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जीतेशकान्त पाण्डेय- ‘अपना आकाश’ और ‘आंच’ की समीक्षा इंडिया टुडे पत्रिका में भी छ...
: : प्रकरण - 60 : : उस के पहले मैंने " नैन...
261 Jamiil musamman saalim mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ila...
जोगी नीचे चला गया था बाइक निकालने। वर्षा ने जल्दी-जल्दी सामान समेटा। एक बार कमरे...
स्याही… नाम जितना सादा था, उसकी कहानी उतनी ही गहरी थी। वह उन लोगों में से थी जो...
अग्नि-परीक्षा और स्वाभिमानकुल-देवता की अग्नि और एक और परीक्षाहवन शुरू हुआ। "स्वा...
चलो दूर कहीं... मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbe...
शहद की गुड़िया - प्रकरण 12 " दादू! रोज ओफिस ब...
माँ-बेटी के पवित्र और भावुक रिश्ते पर यह कहानी आपकी रूह को झकझोर देगी:अधूरी लोरी...
Part 6नीलवंती ग्रंथ – भारत की सबसे रहस्यमयी और श्रापित किताबभारत की प्राचीन धरती...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी अचानक मेरी कलम की नोक (निब) टूट गई। वह मुझसे कहने लगी— "तुम अभी नादान हो। जितनी मोहब्बत सुनने में अच्छी लगती है,...
नैना और आरव की शादी को पाँच साल हो चुके थे। बाहर से देखने पर उनका रिश्ता बिल्कुल परफेक्ट लगता था — बड़ा घर, अच्छी नौकरी, मुस्कुराते चेहरे… लेकिन उस घर की दीवारें जानती थीं कि वहा...
वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...
अब मान भी जाओ राधे ...!! राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...
(1) लाइक एंड कॉमेंट्स रात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का हृदय गति रुकने से देहांत हो गया। उनका बड़ा बेटा शंकरलाल गाँव से सैकड़ों मील दूर एक शहर में अफसर था। छोटे बेटे भोल...
तीस साल की दिव्या, श्वेत साड़ी में लिपटी एक ऐसी लड़की, जिसके कदमों में घुंघरू थे, पर कंधों पर सालों से एक अदृश्य बोझ। घर में उसका नाम अब एक गाली की तरह बोला जाता। सुबह सात बजे...
आश्रम में प्रातःकालीन ध्यान-धारणा के बाद जब सूर्य की पहली किरणें जिनालय के श्वेत संगमरमर पर पड़तीं, तब पंच-परमेष्ठी की पूजा आरंभ होती। घंटियों की मधुर ध्वनि, दीपों जा प्रज्ज्वलन, फ...
बरसों पहले की बात है। गंगा किनारे बसे छोटे से गाँव नवग्राम में एक लड़का रहता था – नाम था अर्जुन। उम्र मुश्किल से पंद्रह–सोलह वर्ष, लेकिन चेहरे पर मासूमियत और आँखों में अजीब-सी गहरा...
घु मेरा गहरा मित्र था, वह एक सॉफ़्ट बेयर इन्जीनियर था ।हम दोनो ने मुरादाबाद जैसे महानगर के प्रसिध्द महा विद्यालय" हिन्दू कालिज" में एक साथ ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त ली थी।...
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