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आत्मकथ्य   आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर हमारा युवावर्ग दिग्भ्रमित होकर अपनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों को भूलता जा रहा है। आज नारी को सिर्फ विषय भोग की वस्तु समझा जाने लगा है। आज की नारी भी ...और पढ़े

इसी बीच गेस्ट हाउस के रसोइये ने आकर बताया कि साहब रात के 11 बज चुके हैं आप लोगो का भोजन तैयार हैं। आप लोगों को रात में यही रूकना पडेगा क्योंकि बारिश की वजह से नदी उफान पर ...और पढ़े

राकेश हस्त रेखा का विशेषज्ञ है और वह हाथों की रेखाएँ देखकर सब कुछ बता देता है। आनंद ने ऐसा ही किया। अवंतिका ने आनंद से उसे अपने घर आने का अनुरोध किया। यह जानकारी प्राप्त होने पर मैं ...और पढ़े

आनंद ने कहा कि आज के जमाने में रूपया ही सबसे महत्वपूर्ण हो गया है। मैं तुम दोनो को ऐसी बात बताता हूँ कि तुम्हें विश्वास नही होगा परंतु यह पूर्णतः सत्य है। हमारे आफिस में एक विवाहित महिला ...और पढ़े

आनंद कहता है कि मुझे एक लड़की नेहा नाम की मिली जिससे परिचय एक वकील ने कराया था वह किसी केस के सिलसिले में उससे मिलने आती थी। एक दिन मैं एक रेस्टारेंट में दोपहर के भोजन के लिए ...और पढ़े

गौरव ने आंनद से पूछा कि कहो तो एक और मजेदार घटना बता सकता हूँ। आनंद बोला जल्दी बताओ परंतु घटना ऐसी होनी चाहिए जिसमें हास्य और रोमांच दोनो हों। गौरव ने कहा कि बताता हूँ। यह बात पिछले ...और पढ़े

इसके बाद राकेश ने कहा कि अभी कुछ माह पहले ही मेरे पास रात में दस बजे के आसपास एक लडकी रमनदीप का फोन आया उसने कहा कि सर मैं बहुत तकलीफ में हूँ, मेरे पेट में तीन चार ...और पढ़े

उसकी कविता सुनकर और उसकी साहित्यिक अभिरूचि के लिए मैंने उसकी प्रशंसा करते हुए उसे प्रोत्साहित किया। एक दिन हम लोग शहर के एक प्रसिद्ध रेस्टारेंट में बैठे थे। राजलक्ष्मी ने चर्चा के दौरान बताया कि अगले माह उसे ...और पढ़े

अब राकेश ऐसा कोई भी मौका नही छोडता है कि जब मानसी को लगे कि वह अकेली है और कोई उसके साथ नही है। धीरे धीरे समय बीतता है और मानसी के दिमाग में राकेश की चाहत के कारण ...और पढ़े

शाम का समय हो गया था मैंने अपनी स्काच की बाटल निकालकर उस लडकी से भी औपचारिकतावश सेवन के लिए पूछा। उसकी सहमति के उपरांत मैंने दो पैग बनाए और एक उसे दे दिया। उसने बडी अदा के साथ ...और पढ़े

आनंद आगे कहता है कि दुनिया बडी रंगीन है परंतु इसको देखने के लिए धन की जरूरत होती है। वह एक घटना सुनाता है। एक दिन मैं घूमते घूमते विद्युत मंडल के परिसर में स्थित बाजार में पहुँच गया। ...और पढ़े

आनंद और गौरव आपस में वार्तालाप करते हुए कहते है। हमने अपने अभी तक के जीवन में बहुत आनंद उठाया है और हमें अब इससे विरक्ति महसूस होने लगी है। जब पूर्ण संतुष्टि आ जाती है तो मन के ...और पढ़े

तीसरे वृतांत में आज की परिस्थितियों मे मित्र की पहचान होना बहुत आवश्यक है इसके संबंधित एक वृतांत परिवार परामर्श केंद्र में आता हैं जो इस प्रकार है। रामप्रसाद नाम का एक संपन्न किसान था जिसके एक मात्र पुत्र ...और पढ़े