Amar Prem book and story is written by Pallavi Saxena in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Amar Prem is also popular in प्रेम कथाएँ in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अमर प्रेम - उपन्यास Pallavi Saxena द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 67.5k 40.8k Downloads 112.2k Views 15 Likes Writen by Pallavi Saxena पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें उपन्यास विवरण जीवन मरण के बारे में सोचते हुए हमेशा मन उलझ जाता है चारों ओर बस सवाल ही सवाल नज़र आते हैं मगर उत्तर कहीं नज़र नहीं आता। क्या है यह आत्मा, दिल दिमाग या फिर कुछ और क्या वाकई कुछ लोग मर कर भी इस मोह माया की ज़िंदगी से मुक्त नहीं हो पाते। क्या सच प्यार के बंधन में इतनी शक्ति होती है कि कोई एक दूजे के बिना मरकर भी खुद को उस बंधन से मुक्त महसूस नहीं कर पाता बस जीवन और मृत्यु के इसी ओह पोह से झूझते हुए बनी यह कहानी। More Interesting Options लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी Load More Best Novels of 2026 Best Novels of 2026 Best Novels of January 2026 Best Novels of 2025 Best Novels of 2025 Best Novels of January 2025 Best Novels of February 2025 Best Novels of March 2025 Best Novels of April 2025 Best Novels of May 2025 Best Novels of June 2025 Best Novels of July 2025 Best Novels of August 2025 Best Novels of September 2025 Best Novels of October 2025 Best Novels of November 2025 Best Novels of December 2025 //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?> पूर्ण उपन्यास Episodes Novels अमर प्रेम - 1 New जीवन मरण के बारे में सोचते हुए हमेशा मन उलझ जाता है चारों ओर बस सवाल ही सवाल नज़र आते हैं मगर उत्तर कहीं नज़र नहीं आता। क्... Read Free Novels अमर प्रेम - 2 New सुशीला बुआ की बातों को सुनने के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि “शायद माँ भी अपनी जगह गलत नहीं है नकुल”, यह दुनिया है ही ऐसी “ज... Read Free Novels अमर प्रेम - 3 New तभी सहसा काँच के टूटने की आवाज़ से नकुल की तंद्रा टूट जाती है और वह देखता है कि सुधा की वह तस्वीर जिस पर चंदन का हार टंगा... Read Free Novels अमर प्रेम - 4 New हाँ वो उस दिन जब अंजलि से मुलाक़ात हुई तब मेरी भी समझ में नहीं आया कि मुझे उससे क्या पूछना चाहिए क्या नहीं तो मैंने भी बस... Read Free Novels अमर प्रेम - 5 New ताकि अंजलि गलती से भी वेदेश में बस जाने का न सोच ले। इधर नकुल राहुल के मन कि हालत समझ रहा है। इसलिए वह दीना नाथ जी से रे... Read Free Read all episodes on App //= $best_novels_links; ?> //= $best_novels_prev_links; ?> //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?>