Kishore Sharma Saraswat लिखित उपन्यास बड़ी माँ

बड़ी माँ द्वारा  Kishore Sharma Saraswat in Hindi Novels
बड़ी माँ ‘हमारी पृथ्वी सौर-मण्डल का एक बहुत ही विचित्र ग्रह है। इसकी संरचना भगवान ने मानो स्वयं अपने हाथों से प्राणी जगत...
बड़ी माँ द्वारा  Kishore Sharma Saraswat in Hindi Novels
2 शाम को देर से सोने के कारण अगली सुबह साहब जरा थोड़ी देर से उठे, इसलिए उन्होंने चाय के लिए रामू काका को नहीं बोला। नहाने...
बड़ी माँ द्वारा  Kishore Sharma Saraswat in Hindi Novels
3   अपनी आँखों के तारे को, जिसे वह एक पल भी अपनी नज़रों से दूर नहीं होने देती थी, खोकर कौशल्या पागलों की तरह व्यवहार करने...
बड़ी माँ द्वारा  Kishore Sharma Saraswat in Hindi Novels
4 रातभर मुरली को बेचैनी रही। उसे नींद नहीं आ रही थी। सारी रात उसके मन में यही उधेड़-बुन चलती रही कि इस लड़के का क्या किया...
बड़ी माँ द्वारा  Kishore Sharma Saraswat in Hindi Novels
5 मुरली के चले जाने के दो दिन बाद तक राम आसरी को आस रही कि शायद वह वापस आ जाए। यदि पुलिस वालों ने उसे पकड़ रखा है तो वह इ...