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लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई By Std Maurya

​लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई और युवाओं की पुकार​— सत्येंद्र कुमार "एस.टी.डी. मौर्य" कटनी मध्य प्रदेश ​क्या आप जानते हैं कि देश में क्या चल रहा है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? हम...

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Fake Boyfriend real Feelings By Mawaskar Pratigya

झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...

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कालू की पहाड़ी By RAAHULL SHARMA

अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...

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सजा.....बिना कसूर की By Soni shakya

प्रिया पाठको,,

यह एक सामाजिक कहानी है ।

जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है ।

अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ??

....... .......

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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कोन्निचिवा: माय देसी लव By Kajal Soam

गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादें
दृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह का समय
टोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और...

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बारह बरश का इंतज़ार By kusum kumari

कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े झुमके, माथे पे बिंदी, खुले बाल जो कमर तक थे, हाथों में चूड़ियाँ ! वो खुद को देख ही रही थी ज...

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इश्क. By om prakash Jain

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...

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मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं By Std Maurya

हमारा समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रूढ़िवादिता और अंधविश्वास का खौफ इस कदर फैल गया है कि लोग इससे बाहर निकलना ही नहीं चाहते। मैं देखता हूँ कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी...

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पिता और अन्य कहानियाँ By Anil Kundal

सेठ रत्नाकर अपने समय के धनाढ्य व्यक्तियों में से थे। अच्छा खासा नाम था उनका। सब कुछ घर मे था, नौकर चाकर घर जायदाद घोड़े गाड़ियों के अंबार! और प्रभु महादेव जी की अपार कृपा थी कि किस...

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....... .......

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