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प्रिया सार्थक की बात सुन के ...—देखिए हमे सीधी तरीके से बता दीजिए आप श्री से आज...
"क्या कमियाँ और तंज आपको रोक रहे हैं? पढ़िए राघव की यह संघर्षपूर्ण कहानी, जो सिख...
हॉल में हुई उस गंभीर चर्चा के बाद अयान ने बिना एक पल गंवाए अपनी सर्द और पैनी नजर...
दिन बीतते जा रहे थे…घर में अब बच्चे की मौजूदगी ने सब कुछ बदल दिया था। वो छोटा सा...
श्रेया घोषाल भारत की उच्च निंदा गई गांव में से एक है जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत ट...
---------------चारू जल्दी से अपार्टमेंट मे आ जाती है। उसकी धडकने तेज थी। गीले बा...
EPISODE 4 सौभाग्याची शपथ सौभाग्याची शपथ मालिकेचं सुरुवाती गाण Soft romantic mus...
अहमदाबाद के चर्चे अहमदाबाद में बिताये उन दिनों को भुलाना बड़ा मुश्किल...
---*डॉक्टर और सीईओ - भाग 2: बोर्डरूम का तूफान*अनन्या के केबिन में नया नेमप्लेट ल...
अगस्त माह का अंतिम दिन था। तापमान भले ही कम था, पर उमस बहुत थी। चौरे से लगे आंगन...
इतना घना कि सूरज की सुनहरी किरणें भी ज़मीन तक पहुँचने से पहले ही थककर बिखर जाती थीं। यहाँ रोशनी का प्रवेश वर्जित था। पत्तों की अनगिनत परतें ऊपर से नीचे तक ऐसे एक-दूसरे में गुथी हुई...
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ................ नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कु...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...
अयोध्या नगरी... एक ऐसी नगरी जिसके नाम का मतलब ही था, जिसे कोई युद्ध में जीत न सके। सरयू नदी के किनारे बसी इस सुंदर और भव्य नगरी में हर तरफ खुशहाली थी। ऊंचे-ऊंचे महल थे, चौड़ी सड़के...
आचार्य गंधर्व ने करीब १९ साल के युवा राजकुमार के हाथ मे तलवार थमाते हुए अपने ऊपर प्रहार करने का आदेश दिया। वो युवा था यज्वपाल राजघराने का सदस्य, तनिष्क यज्वपाल जो सामने खड़े आचार्य...
रात का समय था… रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी ऐसी कि रेत के कण उड़-...
साल 1540 की एक ठंडी सुबह। अरावली की ऊँची पहाड़ियों के बीच स्थित कुंभलगढ़ किला अपने विशाल द्वारों और मजबूत दीवारों के साथ एक नए इतिहास का साक्षी बनने वाला था। किले के भीतर हलचल थी,...
22 जनवरी2024 इतिहास के पन्ने में दर्ज एक तारीख ही नही है।सनातन के पुनर्जागरण के श्री गणेश का दिन भी है।और राम के14 वर्ष के वनवास से लौटने के बाद त्रेता युग मे दिवाली मनाई गई थी।कल...
भागते हुए सुरेश गांव का सूरज ढल चुका था। सुरेश अपने कदमों की आवाज़ सुनते हुए भाग रहा था। हर मोड़ पर डर और मौत की परछाई—पुलिस उसके पीछे, और गांव वालों का गुस्सा लगातार पीछा कर...
कहानी है आद्या की—एक साधारण लड़की, जिसका तिलक वनधरा की नाग रक्षिका के रूप में हुआ। नागों और मानवों से भी अधिक शक्तिशाली, आद्या अपनी शक्तियों को भूलकर प्रवेश करती है नागलोक, नागधरा...
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