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माँ सरस्वती की कथा – ज्ञान की देवी का अवतरण प्राचीन काल की बात है। जब सृष्टि का...
लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विच...
नम आँखे पार्ट- २अभिनव की माँ हसते हुए। लड...
"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यह...
[ 10. नेहरू का वैश्विक नजरिया, जिसने भारत को नुकसान पहुँचाया ]भूल-106 नेहरू का...
भाग – 12गाँव की मिट्टीआज सृष्टि के पैरों कोपहले जैसी नहीं लगी।न डर था,न...
तेरी मेरी कहानी दादी की जुबानीदादी दादी हाँ बच्चो आओं खेलो और मैंने तुम्हारे लिय...
एपिसोड 5: नई आग के सुरनई सुबह की उम्मीदसूरज की पहली किरणें दरभंगा के स्टेशन इलाक...
शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉ...
भाग 1: बचपन की शुरुआतमेरा नाम आदित्य है। मैं हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे म...
प्रतिज्ञा और पुराना घर भविष्य की चकाचौंध और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शहर की ऊँची इमारतों के बीच, सिया का मन अशांत था। वह एक माहिर गेमर था, लेकिन आज उसके सामने ज़िंदगी का सबसे कठि...
पुणे,महाराष्ट्र, इंडिया।।।।।। सनशाइन कैफे,, कैफे के अंदर बहुत सारे लोग मौजूद थे,,क्योंकि अभी दोपहर का वक्त हुआ था,,वहीं कैफे में कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे,,वहीं कुछ स्टूड...
यह कहानी काल्पनिक है। इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई समानता मिलती है तो वह मात्र एक संयोग है।" वर्ष 2004एक आदमी...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी. ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिडकियाँ, गाडियों का लगातार शोर, और बीच- बीच में समुद्र की आवाज. उसी समुद्र किनारे खडी थी आयरा मेहता. उस...
शाम के 5.30 बज रहे थे, रीना ऑफिस में काम खतम करके बाहर सड़क किनारे इंतजार करते रहती है, तभी अक्षय अपनी ऑल्टो कार उसके सामने ला कर खड़ा कर देता है । रीना अक्षय की गर्ल फ्रेंड ह...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी। ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिड़कियाँ, गाड़ियों का लगातार शोर, और बीच-बीच में समुद्र की आवाज़। उसी समुद्र किनारे खड़ी थी आयरा मे...
सागरपुर नाम का शहर, जो न तो पूरी तरह गाँव था और न ही पूरी तरह महानगर। यहाँ न तो मेट्रो की गूंज थी और न ही ऊँची-ऊँची इमारतों की चकाचौंध। लेकिन यहाँ के लोग अपनी ज़िंदगी जीने के लिए स...
अहमदाबाद के थलतेज इलाके में स्थित एक शानदार कॉफी शॉप। 28 मार्च, 2015 की शाम का समय। अभिमन्यु सिंह अपनी बिजनेस मीटिंग खत्म करके बाहर निकल रहा था। 45 साल की उम्र में भी उसकी शख्सियत...
गाँव के किनारे खड़ी पुरानी हवेली को लोग “खामोश हवेली” कहते थे। दशकों से वहाँ कोई नहीं रहता था। दीवारों पर उगी काई, टूटी खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखकर लगता था मानो हवेली साँस ले रह...
रात का सन्नाटा था। पूरा जंगल ठंडी हवा और झींगुरों की आवाज़ से गूँज रहा था। गहरी अंधेरी घाटी के बीचोंबीच एक गुफा में जंगल का राजा – एक शक्तिशाली इच्छाधारी शेर – अपने परिवार के साथ र...
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