InkImagination लिखित उपन्यास तेरहवा द्वार

तेरहवा द्वार द्वारा  InkImagination in Hindi Novels
भाग 1शापित हवेलीरात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की...
तेरहवा द्वार द्वारा  InkImagination in Hindi Novels
भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे कोई नहीं था।सि...
तेरहवा द्वार द्वारा  InkImagination in Hindi Novels
भाग 3बंद कमरा“अब तुम वापस नहीं जा सकते…”कैमरे की स्क्रीन पर लिखे वो शब्द देखकर आरव के हाथ सुन्न पड़ गए।बारिश लगातार तेज़...
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भाग 4दीवारों का सच“उसने अपने बच्चे को अभी तक नहीं छोड़ा…”आरव की आँखें उस portrait पर जमी रह गईं।हवा अचानक और ठंडी हो गई...
तेरहवा द्वार द्वारा  InkImagination in Hindi Novels
भाग 5तहखाने का दरवाज़ा“अगर तुम ये पढ़ रहे हो… तो समझ लो — वो तुम्हें चुन चुकी है।”आरव के हाथ काँप उठे।डायरी के पन्नों से...