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कशिशबालों को समेटती हुई l पल्लू से पसीना पहुंचती हुईl मंद मंद मुस्कुराहट के साथ...
भाग-3 : दादी माँ का आशीर्वाद और झूठा दिखावासूरज की पहली किरणें पर्दों से होते हु...
⭐ एपिसोड 65 — “किस्मत का दर्पण और मरता हुआ सत्य”कहानी — अधूरी किताबकमरा धुएँ और...
: : प्रकरण - 27 : : उस का नाम संगीता था. वह ब...
ब्लैक फॉर्मल ड्रेस में सजी हुई, आँखों पर ब्लैक गॉगल्स लगाए, अर्शित रॉय—शहर का जा...
कुंवारी माँलेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव के बाहर पीपल के नीचे बैठी वह अक्सर दूर तक...
दिसंबर की वह सुबह कड़ाके की ठंड लेकर आई थी। शिमला की पहाड़ियों पर बर्फ की सफेद च...
भूल-105 अक्षम लोगों और चापलूसों को आगे बढ़ाना “दासता व्यक्ति को इतना नीचे गिरा दे...
कानून और न्याय एक प्रोफेसर अपनी कक्षा शुरू करने से पहले एक छात्रा से उसका नाम पू...
कहानी का नाम: मायाजाल (The Professional Brides) "मीठी बातों का ज़हर और लालच का फं...
प्रतिज्ञा और पुराना घर भविष्य की चकाचौंध और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शहर की ऊँची इमारतों के बीच, सिया का मन अशांत था। वह एक माहिर गेमर था, लेकिन आज उसके सामने ज़िंदगी का सबसे कठि...
यह कहानी काल्पनिक है। इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई समानता मिलती है तो वह मात्र एक संयोग है।" वर्ष 2004एक आदमी...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी. ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिडकियाँ, गाडियों का लगातार शोर, और बीच- बीच में समुद्र की आवाज. उसी समुद्र किनारे खडी थी आयरा मेहता. उस...
शाम के 5.30 बज रहे थे, रीना ऑफिस में काम खतम करके बाहर सड़क किनारे इंतजार करते रहती है, तभी अक्षय अपनी ऑल्टो कार उसके सामने ला कर खड़ा कर देता है । रीना अक्षय की गर्ल फ्रेंड ह...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी। ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिड़कियाँ, गाड़ियों का लगातार शोर, और बीच-बीच में समुद्र की आवाज़। उसी समुद्र किनारे खड़ी थी आयरा मे...
सागरपुर नाम का शहर, जो न तो पूरी तरह गाँव था और न ही पूरी तरह महानगर। यहाँ न तो मेट्रो की गूंज थी और न ही ऊँची-ऊँची इमारतों की चकाचौंध। लेकिन यहाँ के लोग अपनी ज़िंदगी जीने के लिए स...
अहमदाबाद के थलतेज इलाके में स्थित एक शानदार कॉफी शॉप। 28 मार्च, 2015 की शाम का समय। अभिमन्यु सिंह अपनी बिजनेस मीटिंग खत्म करके बाहर निकल रहा था। 45 साल की उम्र में भी उसकी शख्सियत...
गाँव के किनारे खड़ी पुरानी हवेली को लोग “खामोश हवेली” कहते थे। दशकों से वहाँ कोई नहीं रहता था। दीवारों पर उगी काई, टूटी खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखकर लगता था मानो हवेली साँस ले रह...
रात का सन्नाटा था। पूरा जंगल ठंडी हवा और झींगुरों की आवाज़ से गूँज रहा था। गहरी अंधेरी घाटी के बीचोंबीच एक गुफा में जंगल का राजा – एक शक्तिशाली इच्छाधारी शेर – अपने परिवार के साथ र...
कुछ सच इतने गहरे, इतने रहस्यमयी होते हैं कि ज़िन्दगी की सारी परतें उधेड़ कर रख देते हैं। ऐसी ही एक सच्चाई छुपी है एक लड़की – तन्वी – की आँखों में। बचपन की एक घटना ने उसकी किस्मत बद...
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