सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

समाधान
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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                                            समाधान          रागिनी एक संभ्रांत परिवार की पढी लिखी, सुंदर एवं सुशील लडकी थी। उसका विवाह एक कुलीन परिवार के लडके राजीव के साथ संपन्न हुआ था। ...

चेहरे पर चेहरा
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
  • 198

चेहरे पर चेहरा   रामसिंह नाम का एक व्यक्ति था, वह पेशे से डाक्टर था। वह बहुत से लोगों को नौकरी पर रखे था। उसने यह प्रचारित किया था ...

मृत्यु-बोध
द्वारा Bhupendra Kumar Dave
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मृत्यु-बोध मैं पहली बार श्मशान गया था। अन्त्येष्ठि मेरे मित्र की थी इसलिये खालीपन का कसैला स्वाद रह-रहकर मस्तिष्क अनुभव कर रहा था। मेरे इर्द-गिर्द सभी चेहरे मुझे सहमे ...

जहाँ चाह वहाँ राह
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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                     जहाँ चाह वहाँ राह    डा. अंजली शुक्ला (61 वर्ष) अर्थशास्त्र की प्राध्यापक है। वे दुर्भाग्य से 2014 में कैंसर से पीडित हो गई थी परंतु अपने आत्मबल, ...

अचानक
द्वारा Pranava Bharti Verified icon
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      अचानक  --------------          उसने सीढ़ियां चढ़ते हुए एक लंबी साँस खींची थी ,पता नहीं ---शायद थक गई थी या फिर आदत पड़ गई ...

19 साल का वो हैकर और कंप्यूटर प्रोग्रामर
द्वारा Mrityunjay Singh
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यूपी के चंदौली जिले के औरैया गांव में 21 साल पहले किसान योगेंद्र सिंह के घर पैदा हुए बेटे मृत्युंजय सिंह के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं ...

जन्म या मृत्यु
द्वारा Chaya Agarwal
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कहानी - जन्म या मृत्युउस रात कड़ाके की ठंड थी। दूर-दूर तक कोहरा पसरा हुआ था।वाचमैन भी कंम्बल में दुबका था। एक तो ठंड की हद उस पर अमावस ...

अकल्पित
द्वारा श्रुत कीर्ति अग्रवाल
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अाने को तो वह गाँव आ गये थे, पर मन बिल्कुल झल्लाया हुआ था । अक्सर वो इस बात का लेखा जोखा करते रहे हैं कि माँ बाप का ...

प्रगति की आधारशिला - संघर्ष
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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  प्रगति की आधारषिला - संघर्ष                                              म.प्र. के महाधिवक्ता श्री राजेंद्र तिवारी (83 वर्ष) विधि के क्षेत्र में एक चिरपरिचित व्यक्तित्व तो हैं ही साथ ही दर्शन, इतिहास ...

मन के हारे हार - मन के जीते जीत 
द्वारा JYOTI PRAKASH RAI
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ईश्वर की कृपा से अगर आपका शरीर क्रियाशील है तो फिर आपको यह कभी नहीं सोचना चाहिए की यह कार्य बहुत कठिन है अथवा यह मुझसे नहीं होगा। आधुनिक ...

इंसानियत
द्वारा Rajesh Kumar
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यह प्रसंग मेरे बाल्यकाल की एक सच्ची घटना पर आधारित है। मैं दसवीं कक्षा में पढ़ता था। मैंने उत्तरप्रदेश पॉलिटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन किया था। मैं घर ...

अंदाज
द्वारा Vinay Panwar Verified icon
  • (11)
  • 282

                        अंदाज                       *******           "अपनी ...

प्रभु कृपा
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
  • 174

प्रभु कृपा                                                                                                                म.प्र. के जाने माने शल्य चिकित्सक डा. ओ.पी. मिश्रा (94 वर्ष) जबलपुर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा विभाग में विभागाध्यक्ष

देस बिराना - 32 - अंतिम भाग
द्वारा Suraj Prakash Verified icon
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देस बिराना किस्त बत्तीस तीन दिन तो हमने आपस में ढंग से बात भी नहीं की थी। सिर्फ चौंतीस दिन की सैक्सफुल और सक्सैसफुल लाइफ थी मेरी और मैं ...

देस बिराना - 31
द्वारा Suraj Prakash Verified icon
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देस बिराना किस्सा इकतीस मेरा वहां यह तीसरा दिन था। ये तीनों दिन वहां मैंने एक मेहमान की तरह काटे थे। जब घर के मालिक की हालत ही मेहमान ...

विद्यादान
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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विद्यादान               परिधि एक संभ्रांत परिवार की पुत्रवधू थी। वह प्रतिदिन अपने आस-पास के गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाती थी। उसकी कक्षा में तीन चार दिन पहले ही ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 49 - अंतिम भाग
द्वारा Dr Vinita Rahurikar Verified icon
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एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-49 परम ने तनु को बताया नहीं था कि वह आ रहा है। वहाँ पहुँचकर वह उसे सरप्राईज देना चाहता था। तभी ...

उड़ान
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
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"मैडम...! लीजिए मिठाई खाइए" मेरे सामने नसरीन खड़ी थी.. गर्वित चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक लिए.."अरे बेटा..तुम! आओ कैसी हो? कहाँ हो आजकल?" उसे इतना खुश देखकर मैं पाँच ...

देस बिराना - 30
द्वारा Suraj Prakash Verified icon
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देस बिराना किस्त तीस हॉस्टल में हमारा यह तीसरा दिन था। आखिरी दिन। बड़ी मुश्किल से हमें एक और दिन की मोहलत मिल पायी थी। इतना ज़रूर हो गया ...

आगे बढ़ो और बढ़ते ही जाओ
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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आगे बढ़ो और बढ़ते ही जाओ   सुप्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सतीशचंद्र दत्त (85 वर्ष) फौजदारी मामलों के विशेषज्ञ है। उन्होंने सन् 1953 में वकालत का पेशा अपनाया था ...

देस बिराना - 29
द्वारा Suraj Prakash Verified icon
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देस बिराना किस्त उन्तीस उन्हीं दिनों हमारे ही पड़ोस के एक लड़के की पोस्टिंग उसके ऑफिस की लंदन शाखा में हुई। जाने से पहले वह मेरे पास आया था ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 48
द्वारा Dr Vinita Rahurikar Verified icon
  • (12)
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एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-48 ''न.... नहीं यहाँ कोई तहखाना नहीं है।" अकरम हड़बड़ा कर बोला। ''अबे तू तो यहाँ किसी के होने से भी इनकार ...

अंतिम डगर
द्वारा Nikunj Patel
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अंतिम डगर मुश्केली सभी को होती है पर हस्ते मुश्कुराते इससे लड़ने की हिम्मत सबके पास नहीं होती. कुछ लोग हार मान लेते है और खुद को अकेला और कमजोर ...

फ़ितरत मासूम सी
द्वारा Bhavna Jadav
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हररोज की तरह रोजमरा की जिंदगी चल रही थी । एक दिन कुछ हल्की सी चिलचिलाहत सुनाई द मेरे आँगन के पास सुबह उठकर मने देखा तो मेरे घर ...

देस बिराना - 28
द्वारा Suraj Prakash Verified icon
  • 322

देस बिराना किस्त अठाइस धीरे धीरे अंधेरे में उनकी आवाज उभरती है। - मेरा घर का नाम निक्की है। तुम भी मुझे इस नाम से बुला सकते हो। जब ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 47
द्वारा Dr Vinita Rahurikar Verified icon
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  • 502

एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-47 भारी घुसपैठ के चलते एरिया में हाई अलर्ट लग गया था। सबकी छुट्टियाँ कैंसिल हो गयी थीं। अगले पन्द्रह दिनों में ...

मृत्यु - जीवन का अंतिम और परम सखा
द्वारा Rajesh Maheshwari Verified icon
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मृत्यु - जीवन का अंतिम और परम सखा   आचार्य कृष्णकांत चतुर्वेदी (81 वर्ष )  हिंदी एवं संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान तथा साहित्य के क्षेत्र में दैदीप्यमान नक्षत्र है। ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 46
द्वारा Dr Vinita Rahurikar Verified icon
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एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-46 दूसरे दिन सुबह उठकर परम ऑफिस गया। दो दिन की लगातार गोलीबारी से और भागदौड़ से उसका सिर अभी तक चकरा ...

गुरु की चालाकी
द्वारा Monty Khandelwal
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ये एक वास्तविक घटना हे? आज सुबह से ही क्लास में मस्ती हो रही थी| क्यूंकि आज सिर्फ पूरी स्कूल में 2 ही टीचर थे | तो क्लास में ...

रहस्य - 2
द्वारा अमिता वात्य
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तभी गुस्से मे पापा की कही बात अचानक दिमाग मे आकर अटक गई "15साल से इसे अपनी आँखों के सामने झेल रहा था , तुमसे बरदाश्त नही हुआ जो ...