Vishakha Pareek लिखित उपन्यास अनकहा सच

अनकहा सच द्वारा  Vishakha Pareek in Hindi Novels
"अनकहा सच____""किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लपटों से किसी ज़िंदा इंसान को निकाल लाना.....
अनकहा सच द्वारा  Vishakha Pareek in Hindi Novels
"अनकहा सच____"फोन वाली उस बात के बाद भी ऐसे ही कुछ दिन बीतते चले गए...एक दिन कोचिंग से लौटते समय राजू ने घर जाने के लिए...
अनकहा सच द्वारा  Vishakha Pareek in Hindi Novels
अनकहा सच___धीरे-धीरे हितेश और राजू की दोस्ती बहुत गहरी होती जा रही थी। दोनों इस अजनबी शहर में अपनी-अपनी ज़िंदगी जी रहे थ...