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प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे देखते ...और पढ़े

2 पार्ट भाग 1 में अपने पढ़ा कि.........वसीम ओर उसका दोस्त दोनो कायनात और उसकी सहेली का इंतजार कर रहे थे!जैसे ही कायनात ओर उसकी सहेली को आते देखा तो वसीम की आंखो में एक चमक सी आ गई! उनको ...और पढ़े

खेल प्यार का....भाग 3प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज ...और पढ़े

भाग 4प्रस्तावना..... कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है ! मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे..! ...और पढ़े

खेल प्यार का...भाग 5प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज ...और पढ़े

प्रस्तावना..... कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है ! मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे..! देखते ...और पढ़े

कायनात मुस्कुराते हुए बोली! "तुम बहुत पागल हो! हर बार मेरे पास रहने का सोचते हो! "वो प्यार में अंधी कुछ समझ ही नही पाई कि उसके साथ अब क्या होने वाला है... अब आगेखेल प्यार का...भाग 7वसीम अब कायनात के ...और पढ़े

(वसीम कुछ प्लान बना कर आया है वह वो हम सब समझ गए हैं लेकिन उसके इरादे क्या है अब आगे।)कायनात को रूम पर अकेला छोड़ कर वसीम कहा गया ? इसी फ़िक्र में कायनात परेशान हो रही थी ...और पढ़े

प्रस्तावना..... कहानी वसिम और कायनात की प्रेम 6कहानी है ! मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे..! देखते ...और पढ़े

कायनात ने कहा आपने मुझे खरीदा है तो अपने पैसे क्यू बर्बाद करते हो अपना काम कर लो ! और जाओ यहां से..! "तभी उस लड़के ने कहा !"मुझे कोई काम नहीं करना है ! में बस अपने दोस्तो ...और पढ़े

पिछले पार्ट मे हमने देखा.....आज़म ने कहा! "अभी तो बस मुझे कायनात की फिक्र है कि उसे किसी ओर को ना सौंप दिया जाए! जिसे उसे किसी और की हवस का शिकार होना पडे! मुझे रोज़ रात उसके पास रेहना है ...और पढ़े