The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
महत्वपूर्ण सूचनादोस्तों, आप इस हॉरर स्टोरी को यहाँ मातृभारती App पर पढ़ सकते हैं...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ 13 1. अपना परायाहमारी शादी को छह माह से भी अध...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 14 1. नैतिक जिम्मेदारी"भाई साहब, निर्मला ये...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ 15 1. एमर्जेंसी ड्यूटीयह इत्तफ़ाक ही था कि जिस...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 161. सीसीटीवी कैमरा"सेठ जी, मैं देख रहा हूँ...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 171. फर्क तो पड़ता है दौड़ते-भागते शर्मा जी...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 181. परिवार के लिएपिछले कुछ दिनों से बड़े बा...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 191. क्वालिटी टाइम "दादा जी, आज जबकि संयु...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 201. रिश्तों की खिचड़ी"माँ-बाबू जी तो अब रह...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ 211. सम्मान से सम्मानराजेश जी की बचपन से ही ब...
"नमस्कार दोस्तों! स्वागत है, आप सभी का "मातृभारती" के एक बेहद अनोखे और आपके होश उड़ा देने वाले सफ़र में।मैं हूँ, आपका दोस्त..."धर्मेंद्र कुमार"......अपने यात्रा...
रात के लगभग दो बजे डॉक्टर कपिल के दरवाजे को जोर-जोर से खटखटाने की आवाज़ आई। कपिल और उसकी पत्नी रूपा दोनों ही नींद से जागकर उठ बैठे। रूपा ने कहा, " कपिल, मुझे डर लग रहा है। इतनी...
मुंबई... सपनों की नगरी... एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं। जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है। इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...
शाम के लगभग सात बज रहे थे। सूरज पहाड़ियों के पीछे छिप चुका था और गाँव के चारों ओर अँधेरा धीरे-धीरे फैल रहा था। हवा में हल्की ठंडक थी और दूर जंगल से झींगुरों की आवाजें लगातार सुनाई...
हिमालय की ऊँची चोटियों पर सूरज की पहली किरणें बर्फ को सुनहरा बना रही थीं। ठंडी हवा के तेज़ झोंके चेहरे को चीरते हुए गुजर रहे थे। Nhgghhfgh आर्यन ने अपने बैग की पट्टी कसते हुए कहा...
रात का समय था। 30 साल का गैंगस्टर अर्जुन पाँच साल बाद अपनी पुरानी सिटी लौट रहा था। उसने इन पाँच सालों में बहुत कुछ देखा था—दुश्मनी, भागदौड़ और छुपकर जीना। अब वह अपने घर वापस जाना च...
धड़ाम! जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extinguisher) कबीर के सिर पर आ लगा, जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। दुनिया में जैसे अंधेरा छा गया और उसकी आँ...
वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की नशे में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्...
एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को देखकर कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्...
एक घाटी में पथरीली धारा के किनारे, काले कपड़े पहने एक युवक ने एक काले रंग का भृंग पकड़ रखा था, जिस पर धातु जैसी चमक थी और जो देखने में केकड़े और हरक्यूलिस भृंग के मिश्रण जैसा लग रह...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser