कहानी "अमर प्रेम" में, नकुल की तंद्रा तब टूटती है जब वह देखता है कि सुधा की तस्वीर, जो चंदन के हार से सजी थी, टूट गई है। इस दृश्य से उसे यह एहसास होता है कि सुधा की आत्मा उसकी यादों में कैद थी, और अब जब वह उसकी आवाज सुन सका, उसे मुक्ति मिल गई। नकुल उस तस्वीर को उठाकर रोता है और सुधा से माफी मांगता है। जिंदगी आगे बढ़ती है, और नकुल अपने बेटे राहुल के लिए एक शांतिपाठ आयोजित करता है। परिवार के सदस्य उसे सलाह देते हैं कि राहुल का विवाह करवा देना चाहिए। नकुल इस सोच में पड़ जाता है कि राहुल अब बड़ा हो गया है और उसे विवाह के लिए बात करनी चाहिए। जब राहुल घर आता है, नकुल उसकी खुशी का कारण पूछता है। राहुल को यह बात सुनकर आश्चर्य होता है और वह अपने पिता से इस विषय में बात करने के लिए तैयार है। नकुल राहुल से पूछता है कि क्या उसने कभी किसी लड़की से प्यार किया है, जिससे राहुल शर्मिंदा हो जाता है। कहानी में नकुल की भावनात्मक यात्रा और बेटे के भविष्य को लेकर उसकी चिंताएँ दर्शाई गई हैं। अमर प्रेम - 3 Pallavi Saxena द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 9.5k 3.6k Downloads 9.4k Views Writen by Pallavi Saxena Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तभी सहसा काँच के टूटने की आवाज़ से नकुल की तंद्रा टूट जाती है और वह देखता है कि सुधा की वह तस्वीर जिस पर चंदन का हार टंगा हुआ था ज़मीन पर पड़ी है और उसका काँच टूटा हुआ है। जिसे देखकर नकुल के मन में विचार आता है कि शायद उसे यह एहसास दिलाने के लिए ही सुधा अब तक खुद अपनी ही तस्वीर में एक व्याकुल आत्मा के रूप में क़ैद थी और आज जब नकुल उसकी आत्मा की आवाज़ को सुन सका, महसूस कर सका, तो जैसे उसे मुक्ति मिल गयी। यह सब सोचते हुए नकुल अपने काँपते हाथों से उस तस्वीर को उठाते हुए देखता है, तो उसकी आँखों से बह रहे आंसुओं की दो बूंदें सुधा की उस तस्वीर पर भी टपक जाती है। टप टप और तब वह सुधा की उस तस्वीर से माफ़ी माँगते हुए उसे गले से लगा कर रो देता है। Novels अमर प्रेम जीवन मरण के बारे में सोचते हुए हमेशा मन उलझ जाता है चारों ओर बस सवाल ही सवाल नज़र आते हैं मगर उत्तर कहीं नज़र नहीं आता। क्या है यह आत्मा, दिल दिमाग या फ... More Likes This चांद तुम्हे मुबारक - 1 द्वारा Chetan Malade Devil की दास्तान - 32 द्वारा Sonam Brijwasi सुरमई रात, रेड वाइन और तुम द्वारा Mayur Chaudhary समाज और प्यार का द्वंद - भाग 1 द्वारा Krishna singh दो धड़कनें, एक वादा - 1 द्वारा priyanshi bhuva रूह की धुन और जमी बर्फ पर घुलती रात द्वारा sukhvinder Singh Rai वो लड़की जो याद नहीं थी - 1 द्वारा priyanshi bhuva अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी