प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • भूख का फैसला

    भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती...

  • बस में खड़ा हिमालय

    यात्राएँ कभी-कभी जीवन को देखने की दृष्टि बदल देती हैं।मेरी यह यात्रा भी आरंभ में...

  • अधूरापन - 30

    अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और ब...

रिटायरमेंट By Vandna Sharma

रिटायरमेंटप्रताप सिंह आज अपने आंगन में उदास लेटा था।आज उसकी रिटायरमेंट की पहली सुबह थी। जिस सुबह का उसे पिछले तीस साल से इंतजार था, जब वो फाइलों के बोझ से मुक्त होगा, जब कोई बॉस का...

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ZERO TO BILLIONAIRE - 4 By Raju kumar Chaudhary

ZERO TO BILLIONAIREभाग 4: साम्राज्य का सबसे बड़ा दुश्मनलेखक: राजु कुमार चौधरीअध्याय 4  सफलता के पीछे छिपा तूफानआरव की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी थी।जिस लड़के के पास कभी अपनी किताब...

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एक उम्मीद का चमत्कार By kantilal Rathod Badamiya

एक उम्मीद का चमत्कार एक भावुक, प्रेरणादायक और इंसानियत से भरी कहानीउपशीर्षक: “जब इंसान किसी के दर्द का सहारा बनता है, तब ईश्वर की मौजूदगी महसूस होती है।”### प्रस्तावना — चमत्कार ब...

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कुत्रिम बुद्धिमता - 3 By Ramesh Desai

                              :  प्रकरण - 3  :       तैयार होकर हम लोग पहले होटल में खाना खाने गये थे.       पिताजी ने फुल थाली का ऑर्डर दिया था.       आम का मौसम था तो आमरस देखकर...

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कभी धूप, कभी छाँव By Vijay Erry

कभी धूप, कभी छाँवलेखक: विजय शर्मा एरीगाँव के किनारे बसे छोटे-से घर में सुबह की पहली किरणें जब खिड़की से घुसतीं, तो रमेश को लगता था जैसे जीवन खुद आकर मुस्कुरा रहा हो। नीम के पेड़ की...

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घुंघट के पट खोल By Vandna Sharma

कहानी - घूँघट के पट खोलविजय नगर का रेलवे स्टेशन। नाम बड़ा था, पर स्टेशन बहुत छोटा। पूरे दिन में दो ही गाड़ियाँ आती थीं। न चाय की दुकान, न स्टॉल। सन्नाटा इतना कि सीटी की आवाज दूर तक...

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500 रुपये का फटा नोट और वो आखिरी बस By Nisha Choudhary

"बेटा, जब जेब में फूटी कौड़ी न हो और सामने अपनों की उम्मीदें खड़ी हों, तब या तो इंसान हमेशा के लिए टूट जाता है... या फिर अपनी तकदीर खुद लिख देता है!"कहानी:रात के 11 बज रहे थे। दिल्...

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ज़िंदगी का सच By Nisha Choudhary

क्या आपने कभी सोचा है कि जब इंसान अपनी ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव पर खड़ा होता है, तो उसे सबसे ज़्यादा पछतावा किस बात का होता है? गँवाए हुए पैसों का... या छूटे हुए अपनों का?शहर के सबसे...

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आजाद परिंदे By Hakeem Shekh

बिहार…गंगा के किनारे बसे बिहार के एक छोटे से जिले से करीब पैंतीस किलोमीटर दूर एक गाँव था—देवपुरा।नाम भले ही देवपुरा था, लेकिन गाँव की हालत किसी से छिपी नहीं थी।चारों तरफ दूर-दूर तक...

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रोशनी की दस्तक - 3 By Nisha Choudhary

भाग 3: सच्चा ज्ञान और असली धनसोनू के पिता की बात सुनकर चौपाल पर गहरा सन्नाटा छा गया। रघुनाथ जी ने अपनी आँखें नीची कर लीं और कांपती हुई आवाज़ में बोले, "अगर आप लोगों को लगता है कि म...

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कलियुग की अग्निपरीक्षा By Skp divine

कलियुग की अग्निपरीक्षाआज हर इंसान किसी न किसी परीक्षा से गुजर रहा है…कहते हैं कि अग्नि केवल जलाती नहीं, बल्कि सोने को शुद्ध भी करती है।शायद इसी तरह जीवन की कठिनाइयाँ भी इंसान को तो...

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उधारी से बड़ी इंसानियत By kantilal Rathod Badamiya

उधारी से बड़ी इंसानियत“कुछ कर्ज़ पैसों के होते हैं… और कुछ कर्ज़ इंसानियत के।” प्रस्तावनाकभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर खड़ा कर देती है, जहाँ सामने दो रास्ते होते हैं—एक रास्ता कह...

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मेरी मंजिल By Vijay Erry

मेरी मंजिललेखक: विजय शर्मा एरीगाँव की धूल भरी सड़क पर सूरज ढल रहा था। आसमान में लाल-नारंगी रंग फैल गए थे। पंद्रह साल का रवि अपने स्कूल का बैग कंधे पर लटकाए, सिर झुकाए चल रहा था। उस...

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कुछ खास है By Vandna Sharma

कहानी - कुछ खास हैनेहा की ननद रीना आई थी। बस के लंबे सफर के बाद भी रीना इतनी ऊर्जावान, इतनी खुश लग रही थी जैसे अभी पार्लर से आई हो। घर आते ही पूरे घर में रौनक हो गई। नेहा ने खुशी-ख...

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बादल By Vijay Erry

बादल(एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा एरीआकाश कभी खाली नहीं होता।कभी उसमें सूरज चमकता है, कभी चाँद मुस्कुराता है, और कभी बादल छा जाते हैं।लोग बादलों को सिर्फ़ बारिश का...

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वह पर्स By kantilal Rathod Badamiya

शीर्षक: “वह पर्स”कभी-कभी रास्ते में पड़ी चीज़ सिर्फ सामान नहीं होती… किसी की पूरी उम्मीद होती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर सोचते हैं कि इंसानियत के लिए बहुत बड़ा आदमी होना जरूरी है।बह...

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खाली अलमारी का सुकून By Vandna Sharma

रविवार की सुबह थी। दिवाली पास थी, इसलिए कनु ने आज घर की बड़ी सफाई का मन बनाया था। झाड़-पोंछ के बाद उसकी नजर सालों से टाली जा रही उस अलमारी पर पड़ी, जिसका एक दरवाजा ठीक से बंद भी नह...

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छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 15 By Aloka Patel

भाग 15 — आस्था का चमत्कारजानकी के मुँह से निकले शब्दों ने जैसे पूरे कमरे की हवा रोक दी थी।“वह बच्चा आज भी जिंदा है… और वह तुम्हारे परिवार के बहुत करीब है।”राधा और मोहन एक-दूसरे का...

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सफलता जरूर हासिल करें By Naastik Aman Verma

सफलता जरूर हासिल करेंकिसी छोटे-से गाँव के आखिरी छोर पर एक पुराना-सा घर था। घर की दीवारों पर समय की दरारें थीं, छत पर बरसात के निशान थे और आँगन में एक नीम का पेड़ था, जिसकी छाया में...

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एक बूँद ज़िंदगी By kantilal Rathod Badamiya

एक बूँद ज़िंदगीजब रास्ता खत्म हो जाए, तब इंसानियत रास्ता बनाती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर पानी को बहुत छोटी चीज समझ लेते हैं।नल खोला… पानी आया।गिलास भरा… पानी पी लिया।बोतल आधी बची…...

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पहाड़, जंगल और झरने के बीच एक छोटा सा घर By Dharmpal Sroj

बहुत दूर, शहर की भीड़ और शोर से बिल्कुल अलग, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच एक छोटी-सी घाटी थी। उस घाटी के चारों ओर घना जंगल फैला हुआ था। जंगल में देवदार और चीड़ के ऊँचे पेड़ हवा चलने पर...

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चमक के पीछे By kantilal Rathod Badamiya

चमक के पीछेदौलत, विश्वास और इंसानियत की एक भावुक कहानी--- प्रस्तावनाहर इंसान जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।कोई छोटा घर बड़ा करना चाहता है, कोई बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहता...

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भूख का फैसला By kantilal Rathod Badamiya

भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकायह कहानी किसी एक बच्चे की नहीं है।यह कहानी उस भ...

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सादगी बनी मिसाल By Vandna Sharma

सादगीअनु कोई असाधारण नाम नहीं था, और वह खुद भी खुद को असाधारण नहीं मानती थी। वह एक साधारण सी, सुलझे विचारों वाली लड़की थी। उसे सजने-संवरने का शौक नहीं था। उसके लंबे-ढीले सूट, करीने...

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खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं By Anugya Mishra

खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं हम सबने अपने जीवन में परिश्रम किया है, संघर्ष किया है और अपनी क्षमता के अनुसार सफलता, पद, प्रतिष्ठा और सम्मान पाया...

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एक क्लिक By kantilal Rathod Badamiya

एक क्लिककभी-कभी एक छोटी-सी मदद… किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाहम जिस दौर में जी रहे हैं, वहाँ मोबाइल हमारे हाथ में है और इंटरनेट...

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श्याम का हिसाब By kantilal Rathod Badamiya

श्याम का हिसाबजहाँ इंसान का हिसाब खत्म होता है… वहाँ श्याम की कृपा शुरू होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाकहते हैं—जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खाटू वाला...

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बस में खड़ा हिमालय By Shilpy Aggarwal

यात्राएँ कभी-कभी जीवन को देखने की दृष्टि बदल देती हैं।मेरी यह यात्रा भी आरंभ में ऐसी नहीं थी। यह तो बस एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने की साधारण-सी यात्रा थी।इस मार्ग से मेरा पर...

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अधूरापन - 30 By Falguni Dost

अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और बोली, "मम्मी! मुझे भी आपकी तरह ही सब कुछ सीख लेना है। आज मैं बनाऊँगी, आप जैसा-जैसा कहेंगी, मैं वैसा क...

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मेरी पहली किताब By Dharmpal Sroj

जंगल में हाथी से सामना: मेरे जीवन का एक ऐसा दिन जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगायह कहानी मेरे जीवन में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है।भाग 1: जंगल की ओर 15 किलोमीटर का सफर उस दिन की शुरुआत...

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दो किताबों के पन्ने By Nisha Choudhary

: दो किताबों के पन्ने (ग़रीबी से अमीरी का असली सफ़र)शहर के एक नामी स्कूल के बाहर दो लड़के रोज़ मिला करते थे—रोहित और विकास।रोहित गाँव के एक बेहद गरीब परिवार से था। उसके पिता एक छोट...

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दो निवाले सम्मान के By kantilal Rathod Badamiya

“दो निवाले सम्मान के” उपशीर्षककभी-कभी भूख भोजन से नहीं, इंसानियत से मिटती है।--- भूमिकाहम अक्सर घर में भोजन बनाते हैं।परिवार के साथ खाते हैं।त्योहार आते हैं तो तरह-तरह की मिठाइयाँ...

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लंबे समय बाद मिले दोस्त By Vijay Erry

लंबे समय बाद मिले दोस्तलेखक: विजय शर्मा एरीसमय की धारा बहती रहती है। लोग बदलते हैं, शहर बदलते हैं, जिम्मेदारियाँ बदलती हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो दिल के सबसे गहरे कोने म...

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कहानी काशी की... By Daleep kumar

काशी का घर हमारे घर से काफी दूर सामने ऊंची पहाड़ी पर है ।काशी सुंदर नौजवान तो था ही सुना था काशी बहुत ही समझदार भी था।साथ साथ वह एक मिलनसार व्यक्ति भी था।काशी दर्जी का काम करता था।...

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Physicology Of Money Review By Ashish

Morgan Housel की The Psychology of Money  review  The Psychology of Money — मुख्य बातें1. पैसे का खेल गणित से ज्यादा व्यवहार का हैपैसे के मामले में केवल IQ या financial knowledge क...

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उपहार By Vijay Erry

उपहारलेखक: विजय शर्मा एरीज़िंदगी में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो महँगी दुकानों में नहीं मिलतीं। वे न तो सोने-चाँदी से बनती हैं, न ही चमकदार पैकेट में आती हैं। वे दिल से निकलती हैं औ...

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थोड़ा साथ और By kantilal Rathod Badamiya

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल गए।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाज़िंदगी में हम सबके पास एक सप...

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किस्मत का एक पन्ना By kantilal Rathod Badamiya

किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति खुद क्रूर नहीं होती…बस जीवन के कुछ ऐ...

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एक फरिश्ता By Vijay Erry

एक फरिश्तालेखक: विजय शर्मा एरीशहर की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आस-पास के दर्द को देखना भी भूल जाते हैं। दिल्ली के एक पुराने मोहल्ले में, जहाँ गल...

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संघर्ष अभी जारी है By Vandna Sharma

संघर्ष अभी जारी है...खुशबू दो दिन से अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव की घड़ी नजदीक थी, पर जटिलताएं बढ़ती जा रही थीं। दर्द की लहरें उसके शरीर को तोड़ रही थीं, चेहरा पीला पड़ गया था। रात...

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चार दिन की शान। By kantilal Rathod Badamiya

चार दिन की शान।एक बेटे की ज़िद… और एक परिवार की कीमत️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाआज के समय में मोबाइल केवल जरूरत नहीं रहा।कई युवाओं के लिए वह पहचान बन गया है।क...

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रिटायरमेंट By Vandna Sharma

रिटायरमेंटप्रताप सिंह आज अपने आंगन में उदास लेटा था।आज उसकी रिटायरमेंट की पहली सुबह थी। जिस सुबह का उसे पिछले तीस साल से इंतजार था, जब वो फाइलों के बोझ से मुक्त होगा, जब कोई बॉस का...

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ZERO TO BILLIONAIRE - 4 By Raju kumar Chaudhary

ZERO TO BILLIONAIREभाग 4: साम्राज्य का सबसे बड़ा दुश्मनलेखक: राजु कुमार चौधरीअध्याय 4  सफलता के पीछे छिपा तूफानआरव की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी थी।जिस लड़के के पास कभी अपनी किताब...

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एक उम्मीद का चमत्कार By kantilal Rathod Badamiya

एक उम्मीद का चमत्कार एक भावुक, प्रेरणादायक और इंसानियत से भरी कहानीउपशीर्षक: “जब इंसान किसी के दर्द का सहारा बनता है, तब ईश्वर की मौजूदगी महसूस होती है।”### प्रस्तावना — चमत्कार ब...

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कुत्रिम बुद्धिमता - 3 By Ramesh Desai

                              :  प्रकरण - 3  :       तैयार होकर हम लोग पहले होटल में खाना खाने गये थे.       पिताजी ने फुल थाली का ऑर्डर दिया था.       आम का मौसम था तो आमरस देखकर...

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कभी धूप, कभी छाँव By Vijay Erry

कभी धूप, कभी छाँवलेखक: विजय शर्मा एरीगाँव के किनारे बसे छोटे-से घर में सुबह की पहली किरणें जब खिड़की से घुसतीं, तो रमेश को लगता था जैसे जीवन खुद आकर मुस्कुरा रहा हो। नीम के पेड़ की...

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घुंघट के पट खोल By Vandna Sharma

कहानी - घूँघट के पट खोलविजय नगर का रेलवे स्टेशन। नाम बड़ा था, पर स्टेशन बहुत छोटा। पूरे दिन में दो ही गाड़ियाँ आती थीं। न चाय की दुकान, न स्टॉल। सन्नाटा इतना कि सीटी की आवाज दूर तक...

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500 रुपये का फटा नोट और वो आखिरी बस By Nisha Choudhary

"बेटा, जब जेब में फूटी कौड़ी न हो और सामने अपनों की उम्मीदें खड़ी हों, तब या तो इंसान हमेशा के लिए टूट जाता है... या फिर अपनी तकदीर खुद लिख देता है!"कहानी:रात के 11 बज रहे थे। दिल्...

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ज़िंदगी का सच By Nisha Choudhary

क्या आपने कभी सोचा है कि जब इंसान अपनी ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव पर खड़ा होता है, तो उसे सबसे ज़्यादा पछतावा किस बात का होता है? गँवाए हुए पैसों का... या छूटे हुए अपनों का?शहर के सबसे...

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आजाद परिंदे By Hakeem Shekh

बिहार…गंगा के किनारे बसे बिहार के एक छोटे से जिले से करीब पैंतीस किलोमीटर दूर एक गाँव था—देवपुरा।नाम भले ही देवपुरा था, लेकिन गाँव की हालत किसी से छिपी नहीं थी।चारों तरफ दूर-दूर तक...

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रोशनी की दस्तक - 3 By Nisha Choudhary

भाग 3: सच्चा ज्ञान और असली धनसोनू के पिता की बात सुनकर चौपाल पर गहरा सन्नाटा छा गया। रघुनाथ जी ने अपनी आँखें नीची कर लीं और कांपती हुई आवाज़ में बोले, "अगर आप लोगों को लगता है कि म...

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कलियुग की अग्निपरीक्षा By Skp divine

कलियुग की अग्निपरीक्षाआज हर इंसान किसी न किसी परीक्षा से गुजर रहा है…कहते हैं कि अग्नि केवल जलाती नहीं, बल्कि सोने को शुद्ध भी करती है।शायद इसी तरह जीवन की कठिनाइयाँ भी इंसान को तो...

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उधारी से बड़ी इंसानियत By kantilal Rathod Badamiya

उधारी से बड़ी इंसानियत“कुछ कर्ज़ पैसों के होते हैं… और कुछ कर्ज़ इंसानियत के।” प्रस्तावनाकभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर खड़ा कर देती है, जहाँ सामने दो रास्ते होते हैं—एक रास्ता कह...

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मेरी मंजिल By Vijay Erry

मेरी मंजिललेखक: विजय शर्मा एरीगाँव की धूल भरी सड़क पर सूरज ढल रहा था। आसमान में लाल-नारंगी रंग फैल गए थे। पंद्रह साल का रवि अपने स्कूल का बैग कंधे पर लटकाए, सिर झुकाए चल रहा था। उस...

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कुछ खास है By Vandna Sharma

कहानी - कुछ खास हैनेहा की ननद रीना आई थी। बस के लंबे सफर के बाद भी रीना इतनी ऊर्जावान, इतनी खुश लग रही थी जैसे अभी पार्लर से आई हो। घर आते ही पूरे घर में रौनक हो गई। नेहा ने खुशी-ख...

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बादल By Vijay Erry

बादल(एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा एरीआकाश कभी खाली नहीं होता।कभी उसमें सूरज चमकता है, कभी चाँद मुस्कुराता है, और कभी बादल छा जाते हैं।लोग बादलों को सिर्फ़ बारिश का...

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वह पर्स By kantilal Rathod Badamiya

शीर्षक: “वह पर्स”कभी-कभी रास्ते में पड़ी चीज़ सिर्फ सामान नहीं होती… किसी की पूरी उम्मीद होती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर सोचते हैं कि इंसानियत के लिए बहुत बड़ा आदमी होना जरूरी है।बह...

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खाली अलमारी का सुकून By Vandna Sharma

रविवार की सुबह थी। दिवाली पास थी, इसलिए कनु ने आज घर की बड़ी सफाई का मन बनाया था। झाड़-पोंछ के बाद उसकी नजर सालों से टाली जा रही उस अलमारी पर पड़ी, जिसका एक दरवाजा ठीक से बंद भी नह...

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छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 15 By Aloka Patel

भाग 15 — आस्था का चमत्कारजानकी के मुँह से निकले शब्दों ने जैसे पूरे कमरे की हवा रोक दी थी।“वह बच्चा आज भी जिंदा है… और वह तुम्हारे परिवार के बहुत करीब है।”राधा और मोहन एक-दूसरे का...

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सफलता जरूर हासिल करें By Naastik Aman Verma

सफलता जरूर हासिल करेंकिसी छोटे-से गाँव के आखिरी छोर पर एक पुराना-सा घर था। घर की दीवारों पर समय की दरारें थीं, छत पर बरसात के निशान थे और आँगन में एक नीम का पेड़ था, जिसकी छाया में...

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एक बूँद ज़िंदगी By kantilal Rathod Badamiya

एक बूँद ज़िंदगीजब रास्ता खत्म हो जाए, तब इंसानियत रास्ता बनाती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर पानी को बहुत छोटी चीज समझ लेते हैं।नल खोला… पानी आया।गिलास भरा… पानी पी लिया।बोतल आधी बची…...

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पहाड़, जंगल और झरने के बीच एक छोटा सा घर By Dharmpal Sroj

बहुत दूर, शहर की भीड़ और शोर से बिल्कुल अलग, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच एक छोटी-सी घाटी थी। उस घाटी के चारों ओर घना जंगल फैला हुआ था। जंगल में देवदार और चीड़ के ऊँचे पेड़ हवा चलने पर...

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चमक के पीछे By kantilal Rathod Badamiya

चमक के पीछेदौलत, विश्वास और इंसानियत की एक भावुक कहानी--- प्रस्तावनाहर इंसान जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।कोई छोटा घर बड़ा करना चाहता है, कोई बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहता...

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भूख का फैसला By kantilal Rathod Badamiya

भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकायह कहानी किसी एक बच्चे की नहीं है।यह कहानी उस भ...

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सादगी बनी मिसाल By Vandna Sharma

सादगीअनु कोई असाधारण नाम नहीं था, और वह खुद भी खुद को असाधारण नहीं मानती थी। वह एक साधारण सी, सुलझे विचारों वाली लड़की थी। उसे सजने-संवरने का शौक नहीं था। उसके लंबे-ढीले सूट, करीने...

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खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं By Anugya Mishra

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एक क्लिक By kantilal Rathod Badamiya

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श्याम का हिसाब By kantilal Rathod Badamiya

श्याम का हिसाबजहाँ इंसान का हिसाब खत्म होता है… वहाँ श्याम की कृपा शुरू होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाकहते हैं—जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खाटू वाला...

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बस में खड़ा हिमालय By Shilpy Aggarwal

यात्राएँ कभी-कभी जीवन को देखने की दृष्टि बदल देती हैं।मेरी यह यात्रा भी आरंभ में ऐसी नहीं थी। यह तो बस एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने की साधारण-सी यात्रा थी।इस मार्ग से मेरा पर...

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अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और बोली, "मम्मी! मुझे भी आपकी तरह ही सब कुछ सीख लेना है। आज मैं बनाऊँगी, आप जैसा-जैसा कहेंगी, मैं वैसा क...

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मेरी पहली किताब By Dharmpal Sroj

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दो किताबों के पन्ने By Nisha Choudhary

: दो किताबों के पन्ने (ग़रीबी से अमीरी का असली सफ़र)शहर के एक नामी स्कूल के बाहर दो लड़के रोज़ मिला करते थे—रोहित और विकास।रोहित गाँव के एक बेहद गरीब परिवार से था। उसके पिता एक छोट...

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दो निवाले सम्मान के By kantilal Rathod Badamiya

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लंबे समय बाद मिले दोस्त By Vijay Erry

लंबे समय बाद मिले दोस्तलेखक: विजय शर्मा एरीसमय की धारा बहती रहती है। लोग बदलते हैं, शहर बदलते हैं, जिम्मेदारियाँ बदलती हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो दिल के सबसे गहरे कोने म...

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कहानी काशी की... By Daleep kumar

काशी का घर हमारे घर से काफी दूर सामने ऊंची पहाड़ी पर है ।काशी सुंदर नौजवान तो था ही सुना था काशी बहुत ही समझदार भी था।साथ साथ वह एक मिलनसार व्यक्ति भी था।काशी दर्जी का काम करता था।...

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उपहार By Vijay Erry

उपहारलेखक: विजय शर्मा एरीज़िंदगी में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो महँगी दुकानों में नहीं मिलतीं। वे न तो सोने-चाँदी से बनती हैं, न ही चमकदार पैकेट में आती हैं। वे दिल से निकलती हैं औ...

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थोड़ा साथ और By kantilal Rathod Badamiya

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल गए।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाज़िंदगी में हम सबके पास एक सप...

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किस्मत का एक पन्ना By kantilal Rathod Badamiya

किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति खुद क्रूर नहीं होती…बस जीवन के कुछ ऐ...

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एक फरिश्ता By Vijay Erry

एक फरिश्तालेखक: विजय शर्मा एरीशहर की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आस-पास के दर्द को देखना भी भूल जाते हैं। दिल्ली के एक पुराने मोहल्ले में, जहाँ गल...

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संघर्ष अभी जारी है By Vandna Sharma

संघर्ष अभी जारी है...खुशबू दो दिन से अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव की घड़ी नजदीक थी, पर जटिलताएं बढ़ती जा रही थीं। दर्द की लहरें उसके शरीर को तोड़ रही थीं, चेहरा पीला पड़ गया था। रात...

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चार दिन की शान। By kantilal Rathod Badamiya

चार दिन की शान।एक बेटे की ज़िद… और एक परिवार की कीमत️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाआज के समय में मोबाइल केवल जरूरत नहीं रहा।कई युवाओं के लिए वह पहचान बन गया है।क...

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