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भीड़ में अकेली By Alok Mishra

संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँची इमारतों की खिड़कियों में एक-एक करके रोशनियाँ बुझ रही थीं। सड़क पर वाहनों का शोर अब थककर धीमा पड़ चुका था। हवा में हल्की नमी थी और बालकन...

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राहें By shiromani mathur

एक कर्तव्य ऐसा भी

स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व
तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा स्वामी आश्रम तीर्थयात्रियों
व भक्तों के ठहरने व खा...

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Her Silent Secret By Sonam Brijwasi

विराट का आलीशान घर – सुबह

रसोईघर में

संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली -
अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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Devil की दास्तान By Sonam Brijwasi

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।
धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है।
करण धीरे-धीरे एक...

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ठुकराईन नयना देवी By Vandna Sharma

हरियाणा के एक छोटे से गांव में नयना देवी रहती थी। गांव वाले उसे नयना कहकर बुलाते थे। नयना बहुत सुंदर थी, लेकिन स्वभाव से अक्खड़ और साफ दिल की थी। उसकी शादी पास के ही गांव में सुरेश...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... By Tripti Singh

ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है अगर इस कहानी या इसके किसी भी पात्र से आपको भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाती हैं तो मैं क्षम...

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कुंवारी कन्या By nirala ji

दूर कही एक सुनसान घना जंगल था। जहां चारों तरफ एक खामोशी छाई हुई थी उस जंगल में कोई भी जानवर आने से डरता था उसी जंगल के बीच से होकर उदयपुर तक जाने का एक रास्ता था दिन को तो लोग उस र...

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कर्मजली कोख... By kalpita

कलावती हॉस्पिटल के लेबर रूम में प्रसव पीड़ा को चुपचाप सहन कर रही थी रेशमा…
ना कोई चीख, ना चित्कार…
बस चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी।
पीला पड़ा चेहरा और सफेद होती आँखें किसी और ही...

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पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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त्रिशा... By palvisha

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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भीड़ में अकेली By Alok Mishra

संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँची इमारतों की खिड़कियों में एक-एक करके रोशनियाँ बुझ रही थीं। सड़क पर वाहनों का शोर अब थककर धीमा पड़ चुका था। हवा में हल्की नमी थी और बालकन...

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राहें By shiromani mathur

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स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व
तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा स्वामी आश्रम तीर्थयात्रियों
व भक्तों के ठहरने व खा...

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Her Silent Secret By Sonam Brijwasi

विराट का आलीशान घर – सुबह

रसोईघर में

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अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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Devil की दास्तान By Sonam Brijwasi

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।
धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है।
करण धीरे-धीरे एक...

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ठुकराईन नयना देवी By Vandna Sharma

हरियाणा के एक छोटे से गांव में नयना देवी रहती थी। गांव वाले उसे नयना कहकर बुलाते थे। नयना बहुत सुंदर थी, लेकिन स्वभाव से अक्खड़ और साफ दिल की थी। उसकी शादी पास के ही गांव में सुरेश...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... By Tripti Singh

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कुंवारी कन्या By nirala ji

दूर कही एक सुनसान घना जंगल था। जहां चारों तरफ एक खामोशी छाई हुई थी उस जंगल में कोई भी जानवर आने से डरता था उसी जंगल के बीच से होकर उदयपुर तक जाने का एक रास्ता था दिन को तो लोग उस र...

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बस चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी।
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पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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