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आम की बाग को आखिरी बार देखने पूरा परिवार गया था। मेरा वहां जाने का मन बिल्कुल नहीं था। मां-पिता जिन्हें हम पापा-अम्मा कहते थे, की जिद थी तो चला गया। पापा ने अम्मा की अनिच्छा के बावजूद बाग ...और पढ़े

मंझली भाभी ने थाने में धारा 498। (दहेज प्रताड़ना कानुन)के तहत हम तीनों भाइयों, पापा-अम्मा के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कराई थी। साथ ही जान से मारने का प्रयास भी जुड़ा था। हम सब गिड़गिड़ाने लगे कि यह सब झूठ ...और पढ़े

पापा के साथ खाना खाते समय मेरी बातें होती रहीं। मैंने देखा कि पापा दोनों भाइयों के बारे में बात करने के इच्छुक नहीं हैं। वही पापा जो पहले बच्चों की बात करते नहीं थकते थे। पापा खाना खाकर ...और पढ़े

मैंने सोचा कि यह तो अकेले थी। इसने यह तो बताया ही नहीं कि मुझे दो को सर्विस देनी है। जब एक अंदर घर में थी तो गेट पर बाहर से ताला लगाने का क्या मतलब है? हालांकि दोनों ...और पढ़े

प्रोफ़ेसर साहब की बात मुझे सही लगी। शंपा जी की कहानी जानने के बाद मेरे मन में उनके लिए सम्मान भाव उत्पन्न हो गया। मैंने कहा कि मैं उनके पास किसी ऐसी-वैसी भावना के साथ जाना भी नहीं चाहता। ...और पढ़े

मैंने शंपा जी के घर के पास ही मकान लेना तय किया था। इस लिए ब्रोकर को वही जगह बताई। तीसरे दिन उस एरिया में उसने कई मकान दिखाए। उन्हीं में से एक मैंने ले लिया। वह कुल मिला ...और पढ़े

यह गुडमॉर्निंग फिर जल्दी ही महीने में दो-तीन बार, फिर हफ्ते में होने लगा। मैं पूरे अधिकार के साथ उन्हें आमंत्रित करता और वह खुशी-खुशी आतीं। इस बीच वह मुझे मेरे विषय में बहुत कुछ बतातीं रहती थीं। लेकिन ...और पढ़े

दो दिन बाद वह फिर आने वाले थे तो हमने चिंतन-मनन कर कुछ प्रश्न, कुछ शर्तें तैयार कीं। उनसे पूछने के लिए। वह जब आए तो हमने अपने प्रश्न किए। जिसके उन्होंने संतोषजनक उत्तर दिए। हमने कहा कि भविष्य ...और पढ़े

मेरे आने के करीब तीन घंटे बाद शंपा ग्यारह बजे घर आई। अक्सर इतनी देर होती ही रहती थी इसलिए मैं निश्चिंत था। उसे फ़ोन नहीं किया। और करीब हफ्ते भर बाद मैंने फिर खाना भी बना लिया था। ...और पढ़े