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लेखांक – १ मुंबई से रात को निकली बस की ये सवारी सुबह की पहली किरन के साथ अपने आखरी मुकाम तक पहुच चुकी थी  शहर की भीड़ में बसने अपनी रफ़्तार कम कर ली थी ...और पढ़े

भाग – २ सूरजने सालो बाद अपने कोलेज आया | वे अपनी उम्मीदे लेकर और सालो बाद सबसे मिल पायेगा वो सोचकर जल्दी सबसे मिलाना चाहता था... मगर सूरज नहीं जानता था की अब उनकी जिन्दगी बदल चुकी है.... ...और पढ़े

भाग – ३ सूरजने सालो बाद उनका पहला कदम कोलेज के अंदर रखा | काफी छोटा था जब वो इस कोलेज में पहलीबार आया था, आज फिर उन्हें वो दिन याद आये | उसवक्त दादाजी उसे यहाँ ले के ...और पढ़े

भाग – ४ सूरज अब अपने काम में खो गया | कोलेज में कुछ कुछ छात्र आ रहे थे, वे सूरज को देख रहे थे मगर वो कोई पियानो ठीक करनेवाला होगा ऐसा सोच के अपने अपने क्लास की ...और पढ़े

भाग – ५ सूरज की आँखे विश्वास नही कर पाई की ये आवाज उनकी हो सकती है ? सूरज उनकी ओर देख के  हैरान हो गया...!! सूरज को लगा की उनकी आँखोंमें जो आजतक प्यार ही प्यार था वहा ...और पढ़े

भाग – ६ सूरज सुनने को बेताब था की कोलेज की ऐसी हालत किसने की...? मगर दादाजी कुछ देर तक चुप रहे तो सूरज को दादाजी की खामोशी बैचेन करने लगी, उससे रहा न गया इसलिए वो बोला, ‘ ...और पढ़े

भाग – ७ सूरज और दादाजी दोनोंने ऊपर बालकनीमेंसे देखा तो कोलेज के नीचे बगीचेमे  कुछ गुंडे लड़कीओ को परेशान कर रहे थे, सूरजने तुरंत ऊपरसे ही छलांग लगाईं और जहा ये लोग खड़े थे उस बिच पहुँच गया ...और पढ़े

भाग – ८  करीब छ घंटे पहले सूरज जब कोलेज आया था तो सालो के बाद फिर अपनो से मिलने और अपनी जिन्दगी सजाने के सपने उसके दिलमे उछल रहे थे, मगर अभी वो अपनी सारी उम्मीदे छोड़कर और ...और पढ़े

भाग – ९ गुलाबजामुन का नाम लेते ही छोटू के चहेरे पर अलग सी मुश्कुराहट छा गई थी | वो कुछ कहने ही वाला था तभी सामने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने की व्हिसल बजी तो उसने अपनी बात ...और पढ़े

भाग – १० सूरज जब गुलाबजामुन से मिलकर निकला तो कई सारे सवाल खड़े हो गए थे | गुलाब जामुन से वो पहले कभी मिला नही था, बदमाशो से भी वे कभी मिला नहीं फिरभी इतने सालो बाद ये ...और पढ़े

भाग – ११ अब तक आपने देखा की.... सूरज को फुटपाथ से नई जिन्दगी देनेवाले उनके दादाजी दीनानाथ भी उनसे नफ़रत करने लगे थे | संगीत की विश्व की प्रतियोगितामे फर्स्ट होने के बाद उनको ड्रग्स सप्लाय में पाच ...और पढ़े

भाग – १२ अब तक आपने देखा की.... सूरज को फुटपाथ से नई जिन्दगी देनेवाले उनके दादाजी दीनानाथ भी उनसे नफ़रत करने लगे थे | संगीत की विश्व की प्रतियोगितामे फर्स्ट होने के बाद उनको ड्रग्स सप्लाय में पाच ...और पढ़े

भाग – १३ छोटू के चहेरे पर खुशिया झलक रही थी | उसने दो तीन बार पैसे गिन भी लिए | उसकी खुशी का कारन ये था की आज उन्हें अच्छे पैसे मिले थे | पैसे ज्यादा मिलते ही ...और पढ़े

भाग – १४ सूरज कल सुबह कितनी उम्मीदे लेकर आया था... मगर आज तो उनकी सारी उम्मीदे टूट चुकी थी प्यार और अपनापन पाने की ख्वाहिश में वो कई साल के बाद वापस आया था मगर उन्हें ...और पढ़े

भाग – १५ जैसे जैसे गुलाबो के मुह से लब्स निकलते गए  वैसे वैसे सूरज सच्चाई को समजमें आई | गुलाबो कह रही थी, ‘ देख सूरज, ये पुलिस इन्स्पेक्टर सही में कोई पुलिस वुलिस नहीं है, वो भी ...और पढ़े

भाग – १६ इधर गुलाबो चिंता में थी की सूरज का क्या हुआ होगा ? जब से बच्चू की गेंग का आदमी मारा गया तो इसके लिए वो कुछ न कुछ तो जरुर करेगा | उधर सूरज उस लड़की ...और पढ़े

भाग – १७ सरगम कोलेज गई तो उसके टेबल पर एक लिफाफा आया हुआ था | सरगमने खोला और पढ़ा तो पता चला की इस साल उस ही देश के  शहरमें विश्व की सबसे बड़ी  संगीत प्रतियोगिता होनी वाली ...और पढ़े

भाग – १८ उस रात के हादसे से बच्चू के  आदमी की जान चली गई थी इसलिए सूरज शहर से कुछ दिन दूर ही रहा | बच्चू और उसके गूँडे लड़की को कही से भी खोज निकालेंगे और उसके ...और पढ़े

भाग – १९ गुलाबो के घर से निकलते ही सूरज अनवर का चहेरा देख चूका था    ‘तो ये है अनवर....! और गुलाबो मुझे इनसे दूर रहने के लिए चेतावनी दे रही थी ’ सूरज की आँखे ...और पढ़े

भाग – २० ‘सालो बाद मिले तो भी किस हालत में....? सरगम को मिलने की तो दूर कुछ मिनीटो के लिए उसे देख भी नहीं पाया था... और पुलिस से वो बाते भी कर रही थी... शायद उसे छोटू ...और पढ़े

भाग – २१ ‘मुझे हमारे सारे दोस्तों के नंबर चाहिए |’ सूरजने सरगम से अपने सारे दोस्त के नंबर मंगवाए और वो क्लास की ओर जाने लगा | ‘तूम उधर कहाँ जा रहे हो ?’ सरगमने सूरज को कोलेज ...और पढ़े

भाग – २२ सूरज कोलेज से दूर निकल गया था और उसके पास सभी दोस्तों के नंबर थे | सूरज अब उनसे बात करने के लिये बेताब था | सूरज सबके नाम और नंबर देख रहा था उसकी आँखे ...और पढ़े