lakshmi Narayan Panna
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Part-2Chalenge to Godएक मंदिर गया था । उस मंदिर में बहुत भीड़ लगती है। जब मैं प्रसाद चढ़ाने जा रहा था तो देखा , लाइन में मुझसे पहले लगा ...

हमारे देश में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए कुछ उपाय
by Surya Pratap Ball Ji
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नमस्कार आज हम अपने भारत के प्रसिद्ध राज्य उत्तर प्रदेश बेरोजगारी करने के कुछ नई उपाय कुछ नई तकनीकी के बारे में बताएंगे जिससे हमारे देश में बेरोजगारी को ...

सगे-सम्बंधी
by Manjeet Singh Gauhar
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किसी समय में सभी को अपना समझने वाले इस पूरे संसार के लोग अब इतने ज़्यादा मतलबी हो गये हैं कि कुछ कहा नही जा सकता।अब ऐसा समय आ ...

मीठी जुबान अलादीन का चिराग
by Ajay Kumar Awasthi
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अपने बर्ताव से किसी का दिन खराब न करें,,,,           अक्सर देखा गया है कि बहुत से काम सिर्फ इसलिए सफल नहीं हो पाते कि टीम के सद्स्यो के ...

बाल श्रम अपराध को रोकने के कुछ उपाय
by Surya Pratap Ball Ji
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हमारे स्वच्छ भारत आज के समय बाल अपराध को बहुत ज्यादा मात्रा में देखा जाता है हमारे देश के छोटे-छोटे बच्चे अपने घर की परेशानियों के कारण खुद अपने ...

विश्वास
by Rajesh Maheshwari
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विश्वास   मुम्बई की एक बहुमंजिला इमारत में मोहनलाल जी नाम के एक बहुत ही सज्जन व दयालु स्वभाव के व्यक्ति रहते थे। उसी इमारत के पास एक महात्मा ...

एक मोहब्बत ऐसी भी
by Shubham kumar
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उस शाम उसे पहली बार देखा जब वो हमारे सामने वाले घर में अपने घर वालों के साथ रहने आया। मैं बालकनी पर खड़ी थी और वो नीचे ।उससे ...

भय और आडम्बर का प्रचार - मर गया पत्थरदिल इन्शान
by Lakshmi Narayan Panna
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मर गया पत्थर-दिल इन्शान( यह लेख लेखक के जीवन में घटित विभिन्न घटनाओं , लेखक के भीतर व्याप्त भय और भ्रम के विभिन्न दृश्यों को  चित्रत करता है । ...

फैक्ट्री परिसर में कर्मचारियों के लिए सुरक्षा हेतु कुछ उपाय
by Surya Pratap Ball Ji
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आज के इस समय में हमारे भारत के कई राज्यों में इंडस्ट्रियल एरिया फैक्ट्री कंपनियों में हमारे भारत के ही लोग कर्मचारी अपने अपने विभागों में काम करते हैं ...